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मां के इलाज के पैसे नहीं थे इसलिए ISIS में जाना चाहता था… बेबस लेबनान बना आतंक की फैक्ट्री!

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बेरूत : लेबनान का त्रिपोली शहर भूमध्य सागर की सबसे गरीब जगहों में से एक है। इसी शहर में अहमद नाम का एक किशोर रहता है जो पढ़ने के बजाय हर रोज काम पर जाता है। रोज घंटों काम करने के बाद भी उसे हफ्ते में सिर्फ कुछ ही पैसे मिलते हैं। इन पैसों से घर चलाना बहुत मुश्किल है क्योंकि इन्हीं पैसों की बदौलत उसे अपनी बीमार मां की देखभाल भी करनी पड़ती है। घंटों की मेहनत के बाद भी उसे इतने पैसे नहीं मिलते जिनमें उन दोनों का पेट भर पाए। इन हालात ने अहमद को एक ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया था जिसमें अगर वह सफल हो जाता तो अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि कितने लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती। बीबीसी की एक रिपोर्ट लेबनान के निवासी अहमद की कहानी पर रोशनी डालती है।

रिपोर्ट बताती है, अहमद त्रिपोली के एक इंटरनेट कैफे जाता था जहां उसकी चैट एक ऐसे शख्स से होने लगी जो आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में जिहादियों की भर्ती करता था। अहमद ने बताया, ‘मैं शरिया (इस्लामिक कानून) पढ़ रहा था और धीरे-धीरे वे हमें जिहाद के बारे में पढ़ाने लगे। उन्होंने हमें इराक और इस्लामिक स्टेट के बारे में बताया। हमें आईएस पसंद था क्योंकि वह काफी मशहूर था। एक शख्स ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि वह मुझे वहां भेजेगा।’

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‘मैं आईएस में शामिल होना चाहता था’
अहमद ने बताया कि वह आईएस में क्यों शामिल होना चाहता था। उसने कहा, ‘मैं आईएस में शामिल होना चाहता था और मुजाहिद बनना चाहता था क्योंकि मैं मुश्किल हालात का सामना नहीं कर सकता था। मैंने सोचा मैं अपने अल्लाह के करीब पहुंच जाऊंगा और आराम से रहूंगा। तब मुझे अपने जीवनयापन के बारे में चिंता नहीं करनी पड़ेगी।’ अहमद ने फैसला कर लिया था और उसने उस शख्स को बताया कि वह लेबनान छोड़ने और आतंकी संगठन की ओर से सीरिया और इराक में लड़ने के लिए तैयार है। लेकिन यह संभव न हो सका।

‘हम नहीं जानते भविष्य में क्या होगा’
अहमद को कुछ घंटों के भीतर ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रिहाई से पहले लेबनान सैन्य खुफिया अधिकारी उससे पांच दिनों तक पूछताछ करते रहे। अहमद रिहा तो हो गया और उसे अपने फैसले पर पछतावा भी हुआ लेकिन उसके पास अभी भी अपने संकट का कोई हल नहीं है। अहमद ने कहा, ‘मैं खुदकुशी करना चाहता हूं। मेरे ऊपर लोगों के पैसे बकाया हैं जिन्हें मैं वापस नहीं कर सकता। हम नहीं जानते भविष्य में क्या होगा।’

आईएस के लिए ‘आतंक की फैक्ट्री’ बना लेबनान
लेबनान में ऐसे कई अहमद मौजूद हैं। इस्लामिक स्टेट के लिए लेबनान जैसे देश ‘आतंक की फैक्ट्री’ का काम करते हैं जहां वे बेबस युवाओं को आसानी से बहका सकते हैं। त्रिपोली की गलियों में सिर्फ निराशा पसरी हुई है। लोग बिजली, पानी, ईंधन, दवाओं और रोजगार के संकट से जूझ रहे हैं। खबरों की मानें तो पिछले साल करीब सौ युवा लेबनानी आईएस में शामिल हो गए। इसके लिए सिर्फ चरमपंथी विचारधारा जिम्मेदार नहीं है बल्कि संकटग्रस्त देश की क्रूर गरीबी का भी इसमें बराबर का दोष है।



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Baba Vanga Predictions 2023: एलियन अटैक, परमाणु हमला, लैब बेबी… बाबा वेंगा ने 2023 के लिए की हैं डराने वाली भविष्यवाणियां

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baba vanga predictions list: बाबा वेंगा की 2023 की भविष्यवाणियों ने पूरी दुनिया को डरा दिया है। उन्होंने बताया था कि अगले साल दुनिया में कुछ ऐसा होगा, जिससे न सिर्फ पृथ्वी की कक्षा बदल सकती है, बल्कि दुनिया में व्यापक तबाही भी देखने को मिल सकती है। उन्होंने लैब बेबी की भी भविष्यवाणी की है, जिसकी त्वचा के रंग और शारीरिक क्षमताओं को माता-पिता पहले ही तय कर सकते हैं।

 



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लश्कर और जैश ने अफगानिस्तान में बनाया सुरक्षित ठिकाना, क्या भारत को धोखा दे रहा तालिबान?

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अफगानिस्तान के पूर्व खुफिया प्रमुख रहमतुल्लाह नबील ने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान शासन के साथ बातचीत के बावजूद, भारत को अपनी सुरक्षाकम नहीं करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा जैसे भारत को निशाना बनाने वाले पाकिस्तानी आतंकवादी समूहों ने तालिबान की मदद से अफगानिस्तान में अपने ठिकानों को स्थानांतरित कर दिया है।

 



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पाकिस्तान की सेना से क्यों डरे इमरान ?… पार्टी नेताओं को जारी किया ये फरमान

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Image Source : AP
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान (फाइल फोटो)

Imran Khan & Pakistan Army: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के कट्टर दुश्मन आसिम मुनीर के सेनाध्यक्ष बनते ही देश की राजनीति नया करवट लेने लगी है। इमरान खान ने अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) के नेताओं और सोशल मीडिया टीम को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सेना और नए सेनाध्यक्ष (सीओएएस) जनरल आसिम मुनीर की कोई आलोचना न होने पाए। द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार पीटीआइ के एक सूत्र के बताया कि पार्टी नेताओं और सोशल मीडिया प्रबंधकों के एक व्हाट्सऐप ग्रुप में खान ने कहा, “कृपया सुनिश्चित करें कि नए प्रमुख और सेना कर्मियों की कोई आलोचना न हो। जबकि इमरान खान नहीं चाहते थे कि उनके कट्टर दुश्मन आसिम मुनीर को सेना की कमान मिले।

दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहते आसिम मुनीर आइएसआइ के प्रमुख थे, मगर नाराजगी के चलते इमरान खान ने मुनीर को चीफ के पद से हटा दिया था। तब से मुनीर और इमरान के रिश्ते खराब हो गए थे। अब आसिम मुनीर पाकिस्तान के मौजूदा पीएम शहबाज शरीफ के करीबी हैं। इमरान खान ने सेनाध्यक्ष की नियुक्ति मनमर्जी से करने का आरोप लगाकर पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ की जमकर आलोचना की थी। वह नहीं चाहते थे कि मुनीर को सेनाध्यक्ष बनाया जाए। मगर शहबाज शरीफ ने मुनीर को ही इसके लिए उपयुक्त माना। इसके बाद यह माना जा रहा था कि पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान और अधिक हमलावर हो सकते हैं। मगर मौके की नजाकत को देखते हुए इमरान ने पाला बदल लिया है। अब वह सेना प्रमुख और सेना के खिलाफ कोई भी टिप्पणी करने से खुद तो परहेज कर ही रहे हैं। साथ ही पार्टी के अन्य नेताओं को भी यही निर्देश दिया है।

क्यों बदला इमरान का रवैया


इमरान खान का यह निर्देश सैन्य प्रतिष्ठान के साथ बिगड़े रिश्तों को फिर से बनाने की पार्टी की कोशिश समझी जा रही है। पीटीआई सूत्र ने कहा कि जनरल मुनीर की सेना प्रमुख के रूप में नियुक्ति के बाद खान भी नहीं चाहते कि उनके प्रधानमंत्री रहते सेना से संबंध का साया नए सेनाध्यक्ष पर पड़े। पीटीआइ के वरिष्ठ नेता फवाद चौधरी ने अपने नेताओं और सोशल मीडिया टीम को खान के नए निर्देश की पुष्टि या खंडन नहीं किया, लेकिन कहा कि पार्टी की नीति सेना के साथ टकराव नहीं है। बुधवार को खान ने एक ट्वीट में जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को नए सीजेसीएससी और जनरल मुनीर को सीओएएस के रूप में बधाई दी। इमरान जानते हैं कि अब सेना प्रमुख से पंगा लेने का मतलब चुनाव में अपना नुकसान करवाना है। इसलिए अब इमरान ने अपना स्टैंड बदल लिया है.

इमरान ने जताया सेना पर यह भरोसा

इमरान ने उम्मीद जताते कहा, “नया सैन्य नेतृत्व राष्ट्र और राज्य के बीच पिछले 8 महीनों में निर्मित विश्वास की कमी को समाप्त करने के लिए काम करेगा। राज्य की ताकत उसके लोगों से प्राप्त होती है। जबकि खान को शुरू में सेना प्रमुख के रूप में जनरल मुनीर की नियुक्ति के बारे में आपत्ति थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी नीति बदल दी और कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी, भले ही उन्हें सीओएएस बनाया गया हो। द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अपने प्रीमियर के दौरान खान ने समय से पहले ही मुनीर को आइएसआइ के महानिदेशक के पद से हटा दिया था, जब मुनीर ने कथित तौर पर खान के करीबी कुछ लोगों के कथित भ्रष्ट आचरण के बारे में सूचित किया था।

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