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लगातार सातवें साल सूचकांकों में बढ़त

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भारतीय शेयर बाजार में तीन साल तक दो अंकों में वृ​द्धि होने के बाद 2022 में 4 फीसदी से अ​धिक का रिटर्न भले ही खास नहीं दिखता हो मगर वै​श्विक बाजारों के मुकाबले भारतीय बाजार का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स 4.4 और निफ्टी 4.3 फीसदी रिटर्न के साथ साल को अलविदा कह रहा है।

यह साल 2019 के बाद पहला साल है, जब रिटर्न इकाई अंक में रहा और 2016 के बाद यह सबसे कम रिटर्न है। लेकिन यदि दुनिया भर के बरअक्स देखें तो भारतीय बाजार का प्रदर्शन कहीं बेहतर दिखेगा। साल 2022 लगातार सातवां साल है, जब बेंचमार्क सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। आ​र्थिक उदारीकरण के बाद यह दूसरा अवसर है, जब सेंसेक्स ने लगातार सातवीं बार बढ़त दर्ज की है। साल 1988 से 1994 के बीच सेंसेक्स ने हर साल दो अंकों में रिटर्न दिया था।

जब हम भारतीय सूचकांकों की तुलना वै​श्विक सूचकांकों से करेंगे तो रिटर्न कहीं बेहतर दिखता है। इस साल एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में 22.3 फीसदी और एमएससीआई वर्ल्ड इंडेक्स में 19.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। साल के दौरान एसऐंडपी500 सूचकांक में 19.2 फीसदी और डाउ जोंस में 8.6 फीसदी की गिरावट आई। वैलेंटिस एडवाइजर्स के संस्थापक ज्योतिवर्द्धन जयपुरिया ने कहा, ‘भारतीय बाजार ने अच्छा प्रदर्शन किया और संभवत: यह सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला प्रमुख बाजार है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत उजागर होती है।’

साल 2022 के दौरान महंगाई इतनी बढ़ गई कि केंद्रीय बैंकों को उसे काबू करने के लिए आर्थिक वृद्धि को भी हाशिये पर रखना पड़ा, जबकि पिछले वर्ष कई प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने लगातार कहा था कि मुद्रास्फीति अ​धिक समय तक टिकने वाली नहीं है। अमेरिका एवं अन्य अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति कई दशक के उच्च स्तर पर पहुंच गई। इससे केंद्रीय बैंक की चुनौती बढ़ गई। लगभग शून्य ब्याज दरों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आक्रामक बॉन्ड खरीद ने भारत सहित अन्य शेयर बाजारों में तेजी को हवा दी।

रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण जिंस की कीमतों में उतार-चढ़ाव दिखने लगा। इसके अलावा चीन में लॉकडाउन और वै​श्विक महामारी के बाद के प्रोत्साहन उपायों की अनदेखी से निवेशकों की चिंता बरकरार रही। विपरीत वै​श्विक परिदृश्य के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने बड़े पैमाने पर बिकवाली शुरू कर दी। एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजार से रिकॉर्ड 1.21 लाख करोड़ रुपये की निकासी की।

सामान्य परिस्थितियों में इससे शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई होती। पिछले छह वर्षों में से पांच में एफपीआई शुद्ध लिवाल रहे थे और सूचकांकों ने तब अच्छे प्रतिफल दिए थे। मगर घरेलू स्तर पर नकदी की कमी नहीं होने के कारण एफपीआई के निवेश निकालने का असर नहीं दिखा। देसी संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2.7 लाख करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे हैं।

यह भी पढ़ें: साल के अंतिम कारोबारी दिन शेयर बाजारों में रही गिरावट, वर्ष के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी 4 फीसदी से ज्यादा चढ़े

अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यू आर भट्ट कहते हैं, ‘घरेलू निवेशक अब अनुभवी हो चुके हैं और एफपीआई की बिकवाली का असर थाम सकते हैं। घरेलू निवेशकों में कई ऐसे थे, जिन्होंने पहली बार निवेश किए थे और बिकवाली का असर नहीं झेला था। सरकार जिस तरह कोविड महामारी के असर से निपटी है और खजाने को जिस तरह संभाला है, उससे घरेलू निवेशकों को साहसिक कदम उठाने में मदद मिली है। आरबीआई ने ब्याज दरें बढ़ाने में जल्दबाजी नहीं दिखाई है। इससे भी घरेलू निवेशकों का उत्साह काफी बढ़ गया।’ खुदरा निवेशकों ने भी शेयरों में सीधे निवेश किया। इससे भी शेयरों को ऊपर चढ़ने में मदद मिली। इस साल डीमैट खातों की संख्या 10 करोड़ पार कर गई।

अवेंडस कैपिटल अल्टरनेट स्ट्रैटेजीज के सीईओ एंड्रयू हॉलैंड ने कहा, ‘इस साल ज्यादातर शेयरों में कोई आकर्षक दांव नहीं था। सूचकांक के लिहाज से निवेशकों के पास अधिक रकम नहीं थी। ज्यादातर खुदरा निवेशकों ने एसआईपी के जरिये निवेश किए। अब ब्रोकरेज कंपनियों की मदद से निवेश करना पहले से आसान हो गया है और निवेशकों को इसके लिए मामूली कमीशन देना पड़ता है।’ भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए संभावनाएं तुलनात्मक रूप से बेहतर होने के कारण भी भारतीय शेयर बाजार की स्थिति दूसरे देशों के शेयर बाजारों की तुलना में बेहतर दिखी।



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सेंसेक्स 400 अंक से अधिक गिर गया, निफ्टी 17,900 के नीचे बंद हुआ

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। देश का शेयर बाजार कारोबारी सप्ताह के पांचवे और आखिरी दिन (06 जनवरी 2023, शुक्रवार) गिरावट के साथ बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर रहे। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सेंसेक्स 452.90 अंक यानी कि 0.75% की गिरावट के साथ 59,900.37 के स्तर पर बंद हुआ।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 132.70 अंक यानी कि 0.74% की गिरावट के साथ 17,859.45 के स्तर पर बंद हुआ।

आपको बता दें कि, सुबह बाजार सपाट स्तर पर खुला था। इस दौरान सेंसेक्स 77.23 अंक यानी कि 0.13% बढ़कर 60,430.50 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी 24.60 अंक यानी कि 0.14% बढ़कर 18,016.80 के स्तर पर खुला था।

जबकि बीते कारोबारी दिन (05 जनवरी 2023, गुरुवार) बाजार सपाट स्तर पर खुला था और गिरावट के साथ बंद हुआ था। इस दौरान सेंसेक्स 304.18 अंक यानी कि 0.50% गिरावट के साथ 60,353.27 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 50.80 अंक यानी कि 0.28% गिरावट के साथ 17,992.15 के स्तर पर बंद हुआ था।



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सेंसेक्स में 77 अंकों की मामूली बढ़त, निफ्टी 18 हजार के पार खुला

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। देश का शेयर बाजार कारोबारी सप्ताह के पांचवे और आखिरी दिन (06 जनवरी 2023, शुक्रवार) भी सपाट स्तर पर खुला। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान पर रहे। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सेंसेक्स 77.23 अंक यानी कि 0.13% बढ़कर 60,430.50 के स्तर पर खुला।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 24.60 अंक यानी कि 0.14% बढ़कर 18,016.80 के स्तर पर खुला।

शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 1205 शेयरों में तेजी आई, 679 शेयरों में गिरावट आई और 115 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

आपको बता दें कि, बीते कारोबारी दिन (05 जनवरी 2023, गुरुवार) बाजार सपाट स्तर पर खुला था इस दौरान सेंसेक्स 44.66 अंक यानी कि 0.07% बढ़कर 60702.11 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी 17 अंक यानी कि 0.09% ऊपर 18060.00 के स्तर पर खुला था। 

जबकि, शाम को बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। इस दौरान सेंसेक्स 304.18 अंक यानी कि 0.50% गिरावट के साथ 60,353.27 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 50.80 अंक यानी कि 0.28% गिरावट के साथ 17,992.15 के स्तर पर बंद हुआ था।



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पेट्रोल- डीजल की कीमतें हुईं अपडेट, जानें आज बढ़े दाम या मिली राहत

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पेट्रोल- डीजल (Petrol- Diesel) की कीमतों को लेकर लंबे समय से कोई बढ़ा अपडेट देखने को नहीं मिला है। जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कई बार जबरदस्त तरीके से गिर चुकी हैं। हालांकि, जानकारों का मानना है कि, आने वाले दिनों में कच्चा तेल महंगा होने पर इसका असर देश में दिखाई दे सकता है। फिलहाल, भारतीय तेल विपणन कंपनियों (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) ने वाहन ईंधन के दाम में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है।

बता दें कि, आखिरी बार बीते साल में 22 मई 2022 को आमजनता को महंगाई से राहत देने केंद्र सरकार द्वारा एक्‍साइज ड्यूटी में कटौती की गई थी। जिसके बाद पेट्रोल 8 रुपए और डीजल 6 रुपए प्रति लीटर तक सस्‍ता हो गया था। इसके बाद लगातार स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। आइए जानते हैं वाहन ईंधन के ताजा रेट…

महानगरों में पेट्रोल-डीजल की कीमत
इंडियन ऑयल (Indian Oil) की वेबसाइट के अनुसार आज देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। वहीं बात करें डीजल की तो दिल्ली में कीमत 89.62 रुपए प्रति लीटर है। आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 106.35 रुपए प्रति लीटर है, तो एक लीटर डीजल 94.27 रुपए में उपलब्ध होगा। 

इसी तरह कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल के लिए 106.03 रुपए चुकाना होंगे जबकि यहां डीजल 92.76 प्रति लीटर है। चैन्नई में भी आपको एक लीटर पेट्रोल के लिए 102.63 रुपए चुकाना होंगे, वहीं यहां डीजल की कीमत 94.24 रुपए प्रति लीटर है।   

ऐसे जानें अपने शहर में ईंधन की कीमत
पेट्रोल-डीजल की रोज की कीमतों की जानकारी आप SMS के जरिए भी जान सकते हैं। इसके लिए इंडियन ऑयल के उपभोक्ता को RSP लिखकर 9224992249 नंबर पर भेजना होगा। वहीं बीपीसीएल उपभोक्ता को RSP लिखकर 9223112222 नंबर पर भेजना होगा, जबकि एचपीसीएल उपभोक्ता को HPPrice लिखकर 9222201122 नंबर पर भेजना होगा, जिसके बाद ईंधन की कीमत की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

 



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