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Padma Awards 2023: पद्म पुरस्कारों की घोषणा, मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत पद्मविभूषण | लिस्ट

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Padma Awards 2023 Full List हर साल की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई है। पद्म पुरस्कार – पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री – देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। भारत के पूर्व रक्षा मंत्री पर यूपी के पूर्व सीएम दिवंगत मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया है। मुलायम सिंह यादव का काफी लंबी बीमारी के बाद 10 अक्टूबर 2022 को मेदांता अस्पताल गुरुग्राम में निधन हो गया था। उनके अलावा, ORS के अग्रणी दिलीप महालनाबिस को मरणोपरांत पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया है। पद्म विभूषण भारत रत्न के बाद देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है।

6 हस्तियों को पद्म विभूषण  

जिन 6 हस्तियों को पद्म विभूषण दिया गया है उनमें बालकृष्ण दोशी (मरणोपरांत), एस एम कृष्णा, दिलीप महालनाबिस (मरणोपरांत), श्रीनिवास वर्धन और मुलायम सिंह यादव का नाम शामिल है। ये पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा औपचारिक समारोहों में प्रदान किए जाते हैं जो आमतौर पर हर साल मार्च/अप्रैल के आसपास राष्ट्रपति भवन में आयोजित किए जाते हैं।

वर्ष 2023 के लिए, राष्ट्रपति ने 106 पद्म पुरस्कार प्रदान करने की मंजूरी दी है। सूची में 6 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 91 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। पुरस्कार पाने वालों में 19 महिलाएं हैं और सूची में विदेशियों/एनआरआई/पीआईओ/ओसीआई की श्रेणी के 2 व्यक्ति और 7 मरणोपरांत पुरस्कार पाने वाली हस्तियां भी शामिल हैं।

डॉक्टर दिलीप महालनाबिस ने बचाई थीं करोड़ों जिंदगियां

पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉक्टर दिलीप महालनाबिस का पिछले साल अक्टूबर में निधन हो गया था। डॉक्टर दिलीप महालनाबिस 87 साल के थे। ओरल रिहाइड्रेशन (ORS) के क्षेत्र में किए गए कार्य के लिए पहचान रखने वाले डॉक्टर दिलीप महालनाबिस ने 5 करोड़ से ज्यादा जिंदगियां बचाई थीं। इस बार पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने वाले डॉक्टर दिलीप महालनाबिस ने बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान शरणार्थी शिविरों में अपनी सेवा से हजारों जिंदगियां बचाईं थीं। इसके अलावा, डॉक्टर दिलीप महालनाबिस ने बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान शरणार्थी शिविरों में भी अपनी सेवा से हजारों जिंदगियां बचाईं थीं। 

पद्म भूषण पुरस्कार से नवाजी जाएंगी ये 9 हस्तियां

1 श्री एस एल भैरप्पा (साहित्य और शिक्षा), कर्नाटक

2 श्री कुमार मंगलम बिड़ला (व्यापार एवं उद्योग), महाराष्ट्र

3 श्री दीपक धर (साइंस एंड इंजीनियरिंग), महाराष्ट्र

4 सुश्री वाणी जयराम (कला), तमिलनाडु

5 स्वामी चिन्ना जीयर (अन्य – अध्यात्मवाद), तेलंगाना

6 सुश्री सुमन कल्याणपुर (कला), महाराष्ट्र

7 श्री कपिल कपूर (साहित्य एवं शिक्षा), दिल्ली

8 सुश्री सुधा मूर्ति (सामाजिक कार्य) कर्नाटक

9 श्री कमलेश डी पटेल (अन्य – अध्यात्मवाद) तेलंगाना

91 हस्तियों को मिलेगा पद्मश्री पुरस्कार

इसके अलावा, उत्तरी सेंटिनल से 48 किमी दूर एक द्वीप में रहने वाली जरावा जनजाति के साथ काम कर रहे अंडमान के सेवानिवृत्त सरकारी डॉक्टर रतन चंद्र कार को मेडिसिन (चिकित्सक) के क्षेत्र में पद्म श्री प्राप्त हुआ। रतन चंद्र कार के अलावा, हीराबाई लोबी, मुनीश्वर चंदर डावर को भी पद्म श्री देने की घोषणा हुई है। पद्मश्री के लिए 91 लोगों का चयन किया गया है जिनमें दिग्गज राजनेता, व्यवसायी, वैज्ञानिक और डॉक्टर से लेकर लोक सेवा में लगे कलाकार और आम लोग शामिल हैं।

नगा सामाजिक कार्यकर्ता रामकुइवांगबे न्यूमे, केरल के गांधीवादी वी पी अप्पुकुट्टन पोडुवल, नगा संगीतकार मोआ सुबोंग भी पद्म श्री से सम्मानित होंगे इनके अलावा, पश्चिम बंगाल की 102 वर्षीय सरिंदा वादक मंगला कांति रॉय, जैविक खेती करने वाले 98 वर्षीय किसान तुला राम उप्रेती को भी पद्मश्री मिलेगा।

इन 91 हस्तियों को दिया जाएगा पद्म श्री अवॉर्ड

डॉ सुकमा आचार्य (अन्य – अध्यात्मवाद) हरियाणा

सुश्री जोधैयाबाई बैगा (कला) मध्यप्रदेश

श्री प्रेमजीत बारिया (कला) दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव

सुश्री उषा बारले (कला) छत्तीसगढ़

श्री मुनीश्वर चंदावर (चिकित्सा) मध्यप्रदेश

श्री हेमंत चौहान (कला) गुजरात

श्री भानुभाई चित्र (कला) गुजरात

सुश्री हेमोप्रोवा चुटिया (कला) असम

श्री नरेंद्र चंद्र देबबर्मा (मरणोपरांत) (लोक मामले) त्रिपुरा

सुश्री सुभद्रा देवी (कला) बिहार

श्री खादर वल्ली डुडेकुला (साइंस एंड इंजीनियरिंग) कर्नाटक

श्री हेम चंद्र गोस्वामी (कला) असम

सुश्री प्रितिकाना गोस्वामी (कला) पश्चिम बंगाल

श्री राधा चरण गुप्त (साहित्य एवं शिक्षा) उत्तर प्रदेश

श्री मोदाडुगु विजय गुप्ता (साइंस एंड इंजीनियरिंग) तेलंगाना

श्री अहमद हुसैन एवं श्री मोहम्मद हुसैन *(संयुक्त) (कला) राजस्थान

श्री दिलशाद हुसैन (कला) उत्तर प्रदेश

श्री भीकू रामजी इदाते (सामाजिक कार्य) महाराष्ट्र

श्री सी आई इस्साक (साहित्य और शिक्षा) केरल

श्री रतन सिंह जग्गी (साहित्य और शिक्षा) पंजाब

श्री बिक्रम बहादुर जमातिया (सामाजिक कार्य) त्रिपुरा

श्री रामकुइवांगबे जेने (सामाजिक कार्य) असम

श्री राकेश राधेश्याम झुनझुनवाला (मरणोपरांत) (व्यापार एवं उद्योग) महाराष्ट्र

श्री रतन चंद्र कर (चिकित्सा) अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

श्री महीपत कवि (कला) गुजरात

श्री एम एम कीरावनी (कला) आंध्र प्रदेश

श्री आरिज खंबाटा (मरणोपरांत) (व्यापार एवं उद्योग) गुजरात

श्री परशुराम कोमाजी खुने (कला) महाराष्ट्र

श्री गणेश नागप्पा कृष्णराजनगर (साइंस एंड इंजीनियरिंग) आंध्र प्रदेश

श्री मगुनी चरण कुआँर (कला) उड़ीसा

श्री आनंद कुमार (साहित्य एवं शिक्षा) बिहार

श्री अरविन्द कुमार (साइंस एंड इंजीनियरिंग) उत्तर प्रदेश

श्री डोमर सिंह कुंवर (कला) छत्तीसगढ़

श्री राइजिंगबोर कुरकलंग (कला) मेघालय

सुश्री हीराबाई लोबी (सामाजिक कार्य) गुजरात

श्री मूलचंद लोढ़ा (सामाजिक कार्य) राजस्थान

सुश्री रानी मचैया (कला) कर्नाटक

श्री अजय कुमार मंडावी (कला) छत्तीसगढ़

श्री प्रभाकर भानुदास मंडे (साहित्य और शिक्षा) महाराष्ट्र

श्री गजानन जगन्नाथ माने (सामाजिक कार्य) महाराष्ट्र

श्री अंतर्यामी मिश्रा (साहित्य और शिक्षा) ओडिशा

श्री नादोजा पिंडिपपनहल्ली मुनिवेंकटप्पा (कला) कर्नाटक

प्रो. (डॉ.) महेंद्र पाल (साइंस एंड इंजीनियरिंग) गुजरात

श्री उमा शंकर पाण्डेय (सामाजिक कार्य) उत्तर प्रदेश

श्री रमेश परमार एवं सुश्री शांति परमार *(संयुक्त) (कला) मध्य प्रदेश

डॉ. नलिनी पार्थसारथी (मेडिसिन) पुडुचेरी

श्री हनुमंत राव पसुपुलेटी (मेडिसिन) तेलंगाना

श्री रमेश पतंगे (साहित्य और शिक्षा) महाराष्ट्र

सुश्री कृष्णा पटेल (कला) ओडिशा

श्री के कल्याणसुंदरम पिल्लई (कला) तमिलनाडु

श्री वी पी अप्पुकुट्टन पोडुवल (सोशल वर्क) केरल

श्री कपिल देव प्रसाद (कला) बिहार

श्री एस आर डी प्रसाद (स्पोर्ट्स) केरल

श्री शाह रशीद अहमद कादरी (कला) कर्नाटक

श्री सी वी राजू (कला) आंध्र प्रदेश

श्री बख्शी राम (साइंस एंड इंजीनियरिंग) हरियाणा

श्री चेरुवायल के रमन (अन्य – कृषि) केरल

सुश्री सुजाता रामदोराई (साइंस एंड इंजीनियरिंग) कनाडा

श्री अब्बारेड्डी नागेश्वर राव (विज्ञान और इंजीनियरिंग) आंध्र प्रदेश

श्री परेशभाई राठवा (कला) गुजरात

श्री बी रामकृष्ण रेड्डी (साहित्य और शिक्षा) तेलंगाना

श्री मंगला कांति रॉय (कला) पश्चिम बंगाल

सुश्री के सी रनरेमसंगी (कला) मिजोरम

श्री वडिवेल गोपाल और श्री मासी सदाइयां *(संयुक्त) (सामाजिक कार्य) तमिलनाडु

श्री मनोरंजन साहू (चिकित्सा) उत्तर प्रदेश

श्री पटायत साहू (अन्य – कृषि) ओडिशा

श्री ऋत्विक सान्याल (कला) उत्तर प्रदेश

श्री कोटा सच्चिदानंद शास्त्री (कला) आंध्र प्रदेश

श्री संकुरथ्री चंद्रशेखर (सामाजिक कार्य) आंध्र प्रदेश

श्री के शनाथोइबा शर्मा (खेल) मणिपुर

श्री नेकराम शर्मा (अन्य – कृषि) हिमाचल प्रदेश

श्री गुरचरण सिंह (स्पोर्ट्स) दिल्ली

श्री लक्ष्मण सिंह (सामाजिक कार्य) राजस्थान

श्री मोहन सिंह (साहित्य और शिक्षा) जम्मू और कश्मीर

श्री थौनाओजम चाओबा सिंह (पब्लिक अफेयर्स) मणिपुर

श्री प्रकाश चंद्र सूद (साहित्य और शिक्षा) आंध्र प्रदेश

सुश्री नेहुनुओ सोरही (कला) नागालैंड

डॉ. जनम सिंह सोय (साहित्य एवं शिक्षा) झारखंड

श्री कुशोक थिकसे नवांग चंबा स्टेनज़िन (अन्य – अध्यात्मवाद) लद्दाख

श्री एस सुब्बारमन (अन्य – पुरातत्व) कर्नाटक

श्री मोआ सुबोंग (कला) नागालैंड

श्री पालम कल्याण सुंदरम (सामाजिक कार्य) तमिलनाडु

सुश्री रवीना रवि टंडन (कला) महाराष्ट्र

श्री विश्वनाथ प्रसाद तिवारी (साहित्य एवं शिक्षा) उत्तर प्रदेश

श्री धनीराम टोटो (साहित्य और शिक्षा) पश्चिम बंगाल

श्री तुला राम उप्रेती (अन्य – कृषि) सिक्किम

डॉ. गोपालसामी वेलुचामी (मेडिसिन) तमिलनाडु

डॉ ईश्वर चंद वर्मा (मेडिसिन) दिल्ली

सुश्री कूमी नरीमन वाडिया (कला) महाराष्ट्र

श्री कर्मा वांग्चु (मरणोपरांत) (सामाजिक कार्य) अरुणाचल प्रदेश

श्री गुलाम मुहम्मद जाज (कला) जम्मू और कश्मीर

बता दें कि देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा सालाना गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है। इस पुरस्कार को उपलब्धि के स्तर के आधार पर तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। सबसे पहले पद्म विभूषण, उसके बाद पद्म भूषण और पद्म श्री अवॉर्ड आते हैं। 



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Jaya Ekadashi 2023: जया एकादशी के दिन करें ये खास उपाय, घर-परिवार पर बरसेगी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा 

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Jaya Ekadashi 2023 Date: जया एकादशी पर प्रसन्न हो सकती हैं मां लक्ष्मी. 

Jaya Ekadashi 2023: शास्त्रों के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है. एकादशी पर भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की विशेष पूजा-आराधना की जाती है. वहीं, जया एकादशी की बात करें तो इस दिन को पुण्यदायी माना जाता है. कहते हैं इस दिन पूजा करने वाले को विशेष फल की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु व्यक्ति के कष्टों को हर लेते हैं. इस वर्ष 1 फरवरी, बुधवार के दिन जया एकादशी का व्रत रखा जाएगा. मान्यतानुसार माता लक्ष्मी भगवान विष्णु की पत्नी हैं. इस चलते जया एकादशी पर कुछ उपाय करने पर भगवान विष्णु के साथ-साथ लक्ष्मी मां (Lakshmi Ma) की भी विशेष कृपा मिल सकती है. 

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जया एकादशी के उपाय | Jaya Ekadashi Upay 


पंचांग के अनुसार 31 जनवरी रात 11 बजकर 53 मिनट से जया एकादशी की शुरूआत हो रही है. इसका समापन अगले दिन 1 फरवरी दोपहर 2 बजकर 1 मिनट पर होगा. लेकिन, उदयातिथि के अनुसार जया एकादशी 1 फरवरी के दिन ही मनाई जाएगी. इस एकादशी पर व्रत का पारण 2 फरवरी सुबह 7 बजकर 9 मिनट से 9 बजकर 19 मिनट के बीच करना शुभ रहेगा. 


मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए जया एकादशी का व्रत (Jaya Ekadashi Vrat) किया जा सकता है. इस व्रत को करने पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होगी. पूजा में पीले वस्त्र, पीले फूल, पीली मिठाई व फल शामिल करें. भोग में मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु को केवल फल ही अर्पित करें.


जया एकादशी पर गाय को चारा खिलाना भी बेहद शुभ साबित होगा. गरीबों को भोजन खिलाने पर खासतौर से मां लक्ष्मी का चित्त प्रसन्न होगा और मान्यतानुसार भक्तों को आशीर्वाद मिलेगा. 

जया एकादशी के दिन तामसिक भोजन करने से परहेज करें. व्रत रखने वाले व्यक्ति के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों को भी मान्यतानुसार अंडा, मांस, मछली और लहसुन-प्याज खाने से परहेज करना चाहिए. 

एक और उपाय (Ekadashi Upay) इस दिन किया जा सकता है जिसके लिए किसी मंदिर के पास पीपल के पेड़ तक जाना होगा. जया एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाना शुभ साबित होगा. साथ ही, पीपल की परिक्रमा कर देसी घी का दीपक जलाया जा सकता है. पीपल के समक्ष मनोकामना मांगना सफल साबित हो सकता है. 

वास्तु शास्त्र के अनुसार पर्स में कभी नहीं रखनी चाहिए ये चीजें, माना जाता है रूठ जाती हैं मां लक्ष्मी

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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10 साल का इंतजार… रेप केस में आसाराम की सजा का ऐलान आज

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Image Source : FILE PHOTO
स्वयंभू बाबा आसाराम

गांधीनगर: गुजरात के गांधीनगर कोर्ट ने महिला अनुयायी से रेप के मामले में स्वयंभू बाबा आसाराम को दोषी करार दिया है और अब आज इस मामले में फैसला सुनाया जाएगा। गांधीनगर एडिशन डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट आज सुबह 11 बजे सजा सुनाएगी। 2013 में सूरत की दो बहनों से रेप के मामले में गांधीनगर सेशन कोर्ट ने आसाराम को दोषी ठहराया है। आसाराम का बेटा नारायण साईं भी इस मामले में आरोपी है। बता दें कि आसाराम को अगस्त 2013 में इंदौर से गिरफ्तार किया गया था और उसके बाद जोधपुर लाया गया था। इस केस में आसाराम की पत्नी लक्ष्मी, बेटी भारती और चार महिला अनुयायी ध्रुवबेन, निर्मला, जस्सी और मीरा को भी आरोपी बनाया गया था। हालांकि सबूतों के अभाव में इन सभी को  कोर्ट ने बरी कर दिया।

रेप के अन्य मामले में जेल में बंद हैं आसाराम


आसाराम एक अन्य रेप के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद इस समय जोधपुर जेल में बंद है और आज कोर्ट सजा सुनाएगी। 2013 में सूरत की दो बहनों ने आसाराम और नारायण साईं के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज कराई थी। छोटी बहन ने शिकायत में कहा था कि नारायण साईं ने 2002 से 2005 के बीच उसके साथ बार-बार रेप किया। वहीं बड़ी बहन ने शिकायत में आसाराम पर रेप का आरोप लगाया था। पीड़िता ने कहा कि अहमदाबाद के आश्रम में आसाराम ने उसके साथ कई बार रेप किया।

अप्रैल 2022 में आसाराम के आश्रम से मिला था शव

नाबालिग से रेप के आरोप में जेल में बंद आसाराम बापू की मुसीबतें अप्रैल 2022 में भी बढ़ी थीं, जब जेल में बंद आसाराम बापू के यूपी के गोंडा स्थित आश्रम में एक नाबालिग लड़की का शव मिला था। शव आश्रम के अंदर काफी दिनों से खड़ी एक कार में मिला था। शव की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और शव को कब्जे में ले लिया था।

मिली जानकारी के मुताबिक, लड़की अपने घर से 4 दिन पहले गायब हो गई थी, जिसका शव आसाराम बापू के आश्रम में कई दिनों से खड़ी कार से मिला था। मामला नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत विमौर का था। यहां आसाराम का आश्रम है। नाबालिग लड़की 5 अप्रैल से लापता थी। कार में शव का पता उस दौरान लग सका जब उससे दुर्गंध आने लगी। आश्रम के कर्मचारी ने गाड़ी को खोलकर देखा तो उसमें बच्ची की लाश पड़ी हुई थी।

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बीच सड़क पर बेसुध पड़ा था कुत्ता, रास्ते से जा रहे शख्स ने किया कुछ ऐसा, हर कोई कर रहा तारीफ

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बीच सड़क पर बेसुध पड़ा था कुत्ता, रास्ते से जा रहे शख्स ने गोद में उठाकर किया कुछ ऐसा

दुनिया में दयालु लोग बहुत नहीं हैं और जो मौजूद हैं उन्हें क़ीमती बनाने की ज़रूरत है. खासकर वो जो जानवरों के लिए भी दया भाव रखते हैं. हमारे पास इसका एक वीडियो के रूप में सबूत है जो ऑनलाइन वायरल हो गया है. क्लिप में, एक शख्स एक घायल कुत्ते (Dog) को बचाता है जो एक बिज़ी सड़क पर बेहोश पड़ा हुआ था. उनके निस्वार्थ भाव ने इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत लिया है.

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वायरल हो रहे इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर Kartavya Society नाम के एक पेज ने शेयर किया है. क्लिप में, एक पुरुष और महिला एक बिजी सड़क के किनारे रुके, जब उन्होंने एक कुत्ते को बेसुध पड़ा देखा. उस पर से गाड़ियां गुज़र रही थीं और कुत्ते की ओर किसी का ध्यान नहीं गया.

दोनों ने सोचा कि कुत्ता मर गया है और उसे सम्मानपूर्वक दफनाने का फैसला किया. हालांकि, जब वह शख्स उसके करीब गया, तो उसने देखा कि कुत्ता जिंदा था. उसने जल्दी से उसे उठाया और पशु चिकित्सक के क्लीनिक की ओर दौड़ा.

बेचारा कुत्ता सिर में चोट लगने के कारण बेहोश था और खून भी बह रहा था. पराग पंड्या नाम के पशु चिकित्सक ने पूरी जांच के बाद इसका इलाज किया. और सौभाग्य से कुत्ता ठीक हो गया. और क्या आप जानना चाहते हैं कि इस प्यारे कुत्ते का नाम क्या था? चमत्कार! 

देखें Video:

ऑनलाइन शेयर किए जाने के बाद से वीडियो को 10 मिलियन से अधिक बार देखा गया. इंस्टाग्राम यूजर्स ने पुरुष और महिला के निस्वार्थ और दयालु काम की तारीफ की और कमेंट सेक्शन में अपने प्यार की बौछार की. एक यूजर ने लिखा, “एवेंजर्स जैकेट. एवेंजर बिहेवियर.” एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “हमें इस दुनिया में उनके जैसे और लोगों की जरूरत है.”

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