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‘महामारी से मुख्य सबक है कि…’: WHO के मुख्य वैज्ञानिक ने NDTV से कहा

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WHO की मुख्य वैज्ञानिक ने सार्वजनिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण, अच्छे डेटा और शोध के महत्व पर जोर दिया.

नई दिल्ली:

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने एनडीटीवी से कहा कि महामारी से मुख्य सबक जलवायु परिवर्तन हैं, और यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि मनुष्यों ने पर्यावरण के लिए क्या किया है. उन्होंने कहा कि हमारा जीवन पर्यावरण के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है. कमजोर लोगों को बहुत तकलीफ होती है, जैसे पाकिस्तान में आई बाढ़. यह किसी भी देश के साथ हो सकता है. इसीलिए पीछे छूटे लोगों की मदद करना भी महत्वपूर्ण है.

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उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण, अच्छे डेटा और शोध के महत्व पर भी जोर दिया. टीकों के शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में उन्होंने कहा कि लाभ जोखिमों से कहीं अधिक है.

डॉ स्वामीनाथन ने कहा, “वैक्सीनोलॉजी ने 20वीं और 21वीं सदी में कई लोगों की जान बचाई है, और सब कुछ जीवन और जोखिम के बीच एक संतुलन है. इसी तरह, सुरक्षा के लिए टीक महत्वपूर्ण है. दुर्लभ प्रतिकूल मामले होंगे, जैसे एक लाख में 3 या 4.”

एनडीटीवी से बात करते हुए, जब टीकों की वैधता के बारे में पूछा गया, कि बूस्टर खुराक लेने के बाद भी कई लोग कोविड से संक्रमित हो गए, तो उन्होंने कहा कि खुराक गंभीर बीमारी को रोकती है और हम टीकों के कारण तेजी से ठीक हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में 13 अरब से अधिक लोगों ने टीका लिया है और इसके कारण 20 मिलियन लोगों की जान बचाई गई है. उन्होंने कहा कि अमेरिका में अधिकांश मौतें टीकाकरण नहीं होने के कारण हुईं.

स्वामीनाथन ने बताया कि टीके उच्च प्रभावकारिता और सुरक्षा के साथ विकसित किए जाते हैं. वायरस विकसित होने की कोशिश कर रहा है, और हर बार उत्परिवर्तन ने वायरस को एंटीबॉडी से बचने की इजाजत दी है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग हैं जिन्होंने टीका नहीं लिया है और बीमार नहीं हुए हैं, लेकिन यह मौका की बात है.

भारत के टीकाकरण प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने लोगों को टीका लगाने में बहुत अच्छा काम किया है. उन्होंने कहा, “डेल्टा लहर के दौरान, कई लोगों को टीका नहीं लगाया गया था और इसलिए हमने प्रभाव देखा. दवाओं ने गंभीरता को कम करने में मदद की और आपको बहुत बीमार होने से रोका जा सकता है. बूस्टर खुराक बहुत महत्वपूर्ण है.”



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उत्तर प्रदेश के बदायूं में पुलिस से भिड़ी भीड़,पथराव किया गया

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यूपी के बदायूं में पुलिस और भीड़ के बीच संघर्ष हुआ.

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के ककराला कस्बे में शुक्रवार को स्थानीय लोगों के एक गुट की पुलिस से झड़प हो गई और पुलिस पर पथराव किया गया. पुलिस ने कहा कि एक व्यक्ति ने भीड़ को इकट्ठा किया क्योंकि वह रुटीन चेकिंग के लिए रोके जाने से नाराज था.जिला पुलिस प्रमुख ओपी सिंह ने कहा कि दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बाकी की वीडियो फुटेज के जरिए तलाश की जा रही है.

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पता चला है कि रात तक इलाके की सड़कें सुनसान थीं और कई लोग पुलिस की कार्रवाई के डर से अपने घरों को बंद करके चले गए थे.

पुलिस प्रमुख ने कहा कि, “पुलिस की एक टीम पैदल गश्त के लिए इलाके में थी. नियमित चेकिंग चल रही थी. तब एक व्यक्ति ने अपने वाहन की जांच करने पर आपत्ति जताई. बाद में वह अपने परिवार के पुरुषों और महिलाओं के साथ लौटा और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. जब उन्होंने ट्रैफिक जाम कर दिया तो पुलिस ने उनसे ऐसा नहीं करने के लिए कहा. इसके बाद कई लोगों ने पथराव शुरू कर दिया.”

उन्होंने कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और दो लोगों को गिरफ्तार किया. उन्होंने कहा,मामला दर्ज किया जा रहा है.

स्थानीय मीडिया ने बताया कि इस घटना में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए और कुछ पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

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FIFA World Cup 2022: फुटबॉल विश्व कप में बड़ा उलटफेर, ब्राजील को हराकर सेमीफाइनल में क्रोएशिया

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क्रोएशियाई गोलकीपर डॉमिनिक ने रोड्रिगो और मार्किन्होस के गोल बचाए। नेमार ने पहले हाफ के अतिरिक्त समय में ब्राजील को बढ़त दिलाई थी, लेकिन क्रोएशिया ने ब्रुनो पेतकोविच के गोल से बराबरी हासिल की।



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पुरानी पेंशन व्यवस्था को अपनाना राज्यों के लिए नासमझी भरा कदम: 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन

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नई दिल्ली:

15वें वित्त आयोग के चेयरमैन एनके सिंह ने शुक्रवार को कहा कि बहुत विचार-विमर्श के बाद लागू की गई नई पेंशन योजना को छोड़ना राज्यों के लिये ‘नासमझी’ भरा कदम होगा और यह उन्हें ‘कठिनाइयों और दबाव’ में डाल देगा. भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के कार्यक्रम के दौरान अलग से बातचीत में सिंह ने कहा कि व्यापक विचार-विमर्श के बाद नई पेंशन योजना को अपनाया गया था.

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कांग्रेस और आप जैसे राजनीतिक दल मतदाताओं से पुरानी पेंशन योजना लागू करने का वादा कर रहे हैं. राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे कुछ राज्यों में कांग्रेस पहले ही पुरानी पेंशन योजना को बहाल कर चुकी है. वहीं आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब में पुरानी पेंशन को लागू करने की बात कही है.

कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने का वादा किया है. यह पार्टी का बड़ा चुनावी वादा था और कांग्रेस गुरुवार को घोषित नतीजों में बहुमत हासिल करने में सफल रही.

यह पूछे जाने पर कि राज्य पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कर रहे हैं, सिंह ने कहा, ‘‘नई पेंशन योजना को छोड़ना और पुरानी व्यवस्था को अपनाना नासमझी भरा कदम है.” उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान इस पर बहुत सावधानी के साथ चर्चा हुई थी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इसके पक्ष में थे.

सिंह ने कहा, ‘‘मेरे सहयोगी मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने इस विषय पर विस्तार से टिप्पणी की है कि नई पेंशन योजना से पीछे हटना और पुरानी पेंशन योजना को अपनाना राज्य के लिए वित्तीय आपदा होगी. कुछ राज्य जो इसे लागू कर रहे हैं, वास्तव में वे प्रदेश की वित्तीय स्थिति को ‘बड़ी कठिनाइयों और दबाव में’ डाल रहे हैं. नई पेंशन योजना के पीछे ठोस आर्थिक तर्क हैं.”

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