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3 साल में 10 फीसदी बढ़ा केंद्र का उपकर

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वित्त मंत्रालय ने 20 दिसंबर को बताया कि सालाना सकल कर संग्रह में केंद्रीय उपकर और अधिभार की हिस्सेदारी 2019-20 और 2021-22 के बीच 10 प्रतिशत बढ़ी है। उपकर और अधिभार से मिले धन को अमूमन राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाता है, जिसे देखते हुए यह तेज बढ़ोतरी है। राज्य सभा के सांसद जॉन ब्रिटास के सवाल के जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 2019-20 में 20.19 लाख करोड़ रुपये सकल कर राजस्व में उपकर और अधिभार की हिस्सेदारी 18.2 प्रतिशत थी। 2020-21 में महामारी का प्रकोप बहुत ज्यादा था और इस वर्ष सकल कर राजस्व में हिस्सेदारी 25.1 प्रतिशत थी। वहीं 2021-22 में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 28.1 प्रतिशत हो गई।

इन 3 वित्त वर्षों के दौरान उपकर और अधिभार संग्रह क्रमशः 3.65 लाख करोड़ रुपये, 5.09 लाख करोड़ रुपये और 7.07 लाख करोड़ रुपये रहा है। यह 3 साल में 3.42 लाख करोड़ रुपये या 93.7 प्रतिशत उछाल है। इसकी तुलना में सकल कर राजस्व में 2021-22 में राज्यों की हिस्सेदारी 7.45 लाख करोड़ रुपये रही है। करदाताओं के हिसाब से देखें तो उपकर नियमित कर भुगतान के अतिरिक्त होते हैं और कुल मिलाकर इससे उन पर कर का अतिरिक्त बोझ पड़ता है। बहरहाल राज्य सरकारों के लिए उपकर और नियमित करों (आयकर या सीमा शुल्क) के बीच उल्लेखनीय अंतर है। विभाजन योग्य कर उसे कहते हैं, जिसे केंद्र सरकार राज्यों के साथ साझा करती है। यह संवैधानिक अनिवार्यता है। उपकर और अधिभार इसमें शामिल नहीं होते हैं।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 270 के तहत केंद्रीय सूची में शामिल सभी कर और शुल्क केंद्र द्वारा लगाए और संग्रहीत किए जाते हैं और उन्हें केंद्र व राज्यों के बीच विभाजित किया जाता है। इसमें विशेष शुल्क और कर, करों पर अधिभार और संसद के किसी कानून द्वारा किसी खास मकसद के लिए एकत्र किया जाने वाला कर शामिल नहीं किया जाता है। परिणामस्वरूप जब केंद्र सरकार का कुल मिलाकर राजस्व बढ़ता है तो राज्यों को उपकर का कोई लाभ नहीं मिलता है। बैंक ऑफ बड़ौदा में मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘इस तरीके से केंद्र अपना राजस्व बढ़ा रहा है, जिसे साझा नहीं करना होता है। यह सही है या नहीं, इस पर निर्भर है कि किसलिए इसकी अनुमति दी गई है।’

2020-21 से केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी क्रमशः कम हो रही है, जबकि केंद्र का उपकर और अधिभार बढ़ा है। जीएसटी मुआवजा कर और कुछ अन्य उपकरों का एक हिस्सा राज्यों के साथ साझा किया जाता है, जिसका इस्तेमाल उन कामों में किया जाता है, जिसके लिए वे कर लगाए जाते हैं। बहरहाल ज्यादातर उपकर और अधिभार राज्यों के साथ साझा नहीं किए जाते।

इसकी वजह से अतिरिक्त धन जुटाने के लिए केंद्र सरकार की उपकरों पर निर्भरता बढ़ रही है और यह राज्यों के लिए चिंता का विषय है। राज्यों ने कई मौकों पर केंद्र के समक्ष चिंता जताई है। बजट के पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में राज्यों ने केंद्र से अनुरोध किया था कि उपकरों को कर की मूल दरों में शामिल किया जाए, जिससे कि राज्यों को कर विभाजन में हिस्सेदारी मिल सके।



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सेंसेक्स 400 अंक से अधिक गिर गया, निफ्टी 17,900 के नीचे बंद हुआ

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। देश का शेयर बाजार कारोबारी सप्ताह के पांचवे और आखिरी दिन (06 जनवरी 2023, शुक्रवार) गिरावट के साथ बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर रहे। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सेंसेक्स 452.90 अंक यानी कि 0.75% की गिरावट के साथ 59,900.37 के स्तर पर बंद हुआ।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 132.70 अंक यानी कि 0.74% की गिरावट के साथ 17,859.45 के स्तर पर बंद हुआ।

आपको बता दें कि, सुबह बाजार सपाट स्तर पर खुला था। इस दौरान सेंसेक्स 77.23 अंक यानी कि 0.13% बढ़कर 60,430.50 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी 24.60 अंक यानी कि 0.14% बढ़कर 18,016.80 के स्तर पर खुला था।

जबकि बीते कारोबारी दिन (05 जनवरी 2023, गुरुवार) बाजार सपाट स्तर पर खुला था और गिरावट के साथ बंद हुआ था। इस दौरान सेंसेक्स 304.18 अंक यानी कि 0.50% गिरावट के साथ 60,353.27 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 50.80 अंक यानी कि 0.28% गिरावट के साथ 17,992.15 के स्तर पर बंद हुआ था।



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सेंसेक्स में 77 अंकों की मामूली बढ़त, निफ्टी 18 हजार के पार खुला

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। देश का शेयर बाजार कारोबारी सप्ताह के पांचवे और आखिरी दिन (06 जनवरी 2023, शुक्रवार) भी सपाट स्तर पर खुला। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान पर रहे। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सेंसेक्स 77.23 अंक यानी कि 0.13% बढ़कर 60,430.50 के स्तर पर खुला।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 24.60 अंक यानी कि 0.14% बढ़कर 18,016.80 के स्तर पर खुला।

शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 1205 शेयरों में तेजी आई, 679 शेयरों में गिरावट आई और 115 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

आपको बता दें कि, बीते कारोबारी दिन (05 जनवरी 2023, गुरुवार) बाजार सपाट स्तर पर खुला था इस दौरान सेंसेक्स 44.66 अंक यानी कि 0.07% बढ़कर 60702.11 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी 17 अंक यानी कि 0.09% ऊपर 18060.00 के स्तर पर खुला था। 

जबकि, शाम को बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। इस दौरान सेंसेक्स 304.18 अंक यानी कि 0.50% गिरावट के साथ 60,353.27 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 50.80 अंक यानी कि 0.28% गिरावट के साथ 17,992.15 के स्तर पर बंद हुआ था।



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पेट्रोल- डीजल की कीमतें हुईं अपडेट, जानें आज बढ़े दाम या मिली राहत

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पेट्रोल- डीजल (Petrol- Diesel) की कीमतों को लेकर लंबे समय से कोई बढ़ा अपडेट देखने को नहीं मिला है। जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कई बार जबरदस्त तरीके से गिर चुकी हैं। हालांकि, जानकारों का मानना है कि, आने वाले दिनों में कच्चा तेल महंगा होने पर इसका असर देश में दिखाई दे सकता है। फिलहाल, भारतीय तेल विपणन कंपनियों (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) ने वाहन ईंधन के दाम में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है।

बता दें कि, आखिरी बार बीते साल में 22 मई 2022 को आमजनता को महंगाई से राहत देने केंद्र सरकार द्वारा एक्‍साइज ड्यूटी में कटौती की गई थी। जिसके बाद पेट्रोल 8 रुपए और डीजल 6 रुपए प्रति लीटर तक सस्‍ता हो गया था। इसके बाद लगातार स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। आइए जानते हैं वाहन ईंधन के ताजा रेट…

महानगरों में पेट्रोल-डीजल की कीमत
इंडियन ऑयल (Indian Oil) की वेबसाइट के अनुसार आज देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। वहीं बात करें डीजल की तो दिल्ली में कीमत 89.62 रुपए प्रति लीटर है। आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 106.35 रुपए प्रति लीटर है, तो एक लीटर डीजल 94.27 रुपए में उपलब्ध होगा। 

इसी तरह कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल के लिए 106.03 रुपए चुकाना होंगे जबकि यहां डीजल 92.76 प्रति लीटर है। चैन्नई में भी आपको एक लीटर पेट्रोल के लिए 102.63 रुपए चुकाना होंगे, वहीं यहां डीजल की कीमत 94.24 रुपए प्रति लीटर है।   

ऐसे जानें अपने शहर में ईंधन की कीमत
पेट्रोल-डीजल की रोज की कीमतों की जानकारी आप SMS के जरिए भी जान सकते हैं। इसके लिए इंडियन ऑयल के उपभोक्ता को RSP लिखकर 9224992249 नंबर पर भेजना होगा। वहीं बीपीसीएल उपभोक्ता को RSP लिखकर 9223112222 नंबर पर भेजना होगा, जबकि एचपीसीएल उपभोक्ता को HPPrice लिखकर 9222201122 नंबर पर भेजना होगा, जिसके बाद ईंधन की कीमत की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

 



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