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Amazon, Twitter, Meta के बाद अब गूगल में भी छंटनी! अल्फाबेट 10 हजार कर्मचारियों को निकालने की तैयारी में

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बीएस वेब टीम / नई दिल्ली 11 22, 2022






मेटा, एमेजॉन और ट्विटर के बाद गूगल की पैरेंट  कंपनी अल्फाबेट भी तकरीबन  10,000 कर्मचारियों  को निकालने की तैयारी कर  रही है।  द इन्फॉर्मेशन की एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। 

रिपोर्ट के मुताबिक गूगल मैनेजर्स को ‘खराब प्रदर्शन’ करने वाले कर्मचारियों का विश्लेषण करने और उन्हें रैंक देने के लिए कहा गया है। कंपनी का प्लान 6 फीसदी स्टाफ कम करने का है। सबसे कम रैंक वाले कर्मचारी को कंपनी से निकाल दिया जाएगा। 

नए परफॉर्रमेंस मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए अगले साल की शुरुआत में हजारों ऐसे कर्मचारियों को बाहर निकाला जाएगा जिनका प्रदर्शन ठीक नहीं रहा है। मैनेजर्स इन एम्पलॉयज के लिए रेटिंग्स का इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे उन्हें बोनस ( Bonus) और स्टॉक ग्रांट ( Stock Grant) ना देना पड़े।

इस नए सिस्टम के जरिए ऐसे 6 फीसदी यानि 10,000 कर्मचारियों का अलग कैटगरी में रखने को कहा गया है जिसका प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा है । अल्फाबेट में करीब 1,87,000 कर्मचारी काम करते हैं ।



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रीपो दर में 0.35 फीसदी से अधिक की वृद्धि नहीं करे रिजर्व बैंक : Assocham

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भाषा / नई दिल्ली 12 02, 2022






उद्योग मंडल एसोचैम (Assocham) ने शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से अगले सप्ताह पेश होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दर रीपो में बढ़ोतरी को कम रखने को कहा है। उद्योग मंडल का कहना है कि ब्याज दरों में अधिक वृद्धि होने पर इसका आर्थिक पुनरुद्धार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। RBI इस साल मई से अबतक रीपो दर में 1.90 फीसदी की वृद्धि कर चुका है। 

केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक सोमवार से शुरू होगी। मौद्रिक नीति की घोषणा सात दिसंबर (बुधवार) को की जाएगी। एसोचैम ने RBI को लिखे पत्र में कहा है, ‘रेपो दर में 0.25 से 0.35 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि नहीं होनी चाहिए।’ पत्र में उद्योग के समक्ष अन्य मुद्दों का भी जिक्र किया गया है। उद्योग मंडल ने पत्र में अन्य सुझाव भी दिये हैं। इसमें इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिये खुदरा कर्ज को रियायती ब्याज दर के साथ प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत लाने का सुझाव शामिल है। 

उल्लेखनीय है कि RBI ने 30 सितंबर को मौद्रिक नीति समीक्षा में महंगाई को काबू में लाने के लिये रीपो दर में 0.50 फीसदी की वृद्धि की थी। महंगाई इस साल जनवरी से ही छह फीसदी से ऊपर बनी हुई है। यह केंद्रीय बैंक के संतोषजनक स्तर से ऊंचा है। यह लगातार तीसरी बार है जब RBI ने रीपो दर में 0.50 फीसदी की वृद्धि की। सितंबर से पहले जून और अगस्त में भी रीपो दर में 0.50 फीसदी तथा मई में 0.40 फीसदी की वृद्धि की गयी थी। 

Keyword: Repo Rate, RBI, Assocham, MPC, Inflation,


























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Rupee vs Dollar: रुपया नौ पैसे की गिरावट के साथ 81.35 प्रति डॉलर पर

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डॉलर के कमजोर होने के बावजूद स्थानीय बाजारों में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से शुक्रवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया नौ पैसे की गिरावट के साथ 81.35 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। 

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बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशी पूंजी की बाजार से निकासी बढ़ने के कारण भी निवेशकों की कारोबारी धारणा प्रभावित हुई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 81.11 पर खुला। कारोबार के दौरान रुपये का लाभ लुप्त हो गया और कारोबार के अंत में यह नौ पैसे की गिरावट दर्शाता 81.35 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपये ने 81.08 के उच्चस्तर और 81.35 के निचले स्तर को छुआ। 

पिछले सत्र में रुपया चार पैसे की तेजी के साथ 81.26 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की कमजोरी या मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.18 फीसदी की गिरावट के साथ 104.53 पर आ गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.17 फीसदी बढ़कर 87.03 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 415.69 अंक घटकर 62,868.50 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने गुरुवार को 1,565.93 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। 



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सेंसेक्स 416 अंक लुढ़का, शेयर बाजार में आठ दिन से जारी तेजी थमी

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स्थानीय शेयर बाजारों में पिछले आठ कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर शुक्रवार को विराम लगा और BSE सेंसेक्स करीब 416 अंक टूट गया। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और मुनाफावसूली से बाजार नुकसान में रहा। 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 415.69 अंक यानी 0.66 फीसदी की गिरावट के साथ 62,868.50 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 604.56 अंक तक टूट गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 116.40 अंक यानी 0.62 फीसदी की गिरावट के साथ 18,696.10 अंक पर बंद हुआ।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और बड़ी कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार में तेजी पर विराम लगा। बाजार में वाहन शेयरों में अगुवाई में गिरावट आई। निर्यात कम रहने से वाहनों की बिक्री का आंकड़ा उम्मीद से कम रहा है…।’

Top Gainers 

टाटा स्टील, डॉ. रेड्डीज, टेक महिंद्रा, इंडसइंड बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज लाभ में रहने वाले शेयरों में शामिल हैं।

Top Losers

सेंसेक्स के शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान युनिलीवर, मारुति, नेस्ले इंडिया, एचडीएफसी, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस और पावरग्रिड प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। 

International Indices 

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट गुरुवार को नुकसान में रहा था। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.13 फीसदी की गिरावट के साथ 86.77 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। 

FIIs

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को 1,565.93 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। 



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