एनबीए में अपनी जगह नहीं बना पाने वाले बेन सिम्मन्स ने अब अपनी किस्मत बास्केटबॉल से बाहर आजमाने का फैसला किया है। यह पूर्व फर्स्ट ओवरऑल पिक खिलाड़ी अब एक अप्रत्याशित क्षेत्र में करोड़ों डॉलर का निवेश कर रहा है: पेशेवर मछली पकड़ने का खेल (प्रो-फिशिंग)। यह कहानी एक एथलीट के व्यावसायिक संघर्षों और एक नए जुनून की खोज की है, जहाँ कोर्ट का शोर समंदर की लहरों के शांत थपेड़ों में बदल गया है।
एनबीए का दुःखद अंत और नई शुरुआत
बेन सिम्मन्स का एनबीए करियर हाल के वर्षों में अपेक्षाओं से कहीं अधिक निराशाजनक रहा है। फरवरी में ब्रुकलिन नेट्स द्वारा रिलीज़ किए जाने के बाद, उन्होंने लॉस एंजिल्स क्लिपर्स के लिए केवल 18 गेम खेले। उनका अंतिम रिकॉर्ड किया गया एनबीए प्रदर्शन 2025 प्लेऑफ़ के गेम 5 में आया, जहाँ उनके नाम शून्य अंक, एक रिबाउंड और एक ब्लॉक दर्ज हुआ। यह एक ऐसी प्रतिभा के लिए एक दुखद अंत था, जिसे कभी एनबीए का भविष्य माना जाता था।
ग्रीष्मकाल में जब किसी भी एनबीए टीम ने उन्हें साइन नहीं किया, तो सिम्मन्स ने अपने कौशल को पूरी तरह से अलग मैदान में लगाने का निर्णय लिया। यह मैदान न तो हार्डवुड का था और न ही घास का, बल्कि यह फ्लोरिडा का गहरा नीला समंदर था।
प्रो-फिशिंग का मालिक: साउथ फ्लोरिडा सेल्स
हालाँकि सिम्मन्स ने अभी तक एनबीए में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है और वह “थका देने वाले” अभ्यास करना जारी रखे हुए हैं, लेकिन उन्होंने `स्पोर्ट फिशिंग चैंपियनशिप` नामक लीग में एक टीम खरीदकर सबको हैरान कर दिया है। उनकी टीम का नाम है साउथ फ्लोरिडा सेल्स (South Florida Sails)।
स्पोर्ट फिशिंग चैंपियनशिप में 11 राज्यों की 16 टीमें शामिल हैं, जो विभिन्न प्रकार के मछली पकड़ने के टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा करती हैं। यह खेल, जो बाहर से आरामदायक लग सकता है, वास्तव में अत्यधिक तकनीकी और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है।
“यह एक विशिष्ट खेल है। एक बार जब आप इसे आज़माते हैं और समझते हैं कि यह क्या है, तो आपको इससे प्यार हो जाता है। स्पोर्ट्स फिशिंग हमेशा से मेरी रुचि का विषय रहा है। तकनीक इसमें एक मूलभूत घटक है। लाखों डॉलर की नौकाओं पर, ये लोग पूरे दिन और कई दिनों तक पानी में रहते हैं। यह कठिन है, लेकिन बहुत मजेदार भी है। यह एक ऐसी दुनिया है जिसे समझने के लिए आपको इसमें डूबना पड़ता है।”
यह टिप्पणी एक ऐसे खिलाड़ी की तरफ से आई है जिसने बास्केटबॉल के तकनीकी पहलुओं पर कोर्ट के अंदर कभी संघर्ष किया था, लेकिन अब वह समंदर की तकनीक और रणनीति की गहराई को समझ रहा है। शायद यह व्यंग्यात्मक है कि जिस एथलीट को कोर्ट पर शॉट लगाने से डर लगता था, वह अब व्यावसायिक रूप से मछली पकड़ने के खेल में `डोरी` डाल रहा है।
मालिक की भूमिका और एनबीए का भविष्य
सिम्मन्स ने स्पष्ट किया है कि वह टीम के एक प्रतिस्पर्धी सदस्य नहीं हैं। उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वह “सर्वश्रेष्ठ मछुआरे नहीं हैं।” उनका ध्यान मालिक के रूप में है, और इस खेल को बढ़ावा देने में उनकी गहरी रुचि है।
समुदाय का निर्माण, प्रतियोगिता नहीं
सिम्मन्स का मुख्य उद्देश्य मियामी के आसपास मछली पकड़ने के लिए एक मजबूत समुदाय का निर्माण करना है। वह मानते हैं कि इस खेल में उनकी सच्ची आस्था है, और इसीलिए वह इसे बढ़ाने में मदद करना चाहते हैं। उनका कहना है कि अगर वह खुद टीम के लिए प्रतिस्पर्धा करते, तो यह “थोड़ा स्वार्थी” होता। उनकी प्राथमिकता इस खेल को मुख्यधारा में लाना है।
तो, क्या एनबीए का अध्याय पूरी तरह से बंद हो गया है?
सिम्मन्स इस बारे में आशावादी हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक इंसान हूं, और यह सोचना सामान्य है। मैं पता लगाना चाहता हूं। मुझे नहीं लगता कि यह कहानी मेरे लिए खत्म हो गई है, लेकिन देखते हैं कि यह कैसे आगे बढ़ती है। जब तक मैं प्रतिबद्ध रहूंगा और आवश्यक ऊर्जा लगाऊंगा, बाकी सब अपने आप हो जाएगा।”
बेन सिम्मन्स का यह कदम दिखाता है कि पेशेवर करियर के उतार-चढ़ाव किसी को भी एक अप्रत्याशित मोड़ पर ले जा सकते हैं। चाहे वह बास्केटबॉल कोर्ट हो या अटलांटिक महासागर की गहराई, एक उच्च-स्तरीय पेशेवर की प्रतिस्पर्धात्मक भावना कभी खत्म नहीं होती—वह बस नया रूप ले लेती है।
