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बाजार में अब नहीं मिलेगा बेबी पाउडर के नाम से मशहूर हुआ ‘बेबी प्रोडक्ट’, अगले साल से बाजार में बिकना बंद हो जाएगा जॉनसन एंड जॉनसन का बेबी पाउडर, ये है बड़ी वजह

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। दुनिया में ‘बेबी प्रोडक्ट्स’ बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने गुरुवार को एक बयान जारी कर सनसनी मचा दी है। कंपनी की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि वह 2023 से विश्व-स्तर पर टैलकम निर्मित बेबी-पाउडर उत्पादों की बिक्री बंद करने की योजना बना रहा है। कंपनी को यह फैसला लंबी कानूनी लड़ाई और भारी मुआवजे के कारण लेना पड़ रहा है। इसका साफ मतलब है कि जो जॉनसन एंड जॉनसन प्रोडक्ट लोग दशकों से इस्तेमाल कर रहे हैं वो पाउडर अब बाजार में नहीं बिक  सकेगा। अगले साल से कंपनी इस पाउडर की बिक्री बंद कर सकती है। इसकी जगह पाउडर एक नई कंपोजिशन और नए नाम के साथ बाजार में आ सकता है जिसमें कॉर्न स्टार्च का प्रयोग किया गया होगा।

बता दें, कंपनी अमेरिका और कनाडा में पहले ही बिक्री बंद कर चुकी है। इससे पहले मई 2020 में, जॉनसन एंड जॉनसन पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने प्रोडक्ट्स से कैंसर होने का आरोप लगाते हुए हजारों मुकदमें दर्ज किए, जिसमें से कंपनी कई केसेस का निपटारा कर चुकी है। 

जॉनसन एंड जॉनसन ने गुरुवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि उसने अपने पोर्टफोलियो का आंकलन करने के बाद अपने सभी बेबी पाउडर प्रोडक्ट्स के लिए टैल्कम पाउडर के स्थान पर कॉर्नस्टार्च का उपयोग करने का निर्णय लिया है। दरअसल, कंपनी पिछले लगभग 10 सालों से भी अधिक समय से कानूनी लड़ाई लड़ रही है। कंपनी पर आरोप है कि कैंसर के जोखिम को छिपाने के लिए उसने टैल्क-आधारित बेबी पाउडर का इस्तेमाल किया है।

कंपनी के ओवरऑल कारोबार की बात करें तो इस साल अब तक गुरुवार के बंद होने तक उसके शेयर 2.3% गिर गए है।

इतना मुआवजा देगी कंपनी 

कुछ समय पहले एक शोध में पाया गया कि जॉनसन एंड जॉनसन अपने बेबी प्रोडक्ट्स जिस टैल्कम पाउडर का इस्तेमाल करती है, उसमें एस्बेस्टस नाम का खनिज पाया जाता है, जो कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों को बढ़ावा देता है। इस दौरान कुछ अन्य कंपनियों ने पाया है कि कॉर्न स्टार्च भी एस्बेस्टस की तरह स्किन को फायदा पहुंचा सकता है। दूसरा फायदा ये है कि कॉर्न स्टार्च में एस्बेस्टस की तरह कैंसर कारक तत्व भी नहीं पाए जाते हैं। जिसकी वजह से वो स्किन के लिए ज्यादा सेफ माना जा रहा है।

पिछले एक दशक में कंपनी पर अकेले अमेरिका में 40,300 मुकदमे किए गए। इस दौरान जॉनसन एंड जॉनसन को मामलों को सुलझाने के लिए अब तक लगभग 3.5 बिलियन डॉलर का मुआवजा देने को कहा गया है। सेंट लुइस में राज्य की अदालत ने 2018 के जूरी के फैसले के अनुसार 20 महिलाओं को $2.5 बिलियन का भुगतान करने के लिए  कहा था, जिन्होंने कंपनी पर ओवेरी कैंसर (overy cancer) होने का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी।

 



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विश्व कप में मोरक्को की जीत के बाद बेल्जियम, नीदरलैंड में दंगे ब्रसेल्स

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भाषा / नई दिल्ली November 28, 2022






फुटबॉल विश्वकप में रविवार को बेल्जियम पर मोरक्को की 2-0 से जीत के बाद बेल्जियम और नीदरलैंड के कई शहरों में दंगे भड़क उठे। ब्रसेल्स में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार छोड़ी और आंसू गैस के गोले दागे। 


पुलिस ने ब्रसेल्स में करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया जबकि उत्तरी शहर एंटवर्प में भी आठ लोगों को पकड़ा गया। ब्रसेल्स पुलिस की प्रवक्ता इल्से वैन डे कीरे ने कहा कि कई दंगाई सड़कों पर उतर आए और कारों, ई-स्कूटरों में आग लगा दी तथा गाड़ियों पर पथराव किया। घटना में एक व्यक्ति के घायल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। 


ब्रसेल्स के महापौर फिलिप क्लोज ने लोगों से शहर के मध्य में जमा नहीं होने का अनुरोध किया और कहा कि अधिकारी सड़कों पर व्यवस्था बहाल करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हालांकि पुलिस के आदेश के बाद ट्रेन और ट्राम यातायात बाधित हुआ है। क्लोज ने कहा, ‘‘ये लोग खेल के प्रशंसक नहीं हैं बल्कि ये दंगाई हैं।’’ 


आंतरिक मंत्री एनेलीज वेरलिंडेन ने कहा, ‘‘यह देखना दुखद है कि किस तरह से मुट्ठी भर लोग स्थिति को खराब कर रहे हैं।’’ 


पड़ोसी देश नीदरलैंड में पुलिस ने कहा कि रॉटरडैम में हिंसा भड़क उठी और दंगा रोधी अधिकारियों ने करीब 500 लोगों के फुटबॉल समर्थक समूह को रोकने का प्रयास किया जिन्होंने पुलिस पर पथराव किया और आगजनी तथा तोड़फोड़ की। घटना में दो पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं।


रविवार देर शाम कई शहरों में अशांति की सूचना मिली। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक देश की राजधानी एम्सटर्डम और हेग में अशांति का माहौल है।

 



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कर्मचारियों को रोकने के लिए 1800 डॉलर तक का बोनस दे रही फॉक्सकॉन

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बीएस वेब टीम / नई दिल्ली 11 28, 2022






चीन में ऐपल के सबसे बड़े प्लांट फॉक्सकॉन में शुरु हुए कर्मचारियों के विरोध के बाद, कई ने प्लांट छोड़ दिया। अब कंपनी ने फॉक्सकॉन प्लांट में कर्मचारियों को रोकने के लिए 1800 डॉलर तक के बोनस का ऐलान किया है। 

 

ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक, कंपनी दिसंबर और जनवरी में उन कर्मचारियों के वेतन में 13,000 युआन प्रति माह की बढ़ोतरी करेगी, जो नवंबर या उससे पहले की शुरुआत में शामिल हुए थे। 

 

पिछले हफ्ते, फॉक्सकॉन ने अपने उन कर्मचारियों के लिए भी ऐसे ही बोनस की घोषणा की थी जो कि हिंसक प्रदर्शन में शामिल हुए थे और प्लांट छोड़ना चाहते थे। 

 

कंपनी का इस तरह से असामान्य रूप से बोनस का ऑफर देना इस बात की पुष्टि करता है कि इस समय फॉक्सकॉन को कर्मचारियों की जरूरत है ताकि काम को फिर से गति दी जा सके। 

 

वहीं Apple ने कहा है कि वह संचालन बहाल करने के लिए फॉक्सकॉन के साथ मिलकर काम कर रहा है और दोनों कंपनियों का कहना है कि वो कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं। 

 

iPhone 14 Pro और Pro Max वो फोन हैं, जो इस साल सबसे अधिक डिमांड में हैं। वहीं चीन में स्थापित ऐपल के सबसे बड़े प्लांट में कोविड के चलते अप्रत्याशित नीति और अनिश्चित व्यापार संबंधों ने ऐपल के प्रोडक्शन को प्रभावित किया है। इस बारे में अमेरिकी कंपनी ने इसी महीने चेतावनी भी दी थी कि उसके लेटेस्ट प्रीमियम आईफ़ोन की शिपमेंट पहले की अपेक्षा कम होगी। 

 

 वहीं मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों के अनुसार इस महीने आईफोन प्रो आउटपुट में 6 मिलियन यूनिट की कटौती देखने को मिल सकती है।



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WhatsApp के 50 करोड़ यूजर्स की प्राइवेसी पर खतरा, ऑनलाइन सेल के लिए बेचा गया डेटा- रिपोर्ट

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साइबरन्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत सहित दुनिया भर के 84 देशों के लगभग 50 करोड़ यूजर्स के व्हाट्सएप डेटा की प्राइवेसी पर खतरा है। इन यूजर्स के डेटा को नियमों की अवहेलना करते हुए ऑनलाइन बिक्री के लिए रखा गया है।

 

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साइबरन्यूज ने एक डेटा नमूने की जांच की — “प्रसिद्ध हैकिंग कम्युनिटी फोरम” पर एक पोस्ट के बाद 487 मिलियन व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं के एक अप-टू-डेट डेटाबेस को बेचने का दावा किया – और पाया कि दावा सही था, मतलब दुनिया भर में कुल 2 अरब मासिक सक्रिय यूजर्स में से 25% की डेटा प्राइवेसी जोखिम में हो सकती हैं।

 

लीक हुए फ़ोन नंबरों का उपयोग मार्केटिंग और फ़िशिंग सहित कई जगहों पर किया जा सकता है।

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि लीक हुए रिकॉर्ड में से 3.2 करोड़ से ज्यादा रिकॉर्ड अमेरिका के यूजर्स के हैं, इसके बाद यूके (1.1 करोड़) है। प्रभावित उपयोगकर्ताओं की सबसे अधिक संख्या वाले अन्य देशों में मिस्र (45 मिलियन), इटली (35 मिलियन), सऊदी अरब (29 मिलियन), फ्रांस (20 मिलियन), तुर्की (20 मिलियन), और रूस (10 मिलियन) शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत से 6 मिलियन से अधिक व्हाट्सएप यूजर्स जोखिम में हो सकते हैं।

 

साइबरन्यूज ने कहा कि डेटा उल्लंघन के दावों की जांच करने के लिए उसे लगभग 2,000 नंबरों का एक सैंपल प्राप्त हुआ और पाया कि वे व्हाट्सएप यूजर्स के थे।

 

यह पहली बार नहीं है जब मेटा और इसके ऑनलाइन प्लेटफॉर्म डेटा सुरक्षा मुद्दे के बीच में पाए गए हैं।

  

पिछले साल, एक अन्य मेटा-स्वामित्व वाली कंपनी, फेसबुक के 500 मिलियन से अधिक यूजर्स के बारे में मुफ्त जानकारी ऑनलाइन पेश की गई थी। 2019 में फेसबुक के 41.9 करोड़ और इंस्टाग्राम के 4.9 करोड़ यूजर्स का डेटा सामने आया था। 



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