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छह राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा, 3 नवंबर को चुनाव और 6 को आएगा रिजल्ट

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Highlights

  • उपचुनाव में होगा ईवीएम और वीवीपैट का उपयोग
  • तारीखों के एलान के साथ लागू हुई आदर्श आचार संहिता
  • कोविड-19 को लेकर दिशा निर्देशों का करना होगा पालन

ByElections: भारतीय चुनाव आयोग ने सोमवार को 6 राज्यों की 7 विधानसभाओं की सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग के अनुसार छह राज्यों की सात विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव 3 नवंबर को होंगे। परिणाम 6 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन के अनुसार, छह राज्यों की जिन सात सीटों पर विधानसभा के चुनाव होने हैं। वो महाराष्ट्र में अंधेरी पूर्व, बिहार में मोकामा और गोपालगंज विधानसभा सीट हैं। इसके साथ ही हरियाणा में उदमपुर और तेलंगाना में मुनुगोड विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा हुई है। वहीं, चुनाव आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश में गोला गोकरनाथ और ओडिशा में धामनगर सीट में उपचुनाव का ऐलान किया गया है।

14 अक्टूबर को किया जा सकेगा नामांकन 

आयोग के नोटिफिकेशन के अनुसार, इन विधानसभा उपचुनाव की अधिसूचना की तारीख सात अक्टूबर को जारी की जायेगी। यहां नामांकन की तारीख 14 अक्टूबर है। 17 अक्टूबर को नामांकन वापस लेने की तारीख है। सभी सातों विधानसभाओ की सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होंगे और छह नवंबर को मतगणना के बाद उपचुनाव के परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। 

उपचुनाव में होगा ईवीएम और वीवीपैट का उपयोग

चुनाव आयोग के मुताबिक उपचुनाव 1 जनवरी 2022 को तैयार मतदाता सूची के आधार पर कराया जाएगा। इसके अलावा उपचुनाव में EVM और वीवीपैट का उपयोग होगा। मतदाता उपचुनाव में वोटर आईडी के अलावा 12 अन्य वैकल्पिक पहचान पत्रों का उपयोग कर सकेंगे। जिसमें आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज शामिल है।

तारीखों के ऐलान के साथ लागू हुई आदर्श आचार संहिता 

चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना के साथ ही इन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गया है। जिसके तहत इन निर्वाचन क्षेत्रों में सभी राजनीतिक दलों और सरकार को आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।

कोविड-19 को लेकर दिशा निर्देशों का करना होगा पालन

उपचुनाव में कोविड-19 को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय और आपदा प्रबंधन प्राधिकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना होगा। इसे लेकर सभी निर्वाचन पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है।

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FIFA World Cup 2022: फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में बड़ा उलटफेर, क्रोएशिया ने ब्राजील को किया बाहर

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Brazil vs Croatia

FIFA World Cup 2022: फीफा वर्ल्ड कप 2022 के पहले ही क्वार्टर फाइनल में एक बड़ा उलटफेर हो गया है। इस मुकाबले में क्रोएशिया के सामने 5 बार की चैंपियन टीम ब्राजील थी। दोनों टीमें 90 मिनट तक 0-0 से बराबरी पर रहीं और इसके बाद खेल एक्ट्रा टाइम में पहुंचा। वहां दोनों टीमों ने एक-एक गोल किया। लेकिन जब बात पेनल्टी शूटआउट की आई तो बाजी क्रोएशिया ने मार ली।

पेनल्टी में भारी पड़ी क्रोएशिया की टीम

क्रोएशिया ने शुक्रवार को फीफा विश्व कप क्वार्टरफाइनल में पांच बार की चैम्पियन ब्राजील को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर उलटफेर करते हुए बाहर कर दिया। क्रोएशियाई गोलकीपर डॉमिनिक लिवाकोविच ने रोड्रिगो और मार्किन्होस के गोल बचाये। नेमार ने पहले हाफ के अतिरिक्त समय में ब्राजील को बढ़त दिलायी थी लेकिन क्रोएशिया ने ब्रुनो पेतकोविच के 117वें मिनट में किये गये गोल से बराबरी हासिल की। क्रोएशिया का सामना अब अर्जेंटीना और नीदरलैंड के बीच होने वाले क्वार्टरफाइनल की विजेता से होगा। 

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22 साल की लड़की ने पहले प्रयास में ऐसे क्लियर किया था UPSC, मानी थी IAS टॉपर्स की ये बातें

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UPSC Success story 2022: जो उम्मीदवार यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उनका सपना होता है, कैसे भी करके पहले प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा क्लियर हो जाए। हालांकि कम ही उम्मीदवारों के साथ ऐसा होता है। आज हम आपको ऐसी लड़की की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने 22 साल की उम्र में अपने प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा क्लियर की। आइए विस्तार से जानते हैं उनके बारे में।

इस लड़की का नाम सुलोचना मीना है, जिन्होंने यूपीएससी 2021 के परिणाम में 415वीं रैंक हासिल की है। आइए जानते हैं उन्होंने कैसे की थी तैयारी, क्या थी उनकी स्ट्रैटजी।

ऐसे शुरू की थी तैयारी

सुलोचना मीना ने बताया, कॉलेज के सेकंड ईयर में सोच लिया था यूपीएससी की तैयारी करनी है। ऐसे में मैंने अपना स्टडी मैटेरियल जमा करना शुरू कर दिया है। बेसिक किताबों में, पॉलिटी (Polity) के लिए लक्ष्मीकांत, हिस्ट्री के लिए Spectrum, ज्योग्राफी के लिए NCERT प्लस GC leong को पहले ऑर्डर कर लिया था। 2020 में ग्रेजुएशन खत्म होने के बाद मैंने पूरी तरह से यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी।

देखा टॉपर्स का वीडियो

सुलोचना ने बताया, तैयारी के दौरान ही मैंने यूट्यूब के माध्यम से टॉपर्स की वीडियो को देखना शुरू किया। जिसमें मैंने IAS कनिष्क कटारिया की वीडियो देखी। उन्होंने बहुत अच्छे से यूपीएससी परीक्षा के बारे में एक्सप्लेन किया था। मैंने वो सब फॉलो किया। इसी के साथ ही जब भी मैं कोई नए सब्जेक्ट की तैयारी करती थी, तो  यूट्यूब पर टाइप करती थी।  जैसे- ‘how to prepare economy for upsc’. फिर वीडियो देखकर अपनी प्लानिंग करती थी।

बता दें, सुलोचना ने कक्षा 12वीं के बाद NEET की परीक्षा दी थी, जिसे उन्होंने क्लियर कर लिया था, लेकिन किसी MBBS कॉलेज में दाखिला नहीं लिया था, क्योंकि वह शुरू से UPSC क्लियर करना चाहती थी।

ये थी सुलोचना की स्ट्रैटजी

– सुलोचना ने बताया, सबसे पहले तो टॉपर्स की वीडियो देखी, जिसमें मैंने टॉपर्स की ओर से बताए गए ‘do and don’ts’ को भी फॉलो किया।

– न्यूज पेपर को पढ़ते समय मैं  सोचती थी कि, किस न्यूज के कैसे प्रश्न बन सकते हैं और उनका आंसर लिखती थी।

 

 



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दून यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, कहा- मातृभूमि, मातृभाषा और मां का करें सम्मान

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दून यूनिवर्सिटी की तारीफ की.

नई दिल्ली:

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को दून विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 36 मेधावी छात्र-छात्राओं को डिग्री देकर सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि छात्र मातृभूमि, मातृभाषा और मां का सम्मान करें. इनका सम्मान न हुआ तो हमारी पहचान खो जाएगी. समारोह में वर्ष 2021 के स्नातक, परास्नातक और पीएचडी के 669 विद्यार्थियों को उपाधि दी गई. 

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इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि मैं खुश हूं कि दून विवि में किताबी भाषा के साथ स्थानीय लोक भाषाओं गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी को सिखाया जाता है. उन्होंने कहा कि इस दिन की स्मृति इन विद्यार्थियों के जीवन-यात्रा के सबसे यादगार अनुभव में से एक रहेगी. आज इन विद्यार्थियों का एक सपना साकार हो रहा है.

यहां के संस्थानों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान

राष्ट्रपति ने कहा कि यहां राष्ट्रीय स्तर के कई संस्थान भारतीय सैन्य अकादमी, भारतीय वन्य जीव संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री अकादमी, वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय पेट्रोलियम अनुसंधान संस्थान एवं गोविंद बल्लभ पंत कृषि विवि हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान है. 

शिक्षा ही पूरे राष्ट्र में ला सकती है बदलाव  

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो पूरे राष्ट्र में बदलाव ला सकती है. शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि छात्र तकनीकी कौशल से और अधिक सम्पन्न हों और खुद रोजगार की तलाश करने के बजाए दूसरों को रोजगार उपलब्ध करवाएं.

विद्यार्थी ज्ञान और विद्या के शिक्षार्थी बनें : राज्यपाल 

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि डिग्री हासिल करने का यह अर्थ नहीं कि हमारी सीखने और ज्ञान अर्जन की प्रक्रिया पूरी हो गई. विद्यार्थी पूरे जीवन ज्ञान और विद्या के शिक्षार्थी बने रहें. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महिला सशक्तीकरण की भी प्रेरणादाई मिसाल है. शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में पांच लाख से अधिक विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिसमें से 65 प्रतिशत बालिकाएं हैं.

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