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Rajya Sabha Chunav Result : हो गया खेल! राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र से बीजेपी के लिए आ रही बुरी खबर?

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नई दिल्ली : राज्यसभा चुनाव के द्विवार्षिक चुनाव में सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंकी हुई थी। विधायकों की बाड़ेबंदी और रिजॉर्ट पॉलिटिक्स भी चरम पर था। 11 राज्यों में राज्यसभा की खाली हुईं 57 सीटों में से 41 पर तो निर्विरोध निर्वाचन हो गया लिहाजा 4 राज्यों की 16 सीटों के लिए ही शुक्रवार को वोट डाले गए। ये राज्य हैं- राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक। पूरे देश की नजरें इन 4 राज्यों की उन 4 सीटों पर टिकी थीं जहां पेच फंसा हुआ था। शाम 5 बजे वोटों की गिनती होगी। लेकिन सभी पक्ष अपनी-अपनी जीत और विरोधी खेमे में क्रॉसवोटिंग का दावा कर रहे हैं। कुल मिलाकर पॉलिटिक्स में दिलचस्पी रखने वालों को राज्यसभा चुनाव में सस्पेंस और रोमांच की फुल डोज मिल रही है।

सुभाष चंद्रा vs प्रमोद तिवारी, कार्तिकेय शर्मा vs अजय माकन
सबसे दिलचस्प मुकाबला तो राजस्थान और हरियाणा में था। राजस्थान में मीडिया मुगल सुभाष चंद्रा ने बीजेपी के समर्थन से बतौर निर्दलीय ताल ठोकी थी। वह हरियाणा से बीजेपी के समर्थन से एक बार राज्यसभा जा भी चुके हैं। इसी तरह हरियाणा में भी मीडिया से जुड़ी एक और हस्ती ने निर्दलीय ताल ठोका था। कार्तिकेय शर्मा को बीजेपी और जेजेपी का समर्थन हासिल था। उनकी उम्मीदवारी से कांग्रेस की चुनौती बढ़ गई जिसके पास उतने ही विधायक थे जितने जीत के लिए जरूरी थे यानी 31। महाराष्ट्र में 6 सीटों के लिए 8 उम्मीदवार मैदान में थे। बीजेपी 2 सीटों आसानी से जीत रही थी लेकिन तीसरे उम्मीदवार को उतारकर उसने मुकाबला दिलचस्प कर दिया। यहां सबकी निगाहें शिवसेना के संजय पवार और बीजेपी के धनंजय महादिक की सीट पर थी। इसी तरह कर्नाटक में बीजेपी और कांग्रेस ने एक-एक अतिरिक्त उम्मीदवार उतारकर जेडीएस के इकलौते उम्मीदवार की मुश्किलें बढ़ा दी।
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आइए, देखते हैं कि इन सीटों पर क्या समीकरण थे और कौन से दल या गठबंधन अपनी गोटियां सेट करने में कामयाब हुए।

4 राज्यों की 4 सीटों पर सबकी निगाहें

राजस्थान
सुभाष चंद्रा या प्रमोद तिवारी?
जीत के लिए जरूरी वोट- 41

निर्दलीय सुभाष चन्द्रा को बीजेपी का समर्थन
बीजेपी के पास अतिरिक्त वोट- 30
चंद्रा जीत के और कितने वोटों की जरूरत थी- 11
उम्मीद- निर्दलीय और छोटे दल

प्रमोद तिवारी की स्थिति
कांग्रेस के पास अतिरिक्त वोट- 26
तिवारी की जीत के लिए और कितने वोटों की जरूरत थी- 15
उम्मीद- निर्दलीय और छोटे दल

क्यों सस्पेंस

  • बीजेपी के तीन विधायकों कैलाश चंद मीणा, शोभा रानी कुशवाह और सिद्धि कुमारी से वोट डालने में हुई गलती से बढ़ा सस्पेंस
  • शोभा रानी के वोट को अमान्य ठहराया गया। सिद्धि कुमारी और कैलाश चंद मीणा के वोट पर भी अमान्य होने का खतरा
  • क्या निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चन्द्रा ने नतीजों से पहले ही मान ली हार? खुद को वोट देने वालों को कहा शुक्रिया

किसके हाथ लगी बाजी-
विजेता को मिले वोट-
दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार को मिले वोट-

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हरियाणा
कार्तिकेय शर्मा या अजय माकन?
जीत के लिए जरूरी वोट- 31
निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा को बीजेपी+जेजेपी का समर्थन
शर्मा के लिए बीजेपी, जेजेपी के पास अतिरिक्त वोट- 9+11=19
जीत के लिए और कितने वोटों की जरूरत थी- 12
उम्मीद- निर्दलीय और कांग्रेस के बागी

माकन के लिए कांग्रेस के पास वोट- 31
क्रॉसवोटिंग न होने की सूरत में माकन की जीत पक्की थी
उम्मीद- कागजों में पार्टी के पास पर्याप्त विधायक लेकिन रिस्क नहीं, निर्दलीयों पर भी डोरे

क्यों सस्पेंस

  • बीजेपी और जेजेपी ने कांग्रेस के दो विधायकों किरण चौधरी और बीबी बत्रा के वोट को रद्द करने की मांग की है
  • निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू बोले- न कार्तिकेय शर्मा को वोट दूंगा न ही किसी अन्य उम्मीदवार को, मेरा वोट बिकाऊ नहीं है
  • अभय चौटाला ने कार्तिकेय शर्मा को दिया वोट, कहा- मेरी हार्दिक इच्छा की शर्मा चुनाव जीतें

किसके हाथ लगी बाजी-
विजेता को मिले वोट-
दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार को मिले वोट-

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महाराष्ट्र
शिवसेना के संजय पवार या बीजेपी के धनंजय महादिक?
जीत के लिए जरूरी वोट- 42

महादिक के लिए बीजेपी के पास अतिरिक्त वोट- 20
और कितने वोटों की जरूरत- 22
उम्मीद- निर्दलीय और छोटे दल

संजय पवार के लिए शिवसेना के पास अतिरिक्त वोट- 13
कांग्रेस के पास अतिरिक्त वोट- 2
एनसीपी के पास अतिरिक्त वोट- 11
संजय पवार के लिए MVA के पास वोट- 26
और कितने वोटों की जरूरत- 16
उम्मीद- निर्दलीय और छोटे दल

क्यों सस्पेंस

  • बीजेपी ने महाविकास अघाड़ी के तीन विधायकों के वोट पर आपत्ति जताई
  • इन तीन विधायकों में कांग्रेस की यशोमति ठाकुर, एनसीपी के जितेंद्र अह्वाण और कांग्रेस के सुहास कांदे शामिल
  • बीजेपी ने रिटर्निंग ऑफिसर से इन तीनों के वोट को अमान्य ठहराने की मांग की है
  • जेल में बंद एमवीए के दो नेताओं नवाब मलिक और अनिल देशमुख को हाई कोर्ट से भी झटका, नहीं मिली वोट देने की इजाजत

किसके हाथ लगी बाजी-
विजेता को मिले वोट-
दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार को मिले वोट-

सुभाष चंद्रा के साथ हुआ खेला! बीजेपी विधायक शोभारानी की क्रॉस वोटिंग से अटकलों का बाजार गर्म
कर्नाटक
4 सीटों के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में
जीत के लिए जरूरी वोट- 45
बीजेपी उम्मीदवार- निर्मला सीतारमण, जग्गेश और लहर सिंह सिरोया
कांग्रेस उम्मीदवार- जयराम रमेश और मंसूर अली खान
जेडीएस- कुपेंद्र रेड्डी
चौथी सीट के लिए 3 उम्मीदवारों में मुकाबला

क्यों सस्पेंस

  • जेडीएस के एक विधायक ने कांग्रेस को वोट देने का किया दावा
  • श्रीनिवास गौड़ा ने कहा- कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया क्योंकि मुझे यह पसंद

किसके हाथ लगी बाजी-
विजेता को मिले वोट-
दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार को मिले वोट-



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नर्सिंग कोर्स के लिए अतिरिक्त काउंसलिंग की इजाजत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय नर्सिंग काउंसिल को अकैडमिक सेशन 2021-22 के लिए दिल्ली में नर्सिंग पाठ्यक्रम की काली सीटें भरने के लिए एक्स्ट्रा मॉप अप राउंड (काउंसलिंग) कराने का निर्देश जारी करने से मना कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि दाखिला प्रक्रिया अनंतकाल तक नहीं जारी रह सकती है। सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा गया कि दिल्ली के नर्सिंग संस्थानों में करीब 110 सीटें खाली हैं और 2021-22 सेशन के लिए एक्स्ट्रा काउंसलिंग किया जाए, इसके लिए दाखिल याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। दाखिला प्रक्रिया 31 मार्च को खत्म हुई थी।

याचिका में कहा गया कि सेशन 2021-22 के लिए दो सरकारी नर्सिंग कालेजों की समय सीमा 15 मई तक की गई लेकिन सेंट स्टीफन्स हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग में ये समय सीमा नहीं बढ़ाई गई और राहत नहीं दी गई। बेंच ने कहा कि एजुकेशनल संस्थानों में प्रक्रिया अनंत काल तक नहीं चल सकती है।



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UP: जुमे की नमाज के बीच आज पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट, कानपुर पहुंचे मुस्लिम लीग सांसद को पुलिस ने लौटाया

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: हिमांशु अवस्थी
Updated Fri, 10 Jun 2022 12:46 PM IST

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कानपुर में भड़की हिंसा के बाद आज जुमे की पहली नमाज है। इसके मद्देनजर पूरे प्रदेश में पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर हैं। कानपुर शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके लागू होने के बाद एक साथ पांच या इससे अधिक लोगों की भीड़ जुटने की अनुमति नहीं है। इसी तरह से अनुमति के बगैर कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। साथ ही, संवेदनशील इलाकों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है। पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवानों की तैनाती की गई है। सीएम योगी ने भी इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए है और अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा है। इस माहौल में कानपुर क्षेत्र का मुआयना करने आए मुस्लिम लीग के सांसद बशीर को प्रशासन ने वापस लौटा दिया है। दिल्ली से कानपुर ट्रेन से पहुंचे बशीर सर्किट हाउस में रुके हुए थे। पुलिस ने उन्हें वहां से बाहर भेज दिया है।

सीएम योगी का निर्देश- मस्जिदों के सामने हों कड़े सुरक्षा इंतजाम
सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जुमे की नमाज को देखते हुए मस्जिदों के आसपास सुरक्षा सख्त की जाए। किसी को किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करें। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों से सख्ती से निपटा जाए।

साइबर सेल भी सक्रिय
जुमे की नमाज को लेकर साइबर सेल भी सक्रिय है। सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए कानपुर पुलिस ने खास इंतजाम किए हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी, भ्रामक खबरें चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

लखनऊ में 61 संवेदनशील स्थान चिह्नित
पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के मुताबिक, पुराने लखनऊ में चौकसी बढ़ा दी गई है। पुराने शहर को 37 सेक्टर में बांटा गया है। हर सेक्टर का प्रभारी भी पुलिस अधिकारी को नियुक्त किया गया है। इस इलाके में 61 संवेदनशील स्थान भी चिह्नित किए गए हैं। यहां पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस के अफसरों ने दोनों धर्म के जिम्मेदारों से बातचीत कर शांति बनाए रखने की अपील की है।

वाराणसी में जुमे की नमाज को लेकर अंजुमन की अपील

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में चल रहे मामलों के बीच मुस्लिम समाज के जिम्मेदार लोगों ने आम जनता के साथ ही युवाओं से भी संयम और सतर्कता बरतने की अपील की है। जमीयत के नाम पर फैलाई जा रही अफवाहों का भी खंडन करते हुए इसे सिरे से खारिज किया है। वहीं अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने जुमे की नमाज के लिए सीमित संख्या में ही लोगों से आने की अपील की है। ज्ञानवापी मस्जिद का वजूखाना सील किए जाने के बाद आज चौथा जुमा यानी शुक्रवार है। 

बरेली में जुमे की नमाज को लेकर अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर पुलिस
पैगंबर पर टिप्पणी को लेकर आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने 10 जून को धरने का एलान किया था। लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया। फिर भी कानपुर की घटना से सबक लेते हुए जुमे की नमाज को लेकर शहर में पुलिस अलर्ट है। पूरे शहर में जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात है। मुस्लिम बाहुल्य इलाका पुराना शहर में विशेष निगरानी की जा रही है। डीएम शिवाकांत द्विवेदी और एसएसटी रोहित सिंह सजवाण भी भ्रमण कर रहे हैं।

विस्तार

कानपुर में भड़की हिंसा के बाद आज जुमे की पहली नमाज है। इसके मद्देनजर पूरे प्रदेश में पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर हैं। कानपुर शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके लागू होने के बाद एक साथ पांच या इससे अधिक लोगों की भीड़ जुटने की अनुमति नहीं है। इसी तरह से अनुमति के बगैर कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। साथ ही, संवेदनशील इलाकों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है। पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवानों की तैनाती की गई है। सीएम योगी ने भी इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए है और अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा है। इस माहौल में कानपुर क्षेत्र का मुआयना करने आए मुस्लिम लीग के सांसद बशीर को प्रशासन ने वापस लौटा दिया है। दिल्ली से कानपुर ट्रेन से पहुंचे बशीर सर्किट हाउस में रुके हुए थे। पुलिस ने उन्हें वहां से बाहर भेज दिया है।

सीएम योगी का निर्देश- मस्जिदों के सामने हों कड़े सुरक्षा इंतजाम

सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जुमे की नमाज को देखते हुए मस्जिदों के आसपास सुरक्षा सख्त की जाए। किसी को किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करें। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों से सख्ती से निपटा जाए।



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Prophet Controversy: पैगंबर मोहम्मद से जुड़े विवाद पर बोले शोएब अख्तर- भारत सरकार के फैसले का स्वागत करता हूं

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पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर ने पैगंबर मोहम्मद से जुड़े विवाद पर बयान दिया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि पैगंबर मोहम्मद उनके लिए सब कुछ हैं और उनके सारे काम पैगंबर के लिए ही हैं। उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ बयान का विरोध करते हुए भारत सरकार के फैसले की तारीफ की है। इसके साथ उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार भविष्य में ऐसी चीजों को रोकने के लिए कदम उठाएगी। 

भारत की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा की नेता नुपुर शर्मा ने कथित रूप से पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया। नुपुर ने बाद में अपने बयान को लेकर माफी भी मांगी और कहा कि उन्होंने गुस्से में ये बातों कह दी थीं। शोएब अख्तर ने नुपुर को निलंबित करने के फैसले का समर्थन किया है। 

शोएब अख्तर ने क्या लिखा?
शोएब अख्तर ने ट्विटर पर लिखा “पैंगबर मोहम्मद का मान-सम्मान हमारे लिए सब कुछ है। हमारा जीना मरना और कुछ भी करना सिर्फ और सिर्फ उनके लिए है। मैं हमारे पैगंबर मोहम्मद की बेज्जती करने वाले अपमानसूचक बयानों की कठोर निंदा करता हूं। ऐसे शर्मनाक व्यवहार के दोषी व्यक्ति को निलंबित करने के भारत सरकार के फैसले का समर्थन करता हूं। भारत सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए और ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे ऐसी चीजों दोबारा न हों।”


क्या है मामला?
नुपुर शर्मा ने कुछ दिन पहले एक टीवी चैनल पर लाइव डिबेट के दौरान विवादित बयान दिया था। उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद कई मुस्लिम संगठनों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका विरोध किया गया। नुपुर के विवादित बयान पर कार्रवाई करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया। कई मुस्लिम देशों ने इस मामले पर भारत सरकार से बात की और पैगंबर मोहम्मद के अपमान पर नाराजगी जताई। 

क्या कहा था नुपुर शर्मा ने? 
27 मई को नुपुर एक नेशनल टेलीविजन न्यूज चैनल की डिबेट में पहुंचीं। बहस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदू आस्था का लगातार मजाक उड़ा रहे हैं। अगर यही है तो वह भी दूसरे धर्मों का मजाक उड़ा सकती हैं। नुपुर ने इसके आगे इस्लामी मान्यताओं का जिक्र किया। आरोप है कि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अभद्र टिप्प्णी की। इस बयान को कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया और नुपुर पर पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया। इसके बाद ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुपुर के बयान का विरोध शुरू हुआ। 

विस्तार

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर ने पैगंबर मोहम्मद से जुड़े विवाद पर बयान दिया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि पैगंबर मोहम्मद उनके लिए सब कुछ हैं और उनके सारे काम पैगंबर के लिए ही हैं। उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ बयान का विरोध करते हुए भारत सरकार के फैसले की तारीफ की है। इसके साथ उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार भविष्य में ऐसी चीजों को रोकने के लिए कदम उठाएगी। 

भारत की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा की नेता नुपुर शर्मा ने कथित रूप से पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया। नुपुर ने बाद में अपने बयान को लेकर माफी भी मांगी और कहा कि उन्होंने गुस्से में ये बातों कह दी थीं। शोएब अख्तर ने नुपुर को निलंबित करने के फैसले का समर्थन किया है। 

शोएब अख्तर ने क्या लिखा?

शोएब अख्तर ने ट्विटर पर लिखा “पैंगबर मोहम्मद का मान-सम्मान हमारे लिए सब कुछ है। हमारा जीना मरना और कुछ भी करना सिर्फ और सिर्फ उनके लिए है। मैं हमारे पैगंबर मोहम्मद की बेज्जती करने वाले अपमानसूचक बयानों की कठोर निंदा करता हूं। ऐसे शर्मनाक व्यवहार के दोषी व्यक्ति को निलंबित करने के भारत सरकार के फैसले का समर्थन करता हूं। भारत सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए और ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे ऐसी चीजों दोबारा न हों।”

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