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बेटे के सिलेक्शन की बात पर मीटिंग छोड़ देते थे, ईमानदारी की मिसाल हैं रोजर बिन्नी

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मुंबई: भारत की विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे रोजर बिन्नी को मंगलवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) का 36वां अध्यक्ष चुना गया। वह पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की जगह लेंगे। बिन्नी को यहां बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में निर्विरोध चुना गया। जय शाह को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए पुन: सचिव चुना गया। इन दोनों के अलावा जिन अन्य पदाधिकारियों को निर्विरोध चुना गया उनमें कोषाध्यक्ष आशीष शेलार, उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और संयुक्त सचिव देवजीत सेकिया शामिल हैं।

चयनकर्ता के रूप में मिसाल पेश की
भारत के लिए 27 टेस्ट और 72 एकदिवसीय खेलने वाले 67 साल के बिन्नी भारत में अगले साल होने वाले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विश्व कप से पहले पद संभाल रहे हैं। 1983 में पहला विश्व कप जीतने वाली इंडियन टीम में उनका योगदान कोई नहीं भूल सकता। वह एक बेहतरीन ऑलराउंडर थे। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रोजर बिन्नी ने एशियाई क्रिकेट परिषद का डेवलपमेंट ऑफिसर बनकर कई देशों में जाकर युवाओं को क्रिकेट सिखाया।

अपनी कोचिंग में भारत को जिताया वर्ल्ड कप
रोजर बिन्नी ने साल 2000 में अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम के कोच थे। भारत पहली बार इस विश्व कप में चैंपियन बना था। इसी टूर्नामेंट से भारत को मोहम्मद कैफ और युवराज सिंह जैसे क्रिकेटर मिले। रोजर बिन्नी उम्दा क्रिकेटर, शानदार कोच के साथ-साथ एक बेहतरीन इंसान भी माने जाते हैं। लोढा समिति के उनके बीसीसीआई चयन समिति के सदस्य रहने के दौरान उनके ऊपर हितों के टकराव का आरोप लगा तो तुरंत चयन समिति से इस्तीफा दे दिया था।

बेटे के नाम पर छोड़ देते थे मीटिंग

साल 2012 में रोजर बिन्नी बीसीसीआई के चयनकर्ता चुना गए थे। तब उनके बेटे स्टुअर्ट बिन्नी भी भारतीय टीम का दरवाजा खटखटा रहे थे। रोजर पर पक्षपात के आरोप भी लगते, लेकिन उन्होंने निष्पक्षता की मिसाल पेश की। बीसीसीआई के एक सदस्य ने बताया था कि चयन के समय बैठक में जब भी स्टुअर्ट बिन्नी के नाम पर चर्चा होती, रोजर मीटिंग रूम छोड़ देते थे। 2014 में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले स्टुअर्ट बिन्नी ने भारत के लिए 6 टेस्ट, 14 वनडे और 3 टी-20 इंटरनेशनल ही खेल पाए। 2016 में आखिरी टी-20 खेलने वके बाद वह कभी टीम में वापसी नहीं कर पाए।

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FIFA World Cup में मोरक्को से मिली हार के बाद नाराज हुए बेल्जियम के फैंस, कई इलाकों में भाड़की हिंसा; देखें Video

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Image Source : GETTY IMAGES, TWITTER
बेल्जियम की हार के बाद हुई हिंसा

FIFA World Cup 2022: कतर में फीफा वर्ल्ड कप में मोरक्को से मिली 2-0 की शर्मनाक हार के बाद बेल्जियम और नीदरलैंड के कई शहरों में दंगे भड़क उठे। बेल्जियम को मिली हार के बाद उनके लिए टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा और भी बड़ गया है। बेल्जियम को ग्रुप स्टेज में अपना अंतिम मैच 2018 वर्ल्ड कप की उपविजेता टीम क्रोएशिया से खेलना है। टूर्नामेंट के अगले राउंड में जाने के लिए बेल्जियम को किसी भी कीमत पर यह मैच जीतना होगा, जोकी उनके लिए आसान नहीं होगा। फैंस मोरक्को की जीत के बाद गुस्से में आ गए और सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर जमकर तोड़-पोड़ कर दिया।

ब्रसेल्स में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के बाद पुलिस ने करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया। दर्जनों दंगाइयों ने कारों को पलट दिया और आग लगा दी, इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगा दी और ईंटों से कारों पर पथराव किया। ब्रसेल्स की पुलिस प्रवक्ता इलसे वान डी कीरे ने कहा कि एक व्यक्ति के चेहरे पर चोट लगने के बाद पुलिस हरकत में आई। ब्रसेल्स के मेयर फिलिप क्लोज ने लोगों से शहर के केंद्र से दूर रहने का आग्रह किया और कहा है कि अधिकारी सड़कों पर व्यवस्था बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। यहां तक ​​कि पुलिस के आदेश पर मेट्रो और ट्राम यातायात भी बाधित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि“वे प्रशंसक नहीं हैं, वे दंगाई हैं। ”

एंटवर्प और लीज शहर में भी गड़बड़ी हुई। आंतरिक मंत्री एनेलिस वर्लिंडन ने कहा कि, “यह देखकर दुख होता है कि कैसे कुछ लोग स्थिति का दुरुपयोग कर आपा खो देते हैं।” पड़ोस के देश नीदरलैंड में पुलिस ने कहा कि रॉटरडैम के बंदरगाह शहर में हिंसा भड़क उठी, अधिकारियों ने दंगा रोकने के लिए आतिशबाजी और कांच के साथ पुलिस पर पथराव करने वाले 500 फुटबॉल समर्थकों के एक ग्रुप को तोड़ने का प्रयास किया। मीडिया ने राजधानी एम्स्टर्डम और हेग में अशांति की सूचना दी। मोरक्को की जीत वर्ल्ड कप में एक बड़ी उलटफेर थी और कई बेल्जियम और डच शहरों में मोरक्को के अप्रवासी मूल के फैंस ने टीम की जीत को उत्साहपूर्वक मनाया।

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हवा में जंप और सिर से करारा प्रहार, सिर्फ 68 सेकंड में दाग दिया सबसे तेज गोल

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रेयान (कतर): लियोनेल मेसी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो और रॉबर्ट लेवांडोव्स्की जैसे धाकड़ फुटबॉलरों का जलवा तो देख ही लिया होगा आपने, लेकिन ये खिलाड़ी जो काम नहीं कर सके उसे अलफोंसो डेविस ने कर दिखाया। बायर्न म्यूनिख के स्टार खिलाड़ी ने फीफा वर्ल्ड कप 2022 का सबसे तेज गोल दागा। उन्होंने मैदान पर उतरने के सिर्फ 68वें सेकंड में ही हेड किक से गेंद को जाल में उलझा दिया। हालांकि, उनकी टीम को करारी हार झेलनी पड़ी, क्योंकि विपक्षी टीम क्रोएशिया ने इसके बाद बैक टू बैक 4 गोल दागे।

क्रोएशिया की दमदार वापसी, आंद्रेज क्रैमारिच ने दागे 2 गोल
क्रोएशिया ने मजबूत वापसी करते हुए आंद्रेज क्रैमारिच के दो गोल की मदद से फीफा विश्व कप मैच में कनाडा को 4-1 से हराकर बाहर कर दिया। कनाडा की टीम 36 साल में पहली बार विश्व कप में खेल रही थी लेकिन कतर में दो मैचों के बाहर ही टूर्नामेंट से बाहर हो गई। अलफोंसो डेविस ने दूसरे ही मिनट में कनाडा के लिए विश्व कप का पहला गोल दागा और अपनी टीम को बढ़त दिलाई।

शुरुआती मैच में मोरक्को से गोलरहित ड्रॉ खेलने वाली क्रोएशिया ने वापसी कर चार गोल दाग दिए। रूस में 2018 विश्व कप की उप विजेता रही क्रोएशिया के लिए खलीफा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में क्रैमारिच (36वें और 70वें मिनट) के अलावा मार्को लिवाजा (44वें मिनट) और लोवरो माएर (90+4वें मिनट) ने भी गोल किए। कप्तान लुका मौद्रिच (37 वर्ष) टूर्नामेंट में अपने पहले गोल की तलाश में थे लेकिन सफल नहीं हुए।

यह संभवत: उनका अंतिम विश्व कप है। क्रोएशिया और बेल्जियम को 2-0 से हराकर उलटफेर करने वाली मोरक्को के ग्रुप एफ में चार चार अंक हैं। बेल्जियम के तीन अंक हैं और उसके पास अब भी अगले दौर में पहुंचने का मौका है। कनाडा को पहले दो मैचों में कोई अंक नहीं मिला और गुरुवार को मोरक्को के खिलाफ मुकाबले में जीत भी उसे अगले दौर में नहीं पहुंचा पाएगी। क्रोएशिया का सामना बेल्जियम से होगा। कनाडा इससे पहले 1986 में विश्व कप में पहुंची थी और तब भी ग्रुप चरण में ही बाहर हो गई थी।
Fifa: मोरक्को का गोलकीपर मैच से ठीक पहले रहस्यमयी तरीके से गायब, वर्ल्ड कप में मच गया हंगामाMessi World Cup: वाह मेसी वाह! झन्नाटेदार किक को रोकने में औंधे मुंह गिरा गोलकीपर, 7 प्लेयर्स को चीरते हुए जाल में समाई गेंदFifa World Cup: वाह रोनाल्डो… इतिहास रच दिया, 5 वर्ल्ड कप में गोल मारने वाले दुनिया के पहले आदमी



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जडेजा ने बताया, क्यों राहुल द्रविड़ को हमेशा टीम इंडिया के साथ होना चाहिए

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टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा ने बताया है कि राहुल द्रविड़ को मुख्य कोच के रूप में क्यों हमेशा टीम इंडिया के साथ होना चाहिए। उनका कहना है कि जब खिलाड़ी खेल रहे हैं तो आप क्यों साथ नहीं हैं। 



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