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विदेशी पर्यटकों को भारत का तोहफा

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भारत ने विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र की अनिवार्यता को सोमवार को खत्म कर दिया। भारत भी थाईलैंड की कतार में शामिल हो गया हैं जिसने 1 अक्टूबर से ही देश में प्रवेश के नियमों को आसान कर दिया था। जबकि जापान और सिंगापुर जैसे देश टीकाकरण और यात्रा पर जाने से पहले परीक्षण पर जोर देते हैं और उन्होंने भारत की तुलना में काफी बाद में सीमा खोलने में ढिलाई बरती है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना हैं कि इन नियमों में ढील देकर केंद्र सरकार ने सही निर्णय लिया हैं। 

वेलूर के क्रि​श्चियन मेडिकल कॉलेज की जीवाणुविज्ञानी और प्रोफेसर गगनदीप कांग कहती हैं कि देश में केवल टीकाकरण वाले व्यक्तियों को प्रवेश देने का खास फायदा नहीं है क्योंकि टीका केवल कुछ ही लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है, इससे पूरी जनसंख्या को सुरक्षा नहीं मिल पाती हैं। उन्होंने कहा कि देश की 90 फीसदी जनसंख्या का टीकाकरण हो चुका हैं, इसलिए नीतिगत स्तर पर यह ठीक ही है कि देश में प्रवेश करने पर  अनिवार्य टीकाकरण में नरमी बरती गई है।

फोर्टिस अस्पताल नोएडा के श्वसन चिकित्सा विभाग में सहायक निदेशक राहुल शर्मा कहते हैं कि यह एक अच्छा कदम हैं और कोविड-19 के सामान्य होने का संकेत है और कोरोनावायरस की नई किस्म देखने को नहीं मिल रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को अपने नए दिशानिर्देशों में कहा हैं कि देश में विदेशों से आने वाले यात्रियों की स्वघोषित स्वास्थ्य स्थिति और टीकाकरण प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं पड़ेगी। वैसे सभी यात्रियों को अपने देश में कोविड के दोनों टीके लगे होने चाहिए।  नए दिशानिर्देशों के तहत देश में आने के बाद दो फीसदी यात्रियों की रैंडम टेस्टिंग भी अब नहीं की जाएगी। 

पॉलिसी विशेषज्ञ अनीश टीएस कहते है कि कोविड-19 पूरी तरह खत्म नहीं होगा। यह कभी कम और कभी ज्यादा प्रभाव के साथ अब भी समुदाय में बना रहेगा। यह अलग-अलग देशों में अलग तरह से अपने प्रभाव दिखाता हैं। द्वीपीय देश और सख्त नियंत्रण अपनाने वाले देश अभी भी जोखिम में हैं क्योंकि उनके यहां अभी भी असंक्रमित कमजोर आबादी का एक अच्छा अनुपात मौजूद है। हमारे लिए यही ठीक होगा कि हम स्थानीय डेटा पर विश्वास करें क्योंकि विभिन्न देशों की स्थिति इस मामले में अलग-अलग हैं।

भारत में दक्षिण एशियाई देशों से काफी अधिक आते हैं। इन देशों में कोविड मामले ज्यादा रहे हैं। उदाहरण के लिए जापान में अभी प्रतिदिन संक्रमण के 40,000 मामले आ रहे हैं। इंडोनेशिया में  6,000-7,000, मलेशिया में  3,500 संक्रमण के मामले आते हैं। 

अभी हाल ही में थाईलैंड में संक्रमण के मामलों में प्रतिदिन 25 फीसदी की वृद्धि देखी जा रही हैं। वहां प्रतिदिन 500 से 600 कोविड-19 के मामले आ रहे हैं । लेकिन अब वहां कोविड-19 संबंधी किसी भी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। जापान ने बाहर देशों से अपने यहां प्रवेश के लिए टीकाकरण प्रमाण पत्र को अनिवार्य कर रखा हैं।

चीन में फिर बढ़ी कोविड सख्ती 

चीन में कोविड मामले तेजी से बढ़ने के कारण पेइचिंग शहर के सभी पार्कों और संग्रहालयों को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा शहर में आने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। चीन में सोमवार को 28,127 कोविड संक्रमण के मामले दर्ज किए गए जो अप्रैल के रोजाना मामलों के करीब है।

इनमें करीब आधे गुआंगजो और चोंगकियांग शहरों के हैं। पेइचिंग में कोविड संक्रमण के रोजाना मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चीन ने अपने नागरिकों से सावर्जनिक भवनों में जाने के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट (48 घंटे से पुरानी नहीं हो) रखने और मांगे जाने पर दिखाने को कहा है। शांधाई में भी मॉल और रेस्टोरेंट में जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। रॉयटर्स  



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कर्मचारियों को रोकने के लिए 1800 डॉलर तक का बोनस दे रही फॉक्सकॉन

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बीएस वेब टीम / नई दिल्ली 11 28, 2022






चीन में ऐपल के सबसे बड़े प्लांट फॉक्सकॉन में शुरु हुए कर्मचारियों के विरोध के बाद, कई ने प्लांट छोड़ दिया। अब कंपनी ने फॉक्सकॉन प्लांट में कर्मचारियों को रोकने के लिए 1800 डॉलर तक के बोनस का ऐलान किया है। 

 

ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक, कंपनी दिसंबर और जनवरी में उन कर्मचारियों के वेतन में 13,000 युआन प्रति माह की बढ़ोतरी करेगी, जो नवंबर या उससे पहले की शुरुआत में शामिल हुए थे। 

 

पिछले हफ्ते, फॉक्सकॉन ने अपने उन कर्मचारियों के लिए भी ऐसे ही बोनस की घोषणा की थी जो कि हिंसक प्रदर्शन में शामिल हुए थे और प्लांट छोड़ना चाहते थे। 

 

कंपनी का इस तरह से असामान्य रूप से बोनस का ऑफर देना इस बात की पुष्टि करता है कि इस समय फॉक्सकॉन को कर्मचारियों की जरूरत है ताकि काम को फिर से गति दी जा सके। 

 

वहीं Apple ने कहा है कि वह संचालन बहाल करने के लिए फॉक्सकॉन के साथ मिलकर काम कर रहा है और दोनों कंपनियों का कहना है कि वो कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं। 

 

iPhone 14 Pro और Pro Max वो फोन हैं, जो इस साल सबसे अधिक डिमांड में हैं। वहीं चीन में स्थापित ऐपल के सबसे बड़े प्लांट में कोविड के चलते अप्रत्याशित नीति और अनिश्चित व्यापार संबंधों ने ऐपल के प्रोडक्शन को प्रभावित किया है। इस बारे में अमेरिकी कंपनी ने इसी महीने चेतावनी भी दी थी कि उसके लेटेस्ट प्रीमियम आईफ़ोन की शिपमेंट पहले की अपेक्षा कम होगी। 

 

 वहीं मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों के अनुसार इस महीने आईफोन प्रो आउटपुट में 6 मिलियन यूनिट की कटौती देखने को मिल सकती है।



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WhatsApp के 50 करोड़ यूजर्स की प्राइवेसी पर खतरा, ऑनलाइन सेल के लिए बेचा गया डेटा- रिपोर्ट

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साइबरन्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत सहित दुनिया भर के 84 देशों के लगभग 50 करोड़ यूजर्स के व्हाट्सएप डेटा की प्राइवेसी पर खतरा है। इन यूजर्स के डेटा को नियमों की अवहेलना करते हुए ऑनलाइन बिक्री के लिए रखा गया है।

 

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साइबरन्यूज ने एक डेटा नमूने की जांच की — “प्रसिद्ध हैकिंग कम्युनिटी फोरम” पर एक पोस्ट के बाद 487 मिलियन व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं के एक अप-टू-डेट डेटाबेस को बेचने का दावा किया – और पाया कि दावा सही था, मतलब दुनिया भर में कुल 2 अरब मासिक सक्रिय यूजर्स में से 25% की डेटा प्राइवेसी जोखिम में हो सकती हैं।

 

लीक हुए फ़ोन नंबरों का उपयोग मार्केटिंग और फ़िशिंग सहित कई जगहों पर किया जा सकता है।

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि लीक हुए रिकॉर्ड में से 3.2 करोड़ से ज्यादा रिकॉर्ड अमेरिका के यूजर्स के हैं, इसके बाद यूके (1.1 करोड़) है। प्रभावित उपयोगकर्ताओं की सबसे अधिक संख्या वाले अन्य देशों में मिस्र (45 मिलियन), इटली (35 मिलियन), सऊदी अरब (29 मिलियन), फ्रांस (20 मिलियन), तुर्की (20 मिलियन), और रूस (10 मिलियन) शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत से 6 मिलियन से अधिक व्हाट्सएप यूजर्स जोखिम में हो सकते हैं।

 

साइबरन्यूज ने कहा कि डेटा उल्लंघन के दावों की जांच करने के लिए उसे लगभग 2,000 नंबरों का एक सैंपल प्राप्त हुआ और पाया कि वे व्हाट्सएप यूजर्स के थे।

 

यह पहली बार नहीं है जब मेटा और इसके ऑनलाइन प्लेटफॉर्म डेटा सुरक्षा मुद्दे के बीच में पाए गए हैं।

  

पिछले साल, एक अन्य मेटा-स्वामित्व वाली कंपनी, फेसबुक के 500 मिलियन से अधिक यूजर्स के बारे में मुफ्त जानकारी ऑनलाइन पेश की गई थी। 2019 में फेसबुक के 41.9 करोड़ और इंस्टाग्राम के 4.9 करोड़ यूजर्स का डेटा सामने आया था। 



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हफ्ते के पहले कारोबारी दिन तेजी के साथ हो सकती है घरेलू बाजार की शुरुआत

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SGX Nifty इस समय 34 अंकों के उछाल के साथ 18695 के स्तर पर है।
बीएस वेब टीम / नई दिल्ली November 28, 2022






फेडरल रिजर्व मिनट्स में ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की बात के बाद से वैश्विक बाजार में मजबूती का माहौल बना हुआ है। घरेलू बाजार की बात करें तो बीते हफ्ते बाजार ने अच्छा प्रदर्शन किया और रिकॉर्ड स्तर बंद हुआ।

 

SGX Nifty इस समय 34 अंकों के उछाल के साथ 18695 के स्तर पर है।  इससे हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बाजार के तेजी के साथ खुलने की उम्मीद है।

 

अन्य एशियाई बाजार की बात करें तो जापान के NIKKEI  में 0.4 फीसदी और कोरिया के KOSPI में 0.75 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है। 

 

डाओ जोन्स फ्यूचर में 0.28 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है।  बीते हफ्ते सेंसेक्स 62293 के नए ऑल टाइम हाई पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 18512 के नए 52 हफ्ते की ऊंचाई पर बंद हुआ था। 

 

इस बीच, हफ्ते के पहले कारोबारी दिन व्यापार के लिहाज से इन शेयरों पर रखें नजर- 

Pharma:

अप्रैल-अक्टूबर की अवधि में उच्च निर्यात की रिपोर्ट के बाद फार्मा कंपनियों के शेयरों के फोकस में रहने की संभावना है। अप्रैल-अक्टूबर की अवधि के दौरान भारत से फार्मास्युटिकल निर्यात में 4.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 14.57 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। 

HFCL:

कंपनी ने की वाराणसी में ईपीसी सेवाएं प्रदान करने के लिए एसडब्ल्यूएसएम से 1,770 करोड़ रुपये की डील।  उक्त परियोजना को कंपनी द्वारा JWIL Infra के साथ कंसोर्टियम पार्टनर के रूप में क्रियान्वित किया जाएगा।

Insurance:

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने शुक्रवार को बीमा कंपनियों को पंजीकृत करने और उनमें निवेश करने के नियमों में ढील देने के लिए संशोधनों को मंजूरी दे दी। नए नियमों के अनुसार, निजी इक्विटी (पीई) फंड अब सीधे बीमा कंपनियों में पैसा लगा सकते हैं, और उनके द्वारा विशेष प्रयोजन वाहनों (एसपीवी) के माध्यम से निवेश को वैकल्पिक बना दिया गया है, इस प्रकार लचीलापन प्रदान किया गया है। अधिक पढ़ें

Castrol:

कंपनी ने ऑटोमोबाइल आफ्टरमार्केट प्लेयर, की मोबिलिटी सॉल्यूशंस में 7.09 प्रतिशत हिस्सेदारी 487.5 करोड़ रुपये में हासिल करने की योजना बनाई है।



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