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विदेश मंत्री जयशंकर के ‘अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का विशेषज्ञ’ वाले बयान पर आया पाकिस्तान का जवाब, भारत पर भड़का, जानिए क्या कहा

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Foreign Minister S Jaishankar

Highlights

  • पाकिस्तान के आतंकवाद पर बोले थे जयशंकर
  • अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का विशेषज्ञ बताया था
  • विदेश मंत्री के बयान से भड़क गया पाकिस्तान

Pakistan on Foreign Minister Statement: पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने सोमवार को कहा कि वह भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उस बयान को खारिज करता है, जिसमें कहा गया था कि ‘पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का विशेषज्ञ है।’ पाकिस्तान ने कहा कि जयशंकर का बयान ‘बेहद ही गैर जिम्मेदाराना और अनावश्यक है।’ उल्लेखनीय है कि गुजरात के वडोदरा में शनिवार को ‘भारत और विश्व का उदय: मोदी युग में विदेश नीति’ विषय पर चर्चा के दौरान जयशंकर ने कहा था कि भारत को ‘आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) का विशेषज्ञ’ माना जाता है और पड़ोसी देश ‘अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के विशेषज्ञ’ के तौर पर जाना जाता है।

विदेश मंत्री ने कहा था, ‘किसी भी देश ने आतंकवाद को इतना समर्थन नहीं दिया है, जितना पाकिस्तान ने दिया है। आप दुनिया में हर जगह मुझे दिखा सकते हैं कि पाकिस्तान ने इतने सालों में भारत के खिलाफ क्या किया है। 26/11 मुंबई हमले के बाद यह हमारे लिए स्पष्ट होना आवश्यक था कि इस तरह का व्यवहार और कार्रवाई अस्वीकार्य है और इसके नतीजे भुगतने होंगे।’ 

पाकिस्तान ने टिप्पणी को खारिज किया

विदेश कार्यालय ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान, विदेश मंत्री (जयशंकर) द्वारा भारत के वडोदरा में की गई ‘बेहद गैर जिम्मेदाराना और अनावश्यक टिप्पणी’ को खारिज करता है, जिसमें पाकिस्तान की कथित तौर पर ‘अतंरराष्ट्रीय आतंकवाद में संलिप्तता बताई गई थी।’ विदेश कार्यालय ने यहां जारी बयान में कहा, ‘यह बेबुनियाद टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भ्रमित करने के लिए भारतीय नेताओं द्वारा आतंकवाद को लेकर तथ्य गढ़ने की प्रवृत्ति को दिखाती है।’ 

विदेश कार्यालय ने दावा किया कि पाकिस्तान ने आतंकवाद रोधी अभियान से लेकर आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अपनी भूमिका से विश्व शांति में योगदान दिया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने स्वीकार किया है। बयान में कहा गया है, ‘पाकिस्तान एकमात्र देश है, जिसने ऐसे तत्वों और शत्रुतापूर्ण मंशा रखने वाले देशों के प्रत्यक्ष आतंकवाद का सामना किया है।’ विदेश कार्यालय ने भारत पर अपनी जमीन से पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप भी लगाया है। 

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Pakistan Earthquake News : पाकिस्तान में जोरदार भूकंप से कांपा इस्लामाबाद और पंजाब, रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई तीव्रता

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Earthquake in Pakistan : पाकिस्तान में भूकंप के तगड़े झटके महसूस हुए हैं। 6.3 तीव्रता का यह भूकंप बेहद जोरदार था जिसके झटके इस्लामाबाद और पंजाब में महसूस किए गए। इससे पहले ईरान में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 400 से अधिक घायल और 7 लोगों की मौत हो गई थी।

 



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Pakistan Petrol Price: पाकिस्‍तान में शहबाज ने फोड़ा पेट्रोल बम, कीमतों में 35 रुपए तक का इजाफा, कंगाल हो गया जिन्‍ना का मुल्‍क!

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कराची: भयानक आर्थिक संकट में घिरे पाकिस्‍तान से अब जो ताजा तस्‍वीरें आ रही हैं, वो अब डराने लगी हैं। यहां पर शहबाज सरकार ने मुश्किलों में घिरी आवाम के सिर पर पेट्रोल बम फोड़ दिया है। देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 35 रुपए तक का इजाफा कर दिया गया है। देश के कई हिस्‍सों में पेट्रोल की कमी हो गई है। मेलसी, कुसुर और शबावी में तो पेट्रोल पंप तक बंद कर दिए गए हैं। कई जगहों पर पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लगी हुई हैं। पाकिस्‍तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बढ़ने की आशंका के चलते लोग पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए पहुंच रहे हैं। अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक देश के कई हिस्‍सों में पेट्रोल पंप पर यह नजारा देखा जा सकता है।

कितना महंगा हुआ पेट्रोल
जो जानकारियां आ रही हैं उसके मुताबिक देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 35 रुपए की मूल्‍य वृद्धि को तत्‍काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है केरोसिन ऑयल और हल्‍के डीजल की कीमतों में 18 रुपए तक का इजाफा किया गया है। केरोसिन ऑयल और हल्‍के डीजल की कीमतों में 18 रुपए तक का इजाफा किया गया है। इस नए ऐलान के बाद देश में पेट्रोल की कीमत 249 रुपए 80 पैसे तक पहुंच गई है। वहीं डीजल की कीमत 262 रुपए 80 पैसे तक पहुंच गई है।

कई पेट्रोल पंप बंद
देश के कई पेट्रोल पंप बंद हो गए हैं। फैसलाबाद और मेलसी में पेट्रोल ही नहीं मिल रहा है। पेट्रोल न मिलने से जनता खासी परेशान है। जनता का कहना है कि सरकार ने उन्‍हें दोहरी परेशानी में लाकर खड़ा कर दिया है। शनिवार को पाकिस्‍तानी रुपए में एतिहासिक गिरावट हुई थी और इसके बाद से ही देश की आर्थिक स्थिति के चौपट होने के कयास लगाए जाने लगे थे। पाकिस्‍तान का मुद्रा भंडार गिरता जा रहा है।
Pakistan Inflation Today: कश्‍मीर मांगने वाले पाकिस्‍तान के लिए प्‍याज खाना भी मुश्किल, एक किलो के दाम 300 के पार, बिजली-पेट्रोल भी होंगे महंगे!
सिर्फ 20 फीसदी ईधन

देश के पास सिर्फ 3.68 अरब डॉलर का ही विदेशी मुद्रा भंडार बचा है। ऐसे में सिर्फ तीन हफ्तों तक ही आयात हो सकता है। अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष (IMF) की तरफ से एक अरब डॉलर की रकम रिलीज करनी है। यह रकम बेलआउट पैकेज के तहत होगी और माना जा रहा है कि इसके आने से पाकिस्‍तान को राहत मिल सकेगी। जियो न्‍यूज की तरफ से बताया गया है कि गुंजरावाला के सिर्फ 20 फीसदी पेट्रोल पंपों पर ही पेट्रोल बचा है। वहीं रहीम यार खान, बहावलपुर, सियालकोट और फैसलाबाद में भी पेट्रोल और डीजल की भारी कमी की खबरें हैं।

श्रीलंका जैसे हालात
सरकार की तरफ से हालांकि इन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया गया था। सरकार का कहना था कि अगले दो हफ्तों के लिए कीमतों में किसी बदलाव की तैयारी नहीं की गई है। जून 2022 में श्रीलंका में इसी तरह से पेट्रोल पंप पर लाइनें लगनी शुरू हुईं और विद्रोह भड़क गया था। उसके बाद ही दुनिया को पता लगा कि यह देश पूरी तरह से कंगाल हो गया है।



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India In AUKUS: ब्रिटेन की ख्‍वाहिश ऑकस में भारत को किया जाए शामिल, क्‍या यूके के लिए दोस्‍त फ्रांस के खिलाफ जाएंंगे पीएम मोदी?

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लंदन: यूनाइटेड किंगडम (यूके) चाहता है कि ऑकस (AUKUS) का विस्‍तार नाटो की तर्ज पर हो। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा को सुनिश्चित करने के मकसद से उसने इस संगठन के विस्‍तार की मंशा जाहिर की है। इसके लिए उसने भारत और जापान को भी इसमें शामिल करने का इरादा जताया है। ऑकस वह त्रिपक्षीय समझौता है जिसमें यूके के अलावा ऑस्‍ट्रेलिया और अमेरिका भी शामिल हैं। साल 2021 में हुए इस समझौते की वजह से ऑस्‍ट्रेलिया और फ्रांस के बीच काफी तनाव हो गया था।

फ्रांस और भारत के रिश्‍ते
यूके की रक्षा समिति की तरफ से प्रस्‍ताव दिया गया है कि भारत और जापान को ऑकस में शामिल किया जाना चाहिए। समिति का कहना है कि अब समय आ गया है जब इस संगठन के विस्‍तार के बारे में सोचना होगा। लेकिन भारत इसका हिस्‍सा बनेगा या नहीं, इस पर थोड़ी आशंका है। भारत और फ्रांस के बीच रिश्‍ते काफी मधुर हैं। ऐसे में अगर वह ऑकस का हिस्‍सा बनता है तो फिर फ्रांस के साथ रिश्‍ते थोड़े बिगड़ सकते हैं। भारत अभी सैन्‍य जरूरतों के लिए फ्रांस पर निर्भर है। ऐसे में उसके लिए ऑकस को ज्‍वॉइन करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
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डील से फ्रांस की नाराजगी
डील की वजह से फ्रांस काफी नाराज था और उसका आरोप था कि ब्रिटेन की वजह से ऑस्‍ट्रेलिया ने उसका भरोसा तोड़ दिया था। फ्रांस का कहना था कि ऐसे समय में जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में असाधारण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है तो ऑस्‍ट्रेलिया ने उसकी पीठ में छुरा भोंका है। भारत ने अभी तक इस संगठन का हिस्‍सा बनने पर न तो हामी भरी और न ही इनकार किया है। ऐसे में उसका रुख क्‍या होगा, यह तो समय ही बताएगा।
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विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ऑकस के लिए भारत अपने दोस्‍त फ्रांस को नाराज नहीं करेगा। दूसरी तरफ भारत, अभी क्‍वॉड का अहम हिस्‍सा है। क्‍वाड यानी जापान, ऑस्‍ट्रेलिया, भारत और अमेरिका। क्‍वाड वह संगठन है जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को मजबूत बनाने की दिशा में काम करता है। ऑकस एक सैन्‍य गठबंधन है और ऐसे में इसमें शामिल होने को लेकर रक्षा विशेषज्ञ थोड़े से आशंकित हैं।

क्‍या है ऑकस समझौता
ऑकस वह समझौता है जिसके तहत अमेरिका और ब्रिटेन मिलकर ऑस्‍ट्रेलिया के लिए परमाणु पनडुब्बी का निर्माण करने वाले हैं।लेकिन जब साल 2021 में जब ऑकस का ऐलान हुआ था तो कई देश इससे खासे नाराज थे। उनका मानना था कि इस संगठन के साथ ही उन्‍हें नजरअंदाज कर दिया गया है। कई विशेषज्ञों ने यह माना कि यह समझौता भारत और हिंद महासागर पर मौजूद साथी देशों के लिए उपयोगी साबित होगा। इस समझौते का मकसद चीन को उसकी किसी भी गुस्‍ताखी का जवाब देना था।



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