Connect with us

International

Balochistan-Pakistan: बलूचों ने किया इतना खतरनाक हमला, पाकिस्‍तानी सैनिकों के चीथड़े उड़े, देखें खौफनाक वीडियो

Published

on


क्‍वेटा: पाकिस्‍तान में सुरक्षा बलों पर होने वाले हमलों में पिछले कुछ दिनों में तेजी आ गई है। पाकिस्‍तानी अर्मी के लिए बलूचिस्‍तान और खैबर पख्‍तूनख्‍वां में स्थिति को संभाल पाना काफी मुश्किल हो रहा है। यहां पर व्रिदोही बलूच संगठनों के अलावा तहरीक-ए-तालिबान (TTP) ने सेना की नाक में दम किया हुआ है। सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों में अब सेना और इसके जवानों को भी निशाना बनाया जाने लगा है। पिछले दिनों इसी तरह से बचूलिस्‍तान में सात ब्‍लास्‍ट्स हुए। इन ब्‍लास्‍ट्स में पाकिस्‍तानी आर्मी के छह सैनिकों की मौत हो गई थी। इसमें एक कैप्‍टन रैंक का ऑफिसर भी शामिल था। कम से कम 17 लोगों की भी जान इन हमलों में चली गई थी। हमले का जो वीडियो सामने आया है वह भी काफी डराने वाला है।

आईईडी ब्‍लास्‍ट में उड़ परखच्‍चे

पाकिस्‍तान की मीडिया के मुताबिक क्‍वेटा में जो चार ब्‍लास्‍ट्स हुए उसमें से एक काहान के कोहलू में हुआ। जबकि चौथा हमला तुरबत में हुआ था। इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस (ISPR) का कहना है कि काहन इलाके में एक आईईडी ब्‍लास्‍ट हुआ था। यह ब्‍लास्‍ट 24 दिसंबर को उस समय हुआ जब इंटेलीजेंस की रिपोर्ट के आधार पर एक क्‍लीयरेंस ऑपरेशन चलाया जा रहा था। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि ब्‍लास्‍ट के बाद गाड़ी पर सवार जवानों के परखच्‍चे उड़ जाते हैं। बलूचिस्‍तान और खैबर में पाकिस्‍तानी सेना पर लगातार हमले हो रहे हैं। रविवार को अलग-अलग ग्रेनेड ब्‍लास्‍ट्स में कम से कम 15 लोग घायल हो गए।

बल‍ूचिस्‍तान में हमले
बलूचिस्‍तान में पिछले कुछ समय से पाकिस्‍तानी आर्मी को निशाना बनाया जा रहा है। 25 दिसंबर को भी बलूचिस्‍तान के काहान इलाके में आईईडी ब्‍लास्‍ट हुआ था। सेना की म‍ीडिया विंग के मुताबिक सुरक्षा बलों की गाड़ी जब गुजर रही थी तब आईईडी ब्‍लास्‍ट हुआ। कैप्‍टन फहाद, लांस नायक इम्तियाज और सिपाही असगर और मेहरान और शमूम की इस ब्‍लास्‍ट में मौत हो गई। इसके अलावा आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच बलूचिस्‍तान के झोब जिले में मुठभेढ़ हुई थी।

लगातार आतंकी हमले

इस घटना में आतंकी और एक सैनिक की मौत हो गई थी। इस घटना में दो सैनिक घायल भी हो गए थे। यह घटना ऐसे समय में हुई थी जब पाकिस्‍तान में लगातार आतंकी घटनाओं में तेजी आ रही है। कुछ आतंकवादी अफगानिस्‍तान की सीमा से पाकिस्‍तान पर हमले कर रहे हैं। नवंबर के महीने में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्‍तान (TTP) ने पाकिस्‍तान सरकार के साथ अपने युद्धविराम को खत्‍म करने का ऐलान किया था। उसके बाद से ही आतंकी आक्रामक बने हुए हैं।



Source link

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

International

Pervez Musharraf Death News: तुमसे ना हो पाएगा कश्मीर पर कब्जा… जब पाकिस्तानी पत्रकार ने परवेज मुशर्रफ को हड़काया था

Published

on

By


पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ काम से ज्यादा बहसबाजी में विश्वास करते थे। उन्होंने एक बार दावा किया था कि अगर मंजूरी मिली तो वह तीन दिन में कश्मीर पर कब्जा कर सकते हैं। उनके इस दावे पर पाकिस्तान के एक वरिष्ठ पत्रकार ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए खूब खरीखोटी सुनाई थी।

 



Source link

Continue Reading

International

Pervez Musharraf Death: कारगिल के मास्‍टरमाइंड परवेज मुशर्रफ की वजह से पाकिस्‍तान पर भारत करने वाला था परमाणु हमला, आज गुमनामी में हो गया निधन

Published

on

By


इस्‍लामबाद: पाकिस्‍तान के तानाशाह रहे और पूर्व राष्‍ट्रपति परवेज मुशर्रफ का लंबी बीमारी के बाद दुबई में निधन हो गया। मुशर्रफ 79 साल के थे और पिछले काफी सालों से पाकिस्‍तान से बाहर रह रहे थे। मुशर्रफ वह शख्‍स थे जिनकी वजह से साल 1999 में भारत और प‍ाकिस्‍तान कारगिल की जंग में आमने सामने थे। मुशर्रफ उस समय पाकिस्‍तान आर्मी के चीफ थे और करीब एक साल से जंग की तैयारी में लगे हुए थे। कारगिल वह युद्ध था जिसकी वजह से पाकिस्‍तान पर परमाणु हमले का खतरा बढ़ गया था। अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति बिल क्लिंटन के करीबी और सीआईए के पूर्व अधिकारी ब्रूस रीडिल ने दावा किया था कि अगर अमेरिका बीच में नहीं आता और पाकिस्‍तान को ना समझाता तो भारत परमाणु हमला कर देता।

मुशर्रफ का एक आदेश और आतंकियों दाखिल
मुशर्रफ कारगिल की जंग के मास्‍टरमाइंड थे। मार्च 1999 से मई 1999 तक उन्‍होंने आतंकियों को कारगिल में घुसपैठ का आदेश दिया। पाकिस्‍तान की नॉर्दन लाइट इनफेंट्री ने कारगिल की कई चौंकियों पर कब्‍जा कर लिया था। ढाई महीने तक दोनों देशों की सेनाएं जंग कर रही थी। पाकिस्‍तानी सैनिकों और आतंकियों ने जबरन भारतीय चौकियों पर कब्‍जा कर लिया था। ऊंचाई पर लड़ी जा रहा युद्ध रोज नई चुनौतियां लेकर आता। इस युद्ध ने अमेरिका का रुख भारत के लिए बदलकर रख दिया और पाकिस्‍तान को जमकर घुड़की दी। पांच जुलाई 1999 का दिन अमेरिका को भी कभी नहीं भुलता है।

पाकिस्‍तान से भारत था नाराज
जंग के समय बिल क्लिंटन अमेरिका के राष्‍ट्रपति थे। ब्रुस रीडिल ने इस वाकये का ए‍क जिक्र वॉशिंगटन पोस्‍ट के आर्टिकल में किया था। रीडिल ने लिखा था कि भारत के तत्‍कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी काफी नाराज थे। वाजपेयी लगातार मांग कर रहे थे कि पाकिस्‍तान को अपनी सेनाओं को पीछे करना पड़ेगा। वाजपेयी की जिद के आगे तत्‍कालीन नाक पीएम नवाज ने हार मानी। रीडिल के मुताबिक भारत पूरी तरह से तैयार था कि वह पाकिस्‍तान पर परमाणु हमला कर देगा।

क्लिंटन ने दी वॉर्निंग
4 जुलाई 1999 को नवाज ने क्लिंटन से मुलाकात की। इसी मीटिंग में क्लिंटन ने नवाज को बताया कि वाजपेयी काफी नाराज हैं। क्लिंटन ने बताया कि वाजपेयी ने उनसे कहा है कि उन्‍हें मालूम है कि परमाणु हमले में भारत का भी 50 फीसदी हिस्‍सा खत्‍म हो जाएगा लेकिन पाकिस्‍तान का भी नामोनिशान मिट जाएगा। नवाज इस बात से काफी नाराज हुए। तीन जुलाई को शरीफ ने क्लिंटन से कहा कि वह मदद के लिए तुरंत वॉशिंगटन पहुंच रहे हैं। क्लिंटन ने भी उन्‍हें चेतावनी देते हुए कहा था कि वह तभी अमेरिका आएं तब सेनाओं की वापसी का फैसला लेने को तैयार हों।

एक-दूसरे पर दोष
क्लिंटन ने 4 जुलाई को शरीफ से बातचीत शुरू की और उन्‍हें शिकागो ट्रिब्‍यून का एक कार्टून पकड़ाया। इस कार्टून में पाकिस्‍तान और भारत को आपस में परमाणु बम से लड़ते हुए दिखाया गया था। अमेरिका और अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय के दबाव में पाकिस्‍तान को झुकना पड़ा। नवाज शरीफ को मजबूर होना पड़ा कि वह अपनी सेनाओं को वापस बुलाएं। 1999 में मुशर्रफ का प्‍लेन पाकिस्‍तान में लैंड करने ही वाला था कि नवाज ने उन्‍हें आर्मी चीफ के पद से हटा दिया। मुशर्रफ इस जंग के लिए नवाज को दोष देते रहे और नवाज इसे मुशर्रफ के दिमाग की खुराफात बताते रहे।



Source link

Continue Reading

International

कारिगल जंग के जिम्मेदार थे मुशर्रफ, नवाज शरीफ को हटाकर पाकिस्तान की सत्ता पर हुए थे काबिज

Published

on

By


Image Source : PTI
कारिगल जंग के जिम्मेदार थे मुशर्रफ

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का दुबई के अस्पताल निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार थे। उन पर काफी लंबे समय से मुकदमा चल रहा था। राजद्रोह के मामले में उन्हें एक विशेष अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। वे लंबे समय से पाकिस्तान से बाहर ही रह रहे थे। लेकिन पिछले कुछ अरसे से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। ये विडंबना है कि वे पाकिस्तान के पहले ऐसे सैन्य शासक रहे, जिन्हें अब तक के इतिहास में मौत की सजा सुनाई गई थी। 

भारत के खिलाफ कारगिल की जंग के लिए उन्हें कसूरवार माना जाता है। 1999 में जब कारगिल युद्ध हुआ, तब वे पाकिस्तान के सेना प्रमुख थे। ऐसा कहा जाता है कि  उन्होंने करगिल युद्ध के बारे में तत्कालीन प्रधानमंत्री मियां नवाज शरीफ को भी अंधेरे में रखा था। 

कारगिल जंग पर नवाज शरीफ को अंधेरे में रखा

नवाब शरीफ और तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री के बीच रिश्तों की बर्फ पिघल रही थी, अटलजी शांति की बस में सवार होकर लाहौर गए थे। लेकिन  1999 में जनरल परवेज मुशर्रफ ने सैन्य तख्तापलट करके नवाज शरीफ को सत्‍ता से बेदखल कर दिया। उस समय नवाज शरीफ को पता ही नहीं चला, क्योंकि वे श्रीलंका में थे। इसके बाद मुशर्रफ ने कारगिल युद्ध शुरू कर दिया। हालांकि भारत ने मुशर्रफ के इरादों को नेस्तनाबूत कर दिया और ​कारगिल पर जीत हासिल कर ली थी। 

नवाज शरीफ को हटाकर परवेज मुशर्रफ ने संभाली थी कमान

जनरल परवेज मुशर्रफ श्रीलंका में थे तो नवाज शरीफ ने शक के आधार पर सेनाध्यक्ष के पद से हटा दिया। शरीफ ने मुशर्रफ के स्थान पर जनरल अजीज को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बनाया। नवाज यहीं गलती कर बैठे और यह नहीं समझ पाए कि जनरल अजीज भी परवेज मुशर्रफ के ही वफादार हैं। आखिरकार शरीफ जिस सैन्य तख्तापलट की आशंका से घिरे थे वह हो ही गया।

Latest World News

India TV पर हिंदी में ब्रेकिंग न्यूज़ Hindi News देश-विदेश की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ें और अपने आप को रखें अप-टू-डेट। Asia News in Hindi के लिए क्लिक करें विदेश सेक्‍शन





Source link

Continue Reading