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मस्कट एयरपोर्ट पर उड़ान भरने से पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से उठा धुआं, 147 लोग थे सवार

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Air India Express Flight

Highlights

  • विमान के इंजन नंबर-2 से धुआं निकलता दिखा
  • इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है: डीजीसीए
  • घटना को लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी: DGCA

Air India Express Flight: एयर इंडिया एक्सप्रेस की मस्कट से कोच्चि जाने वाली फ्लाइट को बुधवार को उड़ान भरने से रोक दिया गया। भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशक (DGCA) ने कहा है कि यात्रियों को विमान के इंजन नंबर-2 से धुआं निकलता दिखा। इसके बाद सभी पैसेंजर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया। डीजीसीए के मुताबिक, यात्रियों के लिए एक रिलीफ फ्लाइट का भी इंतजाम किया गया है। डीजीसीए ने कहा इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है और घटना को लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।

यात्रियों को भारत लाने के लिए दूसरी फ्लाइट का इंतजाम 

एयर इंडिया एक्सप्रेस IX-442, VT-AXZ की फ्लाइट में 147 लोग सवार थे। इसमें चालक दल के 6 सदस्य शामिल थे। सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। मस्कट एयरपोर्ट पर उड़ान से ठीक पहले विमान से धुंआ निकलता हुआ नजर आया। विमान में धुआं किस कारण से आया इसकी जांच की जा रही है। उड़ान से ठीक पहले धुआं निकलने के कारण यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। यात्रियों को भारत लाने के लिए दूसरी फ्लाइट का इंतजाम किया गया है।=

25 अगस्त को एयर इंडिया की फ्लाइट की कोलकाता में इमरजेंसी लैंडिंग

इससे पहले 25 अगस्त को सिडनी से दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की एक फ्लाइट की कोलकाता में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। हालांकि, यह इमरजेंसी लैंडिंग 50 साल के यात्री को सांस लेने में दिक्कत होने की वजह से कराई गई थी। अधिकारियों ने बताया था कि यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए स्लाइड का इस्तेमाल किया गया। यात्री इमरजेंसी स्लाइड के जरिए विमान से बाहर निकले।

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एयर इंडिया की फ्लाइट को मस्कट की ओर डायवर्ट करना पड़ा था

वहीं, जुलाई में कालीकट से दुबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट को मस्कट की ओर डायवर्ट करना पड़ा था। दरअसल, फ्लाइट में कुछ जलने की गंध आ रही थी। किसी अनहोनी से बचने के लिए फ्लाइट को मस्कट की ओर डायवर्ट कर दिया गया था। वहीं, 14 जुलाई को दिल्ली से वडोदरा जा रही एक इंडिगो की फ्लाइट 6E-859 की जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग हुई थी। बताया गया था कि विमान में कुछ तकनीकी खराबी आई थी, जिसके बाद एहतियात के तौर पर इसकी आपात लैंडिंग कराई गई थी। 14 जुलाई को ही दिल्ली से मणिपुर की राजधानी इंफाल जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-2615 को खराब मौसम के चलते कोलकाता एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा था।

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चीन के हालात देख अमेरिका बोला, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना सबका अधिकार, गलत कर रहा ड्रैगन

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अमेरिका का यह बयान चीन में उसकी 'शून्य कोविड नीति' के खिलाफ होते प्रदर्शनों के बीच आया है। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा, 'हम अमेरिका में शून्य कोविड नीति का पालन नहीं करते।



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बच्चे के रूप में किडनैप हुई थी अमेरिकी महिला, 51 साल बाद फिर परिवार से मिली

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अमेरिका के टेक्सास से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. यहां 51 साल पहले बच्चे के रूप में एक एक महिला लापता हो गई थी. लेकिन अब वह फिर से अपने अपने परिवार को फिर से मिल गई है. द गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, 23 अगस्त, 1971 को, मेलिसा हाईस्मिथ को फोर्ट वर्थ, टेक्सास से अपहरण कर लिया गया था.

उसकी मां, अल्टा अपेंटेंको ने एक समाचार पत्र में दाई को लेकर एक विज्ञापन पोस्ट किया था. उसने बिना मिले ही एक महिला को काम पर रख लिया क्योंकि किसी को उसकी बेटी को देखने की जरूरत थी, जबकि वह काम कर रही थी क्योंकि वह खुद ही छोटे बच्चे की परवरिश कर रही थी. एपेटेंको की रूममेट ने मेलिसा को दाई को दिया था, जिसने कथित तौर पर उसका अपहरण कर लिया और उसके साथ गायब हो गई.

इस साल सितंबर में, हाईस्मिथ के रिश्तेदारों को एक सूचना मिली कि वह चार्ल्सटन के पास है, जो फोर्ट वर्थ से 1,100 मील से अधिक दूर है. डीएनए परीक्षण के परिणाम, मेलिसा के जन्मचिह्न और उसके जन्मदिन सभी ने परिवार को यह साबित करने में मदद की कि मेलिसा वह बच्चा था जिसे 51 साल पहले उनसे अपहरण कर लिया गया था.

द गार्जियन द्वारा किए गए समूह के एक बयान के अनुसार, मेलिसा शनिवार को फोर्ट वर्थ में परिवार के चर्च में एक समारोह में अपनी मां, पिता और अपने चार भाई-बहनों से मिलीं. मेलिसा की बहन, शेरोन हाईस्मिथ के अनुसार, उनके परिवार ने महत्वपूर्ण डीएनए और मेलिसा को खोजने के लिए सार्वजनिक रूप से जानकारी खोजने में सहायता के लिए, एक नैदानिक ​​​​प्रयोगशाला वैज्ञानिक और शौकिया वंशावली विशेषज्ञ, लिसा जो शिएले से संपर्क किया.

शेरोन हाईस्मिथ ने कहा, “हमारा परिवार उन एजेंसियों के हाथों पीड़ित है जिन्होंने इस मामले को गलत तरीके से प्रबंधित किया है.” फिलहाल, हम सिर्फ मेलिसा को जानना चाहते हैं, उसका परिवार में स्वागत करते हैं और 50 साल के खोए हुए समय को पूरा करते हैं,” उसने द गार्जियन से बात करते हुए कहा. 

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एथिकल हैकर्स को मिलती है लाखों में सैलरी, जानें एथिकल हैकिंग के बारे में सबकुछ

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जानें एथिकल हैकिंग के बारे में सबकुछ

Ethical Hacking Career: आज के समय में जिस तरह से डिजिटलीकरण बढ़ रहा है, उसी तरह से डिजिटल क्राइम भी लगातार बढ़ रहा है। साइबर क्रिमिनल्स कभी किसी का सोशल मीडिया अकाउंट्स हैक कर ब्‍लैकमेल कर रहे तो कभी सीधे लोगों का बैंक अकाउंट ही खाली कर दे रहे हैं। इंटरनेट पर सक्रिय इन अपराधियों को रोकने के लिए डिजिटल एक्सपर्ट की डिमांड बढ़ती जा रही है। साइबर क्राइम पर लगाम लगाने और इन अपराधियों का पता लगाने का कार्य करने को एथिकल हैकिंग कहते हैं। इसे आईटी सिक्योरिटी प्रोफेशनल अंजाम देते हैं, जिन्‍हें एथिकल हैकर्स कहा जाता है। ये किसी भी कंपनी या संस्‍थान के साथ जुड़कर इंटरनेट और कंप्‍यूटर सिस्‍टम को सुरक्षित बनाने का कार्य करते हैं। जिससे बेवसाइटों को हैक कर डाटा चोरी करने से बचाया जा सके। एथिकल हैकिंग का कार्य करने वाले प्रोफेसनल्‍स को लाखों रुपये में सैलरी मिलती है। 

प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए जरूरी कोर्स

एथिकल हैकर के तौर पर करियर बनाने के लिए 12वीं व ग्रेजुएशन के बाद संबंधित कोर्स किया जा सकता है। युवा यहां पर सर्टिफाइड एथिकल हैकर, सर्टिफिकेट कोर्स इन साइबर लॉ, सीसीएनए सर्टिफिकेशन, एसएससी साइबर फोरेंसिक्स एंड इंर्फोमेशन सिक्‍योरिटी, सर्टिफाइड इंर्फोमेशन सिस्टम सिक्योरिटी प्रोफेशन, पीजी डिप्लोमा इन डिजिटल एंड साइबर फोरेंसिक्स, पीजी डिप्लोमा इन साइबर लॉ और एडवांस डिप्लोमा इन एथिकल हैकिंग जैसे कोर्स कर सकते हैं। 

एथिकल हैकर्स की स्किल्स 

एथिकल हैकर बनने के लिए कई स्किल्स का होना भी बहुत जरूरी है। इन्‍हें कई बार एक ही जगह बैठकर घंटों काम करना पड़ता है। इसलिए सहनशक्ति का होना बहुत जरूरी है। इस फील्‍ड में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, प्रोग्रामिंग लैंग्‍वेज और कंप्यूटर में प्रयोग होने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम की अच्छी जानकारी होनी चाहिए। साथ ही इन्‍हें टेक्‍नोलॉजी को लेकर भी हर समय अप टू डेट रहना पड़ता है। इनमें साइबर अपराधियों की तरह सोचने की क्षमता भी होनी चाहिए, जिससे अपराधियों को उनके ही तरीके से दबोच सकें। 

यहां खूब मिलेंगे कमाई के मौके

कोर्स पूरा करने बाद इन युवाओं के पास जॉब की कमी नहीं रहती है। ये कहीं भी आसानी से जॉब हासिल कर सकते हैं। ये युवा विभिन्न कंपनियों के साथ सिक्‍योरिटी एडमिनिस्ट्रेटर, नेटवर्क सिक्योरिटी स्‍पेशलिस्‍ट और फोरेंसिक ऑर्गनाइजेशन के तौर पर जुड़कर कार्य करते हैं। यहां पर युवाओं को शुरुआती तौर पर आसानी से 50 से 60 हजार रुपये प्रतिमाह की सैलरी मिल जाती है। इसके बाद वे एक्सपीरियंस के साथ लाखों रुपये सैलरी वाली जॉब हासिल कर सकते हैं।

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