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Rajat Sharma’s Blog : महाराष्ट्र में मराठा, OBC आरक्षण को लेकर सियासत

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इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन की आग अब बढ़ती जा रही है। बीड़, धाराशिव, संभाजीनगर, पुणे, मुंबई के बाद अब नागपुर, नासिक में भी प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। दूसरी तरफ सरकार की कोशिश जारी हैं। बुधवार को सर्वदलीय बैठक हुई, सभी पार्टियां इस मुद्दे पर एक राय हैं कि पूरे मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए। सरकार भी इसके लिए तैयार है लेकिन मुश्किल ये है कि ये काम तुरंत नहीं हो सकता। इसको करने में वक्त लगेगा और आमरण अनशन पर बैठे मनोज जरांगे और उनके साथी वक्त देने को तैयार नहीं हैं। मनोज जरांगे ने एलान कर दिया है कि अगर सरकार ने आरक्षण के मुद्दे पर कोई पक्का फैसला नहीं किया तो वो पानी पीना भी छोड़ देंगे। सरकार ने उनसे जिद छोड़ने की अपील की है। मनोज जरांगे का कहना है कि अगर सरकार मराठा समुदाय को तुरंत पिछड़ी जाति में शामिल करके आरक्षण नहीं दे सकती तो सभी मराठों को फिलहाल कुनबी जाति का सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दे, जिससे पिछड़ी जाति के कोटे से उन्हें आरक्षण मिलना शुरू हो जाए। सरकार इसके लिए तैयार है। सभी जिला अधिकारियों को इसके निर्देश दिए गए हैं कि वो पुराना रिकॉर्ड निकालें, पुराने दस्तावेज जमा करें, जिससे मराठों का कुनबी प्रमाणपत्र जारी किया जा सके। ये रास्ता मुश्किल है। पिछड़े वर्ग के नेताओं ने कहना शुरू कर दिया कि वो मराठों को आरक्षण देने के पक्ष में तो हैं, लेकिन ये काम दूसरी जातियों का हक मारकर नहीं होना चाहिए। मुसीबत ये है कि सरकार आरक्षण की सीमा को पचास प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा नहीं सकती। अगर ऐसा करती है तो आंदोलन तो खत्म हो जाएगा लेकिन आरक्षण का मसला एक बार फिर कोर्ट में अटकेगा। इसीलिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिन्दे ने कहा कि सरकार ऐसा रास्ता निकालना चाहती है जिससे मराठों को पक्का आरक्षण मिले, मामला कोर्ट कचहरी के चक्कर में न फंसे, ये बात आंदोलनकारियों को समझनी चाहिए। शिन्दे ने कहा कि सरकार आंदोलन के खिलाफ नहीं हैं लेकिन आंदोलन की आड़ में हिसा को बर्दाश्त नहीं करेगी, ये बात आंदोलनकारियों को ध्यान में रखनी चाहिए। 

अब सवाल ये है कि रास्ता क्या निकलेगा? आंदोलन खत्म कैसे होगा? मराठों को आरक्षण मिलेगा या नहीं? मिलेगा तो कब मिलेगा? कितना वक्त लगेगा और क्यों लगेगा? आरक्षण देने में कानूनी अड़चनें क्या हैं? सर्वदलीय बैठक में  शरद पवार ने सलाह दी कि सरकार जल्दी से जल्दी उन सभी कमियों को पूरा करे, उन जरूरी शर्तों को पूरा करे जिनके कारण पिछली बार सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण पर रोक लगा दी थी। बैठक में सभी पार्टियों ने हिंसा पर चिंता जताई और आंदोलनकारियों से संयम बनाए रखने की अपील की। सभी नेताओं ने मनोज जरांगे पाटिल से अनशन खत्म करने की मांग की, लेकिन शाम को जरांगे ने इस अपील को ठुकरा दिया। मनोज जरांगे ने सरकार को वक्त देने से इंकार कर दिया। कहा कि पिछली बार सरकार ने 30 दिन मांगे थे, 40 दिन दिए, अब एकनाथ शिंदे आएं और बताएं कि उन्होंने 40 दिन में क्या किया? मनोज जरांगे ने कहा कि अब मराठा आरक्षण लागू होने से पहले वो अपना अनशन नहीं तोड़ेंगे, सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए और आरक्षण का कानून पास करे। विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग पर सर्वदलीय बैठक में महाराष्ट्र के एडवोकेट जनरल वीरेंद्र सराफ ने कहा कि अगर विशेष सत्र बुलाया भी जाता है तो इससे कोई रास्ता नहीं निकलेगा क्योंकि इस मामले में राज्य सरकार अकेले कुछ नहीं कर सकती। अब सवाल ये है कि अगर राज्य सरकार तुरंत कुछ नहीं कर सकती, विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने से कुछ नहीं होगा, तो फिर रास्ता क्या है? यहां आकर बात अटकती है, और सियासत यहीं से शुरू होती है। अब इस मामले में केन्द्र सरकार को लपेटा जा रहा है। कहा जा रहा है कि केन्द्र सरकार चाहे तो मराठों को तुरंत आरक्षण मिल सकता है। मोदी सरकार कानून बनाकर आरक्षण की अधिकतम सीमा पचास प्रतिशत से ज्यादा कर दे। विपक्ष के नेता सरकार के साथ होने का दावा भी कर रहे हैं और सरकार पर हमले भी कर रहे हैं। दूसरी तरफ सरकार के सामने मुश्किल ये है कि वह मराठा आरक्षण के खिलाफ बोल नहीं सकती और इस मुद्दे को लेकर जो हिंसा हो रही है, उसे भी रोकना जरूरी हैं। 

हालांकि ये सही है कि महाराष्ट्र में पिछले तीन दिन में काफी हिंसा हुई लेकिन सरकार के सख्त रूख के बाद हिंसा और आगजनी की खबरें आनी बंद हो गई। हालांकि प्रदर्शन हो रहे हैं, आंदोलन चल रहा है और बुधवार को कई नए इलाकों में प्रदर्शन हुए। सारे नेता ये कहकर बात शुरू करते हैं कि ये मुद्दा राजनीति का विषय नहीं है लेकिन उसके बाद सभी राजनीति ही करते हैं। हालांकि ये बात तो साफ है कि शिंदे सरकार ने मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन करने वालों से 30 दिन मांगे थे, उन्होंने 40 दिन दिए लेकिन शिंदे साहब इस मामले में तैयारी नहीं कर पाए। इसी तरह सर्वदलीय बैठक बुलाने में भी उन्होंने देर की। अगर ये काम पहले करते तो हिंसा से बचा जा सकता था। लेकिन ये भी सही है कि इस बार मराठा आरक्षण के आंदोलन को हवा देने का काम शरद पवार और उनकी पार्टी के नेताओं ने किया। उनकी मंशा इस मामले में केंद्र सरकार को फंसाने की है। इसीलिए उनके लोग बार बार कह रहे हैं कि अगर मराठाओं को कोई आरक्षण दे सकता है तो केंद्र सरकार दे सकती है। वो एक तीर से दो शिकार करना चाहते हैं। शरद पवार और उनकी तरह के बाकी नेता जो मराठा आरक्षण के आंदोलन को हवा दे रहे हैं, उनकी नजर मराठों के 15 % वोटबैंक पर है लेकिन पिछले दो दिन में उन्हें एहसास हुआ है कि अगर उन्होंने सिर्फ मराठों पर इतना जोर दिया तो पिछड़े वर्ग में रिएक्शन हो जाएगा। ऐसी जातियों की संख्या 50% से ज्यादा है। तो सियासत का तकाज़ा तो ये है कि 15% के चक्कर में 50 परसेंट को नाराज नहीं किया जा सकता। अब तो पिछड़े वर्ग के नेताओं ने अपना हक मांगने की बात शुरू कर दी है। इसीलिए ये मामला और उलझ गया है। लगता है कि एकनाथ शिंदे के पास इस मामले को सुलझाने की न समझ है और न अनुभव। वो किसी तरह पूरे मामले को टालने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। इसे टाला नहीं जा सकता। (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 01 नवंबर, 2023 का पूरा एपिसोड

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यूपी पुलिस ने किया एक और एनकाउंटर, 25 हजार का इनामी बदमाश कालू बना निशाना

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सहारनपुर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी को पकड़ लिया।

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के देवबंद थाना पुलिस और 2 बदमाशों के बीच बुधवार-गुरूवार की आधी रात को एनकाउंटर हुआ, जिसमें एक बदमाश गोली लगने के बाद घायल हो गया। पुलिस ने घायल बदमाश को गिरफ्तार कर ल‍िया गया, जबकि दूसरा मौके से फरार हो गया। पकड़ा गया बदमाश लूट और डकैती के मामले में वॉन्टेड था। पुलिस के मुताबिक, बुधवार-गुरूवार की दरम्यानी रात देवबंद थाना अंतर्गत मकबरा पुलिया के पास चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रुकने का इशारा किया, जिस पर मोटरसाइकिल सवार अभियुक्तों ने भागते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

सहारनपुर का कालू एनकाउंटर में हुआ जख्मी, साथी फरार

पुलिस ने बताया कि पीछा करते हुए जवाबी कार्रवाई की गई और मुठभेड़ में बदमाश अनूप उर्फ कालू निवासी नौनात जनपद सहारनपुर गोली लगने से घायल हो गया। उसने बताया कि मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उसका दूसरा साथी फरार हो गया। पुलिस को उसके कब्जे से एक बाइक, 1 तमंचा 315 बोर, 2 खोखा कारतूस व 3 जिंदा कारतूस और बिना नम्बर हीरो स्पलेंडर बाइक मिली। सहारनपुर जिले के थाना देवबंद से वॉन्टेड आरोपी पर डकैती, लूट के 25 से ज्यादा मामले अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं और वह 25 हजार रुपये का इनामी अपराधी है। बदमाश के अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।

रामपुर में भी बदमाशों को लगी थी गोली, SI हुआ था घायल

बता दें कि हाल ही में यूपी के रामपुर जिले की कोतवाली टांडा पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद 3 कथित पशु तस्‍करों के गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रविवार को बताया कि मुठभेड़ में तीनों पशु तस्कर और एक सब-इंस्पेक्टर घायल हुआ है। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग प्रतिबंधित पशुओं का वध करने की तैयारी में हैं जिसके बाद टांडा पुलिस ने ईद की बगिया में छापा मारा और वहां मौजूद लोगों को आत्‍मसमर्पण करने को कहा। गो तस्करों ने पुलिस पर गोलीबारी की और जवाबी कार्रवाई में 3 गोतस्कर घायल हो गए।

प्रयागराज में 10 हजार के इनामी बदमाशों का एनकाउंटर

वहीं, प्रयागराज में धूमनगंज थानाक्षेत्र के कसरिया गांव में बीते शनिवार को पुलिस मुठभेड़ में दो कथित गो तस्करों गिरफ्तार किया गया। पुलिस मुठभेड़ में इन अभियुक्तों के पैर में गोली लगी।  बदमाशों ने पहले पुलिस पर फायरिंग की थी और जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी जिससे वे घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, घायल बदमाशों के पास से 2 देसी तमंचा (315 बोर), 7 कारतूस, 2 खोखा कारतूस और एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की गई। भूकर ने बताया कि इन अभियुक्तों के खिलाफ थाना धूमनगंज में गो तस्करी के कई मामले दर्ज हैं और इनकी गिरफ्तारी के लिए 10,000-10,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।





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bobby deol is not mute nor ranbir kapoor step brother in animal movie director sandeep reddy vanga gives story hint – Animal रिलीज से पहले खुल गया बॉबी देओल के रोल का सस्पेंस, डायरेक्टर ने ही बता दिया सच, मनोरंजन न्यूज

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रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल की स्टोरी को लेकर सस्पेंस बरकरार है। बॉबी देओल के रोल को लेकर लोगों के मन में सबसे ज्यादा उत्सुकता है। रणबीर कपूर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि फिल्म कभी खुशी कभी गम का मॉडर्न वर्जन है। इसके बाद चर्चा शुरू हुई कि बॉबी शायद उनके सौतेले भाई बने होंगे। वहीं ये भी चर्चे थे कि बॉबी देओल गूंगे बने हैं। अब डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा ने गुत्थी और उलझा दी है। उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है। 

लोगों के मन में सस्पेंस

मूवी एनिमल 1 दिसंबर को रिलीज हो रही है। फिल्म की अडवांस बुकिंग काफी तगड़ी है। फिल्म को लेकर दर्शकों के मन में 50-50 टाइप फीलिंग है। यानी कई लोगों को लग रहा है कि मूवी की लंबाई ज्यादा है। अगर यह इंगेजिंग हुई तो बंपर चलेगी। अगर दर्शक कनेक्ट नहीं हुए तो डिजास्टर भी साबित हो सकती है। ट्रेलर और मूवी की झलकियां देखकर लोगों ने फिल्म की कहानी को लेकर तरह-तरह की थिअरीज मन में बनानी शुरू कर दी हैं। अब डायरेक्टर संदीप ने कुछ इंट्रेस्टिंग बातें बताई हैं। 

संदीप बोले ने खत्म किया सस्पेंस

Reddit पर संदीप का एक वीडियो वायरल है। इसमें उनसे बॉबी के कैरेक्टर के बारे में सवाल किया गया। संदीप से पूछा गया कि क्या बॉबी देओल रणबीर के सौतेले भाई और गूंगे बने हैं। इस पर संदीप का जवाब ना था। उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है। 

अडवांस बुकिंग स्टेटस

एनिमल को A सर्टिफिकेट मिला है। एक इंटरव्यू में संदीप बोल चुके हैं कि वह अपने बेटे या घर के किसी छोटे सदस्य को थिएटर में यह फिल्म नहीं दिखाना चाहेंगे। फिल्म 3 घंटे 21 मिनट लंबी बताई जा रही है। अडवांस बुकिंग की बात करें तो 30 नवंबर दोपहर तक इसकी पहले दिन की कमाई 20 करोड़ पार कर चुकी थी। ट्रेड एक्सपर्ट्स अंदाजा लगा रहे हैं कि फिल्म पहले दिन वर्ल्ड वाइड 100 करोड़ रुपये कमा सकती है। चेक करें एनिमल की अडवांस बुकिंग रिपोर्ट



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Crow Video: बोतल में कौए ने डाले कंकड़, जुगाड़ से पिया पानी, यूज़र्स बोले- याद आ गई पुरानी कहानी…

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बचपन से ही हम एक कहानी सुनते आए हैं. कहानी कुछ इस तरह से है. एक कौआ था, उसे प्यास लगी थी. एक घड़ा में पानी भरा हुआ था. कौए की चोंच छोटी थी तो उसने एक उपाय लगाया. कौए ने घड़े में कंकड़ भरना शुरु कर दिया. कंकड़ के कारण घड़े का पानी भर गया और कौए ने आसानी से अपनी प्यास बुझा ली. सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कौआ ठीक ऐसा ही कर रहा है. इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया यूज़र्स कह रहे हैं- इस वीडियो को देखने के बाद पुरानी कहानी याद आ गई.

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देखें वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक कौआ एक बोतल से पानी भर रहा है. हालांकि, हमने जो कहानी पढ़ी थी उसमें घड़ा मौजूद था. इस वीडियो को देखने के बाद लोग पूरी तरह से दंग हो रहे हैं. लोगों को ऐसा लग रहा है कि ये तो वही कहानी है, जिसे हमने बचपन में पढ़ा था.

इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया गया है.gunsnrosesgirl3 नाम के ट्विटर यूज़र ने इस वीडियो को शेयर किया है. इस वीडियो को खबर लिखे जाने तक 75 लाख से ज़्यादा व्यूज़ मिल चुके हैं. वहीं इस वीडियो पर कई लोगों के कमेंट्स भी देखने को मिल रहे हैं. एक यूज़र ने कमेंट करते हुए लिखा है- ये तो पुरानी वाली कहानी है. एक अन्य यूज़र ने लिखा है- कौआ बहुत ही ज़्यादा स्मार्ट है.





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