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बुधवार को MP में प्रवेश करेगी ‘भारत जोड़ो यात्रा’, राहुल का साथ देने के लिए प्रियंका गांधी भी होंगी शामिल

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पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी कर्नाटक के मांड्या में इस यात्रा का हिस्सा बनी थीं और राहुल गांधी के साथ पदयात्रा की थी. राहुल गांधी और कई अन्य नेताओं ने सात सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से इस यात्रा की शुरुआत की थी वे 3570 किलोमीटर की दूरी तय करके श्रीनगर पहुंचेंगे और वहीं पहुंचकर यह यात्रा संपन्न होगी.

आम नागरिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सैनिकों, किसानों, श्रमिकों, दिव्यांगों, कलाकारों, खिलाड़ियों, वरिष्ठ नागरिकों, प्रबुद्ध जनों आदि तबकों के सम्मान में यात्रा की हर दिन अलग-अलग थीम तय की गई है.

महाराष्ट्र सीमा से सटे बुरहानपुर जिले के बोदरली गांव को राहुल गांधी के पोस्टरों से पाट दिया गया है. करीब 6000 की आबादी वाले इस गांव में यात्रा के सभास्थल को केलों के पत्तों से खास तौर पर सजाया गया है, क्योंकि यह इलाका केले की खेती का गढ़ है.

बोदरली गांव का नेहरू-गांधी परिवार के साथ एक ऐतिहासिक जुड़ाव है. पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने 42 साल पहले इसी गांव में मशाल जलाकर 1980 के लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवार शिव कुमार सिंह के समर्थन में एक रैली को संबोधित किया था.

इंदिरा गांधी ने न केवल बोदरली गांव में एक रैली को संबोधित किया था, बल्कि तीन दिनों के लिए आदिवासी बहुल बुरहानपुर और खंडवा जिलों का ज्यादातर खुली जीप में दौरा किया था. साथ ही पार्टी उम्मीदवार को भाजपा के दिग्गज कुशाभाऊ ठाकरे पर एक यादगार जीत दिलाई थी.

बाद में, राहुल गांधी के पिता पीएम राजीव गांधी और मां सोनिया गांधी ने भी बुरहानपुर का दौरा किया था. सोनिया ने 2000 में फिर से बुरहानपुर का दौरा किया था, जब उन्होंने 1980 के लोकसभा चुनाव विजेता शिव कुमार सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया था.

यात्रा के दौरान, राहुल गांधी दो ज्योतिर्लिंग, खंडवा में ओंकारेश्वर और उज्जैन के महाकालेश्वर जाएंगे. वह पवित्र नर्मदा नदी की पूजा भी करेंगे और खंडवा में आदिवासी नेता टंट्या भील और इंदौर के महू में बीआर अंबेडकर के जन्मस्थान जाएंगे. टंट्या भील को भारत का रॉबिनहुड भी कहा जाता है. वह आदिवासी समुदाय की भील उपजाति से ताल्लुक रखते थे, जो राज्य की 1.53 करोड़ आदिवासी आबादी का लगभग 40 प्रतिशत है.

पांच दिसंबर को राजस्थान में प्रवेश करने से पहले मध्य प्रदेश में बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन और आगर-मालवा सहित छह जिलों के 25-30 विधानसभा क्षेत्रों से होकर लगभग 399 किलोमीटर की यात्रा करेगी.

राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में एमपी की पांच लोकसभा सीटें आएंगी. इन पांच सीटों में खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन और देवास पर बीजेपी का कब्जा है. इसके अलावा 26 विधानसभा सीटें यात्रा के दौरान आ रही हैं. इनमें से 16 सीटों पर भाजपा और 10 पर कांग्रेस है. खंडवा जिले की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है.

बुरहानपुर में एक सीट पर बीजेपी और एक पर निर्दलीय का कब्जा है. खरगोन जिले की पांचों विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है. इंदौर जिले की 9 विधानसभा सीटों में से 6 बीजेपी और 3 कांग्रेस के पास है. वहीं उज्जैन जिले में 4 सीटों पर कांग्रेस और 3 विधानसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा है. आगर मालवा जिले में एक सीट बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के पास है.

       

इस यात्रा के जरिए कांग्रेस का फोकस 382 किलोमीटर के दायरे में आने वाली उन 16 विधानसभा सीटों पर है, जिन पर फिलहाल बीजेपी का कब्जा है. 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इन पर जीत हासिल करना चाहती है.

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“कहीं ऐसा न हो, राहुल गांधी को ‘कांग्रेस खोजो’ यात्रा करनी पड़े…”, गुजरात नतीजों पर शिवराज चौहान ने कसा तंज़

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शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी पर कसा तंज

गुजरात में बीजेपी की प्रचंड जीत को लेकर बीजेपी खेमे में काफी उत्साह है. इस जीत के साथ ही कांग्रेस की जीत के दावे भी धूल हो गए. इस पर जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि राहुल जी भारत जोड़ो यात्रा कर रहे हैं ऐसा ना हो बाद में उन्हें कांग्रेस खोजो यात्रा करनी पड़े. गुजरात के नतीजों में 20 के नीचे समिट जाना अपने आप में कांग्रेस की स्थिति बताता है. अब वे सोचे या ना सोचें, लेकिन सच में यह भारतीय जनता पार्टी के लिए यह विजय अद्भुत और अभूतपूर्व है. 

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वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि गुजरात में भाजपा की प्रचंड जीत गुजरात की जनता की भाजपा और पीएम मोदी के प्रति अटूट विश्वास और स्नेह की जीत है. गुजरात में भाजपा ने जो विकास की राजनीति की, जनता ने उस पर फिर एक बार मोहर लगाई है. इस विश्वास के लिए गुजरात की जनता का कोटि कोटि धन्यवाद. प्रधानमंत्री मोदी जी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भुपेंद्रभाई पटेल, प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल समेत पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई.

केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गुजरात चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक विजय विकास, सुशासन और लोक कल्याण के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता की जीत है. इस विजय का सबसे बड़ा श्रेय पीएम मोदी  के नेतृत्व के प्रति जनविश्वास, उनकी लोकप्रियता और विश्वसनीयता को जाता है. उन्हें बधाई एवं जनता के प्रति आभार. वहीं सीआर पाटिल ने कहा कि यह केंद्र और गुजरात में भाजपा सरकार के सुशासन और विकास की जीत है.

बता दें कि गुजरात में तो बीजेपी की प्रचंड लहर दिखी लेकिन वह हिमाचल प्रदेश का किला नहीं बचा सकी. हिमाचल में कांग्रेस ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. 

 

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कांग्रेस अपने विधायकों को हिमाचल से कर सकती है शिफ्ट : सूत्र



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आप भी हैं ट्रेडिंग के शौकीन तो ठहर जाएं! RBI ने टाइमिंग में किया है बड़ा बदलाव

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Photo:INDIA TV आप भी हैं ट्रेडिंग के शौकीन तो ठहर जाएं और ये जान लें

Trading Time: भारतीय रिजर्व बैंक ने मनी मार्केट और रुपया ब्याज दर डेरिवेटिव के कुछ सेगमेंट के लिए ट्रेडिंग की टाइमिंग में बदलाव किया है। अब से कोरोना महामारी से पहले की ट्रेडिंग घंटे के हिसाब से कारोबार हो सकेगा। 

अब दो घंटे अधिक मिलेंगे ट्रेडिंग के लिए समय

बता दें, महामारी से पहले ट्रेडिंग के लिए टाइमिंग सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक हुआ करती थी, जिसे बाद में बदल कर 9 बजे से 3 बजे तक कर दिया गया था। आरबीआई ने कहा कि इंटरबैंक कॉल मनी मार्केट, कमर्शियल पेपर मार्केट, डिपॉजिट सर्टिफिकेट मार्केट, कॉरपोरेट बॉन्ड में रेपो और रुपये की ब्याज दर डेरिवेटिव के लिए आईएसटी को बहाल कर दिया गया है। आरबीआई की घोषणा 12 दिसंबर से प्रभावी हो जाएगी। सरकारी सिक्योरिटी में बाजार रेपो भी सुबह 9 बजे से दोपहर 2:30 बजे के बाद के COVID समय के साथ जारी रहेगा।

7 अप्रैल को हुआ था बदलाव

केंद्रीय बैंक ने कहा कि सरकारी बॉन्ड बाजार और मुद्रा बाजार विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव सहित सुबह 9 बजे से दोपहर 3:30 बजे के बाद के समय के साथ जारी रहेगा। रिजर्व बैंक द्वारा विनियमित विभिन्न बाजारों के लिए व्यापारिक घंटों को 7 अप्रैल 2020 से संशोधित किया गया था, जो परिचालन अव्यवस्थाओं और COVID-19 द्वारा उत्पन्न स्वास्थ्य जोखिमों के उच्च स्तर को देखते हुए संशोधित किया गया था।

महामारी से संबंधित समस्याओं को कम करने के साथ 09 नवंबर 2020 से चरणबद्ध तरीके से बाजार के घंटों की बहाली शुरू की गई थी। उस समय सभी मार्केट सेगमेंट के लिए ट्रेड टाइमिंग को संशोधित कर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कर दिया गया था।

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भगवा आंधी में उड़े गुजरात कांग्रेस के कई दिग्गज, नंबर दो के लिए भी AAP से लड़ाई; मेवाणी डटे

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Gujarat Chunav 2022 results: गुजरात विधानसभा चुनाव में चली भगवा आंधी के सामने कांग्रेस के कई दिग्गज टिक नहीं पाए। जारी मतगणना के रुझानों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बड़ी ऐतिहासिक जीत हासिल करती दिख रही है। 1985 में कांग्रेस ने 149 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। लेकिन अब भाजपा उस रिकॉर्ड को तोड़ते दिख रही है। कांग्रेस का प्रदर्शन 2017 के चुनावों से भी खराब दिख रहा है। यही नहीं, कांग्रेस के बड़े नेताओं को नंबर दो के लिए भी आम आदमी पार्टी (AAP) से फाइट करनी पड़ रही है। Gujarat Election Result 2022 Live Updates

कांग्रेस के दिग्गज व गुजरात में विपक्ष के नेता सुखराम राठवा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष परेश धनानी जैसे कांग्रेस के दिग्गज भाजपा के हाथों शिकस्त के लिए तैयार हैं। इनकी हार की एक वजह कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच वोटों के बंटवारे को भी बताया जा रहा है। इन सीटों पर ये नेता दूसरे स्थान के लिए आप से लड़ाई कड़ी फाइट कर रहे हैं। गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी के चचेरे भाई अमित चावड़ा के लिए लड़ाई करीब बनी हुई है। यहां तक कि जिग्नेश मेवाणी भी वडगाम सीट पर भाजपा उम्मीदवार मणिलाल वाघेला से काफी पीछे चल रहे हैं।

एसटी आरक्षित जेतपुर सीट पर बीजेपी के जयंती राठवा को 48,337 वोट मिले हैं, जबकि सुखराम को 17,263 वोट और आप की राधिका राठवा को उनसे ज्यादा 18,504 वोट मिले हैं। वहीं सौराष्ट्र की अमरेली सीट पर परेश धनानी ने 2002 की हिंदुत्व लहर के दौरान भी पहली बार जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार कांग्रेस उम्मीदवार बीजेपी के कौशिक वेकार्या से हार रहे हैं और आप यहां तीसरे नंबर पर है। वेकार्या 68478 वोटों से आगे चल रहे हैं, जबकि आप के रवि धनानी को 21352 वोट मिले हैं और कांग्रेस के परेश धनानी को 34679 वोट मिले हैं। अमरेली सीट पर सभी उम्मीदवार पाटीदार हैं।

अंकलाव सीट पर कांग्रेस के अमित चावड़ा (73235 वोट) और बीजेपी के गुलाबसिंह पाढ़ियार (72836 वोट) के बीच मुकाबला कांटे का है और आप 1478 वोटों के साथ काफी पीछे है। इस सीट पर नोटा (2436) के वोट आप से अधिक थे। वडगाम एससी आरक्षित सीट पर मेवानी को वाघेला से कड़ी टक्कर मिल रही है। वाघेला ने 2012 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में यह सीट जीती थी। लेकिन 2017 में यहां से मेवाणी ने निर्दलीय जीत हासिल की। वे कांग्रेस के समर्थन से निर्दलीय चुनाव लड़े थे। वाघेला फिर भाजपा में चले गए।



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