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हिंदी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई आखिर क्यों बंद हो गई थी, कमलनाथ ने MP सरकार से किया सवाल

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा यहां एमबीबीएस की हिंदी पुस्तकों का विमोचन किए जाने की पृष्ठभूमि में कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ ने सरकार से सवाल किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्य में 2016 में हिंदी में प्रारंभ की गयी इंजीनियरिंग की पढ़ाई आख़िर क्यों बंद हो गयी। शाह ने रविवार को मध्य प्रदेश में देश में पहली बार हिंदी में एमबीबीएस के पाठ्यक्रम की शुरुआत की। इसके अलावा, शाह ने हिंदी में चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत एमबीबीएस प्रथम वर्ष की तीन हिंदी पुस्तकों एनाटॉमी, फिजियोलॉजी एवं बायो केमिस्ट्री का विमोचन भी किया।

कमलनाथ ने रविवार शाम को जारी एक बयान में दावा किया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार वास्तविक समस्याओं एवं बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से ध्यान हटाने के लिए तथा जनता को गुमराह करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करती रहती है।

उन्होंने कहा, ”भोपाल स्थित अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय में 2016 में हिंदी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की शुरुआत की गई थी। उसे लेकर भी बढ़-चढ़कर दावे किए गए थे लेकिन बाद में उस पाठ्यक्रम को बंद क्यों करना पड़ा? सरकार यह भी बताएं कि क्यों इस विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी में करने की जो शुरुआत की गई थी, उसे बीच में ही बंद करना पड़ा?”

कमलनाथ ने कहा, ”हिंदी हमारी मातृभाषा है। इसका सभी सम्मान करते हैं। हिंदी में पढ़ाई हो, इसे लेकर किसी का कभी कोई विरोध नहीं है। हमारा भी विरोध नहीं है। सरकार मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में प्रारंभ करने तो जा रही है लेकिन वह यह भी बताएं कि मध्यप्रदेश में आज स्वास्थ्य सुविधाओं की क्या स्थिति है, चिकित्सकों की कितनी कमी है, इसे लेकर सरकार ने अभी तक क्या कदम उठाए हैं?”

उन्होंने सवाल किया कि क्या इस कार्यक्रम से मध्यप्रदेश में बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं सुधर जाएंगी? कमलनाथ ने कहा कि स्वयं मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की एक रिपोर्ट में यह सच्चाई सामने आई है कि मध्यप्रदेश की आबादी के हिसाब से यहां चिकित्सकों की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि पंजीकृत चिकित्सकों की संख्या करीब 55,000 है और एमसीआई की तरफ से किए गए चिकित्सकों के पुनःसत्यापन में यह आंकड़ा आधे के करीब आया है।

उन्होंने दावा किया कि आंकड़ों के मुताबिक मध्यप्रदेश में 3,500 लोगों पर केवल एक चिकित्सक है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) के मानक के अनुसार 1,000 लोगों पर एक चिकित्सक होना चाहिये। कमलनाथ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तो कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कंपाउंडर और नर्स के भरोसे ही चल रहे हैं और वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है।

उन्होंने कहा कि यदि दूसरे राज्यों से तुलना करें तो अन्य राज्यों में चिकित्सकों की संख्या मध्य प्रदेश से काफी ज्यादा है और यहां से बड़ी संख्या में चिकित्सक अन्य राज्यों की ओर पलायन भी कर रहे हैं। कमलनाथ ने कहा, ”इसका कारण है कि हमारे यहां की सेवा शर्तों में कई विसंगतियां है, जिन्हें ठीक करने की मांग चिकित्सक लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है।”

उन्होंने कहा कि आज हिंदी भाषा को लेकर बढ़-चढ़ कर बात करने वाली राज्य सरकार यह भी बताएं कि भोपाल में सितंबर-2015 में आयोजित 10वें विश्व हिंदी सम्मेलन में जो घोषणाएं की गई थी, वे अभी तक अधूरी क्यों हैं? इस बीच, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के सूत्रों ने कहा कि 2016 में हिंदी में शुरू किया गया इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की मंजूरी के अभाव में रोक दिया गया था।

उन्होंने दावा किया कि उस समय नगण्य छात्रों ने हिंदी माध्यम के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था और जिन छोत्रों ने प्रवेश लिया भी था, वे भी बाद में यहां से छोड़कर अन्य कॉलेज में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई करने चले गये।

हालांकि, राज्य के तकनीकी विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने कहा कि एआईसीटीई ने अब शैक्षणिक सत्र 2022-23 से हिंदी सहित 12-13 भाषाओं में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए बड़ी तैयारी की है। प्रोफेसर ने कहा कि मराठी माध्यम में इस पहल पर काम अग्रिम चरण में है।



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MP Board Exam Date 2022: मध्य प्रदेश बोर्ड की प्रैक्टिकल और थ्योरी परीक्षा तारीखें जारी, चेक करें नया शेड्यूल

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MPBSE MP Board 10th,12th Exam Dates 2022: प्री-स्कूल शिक्षा में डिप्लोमा और फिजिकल एजुकेशन की प्रैक्टिकल परीक्षाएं भी 13 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित की जाएंगी।

 



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UGC NET 2022 Result: किसी भी वक्त आ सकता है यूजीसी नेट रिजल्ट, इन वेबसाइट्स की लेनी होगी मदद

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UGC NET Result: यूजीसी नेट परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के रिजल्ट का इंतजार आज खत्म हो जाएगा। यूजीसी (UGC) चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने रिजल्ट के तारीख की घोषणा ट्विटर के माध्यम से की थी। एनटीए (NTA) किसी भी समय नेट परीक्षा का रिजल्ट (UGC NET Result 2022) जारी कर सकता है। उम्मीदवार ध्यान दें कि परिणाम चेक करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in या ntaresults.nic.in पर विजिट करना होगा। उम्मीदवार ध्यान दें कि रिजल्ट (UGC NET 2022 Result) एक्सेस करने के लिए एप्लीकेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ दर्ज कर लॉगिन करना होगा।

इन वेबसाइट्स से कर पाएंगे रिजल्ट चेक..
1- ugcnet.nta.nic.in
2- ntaresults.nic.in

नेट रिजल्ट (NTA UGC NET Result) दिसंबर 2021 और जून 2022 के मर्ज साइकिल के लिए जारी किया जाएगा। आपको जानकारी दे दें कि एनटीए किसी भी रिजल्ट की रिचेकिंग नहीं करेगा। यूजीसी-नेट भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ‘असिस्टेंट प्रोफेसर’ और ‘जूनियर रिसर्च फेलोशिप और असिस्टेंट प्रोफेसर’ के लिए भारतीय नागरिकों की योग्यता निर्धारित करने के लिए आयोजित की जाने वाली एक परीक्षा है।

UGC NET Result रिजल्ट चेक करने के लिए इन स्टेप्स का करना होगा इस्तेमाल

स्टेप 1– उम्मीदवार रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं।
स्टेप 2- दूसरे चरण में वेबसाइट के होमपेज पर दिए गए रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 3- रिजल्ट लिंक पर क्लिक करने के बाद अब एप्लीकेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ सबमिट करें।
स्टेप 4- डिटेल सबमिट करने के बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा।
स्टेप 5- अंत में अपने रिजल्ट को चेक करें और भविष्य के इस्तेमाल के लिए एक हार्ड कॉपी भी रख लें।



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UGC NET Result 2022: बस कुछ ही देर में खत्म हो जाएगा लाखों उम्मीदवारों का इंतजार, यहां मिलेगा रिजल्ट, रखें नजर

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NTA UGC NET Result 2022: उम्मीदवारों को नेट रिजल्ट के लिए अपना एप्लीकेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ दर्ज कर लॉगिन करना होगा।

 



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