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Gwadar Protest Balochistan: क्‍यों सुलग रहा पाकिस्‍तान के बलूचिस्‍तान का ग्‍वादर, क्‍या चीन की वजह से लगी है आग? सेना पर चलीं गोलियां

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कराची: बलूचिस्‍तान प्रांत का ग्‍वादर एक बार फिर से सुलगा है। ग्‍वादर वह जगह है जहां पर चीन पाकिस्‍तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के कई प्रोजेक्‍ट चल रहे हैं। इन प्रोजेक्‍ट्स के खिलाफ भड़कने वाली ग्‍वादर की जनता इस बार पुलिस की वजह से भड़की है। एक पुलिसकर्मी की मौत के बाद हुई फायरिंग के बाद जनता भड़की है। अब यहां पर धारा 144 लगा दी गई है। ग्‍वादर में हक दो तहरीक बलूचिस्‍तान की तरफ से दो म‍हीने से विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई है। इस प्रदर्शन के कई वीडियो ट्विटर पर सामने आ रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने बरसाईं गोलियां
मंगलवार को बलूचिस्‍तान के गृहमंत्री जियाउल्‍ला की तरफ से हक दो तहरीक के नेता मौलाना हिदायत-उर-रहमान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। मौलान के खिलाफ यह आदेश पुलिसकर्मी की मौत के बाद दिया गया है। बलूचिस्‍तान पुलिस का कहना है कि हक दो तहरीक के प्रदर्शनकारियों की तरफ से फायरिंग की गई थी। इसके बाद सिपाही यासीर सईद जो प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा में ही तैनात थे, उनके मौत हो गई।

घटना के बाद यहां पर 144 लगाने का फैसला किया गया है। इस नए फैसले के बाद कहीं भी पांच लोग से ज्‍यादा इकट्ठा नहीं हो सकते हैं। सामूह‍िक सभा, बैठक, रैलियों और बाकी आयोजन प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। सरकार की तरफ से हथियारों का प्रदर्शन भी बैन कर दिया गया है।
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गिरफ्तारी के आदेश
बलूचिस्‍तान के मुख्‍यमंत्री ने घटना में शामिल संदिग्‍धों को गिरफ्तार करने का आद‍ेश दिया है। इस घटना की रिपोर्ट भी मांगी गई है। साथ ही स्‍पेशल टीम को गिरफ्तारी के आदेश दिए गए हैं। गृहमंत्री की मानें तो इस तरह की घटनाएं बर्दाश्‍त के बाहर हैं। सोमवार को प्रदर्शनों के चलते ग्‍वादर के सर्बानंदन एरिया से गुजरने वाला हाइवे पूरी तरह से ब्‍लॉक था।

हक दो तहरीक के समर्थकों ने इसे बंद कर दिया था जिसमें उनके लीडर हुसैन वडाला भी शामिल थे। पुलिस ने इन्‍हें गिरफ्तार कर लिया था। बलूचिस्‍तान सरकार की प्रवक्‍ता फराह अजीम का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने ग्‍वादर बंदरगाह को बंद कर दिया था। इसके बाद ही पुलिस को एक्‍शन लेना पड़ा और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्‍होंने यह भी कहा कि इस तरह के आंदोलनों में लोगों का बर्ताव भड़काने वाला होता है।
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क्‍या है सारा मामला

हिदायत-उर-रहमान ने पिछले दिनों कहा था कि वह सरकार के साथ किसी भी तरह की कोई वार्ता नहीं करेंगे। हिदायत ने बलूचिस्‍तान की सरकार को दोयम दर्जे की सरकार बताया था। उनकी मानें तो सरकार का नजरिया बिल्‍कुल भी गंभीर नहीं है। रहमान खुद एक राजनेता हैं। उनकी मानें तो प्रांत की सरकार उनकी चिंताओं को समझने में पूरी तरह से असफल रही है।

गैर-कानूनी मछली पालन

उनका कहना है कि स्‍थानीय लोग ग्‍वादर के पानी में जारी गैरकानूनी मछली पालन, चेकप्‍वाइंट्स पर भारी तादाद में तैनात पुलिसकर्मी और पाकिस्‍तान-ईरान के रास्‍ते होने वाले व्‍यापार जैसे मुद्दों को समझना ही नहीं चाहती है। उन्‍होंने कहा कि यह बलूचों के असली मुद्दे हैं। पाकिस्‍तान-ईरान बॉर्डर पर कोई ट्रेड ही नहीं हो रहा है लेकिन चेक प्‍वाइंट्स ढेर सारे हैं। उनका कहना है कि गैर-कानूनी मछली पालन की वजह से स्‍थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।



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ब्रिटेन बढ़ाएगा काम करने के घंटे, जानें भारत में कानूनी रूप से कितनी देर कर सकते हैं ड्यूटी?

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Image Source : AP
ऋषि सुनक, प्रधानमंत्री, ब्रिटेन

Britain Will Increase Working Hours: ब्रिटेन ने श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए काम करने के घंटे में बदलाव का फैसला किया है। इसके तहत काम करने के घंटों को बढ़ाया सकता है। ब्रिटेन में भारतीयों समेत अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को देश भर के विभिन्न क्षेत्रों में श्रम की कमी को पूरा करने के लिए लंबे समय तक काम करने और ज्यादातर पार्ट टाइम जॉब करने की अनुमति दी जा सकती है। वर्तमान में यूके में विदेशी छात्रों की संख्या लगभग 6,80,000 है। उन्हें पार्ट टाइम के दौरान सप्ताह में अधिकतम 20 घंटे काम करने की अनुमति है। अब इसे बढ़ाकर 30 घंटे तक किया जा सकता है।

द टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन ने श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए पार्ट टाइम काम का घंटा 20 से बढ़ाकर इस सीमा को 30 घंटे तक कर सकता है। यह उसकी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए भी असरदार साबित हो सकता है। इसके लिए सरकार के भीतर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। पिछले साल देश में आए 1.1 मिलियन प्रवासियों में से 476,000 अंतर्राष्ट्रीय छात्र थे। इनमें से पिछले साल यूके आने वाले 33,240 आश्रितों सहित 161,000 छात्रों के साथ भारत छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत बन गया।

ब्रिटेन में 1.3 मिलियन पद खाली


ब्रिटेन में इस वक्त 1.3 मिलियन पद खाली हैं। प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के अनुसार ब्रिटेन के व्यवसायी इन दिनों श्रमिकों की कमी का सामना कर रहे हैं। इसलिए काम के घंटों की सीमा को बढ़ाकर इसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि देश में आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या को कम करने की गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन की योजनाओं से काम रुक सकता है। पिछले साल 504,000 के अनुमानित रिकॉर्ड तक बढ़ने वाली शुद्ध प्रवासन संख्या के साथ, ब्रेवरमैन ने संख्या को कम करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें अवधि को कम करना शामिल है, विदेशी छात्र अपने पाठ्यक्रम के बाद ब्रिटेन में रह सकते हैं। यूके में अनुमानित आश्रितों की संख्या और निम्न-गुणवत्ता पाठ्यक्रमों में भाग लेने वाले विदेशी छात्रों को प्रतिबंधित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

भारत में पार्ट टाइम जॉब के अधिकतम घंटे तय नहीं

यूके स्थित न्यू वे कंसल्टेंसी के अनुसार, विदेशी छात्रों और उनके आश्रितों ने न केवल 10,000 पाउंड से 26,000 पाउंड की फीस के माध्यम से, बल्कि छात्र के लिए प्रति वर्ष 400 पाउंड के एनएचएस अधिभार और एक आश्रित के लिए 600 पाउंड के माध्यम से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में योगदान दिया। साथ ही चेतावनी दी कि स्नातक कार्य वीजा पर अंकुश भारतीय छात्रों को ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर करेगा, जो अंतत: ब्रिटेन में छात्र बाजार के अंत की ओर ले जाएगा। भारत में फिलहाल पार्ट टाइम के लिए काम के घंटो को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं है। फिलहाल देश में हर व्यक्ति औसतन एक बार में 12 से 16 घंटे तक अपनी क्षमता के मुताबिक काम कर सकता है।

 

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Russia Nuclear War: यूक्रेन में छिड़ सकता परमाणु युद्ध… अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने क्‍यों दे दी चेतावनी ?

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वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर डरावनी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन में परमाणु युद्ध छिड़ सकता है। ट्रंप ने यह चेतावनी ऐसे समय पर दी है जब अमेरिका अपने 31 एम1 अब्राम टैंक को यूक्रेन को देने जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि इससे परमाणु युद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो जाएगा। अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद अब तक अरबों डॉलर के हथियार यूक्रेन को दे चुका है लेकिन दुनिया में सबसे शक्तिशाली कहे जाने वाले एम1 अब्राम टैंक को पहली बार देने जा रहा है।

अमेरिका यूक्रेन को 500 हथियारबंद वाहन दे रहा है जो 26 अरब डॉलर की सहायता से इतर है जिसका वादा बाइडन प्रशासन ने जेलेंस्‍की से एक साल पहले किया था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया नेटवर्क ट्रूथ सोशल पर लिखे पोस्‍ट में कहा कि मेरा मानना है कि इससे परमाणु युद्ध छिड़ सकता है। ट्रंप ने कहा, ‘पहले टैंक आए, फिर परमाणु बम। इस पागलपन से भरे युद्ध को अब बंद करो। यह करना बहुत आसान है।’ इससे पहले यू्क्रेन के राष्‍ट्रपति जेलेंस्‍की ने दिसंबर महीने में अमेरिका की यात्रा की थी ताकि टैंक और अन्‍य हथियार मिल सकें।
यूक्रेन छोड़कर अटलांटिक में हाइपरसोनिक मिसाइल क्यों दाग रहा रूस? समझें चीन कनेक्शन

जर्मनी लेपर्ड-2 टैंक को यूक्रेन को देने जा रहा

जेलेंस्‍की का मानना है कि यूक्रेन की सेना सोवियत जमाने के टी-72 टैंक की वजह से संघर्ष कर रही है। यह ऐलान ऐसे समय पर हुआ है जब जर्मनी ने भी ऐलान किया है कि वह 14 लेपर्ड-2 टैंक को यूक्रेन को देने जा रहा है। इससे अब यह साफ हो गया है कि अन्‍य पश्चिमी देश भी जर्मनी का अनुसरण कर सकते हैं। इससे पहले जर्मनी और अमेरिका के बीच टैंक भेजने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद अमेरिका को झुकना पड़ा। पिछले साल मार्च में बाइडन ने कहा था कि वह यूक्रेन को आक्रामक हथियार नहीं देने जा रहे हैं क्‍योंकि इससे तीसरे विश्‍वयुद्ध का खतरा है।

बाइडन ने यह भी कहा था कि हम यूक्रेन में तीसरा विश्‍वयुद्ध नहीं लड़ने जा रहे हैं। अब ट्रंप भी बाइडन की चेतावनी को दोहरा रहे हैं। इस बीच यूक्रेन में रूसी सेना की ओर से की गयी ताजा गोलाबारी में यूक्रेन के कम से कम 10 नागरिकों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। नए हताहतों में दक्षिणी शहर खेरसॉन में हमले में कम से कम दो नागरिकों की मौत होने की घटना शामिल है। खेरसॉन पर यूक्रेन की सेना ने नवंबर में कब्जा कर लिया था।
अब्राम टैंक हों या लैपर्ड टैंक, किसी भी हथियार को बर्बाद कर देंगे… रूस ने NATO को दी खुली धमकी

यूक्रेन में मिसाइलों और ड्रोन से हमले तेज

इसके अलावा दोनेत्स्क प्रांत में भी दो लोगों की मौत होने की सूचना है। इसके अलावा रूसी सेना ने बृहस्पतिवार को यूक्रेन में मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए, जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गयी। रूसी सेना के इन हमलों के बाद अमेरिका और जर्मनी ने यूक्रेन की मदद के लिए उसे शक्तिशाली टैंक देने की घोषणा की है। इसके अलावा अन्य पश्चिमी देशों ने कहा कि वे भी यूक्रेन को शक्तिशाली टैंक की आपूर्ति करेंगे।



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Mirage 2000 IAF: भारत ने फ्रांस से क्‍यों खरीदे थे सेकेंड हैंड मिराज 2000 फाइटर जेट? जानें परमाणु योद्धा की सीक्रेट कहानी

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पेरिस: मिराज 2000 दसॉल्‍ट एविएशन की तरफ से तैयार वह फाइटर जेट जो आज भी फ्रांस की वायुसेना की यादों में जिंदा है। फ्रेंच मल्‍टीरोल, सिंगल इंजन वाले इस फाइटर जेट को सन् 1970 के दशक के अंत में कंपनी की तरफ से तब डिजाइन किया गया जब फ्रेंच वायुसेना ने मिराज III को रिटायर करने का मन बनाया। जून 2022 में फ्रांस ने इसे अलविदा कह दिया लेकिन भारतीय वायुसेना (IAF) आज भी इसे प्रयोग कर रही है। शनिवार को जब यह फाइटर जेट क्रैश हुआ तो कई तरह के सवाल सबके दिमाग में उठने लगे।

एयरफोर्स ने नाम बदलकर किया वज्र

इस फाइटर जेट ने अपनी सबसे पहली उड़ान सन् 1978 में भरी थी और साल 1984 में इसे फ्रेंच एयरफोर्स में शामिल किया गया। साल 1985 में इसे भारतीय वायुसेना में जगह मिली। आईएएफ ने इसका नाम बदलकर वज्र कर दिया था। मिराज 2000 को भारतीय वायुसेना का सबसे खतरनाक फाइटर जेट माना जाता है। भारत ने शुरुआत में इस सिंगल सीटर वाले 36 जेट्स का ऑर्डर फ्रांस को दिया था। इसके बाद साल 1982 में ट्विन सीटर मिराज का ऑर्डर फ्रांस को मिला।

पाकिस्‍तान और अमेरिका को जवाब

पाकिस्‍तान और अमेरिका को जवाब

फ्रांस के साथ इस जेट की डील के साथ ही भारत ने पाकिस्‍तान और अमेरिका को जवाब दिया था। पाकिस्‍तान ने उस समय अमेरिका के साथ एफ-16 की डील की थी जिसे लॉकहीड मार्टिन ने डेवलप किया था। साल 1999 में जब कारगिल की जंग हुई तो इसने युद्ध को भारत की तरफ मोड़ दिया। साल 2004 में फ्रांस को भारत सरकार की तरफ से 50 अतिरिक्‍त जेट्स का ऑर्डर दिया गया। आज मिराज अपग्रेडेशन के बाद दुश्‍मन के अड्डे पर परमाणु बम तक गिरा सकता है।

कुवैत से लेकर सऊदी अरब तक जलवा

कुवैत से लेकर सऊदी अरब तक जलवा

भारत के अलावा फ्रांस, मिस्र, यूएई, पेरू, ताइवान ग्रीस और ब्राजील की सेनाएं इसका प्रयोग कर रही हैं। मिराज का जलवा दुनिया ने सन् 1990-1991 में ऑपरेशन डेजर्ट शील्‍ड और डेजर्ट स्‍ट्रॉम में देखा। उस समय मिराज को कई हमलों के लिए तो प्रयोग किया ही गया साथ ही साथ इसने कुवैत और दक्षिणी इराक में सफल रेकी की। इसके बाद मिराज ने सऊदी अरब में एयर पेट्रोलिंग को अंजाम दिया।

नाटो के एयर ऑपरेशन में शामिल

नाटो के एयर ऑपरेशन में शामिल

इसके बाद मिराज को फारस की खाड़ी में नो-फ्लाई जोन में ऑपरेशन सदर्न वॉच में सेनाओं को मजबूत किया। मिराज ने बाल्‍कन संघर्ष में भी हिस्‍सा लिया था। मिराज ने बोसनिया और हर्जेगोविना में भी एयर पेट्रोलिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया। नाटो के बाल्टिक एयर पुलिसिंग ऑपरेशन में भी मिराज को तीन बार लिथुनिया में तैनात किया गया था।

एफ-16 से बेहतर

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फरवरी 2019 में बालाकोट एयरस्‍ट्राइक के बाद जो लोग मिराज की क्षमताओं पर सवाल उठा रहे थे, उन्‍हें करारा जवाब मिल चुका था। मिराज को पाकिस्‍तान के पास मौजूद एफ-16 फाइटिंग फाल्‍कन से बेहतर करार दिया जाने लगा था। मिराज ऊंचाई पर 2336 किलोमीटर प्रति घंटे की स्‍पीड से उड़ सकता है। जबकि एफ-16 2000 किमी प्रति घंटे की ही स्‍पीड हासिल कर सकता है।

एफ-16 से ज्‍यादा तबाही

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एक मिनट में मिराज 60,000 फीट प्रति मिनट की क्‍लाइम्बिंग स्‍पीड ले सकता है जबकि एफ-16 का आंकड़ा 50,000 फीट प्रति मिनट ही है। एफ-16 1570 किमी के दायरे में 907 किलोग्राम के दो बमों को ड्रॉप कर सकता है जबकि मिराज 1475 किमी के दायरे में मौजूद दुश्‍मन पर 250 किलोग्राम वाले चार बम गिराने की ताकत रखता है।

mirage-3000

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मिराज की कहानी



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