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​Pakistan India RAW: जनरल फैज- इमरान ने कराई थी पाकिस्‍तानी पीएम शहबाज की जासूसी, ISI ने भारत की रॉ पर जड़ा आरोप, खुलासा

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इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कमरे में जासूसी के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। पाकिस्‍तानी मीडिया के मुताबिक इमरान खान के करीबी आईएसआई के पूर्व चीफ जनरल फैज ने अपने करीबी सैन्‍य अधिकारी मेजर अर्सलान की मदद से शहबाज शरीफ की बातों को रेकॉर्ड कराया था। यह सैन्‍य अधिकारी इमरान खान के जमाने में पीएम का एडीसी बनाया गया और शहबाज शरीफ के सत्‍ता संभालने के बाद भी वही बना रहा। शहबाज शरीफ के ऑडियो लीक होने के बाद जब इसकी जांच की गई तो आईएसआई के नए चीफ नदीम अंजुम ने सार्वजन‍िक रूप से इसके लिए भारत की रॉ को जिम्‍मेदार ठहरा दिया।

वहीं निजी रूप से नदीम अंजुम ने जनरल फैज और इमरान खान की साजिश के भंडाफोड़ के बारे में शहबाज को बताया। मेजर अर्सलान को शहबाज शरीफ का एडीसी बनाया गया था लेकिन वह एक खुफिया फोन के जरिए शहबाज शरीफ की बातों को रेकॉर्ड करने लगे। बाद में वह इसे जनरल फैज को भेज देते थे। शहबाज के ऑडियो आने के बाद जब आईएसआई के नए चीफ नदीम अंजुम ने इसकी जांच करवाई तो मेजर अर्सलान पकड़ में आ गए। अर्सलान को आईएसआई ने हिरासत में ले लिया था और जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसका खुलासा हुआ।
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पाक रिपोर्ट में भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ को जिम्‍मेदार ठहराया
इससे पता चला कि जिस फोन से जासूसी हो रही थी, उसके तार बहावलपुर से जुड़े थे जहां तत्‍कालीन लेफ्टिनेंट जनरल फैज कोर कमांडर थे। इमरान और फैज ने शहबाज की जासूसी कराने के लिए एडीसी की मदद ली। इसके जासूसी में पीएम ऑफिस के कई अन्‍य कर्मचारी भी फंसे हैं। इस पूरे मामले का खुलासा पाकिस्‍तानी पत्रका उमर चीमा और एजाज सैयद ने किया है। पाकिस्‍तानी पत्रकारों ने बताया कि शहबाज शरीफ के लंदन से लौटने पर आईएसआई के चीफ नदीम अंजुम ने एयरपोर्ट पर जाकर इस पूरे खुलासे के बारे में बताया।

वहीं पाकिस्‍तान ने जांच के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाई तो उसकी जांच रिपोर्ट में भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ को जिम्‍मेदार ठहरा दिया गया। पाकिस्‍तानी पत्रकारों ने कहा कि इस जासूसी के लिए रिटायर जनरल फैज के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी लेकिन उन्‍हें जनरल बाजवा ने बचा लिया। शहबाज शरीफ इस ऑडियो में मरियम नवाज के रिश्‍तेदार के भारत से मशीनों के आयात के बारे में बात कर रहे हैं। इस ऑडियो के आने के बाद इमरान खान ने भारत के साथ रिश्‍ते को लेकर हमला बोला था।



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तुर्की और सीरिया में फिर से आया भूकंप, रिक्टर स्केल पर 7.6 रही तीव्रता

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Image Source : INDIA TV
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तुर्की में एक बार फिर से भयानक भूकंप आया है। तुर्की की अनादोलू समाचार एजेंसी ने देश की आपदा एजेंसी का हवाला देते हुए रिपोर्ट दी कि दक्षिणी तुर्की में कहारनमारास प्रांत में एलबिस्तान जिले में 7.6 तीव्रता का एक और भूकंप आया है। बता दें कि आज सुबह स्थानीय समय अनुसार 4:17 बजे तुर्की में बेहद शक्तिशाली भूकंप आया था। इस भूकंप की भी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.8 आंकी गई थी।

भूपंके के ये झटके ना सिर्फ तुर्की में दोबारा आए हैं बल्कि सीरिया में भी दमिश्क, लताकिया और अन्य सीरियाई प्रांतों में भी दोबारा आए हैं। सीरिया की साना समाचार एजेंसी की रिपोर्ट ने सीरिया में आज दोबारा भूकंप की खबर दी है।

तुर्की में सुबह के भूकंप की तीव्रता रही 7.8


बता दें कि आज सुबह तुर्की के दक्षिण में गाजियानटेप के पास आया भूकंप कितना विनाशकारी था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी ​तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.8 दर्ज की गई। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जिओ साइंस GFZ के अनुसार भूकंप का केंद्र जमीन से 18 किलोमीटर नीचे था। भूकंप से तुर्की के दक्षिण पूर्वी इलाके और सीरिया में भी भारी तबाही मची है। 

1300 से ज्यादा लोगों की गई जान

न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार तुर्की और सीरिया में भूकंप से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। फिलहाल ये संख्या 1300 का आंकड़ा पार कर गई है। इसके अलावा 5 हजार से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। बता दें कि तुर्की में कम से कम 6 बार तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इरदुगान ने लोगों से अपील कर कहा कि वे क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करें।

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Pakistan Default News: रेकॉर्ड महंगाई, भूख और बेरोजगारी… कंगाल पाकिस्‍तान अगर डिफॉल्‍ट हो गया तो क्‍या होगा, समझें बड़ा खतरा

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इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कह रहे हैं कि देश को भीख मांगने की आदत बंद करनी होगी। उन्‍होंने यह मान लिया है कि देश एक चुनौतीपूर्ण स्थिति में है। पाकिस्‍तान के पास डॉलर नहीं बचा है और विदेशी मुद्रा भंडार बस कुछ ही दिन का बचा है। ऐसे में स्थिति और विकट हो सकती है। देश की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी पहले ही बंद हो चुकी है। अब बाकी चीजों के आयात का क्‍या होगा कोई नहीं जानता है। हर कोई जानना चाहता है कि देश का भविष्‍य क्‍या होगा और आने वाले दिन कैसे होंगे। अगर पाकिस्‍तान कंगाल हो गया तो फिर क्‍या होगा।

दिसंबर में ही बढ़ा कंगाली की तरफ
दिसंबर 2022 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार पांच अरब डॉलर पर पहुंच गया था। साथ ही इसके कंगाल होने का खतरा भी बढ़ गया था। विशेषज्ञों की मानें तो लोग इस बात की संभावना से इनकार करते रहे कि देश कंगाल होने पर पहुंच गया है। सेंट्रल बैंक ऑफ पाकिस्‍तान (SBP) की तरफ से फैसला लिया गया कि आयात के लिए जरूरी लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) को इस तरह से ओपन किया जाएगा कि डॉलर के रिजर्व को लंबे समय तक के लिए बचाकर रखा जा सके।

इसका मकसद यह था कि सरकार को कुछ समय मिल सके औ वह मित्र देशों की मदद हासिल कर सके। साथ ही साथ अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष (IMF) से बेलआउट पैकेज हासिल करना भी था। आईएमएफ की तरफ से मिलने वाले बेलआउट पैकेज का नौंवी बार रिव्‍यू किया जाएगा। पाकिस्‍तान का रुपया एतिहासिक तौर पर गिर रहा है। पिछले हफ्ते इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। इस वजह से बाजार भी आशंकित हो गया।
Pakistan IMF Loan: आईएमएफ की रकम से सिर्फ नाश्‍ता कर पाएगा पाकिस्‍तान, पहाड़ जैसे कर्ज संकट में राई के दाने बराबर जितनी मदद
IMF की टीम इस्‍लामाबाद में
आईएमएफ की टीम इस समय इस्‍लामाबाद में है। यह टीम रिव्‍यू को देखेगी। माना गया था कि रिव्‍यू सही समय पर पूरा हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका और अब देश पर संकट गहरा गया है। नवंबर 2022 के मध्‍य से लेकर जनवरी के अंत तक पाकिस्‍तान का संकट दिन पर दिन गहरा हुआ है। अब कई लोग समझ रहे हैं कि पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था कंगाली की तरफ बढ़ रही है। पाकिस्तान जैसे देश के लिए वाणिज्यिक ऋणों में बड़े जोखिम के लिए डिफॉल्‍ट होने या कंगाल होने मतलब वाणिज्यिक ऋण के खिलाफ चूक करना है। द्विपक्षीय ऋण को वापस लिया जा सकता है लेकिन बहुपक्षीय कर्ज मैच्‍योरिटी पर निर्भर करते हैं। इन्‍हीं बहुपक्षीय कर्जों की वजह से किसी देश पर मुसीबत आती है।
Pakistan Economy Crisis: पाकिस्‍तान के पास है वह खजाना जो एक झटके में दूर कर देगा इसकी गरीबी, हर साल होगी 100 अरब डॉलर की कमाई
जीरो प्रोडक्‍शन और खस्‍ता हालत
अगर पाकिस्‍तान का मुद्राभंडार गिरता है तो फिर सेंट्रल बैंक पेमेंट नहीं कर पाएंगे। इसकी वजह से मूडीज और एस एंड पी जैसी एजेंसियां देश की रेटिेंग गिरा देंगी। साथ ही अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर भी पाकिस्‍तान पर किसी को भरोसा नहीं रहेगा और वह अपनी विश्‍वसनीयता गंवा देगा। पाकिस्‍तान पर इतना ज्‍यादा कर्ज है कि उसके पास डॉलर का भंडार कम हो गया है। ऐसे में वह सिर्फ उतना ही सामान आयात कर सकता है जितना की निर्यात। यह देश विदेशों में बसे उन पाकिस्‍तानियों पर भी निर्भर है जो डॉलर भेजते हैं। पाकिस्‍तान को अपना चालू खाता जीरो पर रखना होगा। पाकिस्‍तान के लिए कई ऐसे आयात हैं जिन्‍हें वह झेल नहीं सकता है। ऐसे में निर्यात पर सीधा असर पड़ेगा। अर्थव्‍यवस्‍था में प्रोडक्‍शन जीरो हो जाएगा। ऐसे में नतीजे स्‍वाभाविक तौर पर बहुत ही खराब होंगे।

महंगाई और बेरोजगारी का ही राज
पाकिस्‍तानी रुपए की ताकत खत्‍म हो जाएगी और वह दुनिया में प्रतिष्‍ठा गंवा देगा। महंगाई आसमान पर होगी और जिनके पास स्‍थानीस मुद्रा होगी, वो भी बेकार साबित होंगे। प्रोडक्‍शन नहीं होने की वजह से अर्थव्‍यवस्‍था और सिमट जाएगी। कुछ लोगों के पास पैसा होगा लेकिन वो कुछ खरीद नहीं सकेंगे। ऐसे में बेरोजगारी सर्वोच्‍च स्‍तर पर होगी। साल 2022 में श्रीलंका में सही स्थिति थी। श्रीलंका ने सात अरब डॉलर के विदेशी कर्ज की अदायगी को रोक दिया था। उस पर करीब 51 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज हो गया था। जबकि मुद्रा भंडार 25 मिलियन डॉलर ही बचा था। पाकिस्‍तान के पास तीन अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार बचा है। उस पर 125 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज है। दिसंबर 2022 में ही यह देश श्रीलंका के रास्‍ते पर बढ़ गया था।



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Turkey News Earthquake: 1700 इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढई गईं… तुर्की की ये तस्वीरें कंपा रही हैं

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अंकारा: तुर्की के लिए छह फरवरी 2023 का दिन मनहूस साबित हुआ जब तड़के जोरदार भूकंप ने देश को झंझोर कर रख दिया। तुर्की के अलावा सीरिया में भी भूकंप से हुई तबाही हर तरफ नजर आ रही है। रिक्‍टर स्‍केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.8 थी और इसका केंद्र पूर्वी तुर्की का गाजियाटेंप प्रांत था। लेकिन झटके कई प्रांतों में महसूस किए गए। इस भूकंप में कई बिल्डिंग्‍स भी ताश के पत्‍तों की तरह गिर गई हैं। उत्तर-पश्चिम तुर्की में साल 1999 में आए शक्तिशाली भूकंप में करीब 18,000 लोग मारे गए थे। भूकंप ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया बर्फीले तूफान की चपेट में है जिसके गुरुवार तक जारी रहने के आसार हैं।



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