Connect with us

International

धरती को बचा सकती है कम डकार, अधिक मांस और दूध, विशेषज्ञ से समझें पूरा मामला

Published

on


पेन्सिलवेनिया: अफ्रीका के पशुधन किसान जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा नुकसान झेल रहे हैं। बार बार आने वाले गंभीर सूखे के कारण मवेशियों का भूख से मर जाना और जगह जगह पड़े उनके शव जैसे मंजर वहां आम हैं। लेकिन वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन के कारणों में पशुपालन भी एक है। दुनिया के तीन अरब या अधिक जुगाली करने वाले – मवेशी, भेड़ और बकरियां – मीथेन का उत्पादन करते हैं, जो पाचन के उप-उत्पाद के रूप में सबसे शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसों में से एक है। अक्सर, जलवायु परिवर्तन के बारे में चर्चा पशुधन उत्पादन के नकारात्मक पहलुओं पर केंद्रित होती है। मिस्र में सीओपी27 जलवायु वार्ता में कहानी का दूसरा पक्ष सुना गया।

यह पहला वर्ष है जब खाद्य और कृषि को इतनी प्रमुखता से चर्चा में शामिल किया गया है। और एक स्पष्ट संदेश है: नये तरीके से पशुपालन उत्सर्जन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, विशेष रूप से मीथेन, और विभिन्न पर्यावरणीय और सामाजिक लाभ प्रदान करने में। मानव गतिविधि से होने वाले मीथेन उत्सर्जन में 27 प्रतिशत के लिए जुगाली करने वाले पशुओं का पाचन तंत्र जिम्मेदार है। और मीथेन बदले में वातावरण में छोड़ी जाने वाली ग्रीनहाउस गैसों में 15 प्रतिशत से अधिक का योगदान देती है। मुख्य ग्रीनहाउस गैस, कार्बन डाइऑक्साइड, जो हजारों वर्षों तक वातावरण में बनी रहती है, के विपरीत मीथेन लगभग 12 वर्षों में टूट जाती है। इसका मतलब है कि मीथेन उत्सर्जन को कम करने के लाभ अधिक तेजी से महसूस किए जाएंगे।

भोजन का सेवन बढ़ाना, नए और कम रेशेदार चारे का उपयोग
पशुधन किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका – और वे ऐसा कर सकते हैं। हम पशुधन विशेषज्ञों के एक वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा हैं, जिन्होंने ऐसी रणनीतियों की पहचान की है जो किसानों को उनके पशुधन से होने वाले आंतरिक मीथेन उत्सर्जन (जानवरों में होने वाली प्राकृतिक पाचन प्रक्रिया का एक उप-उत्पाद) को कम करने में मदद कर सकती हैं और कुछ मामलों में उनकी उत्पादकता में सुधार कर सकती हैं। हमने पशुधन से मीथेन उत्सर्जन को कम करने के बारे में 430 सहकर्मी-समीक्षित पत्रों का विश्लेषण करके ऐसा किया। मेटा-विश्लेषण में प्रदर्शित अधिकांश परियोजनाओं ने जलवायु परिवर्तन से निपटने की आवश्यकता पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। दस्तावेज में वर्णित 98 रणनीतियों में से, हमने आठ की पहचान की जो विशेष रूप से आशाजनक थीं।

इन रणनीतियों में से तीन -भोजन का सेवन बढ़ाना, नए और कम रेशेदार चारे का उपयोग करना, और अधिक दाना खिलाना – दूध और मांस के प्रति यूनिट के अनुपात में उत्सर्जन में काफी कमी ला सकती हैं। हमने इन उत्पाद-आधारित रणनीतियों का पालन किया। इससे प्रति जानवर आंतों का मीथेन उत्सर्जन कम नहीं हुआ, इसका साधारण कारण यह हो सकता है कि अधिक भोजन का मतलब आमतौर पर अधिक उत्सर्जन होता है, अधिक उत्पादन नहीं। इसके विपरीत, अन्य पांच रणनीतियों ने पशु के प्रदर्शन से समझौता किए बिना दूध और मांस की प्रति यूनिट के मुकाबले आंतरिक मीथेन उत्सर्जन को कम किया और प्रति पशु उत्सर्जन को कम किया। इन्हें टीम ने निरपेक्ष उत्सर्जन रणनीति कहा है। मीथेन उत्पादन को रोकने के लिए पशुधन फ़ीड में एडिटिव्स डालना एक एक और उपाय हो सकता है – लेकिन ये एडिटिव्स किसानों की लागत में भी इजाफा करते हैं।

तीन उत्पाद-आधारित रणनीतियों से दूध या मांस की प्रति इकाई आंतों से उत्सर्जित होने वाली मीथेन में औसतन 12 प्रतिशत की कमी आएगी और पशु उत्पादकता में 17 प्रतिशत की औसत वृद्धि होगी। पाँच निरपेक्ष उत्सर्जन रणनीतियाँ दैनिक आंतरिक मीथेन उत्सर्जन को औसतन 21 प्रतिशत कम कर देंगी। टीम ने गणना की कि विश्व स्तर पर, प्रत्येक श्रेणी में से एक, दो सबसे प्रभावी रणनीतियों को 100 प्रतिशत अपनाने से पशुधन क्षेत्र 2030 तक ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने के लक्ष्य को पूरा करने में सक्षम होगा। दुर्भाग्य से, 2050 तक, अपेक्षाकृत तेजी से जनसंख्या वृद्धि और रेड मीट और डेयरी उत्पादों की मांग में वृद्धि से कम और मध्यम आय वाले देशों में शमन प्रयास पटरी से उतर जाएंगे। यहाँ स्पष्ट रूप से दो बहुत अलग कहानियाँ हैं, एक उच्च आय वाले देशों के लिए और दूसरी निम्न और मध्यम आय वाले देशों के लिए।

अधिकांश उच्च आय वाले देशों में, जनसंख्या वृद्धि कम है, और पशुधन उत्पादों की प्रति व्यक्ति मांग पहले से ही उच्च है और इसके बढ़ने की संभावना नहीं है। सामान्य व्यवहार परिदृश्य के तहत, यूरोप को एक उदाहरण के रूप में लेते हुए, पशुधन से आंतरिक मीथेन उत्सर्जन 2050 तक केवल लगभग 11 प्रतिशत बढ़ेगा। दूसरी ओर, उदाहरण के तौर पर अफ्रीका में, पशुधन से आंतरिक मीथेन उत्सर्जन 2030 तक 87 प्रतिशत और 2050 तक 220 प्रतिशत बढ़ जाएगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि निम्न और मध्यम आय वाले देशों में जनसंख्या वृद्धि अभी भी उच्च है और पशुधन उत्पादों की प्रति व्यक्ति मांग कम है और बढ़ने की संभावना है। संक्षेप में, उच्च आय वाले देशों के लिए कम आय वाले देशों की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस के लक्ष्य को पूरा करना आसान होगा। और उनकी रणनीतियां अलग होंगी।

मीथेन उत्सर्जन में 87 प्रतिशत से 26 प्रतिशत की वृद्धि कम
नीदरलैंड जैसे प्रमुख डेयरी उत्पादक देशों में, दो सबसे प्रभावी रणनीतियों का उपयोग करके 2030 और 2050 दोनों तक मीथेन उत्सर्जन को 33 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। हमारे शोध में सुझाव दिया गया है कि दो सबसे प्रभावी शमन रणनीतियों को नियोजित करने से अफ्रीका में 2030 तक पशुधन से होने वाले आंतरिक मीथेन उत्सर्जन में 87 प्रतिशत से 26 प्रतिशत की वृद्धि कम हो जाएगी। कुछ नहीं करने पर यह एक महत्वपूर्ण सुधार है। अधिकांश अफ्रीकी देशों में, भोजन के स्तर को बढ़ाने, पके चारे की मात्रा को कम करने और कुछ दाना जोड़ने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता होगी। यह न केवल मीथेन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा, बल्कि इससे पशु उत्पादकता भी बढ़ेगी।

स्पष्ट रूप से, यदि पशुपालकों को 1.5 डिग्री सेल्सियस के लक्ष्य को बनाए रखना है तो अतिरिक्त रणनीतियों की आवश्यकता होगी। कोई भी रणनीति सिर्फ कागजों पर ही सफल नहीं होती, इसलिए इसमें किसानों, कृषि संगठनों, निजी क्षेत्र, सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों को शामिल करना आवश्यक होगा। हमारे पास पशुधन से होने वाले मीथेन उत्सर्जन को कम करने के लिए ठोस समाधान हैं, जबकि साथ ही यह उपाय उन जगहों पर उत्पादकता और आजीविका में सुधार करते हैं जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। द कन्वरसेशन एकता एकता एकता 2311 1314 पेनसिल्वेनिया नननन

(अंतर्राष्ट्रीय पशुधन अनुसंधान संस्थान से क्लाउडिया अरंड्ट, पेन स्टेट से एलेक्स ह्रिस्ट्रोव और वैगनिंगेन विश्वविद्यालय से जैन डिजस्ट्रा)



Source link

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

International

हूती विद्रोहियों ने जिस जहाज का किया अपहरण, उस पर यमन में लोग बना रहे टिकटॉक वीडियो

Published

on

By


Image Source : SOCIAL MEDIA
यमन में अपहृत जहाज पर बन रहे टिकटॉक वीडियो

Yemen News: यमन के ​हूती विद्रोहियों ने जिस इजराइल से जुड़े एक कार्गो जहाज का अपहरण कर लिया था, उस जहाज का उपयोग अनोखे तरीके से हो रहा है। इस जहाज पर सोशल ​मीडिया इन्फ्लुएंसर टिकटॉक ​वीडियो बना रहे हैं। 


पिछले 19 नवंबर को लाल सागर से हूती​ विद्रोहियों ने भारत की ओर जा रहे इजराइली बेस्ड इस कार्गो जहाज को अगवा कर लिया था। इसके तहत नकाब और हथियारपोश हमलवर जहाज पर चढ़ गए थे और बंदूक की नोंक पर फिल्मी स्टाइल में जहाज को कब्जे में ले लिया था। हालांकि अब कहानी बदल चुकी है। इस जहाज का यमन में अलग ही तरह से उपयोग हो रहा है।

यमन के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का टिकटॉक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा, जिसमें वे लोग कब्जे वाले गैलेक्सी मालवाहक जहाज पर नाच रहे हैं। हूती समूह की तरफ से जब्त किए गए मालवाहक जहाज पर वीडियो शूट किया गया। इसमें 10 लोगों को नाचते हुए दिखाया गया है। बता दें कि अब्दुल रहमान अल जौबी और मुस्तफा अल मुमारी यमन के कॉमेडियन स्टार है। उन्होंने डेक पर नाचने वाले क्लिप को यूट्यूब और टिकटॉक पर पोस्ट किया।

गैलेक्सी जहाज पर युवक थिरके

वीडियो के एक क्लिप में गैलेक्सी जहाज पर अल जौबी के साथ कुछ युवक भी थिरकते नजर आ रहे है। बता दें कि अल जौबी के यूट्यूब पर लगभग 42,000 सब्सक्राइबर हैं। वो मालवाहक जहाज पर कुछ लोगों के साथ एक लिफ्ट में दिखाई दे रहे हैं, जिसमें अल जौबी अपने कान पर एक सेल फोन रखते हुए कैमरे के सामने बोल रहे हैं। वायरल वीडियो में लोगों की एक कतार को जहाज के शीर्ष डेक पर नाचते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में तीन लोग यमन के झंडे लहरा रहे हैं, जबकि अन्य के हाथ में हथियार हैं।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने क्या दी चेतावनी?

एक अन्य यूट्यूब वीडियो में यमन के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अल मुमारी को जहाज के डेक पर देखे जाने से पहले छोटी सेलबोट में गैलेक्सी लीडर के पास जाता है। इस दौरान उन्होंने इजरायल से गाजा पर बमबारी बंद करने का भी आग्रह किया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर खून-खराबा जारी रहा, तो लोगों को अपने जहाजों के चोरी होने की उम्मीद करनी चाहिए।

Latest World News





Source link

Continue Reading

International

इजराइल में फिर गोलीबारी, सड़क पर गुजर रहे लोगों पर बरसाई गोलियां, दोनों हमलावर ढेर

Published

on

By


Image Source : FILE
इजराइल में फिर गोलीबारी

Israel News: इजराइल में फिर ​गोलीबारी की खबर है। जानकारी के अनुसार येरुशलम के पास सड़क पर गुजर रहे लोगों पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। हालांकि पुलिस ने दोनों हमलावरों को ढेर कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार यरुशलम के प्रवेश स्थान पर मुख्य राजमार्ग के पास बस का इंतजार कर रहे और मार्ग से गुजर रहे लोगों पर गुरुवार को बंदूकधारियों ने गोलीबारी की। इजराइल की पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना में 7 लोग घायल हो गए। इनमें से 3 लोगों की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि घटना सुबह के बेहद व्यस्त समय में हुई। पुलिस ने बताया कि दोनों हमलावरों को मार गिराया गया है। 

संघर्ष विराम खत्म होने से महज 8 मिनट पहले फिर बढ़ा सीजफायर

इसी बीच बड़ी खबर यह है कि इजराइल-हमास के बीच सीजफायर खत्म होने से 8 मिनट पहले यानी भारतीय समयानुसार सुबह 10:22 बजे इसे 1 दिन के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इजराइल और कतर के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक हमास ने आज आजाद होने वाले 10 बंधकों की लिस्ट दी है, जिसे इजराइल ने पास कर दिया है। युद्ध विराम के तहत हमास हर दिन 10 बंधकों को छोड़ेगा। इसके बदले में इजराइल 30 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। इजराइली सेना ने बताया कि सीजफायर की दूसरी शर्तों पर अब भी बातचीत जारी है।

गाजा पट्टी से 16 बंधक इजराइल को सौंपे

इससे पहले इजराइल और हमास में संघर्ष विराम के बीच हमास ने गाजा पट्टी से 16 बंधकों को इजराइल को सौंप दिया। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, नागरिकों के इस समूह में इजरायली और थाई नागरिक शामिल थे। इन बंधकों को छोड़ने के बदले इस्राइल 30 फलस्तीनी महिलाओं और बच्चों को जेलों से रिहा करेगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल सुरक्षा बल (आईडीएफ) ने हमास की कैद से 16 बंधकों की रिहाई की पुष्टि की है। आईडीएफ ने कहा कि बंधकों के परिवारों को ताजा जानकारी से अपडेट किया जा रहा है।

Latest World News





Source link

Continue Reading

International

अमेरिकी एयरफोर्स विमान हादसे से घबराया जापान, उठा सकता है ये बड़ा कदम

Published

on

By


Image Source : FILE
अमेरिकी एयरफोर्स विमान हादसे से घबराया जापान

America Japan: अमेरिकी सैन्य विमान के जापान के तट के निकट दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जापान घबरा गया है। जापान अपनी  ‘ऑस्प्रे’ उड़ान निलंबित कर सकता है। जानकारी के अनुसार जापान में अमेरिकी वायु सेना के ‘ऑस्प्रे’ विमान के एक प्रशिक्षण अभियान के दौरान दक्षिणी तट के पास समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जापान अपनी ‘ऑस्प्रे’ उड़ानों को निलंबित करने पर विचार कर रहा है।

टोक्यो ने अमेरिकी सेना से दुर्घटना के पीड़ितों की तलाश करने वाल विमानों को छोड़कर जापान में संचालित होने वाली सभी ‘ऑस्प्रे’ विमानों के परिचालन को रोकने के लिए भी कहा है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जापान के रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तारो यामातो ने संसद में सुनवाई के दौरान कहा कि जापान कुछ समय के लिए ‘ऑस्प्रे’ उड़ानें निलंबित करने की योजना बना रहा है।

ट्रेनिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था विमान

जापान में संचालित अमेरिकी वायु सेना का एक ‘ऑस्प्रे’ विमान बुधवार को देश के दक्षिणी तट के पास एक प्रशिक्षण अभियान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें चालक दल के आठ सदस्यों में से कम से कम एक की मौत हो गई। जापानी तटरक्षक प्रवक्ता काजुओ ओगावा ने कहा कि दुर्घटना का कारण और उसमें सवार सात अन्य लोगों की स्थिति का तुरंत पता नहीं चल पाया है। तटरक्षक ने रातभर खोज जारी रखने की योजना बनाई।

‘हाइब्रिड’ विमान है ‘ऑस्प्रे’, हेलिकॉप्टर की तरह भरता है उड़ान

‘ऑस्प्रे’ एक ‘हाइब्रिड’ विमान है जो हेलीकॉप्टर की तरह उड़ान भरता और उतरता है, लेकिन उड़ान के दौरान यह अपने प्रणोदक को आगे की ओर घुमा सकता है और हवाई जहाज की तरह बहुत तेजी से उड़ान भर सकता है। ‘ऑस्प्रे’ से संबंधित कई दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें जापान में होने वाले हादसे भी शामिल हैं जहां उनका उपयोग अमेरिकी और जापानी सैन्य अड्डों पर किया जाता है। ओकिनावा के गवर्नर डेनी तमाकी ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि वह अमेरिकी सेना से जापान में सभी ‘ऑस्प्रे’ उड़ानों को निलंबित करने के लिए कहेंगे।

Latest World News





Source link

Continue Reading