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बांदा में यमुना में 35 सवारियों से भरी नाव डूबने से तीन की मौत, 15 को बचाया गया; 17 लापता

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यूपी के बांदा जिले में यमुना नदी में नाव डूबने के बाद लापता 17 लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है.

बांदा (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में आज एक बड़ा हादसा हुआ. यमुना नदी में सवारियों से भरी एक नाव पलट गई. इस नाव में 35 लोग सवार थे. पुलिस और गोताखोरों ने 18 लोगों को नदी से बाहर निकाल लिया जिसमें से तीन की मौत हो गई व 15 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अन्य 17 लोगों की तलाश की जा रही है. घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से बचाव कार्य में जुट गई है. 

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यह घटना बांदा जनपद के मरका थाना क्षेत्र के अंतर्गत यमुना नदी में हुई. वहां फतेहपुर से मरका की ओर से आ रही सवारियों से भरी एक नाव पलट गई. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. 

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक अभिनंदन, जिलाधिकारी अनुराग पटेल सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए. लगभग चार घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक 17 लोगों का कोई पता नहीं लग पाया है. बड़े पैमाने पर गोताखोरों की मदद से बचाव कार्य जारी है. लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांदा में यमुना नदी में हुए हादसे को लेकर जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव और राहत कार्य करने के लिए निर्देशित किया है. उन्होंने दुर्घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त करते हुए संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

ओडिशा की चिल्‍का झील में पलटी नाव, एक शख्‍स लापता



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VIDEO: अमेरिकी दुल्हन ने रेड लहंगा पहन कर शादी में की एंट्री, पापा का रिएक्शन देख कर फैंस बोले- खूब सारा प्यार  

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अमेरिकी दुल्हन ने रेड लहंगा पहन कर शादी में की एंट्री

नई दिल्ली :

भारतीय शादियां बेहद खास होती हैं. मस्ती और धमाल से भरपूर शादियों में काफी रौनक होती है. बात चाहे रस्मों रिवाज, डांस और मस्ती की हो या वेडिंग ड्रेस की, भारतीय शादियों को दुनिया भर में पसंद किया जाता है. विदेशों में भारतीय शादियों को काफी पसंद किया जाता है, यही वजह है कि विदेशी भी भारतीय रंग में रंगे नजर आते हैं और वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए भारत को चुनते हैं तो कई शादी के लिए इंडियन आउटफिट चुनते हैं.

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सोशल मीडिया पर इन दिनों शादी का एक नया वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक विदेशी दूल्हन लहंगा पहन कर शादी में पहुंचीं. जीहां वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अमेरिकी दुल्हन ने रेड लहंगा पहना और जुलरी पहनी है. वह एकदम इंडियन दुल्हन दिख रही है. क्लिप में दुल्हन के दोस्तों और परिवार को एक होटल के कमरे के बाहर उसका इंतजार करते हुए दिखाया गया है और जैसे ही वह लाल लहंगे में बाहर निकलती है, वे खुश हो जाते हैं और फिर उसे गले लगा लेते हैं.

वीडियो को इंस्टाग्राम पर एक मेकअप और हेयर आर्टिस्ट बियांका लूज़ाडो ने पोस्ट किया है. वीडियो के साथ लुज़ाडो ने लिखा, “क्या खूबसूरत पल है, हन्ना रोजर्स. आपका परिवार और आप प्यारे हैं.”

       

वीडियो को 19 नवंबर को पोस्ट किया गया था और इसे कई लाइक्स और कमेंट्स मिले हैं. इसे अब तक 6 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है. एक यूजर ने लिखा, “ओह माय गॉड डैड का रिएक्शन. वह अभी भी उसे ऐसे देख रहे हैं जैसे वह 6 साल की हो.” एक अन्य यूजर ने लिखा, “क्रॉस-कल्चरल शादियां कितनी खूबसूरत होती हैं.” तीसरे यूजर ने लिखा, “काफी समय बाद कुछ  अच्छा देखा.  एक और ने लिखा, ” एक भारतीय के रूप में गर्व है और अमेरिकी लोगों को हमारी संस्कृति से प्यार करने के लिए प्यार.”

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अरविंद केजरीवाल बोले, “ये लोग गुजरात में व्यापारियों से गुड़ागर्दी करते हैं”





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‘वोट डालने से रोकने के लिए किया जा रहा’, आजम खान का आरोप- समर्थकों को धमका रही पुलिस

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Image Source : FILE PHOTO
आजम खान

Rampur By-Election: सपा नेता आजम खान की विधानसभा सदस्यता रद्द किए जाने के बाद रामपुर सदर सीट पर उपचुनाव हो रहा है। इस बीच, आजम खान ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस सपा कार्यकर्ताओं को धमकाने का काम कर रही है और उनके घरों में घुसकर उनके परिवार की महिला सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार कर रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसा उन्हें 5 दिसंबर को रामपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में वोट डालने से रोकने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पुलिस ने मेरी पत्नी और रामपुर की पूर्व सांसद तंजीन फातिमा को भी धमकी दी और उनके लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।” आजम खान ने कहा कि रामपुर नगर निगम के उपकरण गायब होने के मामले में सपा नेता के सह आरोपी मोहम्मद तालिब के घर पर पुलिस की एक टीम ने छापा मारा।

‘पार्टी के 50 कार्यकर्ताओं के दरवाजे तोड़ दिए गए’

आजम ने आरोप लगाया, “पार्टी के 50 कार्यकर्ताओं के दरवाजे तोड़ दिए गए और कई निर्दोष लोगों को सड़कों से उठा लिया गया। वे महिलाओं के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते थे। महिलाओं के साथ ऐसा अमानवीय और शर्मनाक व्यवहार प्रशासन को शोभा नहीं देता। मेरी पत्नी तालिब की बुजुर्ग मां को देखने गई थी, जिनकी तबीयत ठीक नहीं है, तभी पुलिस ने उनकी तलाश में घर पर छापा मारा।”  बता दें कि उपकरण इस साल सितंबर में जौहर विश्वविद्यालय से बरामद किया गया था। इस मामले में तालिब फरार है और पुलिस ने उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। 

पार्टी के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगने का अधिकार है’

आजम खान ने कहा, “उन्होंने मेरा वोट देने का अधिकार खत्म कर दिया है, लेकिन मेरे पास अभी भी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगने का अधिकार है। मेरे पास पुलिस अत्याचार के वीडियो हैं और हम उन्हें अदालत में पेश करेंगे। मुझे लगता है कि मुझे सपा प्रमुख अखिलेश यादव से कहना चाहिए कि वह भारत के चुनाव आयोग से बीजेपी उम्मीदवार को विजेता घोषित करने का अनुरोध करें, क्योंकि यहां कोई चुनाव नहीं हो रहा है। हमारे मतदाताओं को धमकी दी जा रही है कि वे वोट न डालें, नहीं तो उनके घर खाली कर दिए जाएंगे।”

चुनाव प्रचार के लिए रामपुर आने वाले हैं अखिलेश यादव

अखिलेश यादव और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी अगले दो दिनों में चुनाव प्रचार के लिए रामपुर आने वाले हैं। इस बीच, एडिशनल एसपी (रामपुर) संसार सिंह ने कहा कि उन्होंने केवल वांछित अपराधियों की तलाश में छापेमारी की। सिंह ने कहा, “यह गलत है कि हमने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। हम आम तौर पर छापेमारी के वीडियो बनाते हैं और हमारे पास पर्याप्त सबूत और तथ्य हैं।”

बीजेपी उम्मीदवार आकाश सक्सेना ने इस बीच संवाददाताओं से कहा कि आजम खान को यह एहसास हो रहा है कि मुस्लिम समुदाय के सदस्य, जिनमें पार्टी के वरिष्ठ सदस्य भी शामिल हैं, अब बीजेपी का पक्ष ले रहे हैं। हमने उनसे रोजगार और विकास का वादा किया है। रामपुर सदर सीट पर 5 दिसंबर को वोटिंग होगी और तीन दिन बाद 8 दिसंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

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मुलायम सिंह यादव की तरह डिंपल के लिए आसान नहीं है मैनपुरी का ‘गढ़’ जीतना

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डिंपल यादव

मैनपुरी (उप्र): समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद खाली हुई मैनपुरी संसदीय सीट पर हो रहे उपचुनाव में उनकी पुत्रवधू डिंपल यादव पार्टी की उम्मीदवार हैं लेकिन स्थानीय लोगों की मानें तो अपने ससुर मुलायम सिंह यादव की तरह डिंपल के लिए जीत की राह उतनी आसान नहीं है। कई लोगों का मानना है कि सपा संस्थापक के निधन के बाद डिंपल यादव जनता की सहानुभूति के चलते उनकी परंपरा को बरकरार रखेंगी। मुलायम सिंह यादव का 10 अक्टूबर को निधन हो गया और उनके निधन के बाद हो रहे मैनपुरी उपचुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को 10 नवंबर को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया गया। उपचुनाव के लिए पांच दिसंबर को मतदान और आठ दिसंबर को मतगणना होगी।

रघुराज सिंह शाक्य के लिए जीतना मुश्किल?


व्यवसायी धीरेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा, ‘‘डिंपल यादव के लिए निश्चित रूप से उपचुनाव आसान नहीं होगा, क्योंकि बीजेपी सपा से सीट छीनने की पूरी कोशिश कर रही है। बड़ी संख्या में बीजेपी नेता पहले से ही शहर में डेरा डाले हुए हैं।’’ इसके साथ ही गुप्ता ने कहा, ‘‘बीजेपी के लिए राह आसान नहीं होगी क्योंकि उसके उम्मीदवार रघुराज सिंह शाक्य औपचारिकता के तौर पर मतदाताओं से मिल रहे हैं और उनका अभिवादन कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि जब तक बीजेपी कार्यकर्ता घर-घर जाकर प्रचार नहीं करेंगे, शाक्य के लिए जीतना मुश्किल होगा।

‘नेता जी और अखिलेश के बीच कोई तुलना नहीं हो सकती’

गुप्ता ने कहा, ‘‘नेता जी (मुलायम सिंह यादव) और उनके बेटे अखिलेश यादव के बीच कोई तुलना नहीं हो सकती, क्योंकि मुलायम सिंह यादव अपने प्रत्येक मतदाता को जानते थे। हालांकि, अखिलेश यादव निर्वाचन क्षेत्र के कमोबेश हर घर में जा रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वे उपचुनाव में विजयी होकर उभरें।’’ गुप्ता ने कहा कि उपचुनाव यादव परिवार के लिए ‘अस्मिता’ की लड़ाई है। यदि स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता मतदाताओं से जुड़ाव बनाने में विफल रहते हैं तो लखनऊ से मंत्रियों सहित वरिष्ठ नेताओं को चुनाव प्रचार के लिए लाने से बहुत कम प्रभाव पड़ेगा।

dimple yadav

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डिंपल यादव

बीजेपी के लिए मैनपुरी में सपा के किले को तोड़ने का सबसे अच्छा मौका

होटल व्यवसायी हेमंत पचौरी ने कहा कि यह उपचुनाव ‘नेता जी’ की अनुपस्थिति के कारण भाजपा के लिए मैनपुरी में सपा के किले को तोड़ने का सबसे अच्छा मौका है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर सपा इस बार सीट हारती है तो यह उनके राजनीतिक ताबूत में आखिरी कील साबित होगी। सत्ता में रहने के दौरान सपा ने शहर में गुंडागर्दी की थी और लोग खुद को परेशान महसूस कर रहे थे। अब नजारा बदल गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस उपचुनाव में काफी कड़ा मुकाबला है। इस समय, यह कहना मुश्किल है कि कौन जीतेगा या किसके पास बढ़त होगी। इस बार खासकर नेता जी की मौजूदगी नहीं होने से चीजें अलग हैं।’’

2019 में 94,000 मतों के अंतर से जीते थे मुलायम

पचौरी ने कहा, ‘‘2019 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से अपने लिए वोट देने का आग्रह करते हुए एक भावनात्मक अपील की थी और उन्होंने लगभग 94,000 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। तब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी उनका समर्थन किया था।’’ पचौरी ने बताया कि 2019 से पहले के चुनावों में नेता जी की जीत का अंतर लाखों में था। एक और स्थानीय व्यापारी के. के. गुप्ता ने कहा, ‘‘डिंपल यादव के लिए कोई सहानुभूति नहीं है, क्योंकि जब सपा सत्ता में थी तो लोग उसके कुशासन से तंग आ चुके थे।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘राज्य में भाजपा सरकार के सत्ता में आने और अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। तब से अपराध के मामलों में कमी आई है।’’

‘पिता से पार्टी की बागडोर लेने के बाद खत्म हुई अखिलेश से सहानुभूति’

स्‍थानीय निवासी भूपेंद्र सिंह ने भी सपा के लिए सहानुभूति की लहर से इनकार किया और कहा कि भाजपा उपचुनाव में ‘‘इतिहास रचेगी’’ और यह सीट जीतेगी। उन्होंने दावा किया, ‘‘अखिलेश यादव के लिए सहानुभूति उस दिन गायब हो गई, जब उन्होंने परिवार में झगड़े के बाद अपने पिता से पार्टी की बागडोर संभाली। उनके लिए, डिंपल या सपा के लिए बिल्कुल भी सहानुभूति नहीं है।’’ हालांकि, एक स्वयंभू ‘समाजवादी तपस्वी’ श्याम बहादुर यादव ने इन टिप्पणियों को खारिज कर दिया और कहा कि मैनपुरी के लोग सपा और विशेष रूप से ‘‘सैफई परिवार’’ को पूरे दिल से समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह मैनपुरी के लोग हैं जो चुनाव (भाजपा के खिलाफ) लड़ रहे हैं। चुनाव महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ‘नेता जी’ के निधन के बाद हो रहा है और मैनपुरी के लोग डिंपल को ही लोकसभा के लिए चुनेंगे।’’





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