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लोकसभा अध्यक्ष ने बिजली संशोधन विधेयक को संसद की स्थायी समिति के पास भेजा

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विद्युत संशोधन विधेयक 2022 को जांच एवं विचार करने के लिये ऊर्जा मामलों की स्थायी समिति को भेज दिया है । यह समिति तीन महीने के भीतर रिपोर्ट पेश करेगी ।

लोकसभा की विधायी शाखा के बुलेटिन से यह जानकारी मिली है। सरकार ने संसद के मानसून सत्र के दौरान अगस्त में लोकसभा में विद्युत संशोधन विधेयक 2022 पेश किया था । तब कांग्रेस, द्रमुक और तृणमूल कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने इसका विरोध किया था और इसे संघीय ढांचे के खिलाफ बताया था।

उस समय निचले सदन में ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने कहा था कि वह इस विधेयक को विचार के लिये संसद की स्थायी समिति को भेजने का आग्रह करते हैं। लोकसभा की विधायी शाखा के 21 नवंबर के बुलेटिन में कहा गया है कि सदस्यों को सूचित किया जाता है कि लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में पेश विद्युत संशोधन विधेयक 2022 को जांच एवं विचार करने के लिये ऊर्जा मामलों की स्थायी समिति को भेजा है और इस पर तीन महीने में रिपोर्ट पेश किया जायेगा ।

विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि विद्युत क्षेत्र के सभी खंडों उत्पादन, पारेषण और वितरण परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार किये गए हैं । पारेषण ग्रिड को ‘‘राष्ट्रीय ग्रिड’’ में एकीकृत कर दिया गया है और सभी परिवारों तक ग्रिड विद्युत पहुंच है। फिर भी विद्युत क्षेत्र की निरंतरता के साथ नई चुनौतियां, संविदा प्रवर्तन, भुगतान सुरक्षा तंत्र, ऊर्जा परिवर्तन और उपभोक्ताओं को विकल्प प्रदान करने की आवश्यकता है ताकि प्रतिस्पर्धा का संवर्द्धन किया जा सके।

इसके कारण अधिनियम में कुछ संशोधन करना आवश्यक हो गया था। इसमें कहा गया है कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन चिंताओं और हमारी नवीकरणीय ऊर्जा में भागीदारी में वृद्धि करने की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता के मद्देनजर हमारे पर्यावरण के लिये हरित ऊर्जा के महत्व को ध्यान में रखते हुए अधिनियम में संशोधन जरूरी है।



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Rupee vs Dollar: रुपया नौ पैसे की गिरावट के साथ 81.35 प्रति डॉलर पर

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डॉलर के कमजोर होने के बावजूद स्थानीय बाजारों में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से शुक्रवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया नौ पैसे की गिरावट के साथ 81.35 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। 

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बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशी पूंजी की बाजार से निकासी बढ़ने के कारण भी निवेशकों की कारोबारी धारणा प्रभावित हुई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 81.11 पर खुला। कारोबार के दौरान रुपये का लाभ लुप्त हो गया और कारोबार के अंत में यह नौ पैसे की गिरावट दर्शाता 81.35 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपये ने 81.08 के उच्चस्तर और 81.35 के निचले स्तर को छुआ। 

पिछले सत्र में रुपया चार पैसे की तेजी के साथ 81.26 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की कमजोरी या मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.18 फीसदी की गिरावट के साथ 104.53 पर आ गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.17 फीसदी बढ़कर 87.03 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 415.69 अंक घटकर 62,868.50 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने गुरुवार को 1,565.93 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। 



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सेंसेक्स 416 अंक लुढ़का, शेयर बाजार में आठ दिन से जारी तेजी थमी

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स्थानीय शेयर बाजारों में पिछले आठ कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर शुक्रवार को विराम लगा और BSE सेंसेक्स करीब 416 अंक टूट गया। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और मुनाफावसूली से बाजार नुकसान में रहा। 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 415.69 अंक यानी 0.66 फीसदी की गिरावट के साथ 62,868.50 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 604.56 अंक तक टूट गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 116.40 अंक यानी 0.62 फीसदी की गिरावट के साथ 18,696.10 अंक पर बंद हुआ।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और बड़ी कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार में तेजी पर विराम लगा। बाजार में वाहन शेयरों में अगुवाई में गिरावट आई। निर्यात कम रहने से वाहनों की बिक्री का आंकड़ा उम्मीद से कम रहा है…।’

Top Gainers 

टाटा स्टील, डॉ. रेड्डीज, टेक महिंद्रा, इंडसइंड बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज लाभ में रहने वाले शेयरों में शामिल हैं।

Top Losers

सेंसेक्स के शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान युनिलीवर, मारुति, नेस्ले इंडिया, एचडीएफसी, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस और पावरग्रिड प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। 

International Indices 

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट गुरुवार को नुकसान में रहा था। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.13 फीसदी की गिरावट के साथ 86.77 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। 

FIIs

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को 1,565.93 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। 



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नए साल से महंगे हो जाएंगे मारुति के वाहन

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शेयर बाजारों को भेजी सूचना में मारुति ने कहा कि कुल मुद्रास्फीति और हालिया नियामकीय जरूरतों के बीच कंपनी पर लागत दबाव बढ़ा है।
भाषा / नई दिल्ली December 02, 2022






देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) की कारें नए साल से महंगी हो जाएंगी। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि वह अगले महीने से अपने विभिन्न मॉडलों के दाम बढ़ाने जा रही है। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में मारुति ने कहा कि कुल मुद्रास्फीति और हालिया नियामकीय जरूरतों के बीच कंपनी पर लागत दबाव बढ़ा है।

कंपनी ने कहा कि उसने लागत को कम करने के लिए अधिकतम प्रयास किए हैं और आशिंक रूप से इस वृद्धि को रोकने की कोशिश की है। लेकिन अब कीमतों में वृद्धि जरूरी हो गई है। कंपनी की जनवरी, 2023 से अपने वाहनों की कीमतें बढ़ाने की योजना है।

यह सभी मॉडलों पर अलग-अलग होगी। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया है कि वह कीमतों में कितनी वृद्धि करने जा रही है।

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