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राजस्थान में चुनाव से पहले कांग्रेस में अंदरूनी कलह, टिकट बंटवारे पर बवाल, जमकर हुए प्रदर्शन

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पार्टी के अंदर विरोध प्रदर्शन कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन रहा है. उन्होंने कहा है कि सभी को खुश रखना संभव नहीं है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि जिन लोगों को टिकट से वंचित किया गया है उन्हें विभिन्न बोर्डों में मौका दिया जा सकता है.

कांग्रेस ने अब तक 200 विधानसभा सीटों में से 156 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है. इसके बाद मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी और पार्टी नेता धर्मेंद्र राठौड़ से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए हैं.  इन तीनों को पिछले साल कांग्रेस के अध्यक्ष के चुनाव से पहले उनके कथित विद्रोह के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

उक्त चनाव के समय अशोक गहलोत पार्टी अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदारों में से एक बनकर उभरे थे. बाद में उनसे कहा गया था कि उन्हें ‘एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धांत’ के तहत राजस्थान का मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा. इस पर उनके करीबी कम से कम 72 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया था. विधायक सचिन पायलट को अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने का विरोध कर रहे थे. इन विधायकों ने सरकार के खिलाफ पायलट के 2020 की बगावत का हवाला दिया था.

टिकट की संभावना?

जयपुर में कांग्रेस के राज्य मुख्यालय पर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया गया. यह विरोध प्रदर्शन हवामहल निर्वाचन क्षेत्र के मौजूदा विधायक महेश जोशी को टिकट दिए जाने को लेकर था, जबकि अभी तक उनकी उम्मीदवारी की घोषणा भी नहीं की गई है. आलाकमान के नोटिस और उनके बेटे पर बलात्कार का आरोप लगने के बाद इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि टिकट पार्टी की जयपुर इकाई के अध्यक्ष आरआर तिवारी को मिल सकता है.

शांति धारीवाल को गहलोत का करीबी माना जाता है. बागी विधायकों ने 25 सितंबर, 2022 को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भाग लेने के बजाय धारीवाल के आवास पर एक बैठक की थी. धारीवाल ने कथित तौर पर यह भी कहा था कि गहलोत “असली हाईकमान” हैं. पिछले महीने कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संभावितों की सूची में उनका नाम होने पर कथित तौर पर आपत्ति जताई थी और कथित तौर पर पूछा था कि क्या पार्टी के खिलाफ काम करने वालों को इस सूची में शामिल किया जा सकता है.

हालांकि सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया है कि मुख्यमंत्री की नाराजगी से बचने के लिए धारीवाल को टिकट दिए जाने की बहुत अधिक संभावना है. लेकिन इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि धर्मेंद्र राठौड़ चुनाव लड़ेंगे या नहीं.

कांग्रेस अब तक सुरक्षित खेल रही थी लेकिन मंगलवार को कुछ सीटों के लिए नामों की घोषणा के बाद विरोध शुरू हो गया है.

कांग्रेस 54 सीटों पर पिछले तीन चुनावों में कभी नहीं जीती

राजनीतिक रणनीतिकार अमिताभ तिवारी ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों को टिकट वितरण में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कांग्रेस के लिए यह मुद्दा बड़ा है क्योंकि वह पिछले तीन चुनाव में दो बार सरकार बनाने में 101 का साधारण बहुमत हासिल करने में कामयाब नहीं रही है. 

तिवारी ने कहा कि, “कांग्रेस को राजस्थान में संरचनात्मक मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है… वहां 54 ऐसी सीटें हैं जो वह पिछले तीन चुनावों में कभी नहीं जीत सकी है. वास्तव में सरकार बनाने के लिए उसे 146 में से 101 सीटें जीतने की जरूरत है और यही कारण है कि वह कम पड़ रहे हैं. वे कभी 96 (सीटें) ), कभी-कभी 99 जीतते हैं. और वे हार जाते हैं क्योंकि उनके गढ़ की सीटें बहुत कम होती हैं. इसलिए बीजेपी की तुलना में कांग्रेस के लिए बगावत एक बड़ी समस्या है. बीजेपी एक ही चुनाव में केवल 19 निर्वाचन क्षेत्रों में कभी नहीं जीती है.” 

2018 में गहलोत का साथ देने वाले 12 निर्दलियों को कांग्रेस का टिकट

सचिन पायलट-अशोक गहलोत के झगड़े का असर इस चुनाव में पहले से कम होता दिख रहा है. लेकिन पार्टी के पक्ष में जो काम कर रहा है वह है गहलोत का दबदबा और मजबूत राजनीतिक प्रवृत्ति. वे 2018 में 12 निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन हासिल करने में कामयाब रहे थे, जिन्हें इस बार कांग्रेस का टिकट दिया गया है.

हालांकि पायलट ने कहा है कि पार्टी की जीत के बाद वे तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन होगा. यह दर्शाता है कि उनसे भी कुछ वादा किया गया है.

तिवारी ने कहा कि बीजेपी के लिए मौजूदा विधायकों को हटाना और यहां तक कि मंत्रिमंडल के सदस्यों को बदलना आसान है जैसा कि उन्होंने गुजरात में किया था क्योंकि यह एक कैडर-आधारित पार्टी है जो एक विचारधारा से जुड़ी है.

कांग्रेस में बंटा हुआ पार्टी कैडर

उन्होंने कहा कि, “हालांकि कांग्रेस में किसी भी विधानसभा सीट पर कैडर शीर्ष चार से पांच नेताओं के बीच विभाजित होता है. इसलिए जब एक व्यक्ति को टिकट मिलता है, तो अन्य नेताओं के प्रति वफादार पार्टी कैडर चुप हो जाता है और आम तौर पर उनके लिए काम नहीं करता है.”

तिवारी ने कहा, “हम राजस्थान बीजेपी में भी विवाद के मुद्दे देख रहे हैं, लेकिन एक बार उम्मीदवार की घोषणा हो जाने के बाद, विचारधारा यह सुनिश्चित करती है कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उसका समर्थन करें.”

विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने कहा है कि यह आश्चर्य की बात नहीं है कि सत्ता में रहने वाली पार्टी में टिकट चाहने वाले और टिकट न मिलने पर नाराजगी के अधिक मामले देखने को मिल रहे हैं.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “टिकट एक प्रक्रिया के आधार पर, सर्वेक्षणों और परामर्शों के आधार पर तय किए जाते हैं और इसमें समय लगता है. इसमें समय लगना चाहिए. कुछ लोगों का निराश होना स्वाभाविक है. हम जीतने वाली पार्टी हैं, जरा देखिए कि हारने वाली पार्टी में कितनी लड़ाई हो रही है. जीतने वाली पार्टी में कुछ गुस्सा होना स्वाभाविक है.”

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यूपी पुलिस ने किया एक और एनकाउंटर, 25 हजार का इनामी बदमाश कालू बना निशाना

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सहारनपुर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी को पकड़ लिया।

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के देवबंद थाना पुलिस और 2 बदमाशों के बीच बुधवार-गुरूवार की आधी रात को एनकाउंटर हुआ, जिसमें एक बदमाश गोली लगने के बाद घायल हो गया। पुलिस ने घायल बदमाश को गिरफ्तार कर ल‍िया गया, जबकि दूसरा मौके से फरार हो गया। पकड़ा गया बदमाश लूट और डकैती के मामले में वॉन्टेड था। पुलिस के मुताबिक, बुधवार-गुरूवार की दरम्यानी रात देवबंद थाना अंतर्गत मकबरा पुलिया के पास चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रुकने का इशारा किया, जिस पर मोटरसाइकिल सवार अभियुक्तों ने भागते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

सहारनपुर का कालू एनकाउंटर में हुआ जख्मी, साथी फरार

पुलिस ने बताया कि पीछा करते हुए जवाबी कार्रवाई की गई और मुठभेड़ में बदमाश अनूप उर्फ कालू निवासी नौनात जनपद सहारनपुर गोली लगने से घायल हो गया। उसने बताया कि मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उसका दूसरा साथी फरार हो गया। पुलिस को उसके कब्जे से एक बाइक, 1 तमंचा 315 बोर, 2 खोखा कारतूस व 3 जिंदा कारतूस और बिना नम्बर हीरो स्पलेंडर बाइक मिली। सहारनपुर जिले के थाना देवबंद से वॉन्टेड आरोपी पर डकैती, लूट के 25 से ज्यादा मामले अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं और वह 25 हजार रुपये का इनामी अपराधी है। बदमाश के अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।

रामपुर में भी बदमाशों को लगी थी गोली, SI हुआ था घायल

बता दें कि हाल ही में यूपी के रामपुर जिले की कोतवाली टांडा पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद 3 कथित पशु तस्‍करों के गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रविवार को बताया कि मुठभेड़ में तीनों पशु तस्कर और एक सब-इंस्पेक्टर घायल हुआ है। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग प्रतिबंधित पशुओं का वध करने की तैयारी में हैं जिसके बाद टांडा पुलिस ने ईद की बगिया में छापा मारा और वहां मौजूद लोगों को आत्‍मसमर्पण करने को कहा। गो तस्करों ने पुलिस पर गोलीबारी की और जवाबी कार्रवाई में 3 गोतस्कर घायल हो गए।

प्रयागराज में 10 हजार के इनामी बदमाशों का एनकाउंटर

वहीं, प्रयागराज में धूमनगंज थानाक्षेत्र के कसरिया गांव में बीते शनिवार को पुलिस मुठभेड़ में दो कथित गो तस्करों गिरफ्तार किया गया। पुलिस मुठभेड़ में इन अभियुक्तों के पैर में गोली लगी।  बदमाशों ने पहले पुलिस पर फायरिंग की थी और जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी जिससे वे घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, घायल बदमाशों के पास से 2 देसी तमंचा (315 बोर), 7 कारतूस, 2 खोखा कारतूस और एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की गई। भूकर ने बताया कि इन अभियुक्तों के खिलाफ थाना धूमनगंज में गो तस्करी के कई मामले दर्ज हैं और इनकी गिरफ्तारी के लिए 10,000-10,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।





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bobby deol is not mute nor ranbir kapoor step brother in animal movie director sandeep reddy vanga gives story hint – Animal रिलीज से पहले खुल गया बॉबी देओल के रोल का सस्पेंस, डायरेक्टर ने ही बता दिया सच, मनोरंजन न्यूज

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रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल की स्टोरी को लेकर सस्पेंस बरकरार है। बॉबी देओल के रोल को लेकर लोगों के मन में सबसे ज्यादा उत्सुकता है। रणबीर कपूर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि फिल्म कभी खुशी कभी गम का मॉडर्न वर्जन है। इसके बाद चर्चा शुरू हुई कि बॉबी शायद उनके सौतेले भाई बने होंगे। वहीं ये भी चर्चे थे कि बॉबी देओल गूंगे बने हैं। अब डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा ने गुत्थी और उलझा दी है। उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है। 

लोगों के मन में सस्पेंस

मूवी एनिमल 1 दिसंबर को रिलीज हो रही है। फिल्म की अडवांस बुकिंग काफी तगड़ी है। फिल्म को लेकर दर्शकों के मन में 50-50 टाइप फीलिंग है। यानी कई लोगों को लग रहा है कि मूवी की लंबाई ज्यादा है। अगर यह इंगेजिंग हुई तो बंपर चलेगी। अगर दर्शक कनेक्ट नहीं हुए तो डिजास्टर भी साबित हो सकती है। ट्रेलर और मूवी की झलकियां देखकर लोगों ने फिल्म की कहानी को लेकर तरह-तरह की थिअरीज मन में बनानी शुरू कर दी हैं। अब डायरेक्टर संदीप ने कुछ इंट्रेस्टिंग बातें बताई हैं। 

संदीप बोले ने खत्म किया सस्पेंस

Reddit पर संदीप का एक वीडियो वायरल है। इसमें उनसे बॉबी के कैरेक्टर के बारे में सवाल किया गया। संदीप से पूछा गया कि क्या बॉबी देओल रणबीर के सौतेले भाई और गूंगे बने हैं। इस पर संदीप का जवाब ना था। उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है। 

अडवांस बुकिंग स्टेटस

एनिमल को A सर्टिफिकेट मिला है। एक इंटरव्यू में संदीप बोल चुके हैं कि वह अपने बेटे या घर के किसी छोटे सदस्य को थिएटर में यह फिल्म नहीं दिखाना चाहेंगे। फिल्म 3 घंटे 21 मिनट लंबी बताई जा रही है। अडवांस बुकिंग की बात करें तो 30 नवंबर दोपहर तक इसकी पहले दिन की कमाई 20 करोड़ पार कर चुकी थी। ट्रेड एक्सपर्ट्स अंदाजा लगा रहे हैं कि फिल्म पहले दिन वर्ल्ड वाइड 100 करोड़ रुपये कमा सकती है। चेक करें एनिमल की अडवांस बुकिंग रिपोर्ट



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Crow Video: बोतल में कौए ने डाले कंकड़, जुगाड़ से पिया पानी, यूज़र्स बोले- याद आ गई पुरानी कहानी…

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बचपन से ही हम एक कहानी सुनते आए हैं. कहानी कुछ इस तरह से है. एक कौआ था, उसे प्यास लगी थी. एक घड़ा में पानी भरा हुआ था. कौए की चोंच छोटी थी तो उसने एक उपाय लगाया. कौए ने घड़े में कंकड़ भरना शुरु कर दिया. कंकड़ के कारण घड़े का पानी भर गया और कौए ने आसानी से अपनी प्यास बुझा ली. सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कौआ ठीक ऐसा ही कर रहा है. इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया यूज़र्स कह रहे हैं- इस वीडियो को देखने के बाद पुरानी कहानी याद आ गई.

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देखें वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक कौआ एक बोतल से पानी भर रहा है. हालांकि, हमने जो कहानी पढ़ी थी उसमें घड़ा मौजूद था. इस वीडियो को देखने के बाद लोग पूरी तरह से दंग हो रहे हैं. लोगों को ऐसा लग रहा है कि ये तो वही कहानी है, जिसे हमने बचपन में पढ़ा था.

इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया गया है.gunsnrosesgirl3 नाम के ट्विटर यूज़र ने इस वीडियो को शेयर किया है. इस वीडियो को खबर लिखे जाने तक 75 लाख से ज़्यादा व्यूज़ मिल चुके हैं. वहीं इस वीडियो पर कई लोगों के कमेंट्स भी देखने को मिल रहे हैं. एक यूज़र ने कमेंट करते हुए लिखा है- ये तो पुरानी वाली कहानी है. एक अन्य यूज़र ने लिखा है- कौआ बहुत ही ज़्यादा स्मार्ट है.





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