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फिल्म रिव्यू : पोन्नियि‍न सेल्वन भाग 1

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फिल्म ‘पोन्निय‍िन सेल्वन’ के टाइटल का मतलब पोन्नी (कावेरी) का बेटा है। यह फिल्म महाप्रतापी चोल राजा अरुलमोरीवर्मन के शुरुआती दिनों की कहानी पर आधारित है, जिन्होंने राजेंद्र प्रथम के नाम से चोल साम्राज्य पर शासन किया। यह भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्‍म है, जो करीब 500 करोड़ रुपये के बजट में बनी है। Ponniyin Selvan Part-1 सन 1955 में कल्कि कृष्णमूर्ति द्वारा इसी नाम से लिखे गए उपन्यास ‘पोन्नियि‍न सेल्वन’ पर आधारित है। पचास के दशक में एम जी रामचंद्रन (एमजीआर) ने इस पर फिल्म बनाने का प्रयास किया था, लेकिन कामयाब नहीं हुए। उसके बाद खुद मणिरत्नम ने दो बार इस महागाथा को फिल्म में तब्दील करना चाहा, लेकिन उनकी कोशिश परवान नहीं चढ़ी। आखिरकार 2019 में मणिरत्नम ने अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया।

‘पोन्‍न‍ियि‍न सेल्‍वन’ की कहानी
फिल्म ‘पोन्नियि‍न सेल्वन’ की कहानी के केंद्र में अब से करीब 1000 साल पहले चोल साम्राज्य के आकाश में दिखे एक धूमकेतु के कारण हुई पंडितों की अनहोनी की भविष्यवाणी है। चोल सम्राट सुंदर चोल (Prakash Raj) अस्वस्थ हैं। उनका बड़ा बेटा आदित्य करिकलन (Chiyan Vikram) राष्ट्रकूटों से मुकाबला कर रहा है। जबकि छोटा बेटा अरुलमोरीवर्मन (Jayam Ravi) सिंहल द्वीप (श्रीलंका) पर युद्ध लड़ रहा है। आदित्य की पुरानी प्रेमिका नंदिनी (Aishwarya Rai Bachchan) अब चोल सेनापति पर्वतेश्वर की पत्नी बनकर साम्राज्य की जड़े हिलाने में लगी है। वहीं राजा की बेटी राजकुमारी कुंधवई (Trisha Krishnan) पिता के साथ राज्य के षडयंत्रों से निपटने में जुटी है। जबकि आदित्य का मित्र वंध्यवन (Karthi) भी चोल साम्राज्य को बचाने में लगा है। इस सब में कौन कामयाब होगा? यह जानने के लिए आपको सिनेमाघर जाना होगा।

‘पोन्‍न‍ियन सेल्‍वन’ का ट्रेलर

‘पोन्‍न‍ियन सेल्‍वन’ का रिव्‍यू
मणिरत्नम ने जब ‘पोन्नियि‍न सेल्वन’ फिल्म बनाई, तो इसे तमिल सिनेमा की ओर से तेलुगू सुपरहिट फिल्म ‘बाहुबली’ का जवाब माना गया। हालांकि इस फिल्म का ‘बाहुबली’ से मुकाबला करना इसलिए सही नहीं होगा, क्योंकि यह एक सत्य घटना पर आधारित है, जबकि बाहुबली एक फिक्शन थी। हिंदी वर्जन में फिल्म की शुरुआत बैकग्राउंड में अजय देवगन की दमदार आवाज से होती है, जो फिल्म की कहानी से आपका परिचय करवाते हैं। उसके बाद फिल्म धीमी रफ्तार से आगे बढ़ती है। फिल्म अभी राजमहल के भीतरी षडयंत्रों से बाहर नहीं निकल पाती और इंटरवल हो जाता है। इंटरवल के बाद सिंहल द्वीप पर चोल साम्राज्य की विशाल नौसेना का भव्य दृश्य कुछ जोरदार होने की उम्मीद जगाता है, लेकिन वह लड़ाई भी कुछ खास नहीं होती। हालांकि फिल्म के क्लाईमैक्स में समुद्र में फिल्माया गया वॉर सीक्वेंस जरूर दर्शकों को लुभाता है।

डायरेक्टर मणिरत्नम ने इस महागाथा को बेहद भव्य तरीके से शूट किया है, लेकिन फिल्म की गति काफी धीमी होने के कारण यह आप में उत्साह बरकरार नहीं रख पाती। इतने बड़े स्तर पर बनी फिल्मों में दर्शक कुछ धमाकेदार होने की उम्मीद लेकर सिनेमा आते हैं, लेकिन उस मामले में ‘पोन्नियिन सेल्वन’ निराश करती है। उम्मीद है कि मणिरत्नम फिल्म के दूसरे भाग में इसकी कमी पूरी करेंगे।

कलाकारों की एक्टिंग की बात करें, तो फिल्म में कार्ति ने जबरदस्‍त काम किया है। शुरुआत से लेकर आखिर तक वह पूरे रंग में दिखते हैं। वहीं जयम रवि की एंट्री सेकंड हाफ में होती है। उन्होंने बेहतरीन एक्टिंग की है। चियान विक्रम को फिल्म के पहले भाग में ज्यादा मौका नहीं मिला। बावजूद इसके वह स्क्रीन पर दमदार दिखते हैं। ऐश्वर्या राय बच्चन हमेशा की तरह आकर्षक लगी हैं। वहीं तृषा कृष्णन भी चतुर राजकुमारी के रोल में जंचती हैं।

फिल्म का खूबसूरत संगीत एआर रहमान ने दिया है। जबकि रविवर्मन की सिनेमटोग्राफी कमाल की है। इसके हिंदी में डायलॉग नई वाली हिंदी के सुप्रसिद्ध् लेखक दिव्य प्रकाश दुबे ने लिखे हैं। वह इस तमिल महागाथा को आसान संवादों के जरिए हिंदी के दर्शकों तक पहुंचाने में पूरी तरह कामयाब हुए हैं।

क्‍यों देखें- अगर आप चोल साम्राज्य की महागाथा के भव्य स्वरूप को देखना चाहते हैं, तो इस वीकेंड सिनेमाघर जा सकते हैं।

क्‍यों न देखें- अगर आप कुछ बहुत ज्यादा धमाकेदार देखने की उम्मीद लेकर सिनेमा जा रहे हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है।



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साधारण नहीं था अथिया शेट्टी की शादी का कलीरा, संस्कृत मंत्र के साथ गढ़े गए थे ब्याह के सातों वचन

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अथिया शेट्टी और केएल राहुल पिछले महीने सुनील शेट्टी के खंडाला बंगले में एक करीबी रिश्ते में शादी के बंधन में बंधे। अपने प्यारे गुलाबी लहंगे के साथ अथिया ने खूबसूरत कलीरे भी पहने थे, जिसकी खूब चर्चा हुई। अथिया और राहुल की शादी किसी फेयरीटेल से कम नहीं थी। दोनों ने अपनी शादी में खूब एंजॉय किया। अब अथिया की शादी के बारे में एक प्यारा सा फैक्ट भी निकलकर सामने आया है। ये बात है अथिया के खूबसूरत कलीरे की, जिस पर संस्कृत में मंत्र लिखे हुए थे।

अथिया (Athiya Shetty) की बीस्पोक कलीरे में 50 से अधिक छोटे हाथ से बने सूरजमुखी को चित्रित किया गया है, जिसमें सूर्य पर संस्कृत में हाथों से लिखे विवाह की 7 प्रतिज्ञाएं हैं। अथिया और केएल राहुल की 23 जनवरी की शादी की तारीख भी एक सूरज पर उकेरी गई थी। इन कलीरों को डिज़ाइन करने वाली मृणालिनी चंद्रा ने खुलासा किया कि जयपुर और लखनऊ के अनुभवी कारीगरों ने इन कलीरों को हाथ से तैयार किया था। दिलचस्प बात यह है कि मृणालिनी चंद्रा ने आलिया भट्ट और कैटरीना कैफ की शादियों के लिए भी कलीरे तैयार किए थे।

अथिया की शादी का लहंगा

शादी समारोह के लिए अथिया एक गुलाबी चिकनकारी लहंगा और भारी पोल्की आभूषण में सजी थीं। सोशल मीडिया पर अपनी शादी की घोषणा करते हुए अथिया ने शेयर किया था, ‘आज हमारे सबसे प्रियजनों के साथ हमने उस घर में शादी की जिसने हमें बहुत खुशी और शांति दी है। कृतज्ञता और प्यार से भरे दिल के साथ हम इस एकजुटता की यात्रा पर आपका आशीर्वाद चाहते हैं।’

Athiya Shetty: शादी के बाद अथिया शेट्टी की पति केएल राहुल संग जबर पार्टी, एक-दूसरे को Kiss करता दिखा कपल

पिता सुनील शेट्टी ने ऐसे दी बधाई

कपल को बधाई देते हुए सुनील शेट्टी (Suniel Shetty) ने एक भावनात्मक नोट लिखा था, जिसमें लिखा था, ‘एक हाथ पकड़ने के लिए और विश्वास करने का एक कारण क्योंकि कभी-कभी सही जगह एक इंसान होता है और प्यार और विश्वास होती है… बधाई और मेरे बच्चों पर ईश्वर का आशीर्वाद है।’



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‘मेरे ख्वाबों में जो आए’, पर लता मंगेशकर ने कही थी- ‘छेड़ जाए’ पर एक्स्प्रेशन देने की बात

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लता मंगेशकर के साथ ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘मोहब्बतें’, ‘फना’, ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी अनेकों सुपर हिट फिल्मों के अमर कहलाने वाले गीतों को रचने वाले जाने-माने संगीतकार ललित पंडित (जतिन -ललित) लता के जिक्र पर जज्बाती हुए बिना नहीं रहते। इस खास बातचीत में वे बता रहे हैं कि कैसे लता जी ने उनकी मुश्किल दौर में मदद की

आइकॉनिक लव सॉन्ग
फिल्म ‘डीडीएलजे’ का ‘तुझे देखा तो ये जाना सनम’ के आज करीब दो दशक हो गए हैं, मगर आज भी ये गाना लोगों की जुबान पर है। खूबसूरत मेलोडी, किस हिसाब से और किस खूबसूरती से, जो लता जी ने गाया है। अगर उसको ध्यान से सुनेंगे तो Lata Mangeshkar जी का जो पोर्शन है, उसमें हमने अलग सुर बनाए हैं और कुमार सानू का जो पोर्शन है, उसके अलग सुर हैं। उसकी जो क्रॉस लाइन आती है तो उसकी ट्यून थोड़ी अलग होती हैं। ये कॉम्पोजिशन हमने बहुत सोच-समझ के बनाई थी। मुझे मालूम था कि ये बहुत ही आइकॉनिक लव सॉन्ग बनने वाला है।

‘मेरे ख्वाबों में…’ में मिली अनूठी सीख

इसी फिल्म का ‘मेरे ख्वाबों में’ जो गाना था वो सबसे पहला गाना रिकॉर्ड हुआ था। मैं दो-तीन दिन से स्ट्रेस में था कि Lata Mangeshkar जी को गवाना है और मेरा गाना है। इस गाने के दौरान मुझे उनसे एक बहुत ही कमाल की चीज सीखने को मिली। वो जब गा रही थीं तो उनको मैं बार-बार एक जगह रोक देता और कहता, एक टेक और लेते हैं दीदी।’ मुझे लगा कि वो जब गा रही थीं तो थोड़ा सा अलग गा रही हैं, तो मैं कट कर देता था। जब यह सिलसिला 10-12 बार हो गया, तो वे बैठ गईं और मुझे माइक पर बोलीं कि ललित जरा यहां सिंगर्स केबिन में आना। तो मैं थोड़ा घबरा गया कि मैंने कुछ गलती तो नहीं कर दी, कुछ नाराज तो नहीं हो गईं। मैं अंदर गया तो वो बैठी हुई थीं एक पेपर हाथ में ले कर। मैंने कहा, दीदी सब ठीक है ना, आपको बुरा तो नहीं लगा। वो बोलीं, अरे नहीं, यहां पर बैठो और मुझे बिठा दिया अपनी बगल में फिर वे बोलीं, इधर आके एक काम करो, चाय पीते हैं। फिर यहां-वहां की बातें की। सुलक्षणा दीदी (अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित) कैसी हैं। काफी अलग-अलग बात करके फिर वो गाने पर वापस आईं, वो पर्ची निकाल कर बोलीं कि देखो बख्शी साहब ने क्या लिखा है, ‘मेरे ख्वाबों में जो आए, आके मुझे छेड़ जाए, उससे कहो कभी सामने तो आए। ‘छेड़ जाए’ पर अगर मैं थोड़ा एक्स्प्रेशन दूंगी, तो वो लड़की स्क्रीन पर एक्स्प्रेशन देगी तो बड़ा अच्छा लगेगा, देखने में। मैं बोला, ‘अरे बाप रे एक्स्प्रेशन का तो मुझे पता ही नहीं था, मैं तो सोच ही नहीं पा रहा था। उन्होंने कितनी खूबसूरत और बारीक बात पकड़ ली। मैं बोला, अरे दीदी ये तो आप बहुत अच्छा कर रही हैं। आई एम सो सॉरी, ये तो प्लीज आप करिए, ये तो करना ही है आपको। ये तो बहुत अच्छा लगेगा। वे बोलीं -नहीं, नहीं, तुम जो कर रहे हो वो भी बहुत अच्छा है। एक बार ऐसा गाते हैं, जैसे मैं कह रही हूं और दूसरी बार तुम जैसा कह रहे हो, वैसा गाते हैं, तो चलेगा न? उनकी इस विनम्रता पर मैंने उनके पैर पकड़ लिए।

‘कभी खुशी कभी गम’ में सिर्फ एक गाने के लिए राजी करना मुश्किल था

कभी खुशी कभी गम का टाइटल सॉन्ग बनाना था। उसकी ब्रीफिंग बड़ी डिफिकल्ट थी। उसमें करण जौहर चाह रहे थे कि ये एक भजन हो। भजन में दो बातें हों कि वो जो लेडी है, वो भगवान के लिए भी गा रही हैं और अपने पति के लिए भी गा रही हैं। उसी म्यूजिक में शाहरुख खान की एंट्री होती है। उसमें उन्हें एनर्जी भी चाहिए थी। हम इसके कई वर्जन बना चुके थे, मगर करण को जंच नहीं रहे थे। मैंने करण को सुझाया कि अगर हम इस गाने को लता दीदी से गंवाएं, तो ये अपने आप भव्य हो जाएगा। वो बहुत एक्साइटेड हो गए। अब प्रॉब्लम ये थी कि लता जी केवल एक गाना किसी फिल्म में गाती नहीं थीं। मैंने दीदी को फोन किया रात को। मैं बोला दीदी एक आपसे रिक्वेस्ट है, अगर आप कर दें तो बहुत ही अच्छा हो जाए। मैंने जब अपनी बात रखी तो वे बोलीं, बोलीं, तुम जानते ही हो कि एक गाना मैं गाती ही नहीं हूं। मैंने बोला दीदी आपको सोच कर बनाया है। मेरे बहुत अनुरोध पर उन्होंने कहा, अच्छा ठीक है, कल आ जाओ, बैठकर सुनती हूं। लता जी के पास गया और मैंने गाना सुनाया। उस वक्त उषा (उषा मंगेशकर) जी भी बैठीं, वहां पर। वो मराठी में बोलीं, ‘छान (अच्छा) है। आखिरकार वे राजी हुईं। हालांकि उनको मनाने में यश चोपड़ा और उनकी पत्नी पैम चोपड़ा का भी हाथ था।

उन्होंने मेरे लिए महाराष्ट्र के होम मिनिस्टर को फोन किया

सबकी जिंदगी में ऐसे मोड़ आ जाते हैं कि आप आप हैंडल नहीं कर पाते। तो हमारी फैमिली में भी एक ऐसा हो वाकया हो गया। मेरी जो सिस्टर थीं संध्या नाम था जिनका, वो विजयेता (अभिनेत्री विजयेता पंडित) से बड़ी थीं। उनका मर्डर हो गया था। मैं बहुत परेशान था। पुलिस स्टेशन में धक्के खा रहा था। खूब रो रहा था। कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि कैसे इन्वेस्टिगेट करवाऊं? जब कुछ समझ में नहीं आ रहा था, तो लता दी को फोन किया। खूब रोया फोन पर, उन्हें सारी बात बताई। वो समझ गईं, क्योंकि वो संध्या को बचपन से जानती थीं। उन्होंने उस वक्त के महाराष्ट्र के होम मिनिस्टर आरआर पाटिल को फोन करके इन शब्दों का इस्तेमाल किया कि ये मेरे बेटे जैसा है, ये तकलीफ में है। आप इनसे मिलकर इनकी मदद कीजिए। बस फिर क्या था, पूरी पुलिस फोर्स कम में लग गई और हमें बहुत बड़ी मदद मिली। उन्होंने मुझे अपने बेटे जैसा प्यार दिया।



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ये रिश्ता क्या कहलाता है: अभिमन्यु और कायरव की दुश्मनी में इस शख्स कि जिंदगी पर मंडराया खतरा, अक्षु ने लिया शॉकिंग डिसीजन

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Image Source : YEH RISHTA KYA KEHLATA HAI
Yeh Rishta Kya Kehlata Hai

एपिसोड की शुरुआत सुवर्णा द्वारा रूही को रोकने से होती है। मनीष, अभी से पूछता है कि क्या आरोही ठीक हो जाएगी। अभी कहता है कि चिंता मत करो, वह ठीक हो जाएगी। मनीष कहता है भगवान का शुक्र है, रूही ने उसे नहीं देखा। कायरव कहता है कि वह नहीं देखेगा, हम रूही को अपने साथ तब तक ले जाएंगे जब तक आरोही यहां नहीं है। रूही के साथ भी ऐसा हो सकता है, मैं उसे आइसक्रीम खिलाकर फिर घर लेकर जा रहा हूं। अभी कहता है कि वह मेरी आत्मा का हिस्सा है, मेरी बेटी कहीं नहीं जाएगी कभी नहीं। कायरव पूछता है कि तुम उसके कौन हो। अभी कहता है कि मैं उसका पिता हूं। कायरव कहता है नहीं, तुम उसके बड़े पापा हो तुम सिर्फ एक पालक पिता हो। अभी पूछता है कि आप हमारे रिश्ते को तय करने वाले कौन हैं, आप सिर्फ उसके मामा हैं। कायरव कहता है कि तुम उसके ताऊ हो। 

कायरव कहता है कि रूही हमारे घर जाएगी। मनीष ने उसे डांटा। वह कहता है कि रूही के बारे में सिर्फ आरोही ही तय कर सकती है, कोई और नहीं। कायरव कहता है ठीक है, जिस दिन आरोही ठीक हो जाएगी, मैं उसे बिरला हाउस छोड़ने के लिए मना लूंगा। अभी कहता है कि तुम कोशिश कर सकते हो, तुम कुछ नहीं कर सकते। कायरव कहता है कि अभी ने मेरी बहनों की जिंदगी बर्बाद कर दी और आप सिर्फ नाटक देख रहे हो। मनीष ने उसे बाहर निकलने के लिए कहा। कायरव निकल जाता है। रूही, अभी के पास आती है। वह कहती है कि मैं बेवकूफ नहीं हूं, मैंने सुवर्णा और कायरव की बातें सुनीं, आरोही आहत हुई। अभी कहता है थोड़ा दुख हुआ है। वह कहता है कि मुझे मम्मी का ध्यान रखना चाहिए, कृपया मुझे एक बार देखने दें। अभी कहता है ठीक है, दूर से क्या तुम रोओगी। सुवर्णा पूछती है कि आप उनका प्यार क्यों नहीं देख सकते। 

कायरव कहता है क्योंकि मैं अभी की सच्चाई देख सकता हूं, जो आप सभी नहीं देख सकते। रूही कहती है कि मैं मां के साथ रहना चाहती हूं। वह आरोही को देखकर रोती है। वह डर जाती है और अभी को गले लगा लेती है। रूही कहती हैं कि मेरे पापा स्टार बन गए, मेरी मां को कभी स्टार मत बनना। वह उसे गले लगाता है और कहता है कि नहीं मेरी बात सुनो, मैं वादा करता हूं मैं उसे कुछ नहीं होने दूंगा, मुझ पर विश्वास करो। वह कहती है मुझसे वादा करो, तुम हमेशा आरोही के साथ रहोगे और कहीं नहीं जाओगे। वह कहता है मैं वादा करता हूं, मेरे साथ आओ। मनीष और आनंद देखते हैं।

मनीष, रूही को ले जाता है। अभी कहता है कि आरोही को कुछ नहीं हो सकता। अक्षु कहती है कि मुझे मुस्कान के लिए यह बैग मिला है, मैं मनीष को फोन करूंगी, मैं उसे अपनी जिम्मेदारी पर भेज रही हूं। अभिनव बैग खोलने की कोशिश करता है। वह उसकी मदद करती है। अभीर कहता है कि बहुत बुखार है, दवाइयां लो और सो जाओ। वह कहती है नहीं ठीक है बस जाओ, मुझे बहुत काम है। वे दोनों उसे आराम करने के लिए कहते हैं और उसे डांटते हैं। मंजरी, अभी को फोन करती है और पूछती है कि क्या आरोही ठीक है। वह कहता हां है। वह पूछती है कि उसके साथ ऐसा क्यों हुआ, उसने हमारे परिवार और काम को संभाला है। वह अपनी बेटी की खातिर पूरी तरह बदल गई है, उसने हमारी इतनी देखभाल की है। 

अगर उसे कुछ होता है तो मैं खुद को माफ नहीं करूंगी। वह कहता है कि उसे कुछ नहीं होगा। वह कहता है कि रूही ने मुझसे वादा किया था, मैं यहां रहूंगा, वैसे भी मैं यही होता अगर आप नहीं कहती तब भी दवाइयां ले लो। वह कॉल खत्म करता है और आरोही पर नजर रखता है। वह कहता हैं कि बुखार उतर नहीं रहा है, आप जानते हैं कि बिजली के झटके के मामले में संक्रमण का डर है, होश में आ जाओ। रोहन को कॉफी मिलती है।

अभी ब्लड सैंपल की रिपोर्ट मांगता है। सुवर्णा कहती है कि हम बुरे समय में शिकायत करते हैं, हम अच्छे समय में भगवान का शुक्रिया अदा करना भूल जाते हैं, भगवान ने आरोही को बचाया है। हमें अक्षु को यह बताना चाहिए। मनीष कहता हैं नहीं, वह यहां आएगी। सुवर्णा कहती हैं कि रिश्ते दिल से जुड़े होते हैं। वह कहता है कि मैं उसे सूचित नहीं करना चाहता। कायरव कहता है कि कृपया उसे मत बुलाओ, मुझे यह पसंद नहीं है कि वह दूर रहे, लेकिन वह अभी से भी दूर रहे हैं। मनीष पूछता है क्यों, आरोही भी खुश है। कायरव पूछता है, उन्होंने उसे क्या दिया यह समझने की कोशिश करें कि मैं ऐसा क्यों कह रहा हूं, मैं अभी को अच्छी तरह से जानता हूं, जो भी उसके साथ है वह बर्बाद हो जाता है। मैंने फैसला किया कि आरोही उनके घर नहीं जाएगी, वह यहां आएगी। 

सुवर्णा कहती है एक बार हमारी बात सुन लो। वह कहता है कि तुम परेशान हो सकते हो और मुझसे नफरत कर सकते हो, लेकिन मेरी बात सुनो। मंजरी कहती है कि कोई भी सुनना नहीं चाहता है, कायरव ने वहां एक नाटक किया, वह हमें धमकी दे रहा था कि वह आरोही और रूही को गोयनका हाउस ले जाएगा। मंजरी पूछती है क्या। आनंद कहता हैं कि वह सुन नहीं रहे थे। मंजरी कहती है कि वह अब हमारी बेटी बन गई है, मैं उसे दूर नहीं भेजूंगा वो हमारे साथ रहेंगी, रूही, नील की आखिरी निशानी है। मुझे पता है कि आरोही हमें कभी नहीं छोड़ेगी। रोहन को रिपोर्ट मिलती है। अभी रिपोर्ट चेक करता है। मंजरी उसे बुलाती है और कहती है कि रूही को एक बुरा सपना आया, वह चिल्लाने लगी, वह कांपने लगी, मैं उसे कैसे संभालूंगी। वह चिंता करता है।

प्रीकैप:

अभी कहता है कि रूही अपनी मां के लिए चिंतित है, उसकी मां अस्पताल में है कृपया रूही के लिए जाम की व्यवस्था करें। अक्षु यह सुनती है और कहती है कि मैं उदयपुर जाऊंगा और अपनी बहन को देखूंगा।

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