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Telangana: कस्‍तूरबा सरकारी कॉलेज की लैब में गैस लीक, 25 स्‍टूडेंट्स को अस्‍पताल में कराया भर्ती

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Telangana स्‍टूडेंट्स ने चक्‍कर आने और सिर दर्द की शिकायत की है. हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि कौन सी गैस लीक हुई है? इसका पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई है.



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Porn से हटे प्रतिबंध, यह सबसे पुराना पेशा… एडल्ट इंडस्ट्री में ‘क्रांतिकारी’ बदलाव चाहती हैं मिया खलीफा

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वॉशिंगटन: पॉर्न स्टार मिया खलीफा ने एडल्ट इंडस्ट्री में बदलाव की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि एडल्ट फिल्म इंडस्ट्री बड़ी मुश्किल दौर से गुजर रही है। ऐसे में इस इंडस्ट्री को बचाने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत है। मिया खलीफा ने यह भी कहा कि पॉर्न इंडस्ट्री में काम करने वालों की उम्र को बढ़ाना चाहिए। उनका मानना है कि इस फैसले से पॉर्न इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों में ज्यादा जागरुकता आ सकती है। मिया खलीफा पॉर्न इंडस्ट्री का चर्चित नाम हैं। उन्होंने हिजाब पहनकर एक पॉर्न फिल्म की थी। इससे पूरी दुनिया में उनके खिलाफ नाराजगी फैली, लेकिन इसने उन्हें पूरी दुनिया में मशहूर भी कर दिया।

एडल्ट इंडस्ट्री में ये बदलाव चाहती हैं मिया खलीफा

एमिली राताजकोव्स्की के साथ अपने पोडकास्ट, हाई लो विथ एमराटा पर बात करते हुए मिया खलीफा ने कहा कि मुझे लगता है कि एक एडल्ट कंटेंट बनाने वाली प्रोडक्शन कंपनी के लिए कम से कम 21 साल की उम्र बढ़ा दी जानी चाहिए। यदि आप सेक्स वर्क उद्योग में प्रवेश करना चाहते हैं, तो हर तरह से इसे 18 वर्ष के बाद करें। यह कानूनी उम्र है, इसे कभी भी चैलेंज नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस इंडस्ट्री में उनके खट्टे-मीठे अनुभवों ने उन्हें पॉर्न कारोबार का विशेषज्ञ बना दिया है। ऐसे में वह इस इंडस्ट्री में सुधार के लिए इन सुझावों को प्रस्तावित कर रही हैं।

प्रतिबंध लगे तो काट ढूंढ लेंगे लोग


मिया खलीफा ने कहा कि आपको सेक्स वर्कर्स को लेकर सुरक्षा और नैतिकता के बादे में यथार्थवादी बनना होगा। उन्होंने दावा किया कि यह दुनिया का सबसे पुराना पेशा है। मिया खलीफा ने कहा कि सबसे पुराना पेशा कभी खत्म नहीं होता है। उन्होंने कहा कि आप इस पर प्रतिबंधों को जितना कड़ा करेंगे, लोग उतना ही अधिक उन प्रतिबंधों से बचने का रास्ता भी खोज लेंगे। ऐसे में हमें इसे रेगुलेट करने की जरूरत है, ना कि इस इंडस्ट्री पर प्रतिबंधों का अंबार लगा दिया जाए।

मिया खलीफा का विवादों से पुराना नाता


मिया खलीफा अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों के घेरे में रहती हैं। इसी साल जुलाई में उन्होंने सेना को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि इंटरनेट पर अपना शरीर बेचना सैनिक होने की तुलना में ठीक है। क्योंकि एक सैनिक अपने शरीर को सबसे बुरी तरह बेचता है। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत के किसान आंदोलन को लेकर भी ट्वीट कर विवादों को हवा दी थी। इसके बाद उन्होंने इजरायल-फिलीस्तीन विवाद को लेकर भी काफी कुछ कहा था।



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UNSC India: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का फिर अध्यक्ष बना भारत, दिसंबर महीने के लिए मिली बड़ी जिम्मेदारी

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संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक-एक महीने के लिए क्रमवार मिलने वाले अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भारत ने गुरुवार को संभाल ली। पंद्रह सदस्यीय इस निकाय की अध्यक्षता करने के दौरान भारत आतंकवाद को रोकने और बहुपक्षीय सुधार को लेकर कई प्रमुख कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कम्बोज परिषद की बैठकों के लिए बनी मेज पर अध्यक्ष पद के लिए निर्धारित स्थान पर आसीन होंगी। भारत की अध्यक्षता से पहले उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और महासभा के अध्यक्ष कसाबा कोरोसी से मुलाकात की और इस शक्तिशाली निकाय की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

भारत ने जताई खुशी
कम्बोज ने मंगलवार को ट्वीट किया कि आज महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मुलाकात कर प्रसन्न महसूस कर रही हूं। सुरक्षा परिषद की दिसंबर में भारत की अध्यक्षता से पहले प्राथमिकताओं और काम किए जाने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा की। भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने सोमवार को कोरोसी से मुलाकात की थी। कोरोसी ने ट्वीट किया, ‘‘भारत के स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कम्बोज से मुलाकात करना हमेशा खुशी देता है। आज की चर्चा भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता पर केंद्रित रही जो बृहस्पतिवार को शुरू हो रही है। मैं आने वाले महीने का इंतजार कर रहा हूं।

1946 में हुई थी सुरक्षा परिषद की स्थापना
संयुक्त राष्ट्र संघ की तरह इसका स्थापना भी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुई। सुरक्षा परिषद की पहली बैठक 17 जनवरी 1946 को हुई थी। कोल्ड वार के कारण काफी समय तक सुरक्षा परिषद कमजोर रहा था। लेकिन कांगो वार और कोरियाई युद्ध के समय इसने अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा कई देशों में जरूरत के मुताबिक शांति मिशन भी भेजे गए थे। सुरक्षा परिषद में 5 स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य होते हैं। अस्थायी सदस्यों का चुनाव हर दो वर्ष के बाद होता है।

कई देशों में शांति अभियानों का किया नेतृत्व
रुस के बिखरने के बाद सुरक्षा परिषद की ताकत में एकदम से इजाफा देखने को मिला और इसने दुनिया के कई हिस्सों में शांति अभियानों को अंजाम दिया। सुरक्षा परिषद ने कुवैत, नामीबिया, कंबोडिया, बोस्निया, रवांडा, सोमालिया, सूडान और कांगो में अस्थिरता के समय कई शांति अभियान चलाए।



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चीन के BRI को एशिया में ऐसे मात देगा भारत, जानें कौन से सीक्रेट प्लान पर काम कर रही मोदी सरकार

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भारत ने दक्षिण एशिया में चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव की काट खोज ली है। चीन ने इस परियोजना के जरिए दक्षिण एशिया में कई देशों को बड़ी मात्रा में कर्ज दिया है। चीनी कर्ज लेने वाले श्रीलंका, पाकिस्तान, मालदीव और नेपाल के आर्थिक हालात किसी से छिपे नहीं हैं। ऐसे में भारत ने दक्षिण एशियाई देशों की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है।

 



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