जब डिजिटल अभिनय की पहचान पर उठा सवाल: ‘बेस्ट परफॉर्मेंस’ अवार्ड किसे मिलना चाहिए?

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वीडियो गेम उद्योग में किरदारों को जीवंत करने वाले कलाकारों को सम्मान देने का तरीका अब बहस का विषय बन गया है। हाल ही में हुए गेम अवार्ड्स (The Game Awards) में ‘बेस्ट परफॉर्मेंस’ कैटेगरी को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ है: क्या यह सम्मान केवल आवाज (Voice) को मिलना चाहिए, या उस शारीरिक श्रम (Physical Effort) को भी जो किरदार को स्क्रीन पर खड़ा करता है?

यह चर्चा तब शुरू हुई जब गेम **Clair Obscur: Expedition 33** के किरदार `गुस्ताव` (Gustave) को लेकर सिर्फ उनके वॉयस एक्टर चार्ली कॉक्स को ही नामांकन मिला, जबकि मोशन कैप्चर (MoCap) का काम मैक्सेंस कैज़ोरला (Maxence Cazorla) ने किया था। यह घटना एक बार फिर उस अदृश्य श्रम को उजागर करती है जिसे डिजिटल किरदारों को बनाने में लगाया जाता है।

मोशन कैप्चर: कैमरे के पीछे की कहानी

आधुनिक वीडियो गेम में, एक किरदार अक्सर दो या दो से अधिक अभिनेताओं का संयुक्त प्रयास होता है। ‘गुस्ताव’ इसका उत्तम उदाहरण है। चार्ली कॉक्स ने अपनी आवाज से गुस्ताव को भावनाएं दीं, लेकिन खेल के दौरान आप जिस तरह से गुस्ताव को चलते, लड़ते और भाव व्यक्त करते हुए देखते हैं, वह सब कैज़ोरला के मोशन कैप्चर का परिणाम है।

पुरस्कार समारोहों में, `बेस्ट परफॉर्मेंस` अवार्ड आमतौर पर केवल वॉयस एक्टर के नाम जाता है। यह ऐसा है, जैसे आप किसी ऑर्केस्ट्रा को अवार्ड दे रहे हों और केवल कंडक्टर को मंच पर बुला रहे हों, जबकि वायलिन बजाने वाले 90% काम कर चुके हों। कैज़ोरला ने इसी विसंगति को रेखांकित किया। हालांकि, वॉयस एक्टर चार्ली कॉक्स ने उदारता दिखाते हुए यह स्वीकार किया कि कैज़ोरला भी श्रेय के हकदार थे। कैज़ोरला ने कॉक्स की इस विनम्रता की सराहना की।

`बेस्ट कैरेक्टर` की माँग: एक लॉजिकल समाधान

कैज़ोरला का मानना है कि `बेस्ट परफॉर्मेंस` जैसे कैटेगरी को “किसी एक कलाकार को अलग-थलग करने और दूसरों को अदृश्य छोड़ने” के बजाय, एक `बेस्ट कैरेक्टर` (Best Character) कैटेगरी अधिक तार्किक होगी।

यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गेमिंग उद्योग में सहयोग की परतें बहुत जटिल हो गई हैं। उदाहरण के लिए, **Expedition 33** के अन्य मुख्य किरदार (जैसे माएले, जिसे जेनिफर इंग्लिश ने आवाज दी और पुरस्कार जीता, ल्यून और वर्सो) भी कई कलाकारों के संयुक्त प्रयास से बने हैं। कुछ गेम्स में तो स्टंट परफॉर्मर, मोशन कैप्चर एक्टर और वॉयस एक्टर मिलकर एक ही किरदार को जन्म देते हैं।

कैज़ोरला के अनुसार, “कलाकारों का जश्न मनाने का सबसे न्यायसंगत तरीका यह है कि हम व्यक्ति के बजाय `किरदार` को पहचानें।”

यह तर्क केवल मोशन कैप्चर कलाकारों की अनदेखी का नहीं है, बल्कि उस लेखन और विकास कार्य को भी मान्यता देने का है जो उस किरदार की नींव रखता है। अगर गुस्ताव का लेखन कमजोर होता, तो चाहे आवाज कितनी भी अच्छी होती या मोशन कैप्चर कितना भी सटीक, किरदार इतना प्रभावशाली नहीं बन पाता।

डाइस अवार्ड्स का इंटेलिजेंट दृष्टिकोण

यह विचार पूरी तरह से नया नहीं है। DICE अवार्ड्स (D.I.C.E. Awards) पहले से ही `बेस्ट कैरेक्टर` के दृष्टिकोण को अपनाते हैं। पिछले डाइस अवार्ड्स में, गेम `Indiana Jones and the Great Circle` में इंडियाना जोन्स के किरदार को अवार्ड मिला था। यहाँ रोचक बात यह है कि इस मामले में, अभिनेता ट्रॉय बेकर ने वॉयस और मोशन कैप्चर दोनों खुद ही किया था, जिससे यह बहस थोड़ी सरल हो गई थी।

डाइस अवार्ड्स का यह तरीका गेमिंग उद्योग की हकीकत को बेहतर ढंग से दर्शाता है, जहाँ अंतिम उत्पाद एक टीम का सामूहिक योगदान होता है। यह एक “बहुत ही बुद्धिमानी भरा दृष्टिकोण” है, जैसा कि कैज़ोरला ने टिप्पणी की।

निष्कर्ष: पहचान की जरूरत और आगे का रास्ता

वीडियो गेम अवार्ड्स जैसे बड़े मंच पर, जहां हर साल लाखों गेमर्स की नजरें होती हैं, यह जरूरी है कि पुरस्कार की श्रेणियाँ उद्योग के बदलते तकनीकी परिदृश्य को प्रतिबिंबित करें। अगर किसी किरदार को जीवंत करने में शारीरिक प्रदर्शन उतना ही अहम है जितना कि आवाज, तो केवल आवाज को क्रेडिट देना डिजिटल अभिनय के आधे हिस्से को नजरअंदाज करना है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगले साल Geoff Keighley (The Game Awards के आयोजक) इस रचनात्मक और तार्किक माँग पर विचार करते हैं। क्योंकि जब हम गेमिंग की कला का जश्न मनाते हैं, तो यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि कैमरे के सामने और कैमरे के पीछे, हर कलाकार को उसका उचित सम्मान मिले।