MP Assembly Election, Opinion Poll on MP Election: मध्य प्रदेश में नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पिछले महीने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसी के साथ सूबे में सियासी चहलकदमियां बढ़ गईं। अब एक ओपिनियन पोल सामने आया है जिससे कांग्रेस की परेशानी बढ़ती हुई नजर आ रही है। वहीं सर्वे में एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान के लिए एक गुड न्यूज भी है।
भाजपा की बन रही फिर से सरकार?
आईएएनएस-पोलस्ट्रैट ने एमपी चुनाव को लेकर एक सर्वे किया है। सर्वे में 7,883 लोगों का ओपिनियन लिया गया है। सर्वे के मुताबिक, आगामी चुनाव में भाजपा को 120 सीटों पर जीत मिल सकती है। यानी अगर सर्वे के आंकड़े सही होते हैं तो जीत का जादुई आंकड़ा (116) पार कर भाजपा एमपी में फिर से सरकार बना सकती है। वहीं कांग्रेस के खाते में 104 सीटें जा सकती हैं। सर्वे में यह भी बताया गया है कि भाजपा के खाते में कम से कम 116 सीटें और अधिकतम 124 सीटें जा सकती हैं।
मामा का जलवा बरकरार
सर्वे में एमपी के लोगों से सबसे लोकप्रिय सीएम के बारे में पूछा गया। कुल 40 फीसदी लोगों ने शिवराज सिंह चौहान को अपना फेवरेट नेता बताया। वहीं 35 फीसदी लोगों का वोट एमपी के पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ को गया। यानी सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में मामा का जलवा बरकरार है। सर्वे में 47 फीसदी लोगों ने सीएम शिवराज के काम को अच्छा बताया है। वहीं 24 फीसदी लोगों ने उनके काम को सामान्य बताया है और 29 फीसदी लोगों ने मामा के काम को खराब बताया है।
खुदकुशी करने वाले शख्स की पहचान सुदर्शन देवराय के रूप में की है। देवराय ने नांदेड़ जिले की हिमायतनगर तहसील में रविवार आधी रात के बाद कथित तौर पर खुदकुशी कर ली।
कनाडा और भारत के बीच कूटनीतिक रिश्ते बुरे दौर में जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो द्वारा भारत पर अनर्गल आरोपों के बाद कनाडा ने भारतीय राजनयिक को बर्खास्त कर दिया था। अब इस कदम के जवाब में भारत सरकार ने भी कनाडा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। भारत सरकार ने भी एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को बर्खास्त कर दिया है और उन्हें 5 दिनों में देश छोड़ने का आदेश दिया है।
उच्चायुक्त तलब
कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो के भारत विरोधी कदमों के बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने विरोध जताने के लिए भारत में कनाडा के उच्चायुक्त कैमरून मैकेई को तलब किया था। ऐसा माना जा रहा था कि कनाडा को जवाब देने के लिए भारत सरकार भी कड़ा कदम उठा सकती है।
विदेश मंत्रालय का बयान
भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी किए गए बयान में कहा है कि भारत में कनाडा के उच्चायुक्त कैमरून मैकेई को आज तलब किया गया। उन्हें भारत में रह रहे एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित करने के भारत सरकार के फैसले के बारे में सूचित किया गया। संबंधित राजनयिक को अगले पांच दिनों के भीतर भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय हमारे आंतरिक मामलों में कनाडाई राजनयिकों के हस्तक्षेप और भारत विरोधी गतिविधियों में उनकी भागीदारी पर भारत सरकार की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
क्यों तल्ख हुए रिश्ते?
G-20 समिट में फटकार खाने के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो भारत विरोधी कदमों में जुट गए हैं। ट्रू़डो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का कनेक्शन भारत से जोड़ते हुए भारत के एक राजनयिक को निकाल दिया था। हालांकि, भारत सरकार ने कनाडाई पीएम के आरोपों को बेबुनियाद और आधारहीन करार दिया है। भारत ने साथ ही कनाडा से आतंकी तत्वों पर कार्रवाई करने की मांग की है। भारत ने कहा है कि इस तरह के बयान खालिस्तानियों से ध्यान हटाने के लिए दिए गए हैं।
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महिला आरक्षण बिल को लेकर स्थिति लगभग साफ होती नजर आ रही है। खबर है कि सरकार मंगलवार को ही संसद में बिल पेश कर सकती है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। सोमवार को कैबिनेट बैठक में विधेयक पर मुहर लगा दी गई थी। इधर, महिला आरक्षण का श्रेय लेने के लिए कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में होड़ लगती नजर आ रही है।
खास बात है कि मंगलवार से ही विशेष सत्र नए संसद भवन में पहुंच रहा है। ऐसे में अगर सरकार महिला आरक्षण बिल आज पेश कर देती है, तो नई संसद में पेश होने वाला यह पहला बिल होगा। हालांकि, यह बिल करीब 27 सालों से लंबित है और कांग्रेस की अगुवाई वाली UPA सरकार ने साल 2010 में इसे राज्यसभा में पास करा लिया था।