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ब्रिटेन में पढ़नेवाले विदेशी छात्रों में सबसे ज्यादा भारतीय, चीन दूसरे नंबर पर, जानें वजह

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Image Source : ANI
प्रतीकात्मक तस्वीर

लंदन : ब्रिटेन में पढ़नेवाले विदेशी छात्रों में भारतीयों की संख्या अब सबसे ज्यादा हो गई है। भारतीय छात्रों ने इस मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है। ब्रिटेन में पढ़नेवाले विदेशी छात्रों की संख्या के मामले में चीन अब दूसरे पायदान पर चला गया है। गुरुवार को जारी ब्रिटेन की तरफ से आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई। आंकड़ों के मुताबिक बीते कुछ वर्षों में भारतीय छात्रों को दिए किए जाने वाले वीजा की संख्या में 273 प्रतिशत की वृद्धि से यह संभव हो सका है।

कुशल श्रमिक श्रेणी में शीर्ष पर भारतीय नागरिक

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ओएनएस) द्वारा जुटाए गए ब्रिटेन के गृह विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि कुशल श्रमिक श्रेणी में वीजा हासिल करने वालों की लिस्ट में भारतीय नंबर वन पोजिशन पर हैं। इसके अनुसार, पिछले वर्ष 56,042 भारतीयों को इस श्रेणी में वीजा दिया किया गया था। 

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में 36 प्रतिशत वीजा भारतीय नागरिकों को मिला

ब्रिटेन में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों की श्रेणी के तहत दिए गए कुल वीजा में से सबसे अधिक 36 प्रतिशत वीजा भारतीय नागरिकों को प्रदान किए गए। यह पेशेवर ब्रिटेन में सरकार द्वारा वित्त पोषित राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) में भारतीय योगदान को मजबूत करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक 2019 में कुल 34,261 भारतीय छात्रों को वीजा प्रदान किया गया जबकि 2022 में 1,27,731 छात्रों को वीजा दिया गया। 

अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए कई सुविधाएं

आपको बता दें कि ब्रिटेन की सरकार ने सितंबर 2019 में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए कई सुविधाओं का ऐलान किया था। इनमें पढ़ाई के बाद 2 साल का वर्क वीजा देने की घोषणा भी शामिल है। इससे छात्रों को ब्रिटेन में सफल करियर बनाने और बसने में मदद मिलती है। अहम बात यह है कि ब्रिटेन में भारतीय यूनिवर्सिटी की तुलना में रिसर्च पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।

इनपुट-भाषा

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यूक्रेन पर आखिरी वार परमाणु हमला! पुतिन के इस बयान ने फिर मचाई खलबली

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Image Source : PTI
व्लादिमिर पुतिन, रूसी राष्ट्रपति

Russia_Ukraine War & Nuclear Attack: रूस-यूक्रेन के बीच 10 महीने से चल रहे भीषण युद्ध का आखिरी वॉर क्या परमाणु युद्ध ही है, आखिर क्यों यह युद्ध लंबा ही खिंचता जा रहा है। कभी रूस यूक्रेन पर भारी तो कभी यूक्रेन रूस पर। मगर अब तक इस युद्ध का कोई भी नतीजा नहीं निकल सका है। इस युद्ध के चलते यूरोप समेत सभी पश्चिमी देशों और साउथ ईस्ट एशिया के देशों की भी आर्थिक स्थिति खस्ता होती जा रही है। पूरी दुनिया में महंगाई की मार से हाहाकार मचने लगा है। खाद्य और ऊर्जा का भारी संकट है। इसीलिए अब पश्चिमी देश भी चाहते हैं कि युद्ध को किसी तरह से रोका जाए। अब अमेरिका भी पुतिन से युद्ध रोकने की अपील कर रहा है, मगर पुतिन मानने को तैयार नहीं हैं। 

इसी बीच एक बार फिर यूक्रेन पर परमाणु हमले की आशंका ने दुनिया में खलबली मचा दी है। इसका संकेत स्वयं रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने दिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके मन में क्या चल रहा है। हालांकि पुतिन अभी इसे आखिरी शस्त्र के रूप में इस्तेमाल करने का संकेत दे रहे हैं। क्योंकि उन्होंने जोर देकर कहा कि परमाणु युद्ध का खतरा तो बढ़ा है, मगर मॉस्को ‘पागल’ नहीं है, वह पहले परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, रूस की वार्षिक मानवाधिकार परिषद की बैठक में पुतिन ने कहा कि यूक्रेन में युद्ध एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है।

रूस के पास हैं सबसे अधिक परमाणु हथियार


मॉस्को से वीडियो लिंक के जरिए परमाणु युद्ध की संभावना पर बात करते हुए पुतिन ने चेताया, “ऐसा खतरा बढ़ रहा है, इसे छिपाना गलत होगा।”लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस किसी भी परिस्थिति में हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करेगा और अपने परमाणु शस्त्रागार से किसी को भी धमकी नहीं देगा। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि रूस के पास दुनिया में सबसे आधुनिक और उन्नत परमाणु हथियार हैं और उन्होंने अपनी परमाणु रणनीति की तुलना अमेरिका से की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वह अन्य क्षेत्रों पर अपने परमाणु हथियारों का पता लगाकर रूस से आगे निकल गया था। हमारे पास अन्य देशों के क्षेत्र में सामरिक सहित परमाणु हथियार नहीं हैं, लेकिन अमेरिकियों के पास तुर्की और कई अन्य यूरोपीय देशों में हैं, उन्होंने कहा। पुतिन ने पहले जोर देकर कहा था कि रूस के परमाणु सिद्धांत में केवल परमाणु हथियारों के रक्षात्मक उपयोग की अनुमति है।

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यूक्रेन पर रूस बंद नहीं करेगा हमला, पुतिन की ललकार से उड़ी पश्चिमी देशों की नींद

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व्लादिमिर पुतिन, रूस के राष्ट्रपति

Russia-Ukraine War Update: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने साफ कर दिया है कि यूक्रेन पर हमले जारी रहेंगे। यानि कि 10 माह बाद भी रूस-यूक्रेन के बीच का यह युद्ध थमता नहीं दिख रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने रूस से अपील की थी कि वह युद्ध रोकने पर सहमत हों तो उनसे बातचीत के लिए अन्य देश तैयार हैं। मगर पुतिन ने पश्चिम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। साथ ही साथ इस ललकार से यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को भी झटका लगा है। 

अभी तक यूक्रेन रूस पर लगातार हावी होता जा रहा है और उसे लग रहा है कि जल्द ही वह रूस पर नियंत्रण पा लेगा, लेकिन पुतिन के इरादों को देखकर फिर से जेलेंस्की की टेंशन बढ़ने लगी है। रूस ने बृहस्पतिवार को कहा कि यूक्रेन में जारी युद्ध को खत्म करना वहां के राष्ट्रपति के हाथ में है। वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा पश्चिमी देशों की ओर से होने वाली आलोचना के बावजूद यूक्रेन पर हमले जारी रखने का संकल्प लिया है। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि “(यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर) जेलेंस्की जानते हैं कि यह कब खत्म हो सकता है, अगर वह चाहें तो यह कल ही खत्म हो सकता है।” 

रूस ने कहा-हमें हमले करने से हमें कोई नहीं रोक सकता


क्रेमलिन काफी समय से कहता रहा है कि 10वें महीने में प्रवेश कर चुके युद्ध को खत्म करने के लिए यूक्रेन को रूस की शर्तें माननी होंगी। रूस की मांग है कि यूक्रेन, क्रीमिया को उसका(रूस का) हिस्सा माने। रूस ने साल 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया प्रायद्वीप पर हमला करके उसे अपने कब्जे में ले लिया था। इसके अलावा वह कब्जाए हुए अन्य क्षेत्रों को भी मान्यता देने की मांग करता है। इस बीच, पुतिन ने पश्चिमी देशों की परवाह किए बिना यूक्रेन में अपने घोषित लक्ष्य हासिल करने का संकल्प लिया। पुतिन ने सैनिकों से मुलाकात के दौरान कहा, “हम कोई कदम उठाते हैं तो पूरे ब्रह्मांड में शोर-शराबा, बकवासबाजी और चीख-पुकार शुरू हो जाती है। लेकिन यह हमें हमले जारी रखने से नहीं रोक पाएगा।”

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World Oldest Narrative Carving: तुर्की में मिली दुनिया की सबसे पुरानी कथा नक्काशी, तेंदुओं से घिरा इंसान लिंग पकड़े नजर आया

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तुर्की में 11000 साल पुरानी कथा नक्काशी की खोज की गई है। इसे इंसानों की सबसे पहले बनी बस्तियों में से एक इमारत के अंदर पाया गया है। इन नक्काशियों को इमारत की दीवार से लगे बेंचो पर बनाया गया था। इसमें दो इंसानों, तेंदुओं और बैलों को दिखाया गया है।

 



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