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SCO समिट में भाग लेंगे पीएम मोदी, चीन के साथ व्यापार और क्षेत्रीय शांति को लेकर हो सकती है वार्ता

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बीएस वेब टीम / नई दिल्ली 09 14, 2022






प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organization) की सलाना बैठक में भाग लेने कल उज्बेकिस्तान जाएंगे। यह सम्मेलन समरकंद में 15 और 16 सितंबर को होने वाला है। इस सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल होंगे। रूस- यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच होने वाले इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर है।

क्या है शंघाई सहयोग संगठन

शंघाई सहयोग संगठन देशों का एक समूह है जिसके कुल आठ सदस्य हैं। क्षेत्रफल के लिहाज से यह दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन है जहां यूरोप और एशिया के क्षेत्रफल का 60 प्रतिशत हिस्सा रखने वाले देश इसके सदस्य हैं। यह संगठन के अंतर्गत दुनिया की 40 प्रतिशत आबादी और विश्व जीडीपी का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आता है।  भारत, पाकिस्तान, चीन और रूस समेट चार मध्य एशियाई देश कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान इसके सदस्य हैं। इसके अलावा चार अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया चार ऑब्जर्वर मेंबर के रूप में जुड़े हैं।

भारत को मिलेगी अध्यक्षता

इस साल सम्मेलन की अध्यक्षता भारत करेगा। भारत साल 2023 तक इस संगठन का अध्यक्ष बना रहेगा। अगले साल SCO की बैठक भारत में होने वाली है। भारत के लिए इसलिए यह बैठक काफी अहम है। SCO की स्थापना  2001 में हुई थी। संगठन की स्थापना के समय इसके कुल पांच सदस्य थे। साल 2017 में जाकर भारत और पाकिस्तान को इसकी सदस्यता मिली।

चीन के राष्ट्रपति से मिल सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी

सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है। 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीनी सेना के झड़प के बाद दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच मोदी और जिनपिंग के बीच पहली द्विपक्षीय वार्ता होगी। वार्ता में दोनों देशों के राष्ट्रप्रमुख क्षेत्रीय शांति, सीमा पर जारी विवाद को कम करने और ताइवान के मुद्दे पर बातचीत कर सकते हैं।

Keyword: Shanghai, SCO, Cooperation, pakistan, china, russia, narendra modi, peace, summit, sco summit 2022,


























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IIT मद्रास के 25, IIT गुवाहाटी के पांच छात्रों को एक करोड़ रुपये से अधिक का पैकेज

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) प्लेसमेंट अभियान 2022 में छात्रों को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से मिले ऑफर में वृद्धि हुई है। कई छात्रों को एक करोड़ रुपये सालाना से अधिक का पैकेज मिला है। IIT-मद्रास के कम से कम 25 छात्रों को सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक का ऑफर दिया गया है। इसके अलावा इस साल संस्थान की प्लेसमेंट की दर भी सबसे अधिक रही है। पिछले साल नौकरी पाने वाले छात्रों की संख्या 407 रही थी, जो इस साल 10 फीसदी अधिक रही। 

IIT मद्रास में छात्र अकादमिक मामलों के सचिव टी.बी. रामकमल ने कहा, ‘छात्रों और नियोक्ताओं दोनों के लिए व्यक्तिगत मोड में दोबारा आयोजित प्लेसमेंट सत्र अच्छा रहा। हम उम्मीद करते हैं कि नई हाइब्रिड व्यवस्था छात्र-नियोक्ता संपर्क को और बेहतर बनाएगी और प्लेसमेंट भी अधिक रहेगी।’

IIT मद्रास के छात्रों को ऑफर देने वाली शीर्ष कंपनियों में टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स (14 ऑफर), बजाज ऑटो लिमिटेड और चेतक टेक लिमिटेड (10 ऑफर), क्वालकॉम (8 ऑफर), जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी (9 ऑफर), प्रॉक्टर एंड गैंबल (7 ऑफर), मॉर्गन स्टेनली (6 ऑफर), ग्रेविटॉन (6 ऑफर), मैकिन्से एंड कंपनी (5 ऑफर) और कोहेसिटी (5 ऑफर) शामिल हैं। 

IIT गुवाहाटी ने भी शुक्रवार को अपनी प्लेसमेंट शुरू की। IIT गुवाहाटी में पहले दिन 84 कंपनियों ने कुल 290 ऑफर दिए। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, क्वांट, कोर इंजीनियर, यूएक्स डिजाइनर, वीएलएसआई, वाहन इंजीनियरिंग, विश्लेषक, उत्पाद डिजाइनिंग में ये ऑफर दिए गए हैं। 

संस्थान में ऑफर देने वाली शीर्ष कंपनियों में माइक्रोसॉफ्ट, टैक्सास इन्स्ट्रूमेंट्स, गूगल, उबर, क्वालकॉम, सी-डॉट, एनफेज एनर्जी, ओरेकल, न्यूटैनिक्स, थॉटस्पॉट एमटीएस-2, स्क्वायरप्वॉइन्ट एसडीई/क्वान्ट, अमेरिकन एक्सप्रेस, जेपी मॉर्गन चेज़, बजाज, रिपलिंग, टिब्रा, कोहेसिटी, स्प्रिंकलर प्लेटफॉर्म+प्रोडक्ट शामिल हैं। IIT गुवाहाटी के कम से कम पांच छात्रों को अब तक एक करोड़ रुपये के पैकेज के ऑफर मिल चुके हैं। 



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रीपो दर में 0.35 फीसदी से अधिक की वृद्धि नहीं करे रिजर्व बैंक : Assocham

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भाषा / नई दिल्ली 12 02, 2022






उद्योग मंडल एसोचैम (Assocham) ने शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से अगले सप्ताह पेश होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दर रीपो में बढ़ोतरी को कम रखने को कहा है। उद्योग मंडल का कहना है कि ब्याज दरों में अधिक वृद्धि होने पर इसका आर्थिक पुनरुद्धार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। RBI इस साल मई से अबतक रीपो दर में 1.90 फीसदी की वृद्धि कर चुका है। 

केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक सोमवार से शुरू होगी। मौद्रिक नीति की घोषणा सात दिसंबर (बुधवार) को की जाएगी। एसोचैम ने RBI को लिखे पत्र में कहा है, ‘रेपो दर में 0.25 से 0.35 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि नहीं होनी चाहिए।’ पत्र में उद्योग के समक्ष अन्य मुद्दों का भी जिक्र किया गया है। उद्योग मंडल ने पत्र में अन्य सुझाव भी दिये हैं। इसमें इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिये खुदरा कर्ज को रियायती ब्याज दर के साथ प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत लाने का सुझाव शामिल है। 

उल्लेखनीय है कि RBI ने 30 सितंबर को मौद्रिक नीति समीक्षा में महंगाई को काबू में लाने के लिये रीपो दर में 0.50 फीसदी की वृद्धि की थी। महंगाई इस साल जनवरी से ही छह फीसदी से ऊपर बनी हुई है। यह केंद्रीय बैंक के संतोषजनक स्तर से ऊंचा है। यह लगातार तीसरी बार है जब RBI ने रीपो दर में 0.50 फीसदी की वृद्धि की। सितंबर से पहले जून और अगस्त में भी रीपो दर में 0.50 फीसदी तथा मई में 0.40 फीसदी की वृद्धि की गयी थी। 

Keyword: Repo Rate, RBI, Assocham, MPC, Inflation,


























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ONGC, IOC और वेदांता के 1.9 अरब डॉलर के बॉन्ड होंगे परिपक्वः मूडीज

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भाषा / नई दिल्ली 12 02, 2022






तेल एवं गैस क्षेत्र की तीन बड़ी कंपनियों- ओएनजीसी (ONGC), आईओसी (IOC) और वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के करीब 1.9 अरब डॉलर के बॉन्ड अगले वित्त वर्ष में परिपक्व होने जा रहे हैं। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। 

रिपोर्ट के मुताबिक इन बॉन्ड में अकेले वेदांता की हिस्सेदारी करीब 47 फीसदी है। उसका 40 करोड़ डॉलर का बॉन्ड (आठ फीसदी कूपन दर) अगले साल 23 अप्रैल को परिपक्व होगा जबकि 50 करोड़ डॉलर का एक और बॉन्ड (7.125 फीसदी कूपन दर) 31 मई को परिपक्व होने वाला है।

मूडीज के मुताबिक ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) का 50 करोड़ डॉलर का बॉन्ड (3.75 फीसदी) अगले साल एक अगस्त को परिपक्व होगा जबकि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) का 50 करोड़ डॉलर का बॉन्ड (5.75 फीसदी) सात मई, 2023 को परिपक्व होने वाला है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि पूंजी बाजारों में उतार-चढ़ाव बने रहने और निवेशकों में सतर्कता की धारणा से वेदांता जैसे कंपनी के उच्च-प्रतिफल वाले बॉन्डों के लिए पुनर्वित्त का जोखिम बना रहेगा। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी भी भारतीय कंपनियों की साख के लिए नकारात्मक है। इसका प्रभाव उन कंपनियों पर अधिक होगा जो घरेलू मुद्रा में राजस्व पाने के बावजूद अपने परिचालन के लिए वित्त जुटाने के वास्ते अमेरिकी डॉलर वाले कर्ज पर निर्भर हैं।

Keyword: ONGC, IOC, Vedanta, Bonds,Moody’s,


























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