Connect with us

International

Michael Calce: कभी अमेरिका ने जिस 15 साल के हैकर पर लगाया था प्रतिबंध, आज उसी के सहारे चीन को मात देने की कर रहा है कोशिश

Published

on


Image Source : TWITTER
Michael Calce

Highlights

  • 2000 का दौर माइकल के लिए टर्निंग प्वाइंट था
  • कंप्यूटर और मोबाइल आज भी अमेरिकी सरकार की निगरानी में है।
  • माइकल ने अपना रास्ता पूरा बदल लिया

Michael Calce: हमारे जीवन में कब क्या हो जाए, हमें कुछ नहीं पता होता है। साधारण व्यक्ति भी कभी-कभी असाधारण काम कर दिखाते हैं। ऐसे व्यक्तित्व के बारे में हजारों इतिहास पड़े हैं। एक ऐसा शख्स है, जिसने ऐसा कारनामा किया जिसके बाद पूरी अमेरिका बहुत भौंचक्का रह गई। तो आइए उस इंसान के बारे में जानते हैं। 

अमेरिका सरकार ने कर लिया था गिरफ्तार 

माइकल कैल्से एक छोटे बच्चे का नाम है। वह मूल रूप से अमेरिका का रहने वाले हैं। माइकल कैल्से ने 10 साल की उम्र में इंटरनेट की दुनिया में तहलका मचा दिया था। जिसके बाद अमेरिकी सरकार ने इस छोटे बालक के ऊपर कई सारे प्रतिबंध लगा दिए। यानी आसान भाषा में समझे की बच्चे से कई अधिकार छिन लिए गए लिया। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि ऐसा अमेरिकी सरकार ने क्यों किया। आपको बता दें कि इस बच्चे का दिमाग काफी तेज चलता है। जिसके वजह से अमेरिकी सरकार ने इस बच्चे को गिरफ्तार कर लिया। 

अमेरिकी सरकार के लिए करते हैं काम 
माइकल कैल्से को अमेरिका में हर कोई जानता है। उनके कारनामें से हर कोई परिचित है। अब केल्स अमेरिकी सरकार के लिए काम करते हैं। चीन पर हमेशा से आरोप लगता है कि वो अपने विरोधियों देशों के ऊपर साइबर अटैक करता है। इसी साइबर अटैक से बचाने के लिए आज कैल्स अमेरिकी सरकार कई खुफिया वेबासाइट  के लिए काम करते हैं। यानी जिस कैल्से को अमेरिका ने गिरफ्तार किया आज उसी कैल्स की मदद अमेरिकी सरकार ले रही है। 

6 साल की उम्र में कंप्यूटर को बना दिया था खिलौना 
एक इंटरव्यू के दौरान कैल्स ने बताया था कि वो अपने पिता से ज्यादा बात नहीं करते थे। मेरे पिता काफी इस बात को लेकर परेशान रहते थे। उन्होंने मेरे लिए एक कंप्यूटर खरीद कर ला दिया। इसके बाद में कंप्यूटर में काफी सक्रिय हो गया, 6 साल के माइकल ने कंप्यूटर को खिलौना बना दिया। पिता को भी यह देखकर राहत मिल गया। कैल्से को लेकर परेशान नहीं होना है। कैल्से ने बताया कि 2 दिन पिता के साथ उनके घर पर रहते हैं और वह सारा दिन कंप्यूटर पर बिताते थे। 10 साल की उम्र में इंटरनेट पर हैकिंग का अर्थ समझ गया था और उस वक्त दुनिया के टॉप हैकर से मेरी पहचान हो गई थी। 

मफियाबॉय ने पहुंचा दिया जेल 
12 साल की उम्र में माइकल ने माफिया बॉय के नाम से एक वेबसाइट बनाया। इस वेबसाइट से अपने आसपास के कुछ छोटे-मोटे स्टोर लाइब्रेरी के अकाउंट को हैक करना चालू कर दिया। यह वही दौर था जब तमाम कंपनियां इंटरनेट से एक दूसरे का डाटा चुराने के काम में लग गई थी। डाटा चुराने के बाद हैकर्स फिरौती मांगा करते थे। माइकल ऐसा नहीं करते थे, वह डाटा चोरी कर बस उसकी जानकारी लेता और कुछ वक्त उसे ठीक-ठाक करके छोड़ देते थे। 2000 का दौर माइकल के लिए टर्निंग प्वाइंट था। कैल्से ने अमेरिका सहित पूरी दुनिया की नामी कंपनियों की वेबसाइट हैक कर लिया। इनमें सीएनएन, डेल, अमेज़न, याहू और इबे जैसी कंपनियां शामिल थी। इन कंपनियों के  बंद होने से अचानक से शेयर मार्केट में भूचाल आ गया। कंपनियों के शेयर धड़ाम से गिर गए। निवेशकों को झटका लगने लगा। जिसके बाद अमेरिका की अर्थव्यवस्था में असर दिखने लगा। 

दुनिया के सामने आए पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन
माइकल में इंटरव्यू में बताया कि सरकार ने एक एक्सपर्ट पैनल तैयार किया और अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और अटार्नी जनरल जिनी ट्रेनों टीवी पर आएं उन्होंने इस घटना को जघन्य अपराध बताया। उन्होंने कहा कि वह जल्द से जल्द अपराधी को गिरफ्तार कर लेंगे। कैल्स को समझ में आ गया कि हमने अनजाने में अपराध कर दिया है। अमेरिकी कोर्ट ने 50 अपराधों को दोषी मानते हुए उन्हें बाल सुधार गृह में भेज दिया।

जज ने काफी सख्त लहजे में कहा था कि “तुम बाकी अपराधियों से अलग हो पर इसका अर्थ यह नहीं है कि जो तुमने किया है वह अपराध नहीं है इसके लिए माफ नहीं किया जा सकता है। इसके लिए तुम्हें 8 महीने की सजा सुनाई जाती है।  8 महीने के बाद माइकल ने अपना रास्ता पूरा बदल लिया। उसी दौरान अमेरिकी सरकार ने माइकल्स के ऊपर कई प्रतिबंध भी लगा दिए थे। सरकार के नजरों में माइकल को इंटरनेट चलाने की सुविधा दी गई। वह किसी भी वेबसाइट को हैक नहीं कर सकते हैं, ना ही वह किसी को हैकिंग के बारे में जानकारी दे सकते हैं। उनका कंप्यूटर और मोबाइल आज भी अमेरिकी सरकार की निगरानी में है। 

कई बिलियन डॉलर की पहुंची आर्थिक क्षति 
इन सभी वेबसाइट को हैक करने के बदले माइकल ने कोई भी फिरौती नहीं मांगी थी लेकिन 16 कंपनियों के 1.7 बिलियन डॉलर की आर्थिक क्षति पहुंच गई थी। शेयर मार्केट में काफी नुकसान हुआ था। माइकल ने बताया कि इन घटनाओं को देखकर मैं काफी डर गया था। महज मेरी उम्र 15 साल हो गई थी मुझे नहीं पता था कि यह कानून अपराध है पुलिस की एक कार मेरे घर के पास पहुंचे और दूसरी और मेरे घर से कुछ दूर मैंने दरवाजा खोल कर देखा तो मुझे महसूस हुआ कि अब कोई मुझे बचा नहीं सकता है इसलिए मैं वहां से भागा नहीं। माइकल को गिरफ्तार कर लिया और उसका कंप्यूटर भी जब्त कर लिया गया। 

Latest World News





Source link

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

International

यूक्रेन पर आखिरी वार परमाणु हमला! पुतिन के इस बयान ने फिर मचाई खलबली

Published

on

By


Image Source : PTI
व्लादिमिर पुतिन, रूसी राष्ट्रपति

Russia_Ukraine War & Nuclear Attack: रूस-यूक्रेन के बीच 10 महीने से चल रहे भीषण युद्ध का आखिरी वॉर क्या परमाणु युद्ध ही है, आखिर क्यों यह युद्ध लंबा ही खिंचता जा रहा है। कभी रूस यूक्रेन पर भारी तो कभी यूक्रेन रूस पर। मगर अब तक इस युद्ध का कोई भी नतीजा नहीं निकल सका है। इस युद्ध के चलते यूरोप समेत सभी पश्चिमी देशों और साउथ ईस्ट एशिया के देशों की भी आर्थिक स्थिति खस्ता होती जा रही है। पूरी दुनिया में महंगाई की मार से हाहाकार मचने लगा है। खाद्य और ऊर्जा का भारी संकट है। इसीलिए अब पश्चिमी देश भी चाहते हैं कि युद्ध को किसी तरह से रोका जाए। अब अमेरिका भी पुतिन से युद्ध रोकने की अपील कर रहा है, मगर पुतिन मानने को तैयार नहीं हैं। 

इसी बीच एक बार फिर यूक्रेन पर परमाणु हमले की आशंका ने दुनिया में खलबली मचा दी है। इसका संकेत स्वयं रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने दिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके मन में क्या चल रहा है। हालांकि पुतिन अभी इसे आखिरी शस्त्र के रूप में इस्तेमाल करने का संकेत दे रहे हैं। क्योंकि उन्होंने जोर देकर कहा कि परमाणु युद्ध का खतरा तो बढ़ा है, मगर मॉस्को ‘पागल’ नहीं है, वह पहले परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, रूस की वार्षिक मानवाधिकार परिषद की बैठक में पुतिन ने कहा कि यूक्रेन में युद्ध एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है।

रूस के पास हैं सबसे अधिक परमाणु हथियार


मॉस्को से वीडियो लिंक के जरिए परमाणु युद्ध की संभावना पर बात करते हुए पुतिन ने चेताया, “ऐसा खतरा बढ़ रहा है, इसे छिपाना गलत होगा।”लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस किसी भी परिस्थिति में हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करेगा और अपने परमाणु शस्त्रागार से किसी को भी धमकी नहीं देगा। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि रूस के पास दुनिया में सबसे आधुनिक और उन्नत परमाणु हथियार हैं और उन्होंने अपनी परमाणु रणनीति की तुलना अमेरिका से की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वह अन्य क्षेत्रों पर अपने परमाणु हथियारों का पता लगाकर रूस से आगे निकल गया था। हमारे पास अन्य देशों के क्षेत्र में सामरिक सहित परमाणु हथियार नहीं हैं, लेकिन अमेरिकियों के पास तुर्की और कई अन्य यूरोपीय देशों में हैं, उन्होंने कहा। पुतिन ने पहले जोर देकर कहा था कि रूस के परमाणु सिद्धांत में केवल परमाणु हथियारों के रक्षात्मक उपयोग की अनुमति है।

Latest World News

India TV पर हिंदी में ब्रेकिंग न्यूज़ Hindi News देश-विदेश की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ें और अपने आप को रखें अप-टू-डेट। Asia News in Hindi के लिए क्लिक करें विदेश सेक्‍शन





Source link

Continue Reading

International

World Oldest Narrative Carving: तुर्की में मिली दुनिया की सबसे पुरानी कथा नक्काशी, तेंदुओं से घिरा इंसान लिंग पकड़े नजर आया

Published

on

By


तुर्की में 11000 साल पुरानी कथा नक्काशी की खोज की गई है। इसे इंसानों की सबसे पहले बनी बस्तियों में से एक इमारत के अंदर पाया गया है। इन नक्काशियों को इमारत की दीवार से लगे बेंचो पर बनाया गया था। इसमें दो इंसानों, तेंदुओं और बैलों को दिखाया गया है।

 



Source link

Continue Reading

International

Malaria Deaths: कोरोना में दो साल उलझी रही दुनिया और मलेरिया से मर गए 63000 लोग, WHO ने किया खुलासा

Published

on

By


जिनेवा: विश्व स्वास्थ्य संगठन की गुरुवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस महामारी ने मलेरिया को नियंत्रित करने के प्रयासों को बाधित किया, जिसके परिणामस्वरूप दो वर्षों में मलेरिया से वैश्विक स्तर पर 63,000 अतिरिक्त मौतें और 1.3 करोड़ अधिक लोग संक्रमित हुए। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने बृहस्पतिवार को कहा कि बीमारी के मामले 2020 में बढ़े और 2021 में धीमी गति से बढ़ते रहे। पिछले साल दुनिया के 24.7 करोड़ मलेरिया संक्रमणों और 619,000 मौत के मामलों में से लगभग 95 प्रतिशत अफ्रीका से थे।

महामारी ने हालात को बदतर बना दिया
डब्ल्यूएचओ के मलेरिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी अब्दिसलन नूर ने कहा कि महामारी से पहले से हम पटरी पर नहीं थे और महामारी ने अब हालात को और बदतर बना दिया है। लिवरपूल स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन में जैविक विज्ञान के डीन एलिस्टर क्रेग ने कहा कि मलेरिया से होने वाली मौतों को कम करने में प्रगति कोविड-19 से पहले ही रुक गई थी।

मलेरिया रोधी टीके कम कर सकते हैं मौत का आंकड़ा
नूर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले साल दुनिया के पहले अधिकृत मलेरिया रोधी टीके के व्यापक टीकाकरण के आरंभ से अगर पर्याप्त संख्या में बच्चों का टीकाकरण किया जाता है तो इससे गंभीर बीमारियों और मौतों की संख्या को कम करने में ‘‘काफी मदद’’ मिलेगी। उन्होंने कहा कि 20 से अधिक देशों ने टीकों के लिए आवेदन किया है। टीका केवल लगभग 30 प्रतिशत प्रभावी है और इसके लिए चार खुराक की आवश्यकता होती है।



Source link

Continue Reading