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गेहूं का रकबा पिछले साल से 15 फीसदी अधिक

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संजीव मुखर्जी / नई दिल्ली November 18, 2022






18 नवंबर को समाप्त हुए सप्ताह में भी गेहूं बोआई में तेजी जारी रही, क्योंकि अनुकूल मौसम का लाभ उठाने के लिए किसान बेताब हैं और खुले बाजार में रिकॉर्ड उच्च स्तर को लेकर उत्साहित भी है। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गेहूं की बोआई करीब 1.01 करोड़ हेक्टेयर भूमि पर की गई है जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 15 फीसदी अधिक है।

सरसों के मामले में, फसल की बोआई करीब 63.2 लाख हेक्टेयर में की गई है जो पिछले साल की तुलना में लगभग 15 फीसदी अधिक है। विशेषज्ञों ने कहा कि बोआई में तेजी आने से कुछ जगहों पर उर्वरकों की कमी हो गई है हालांकि सरकार ने इसका खंडन किया है। 

इसी बीच, समग्र सकारात्मक बोआई वाले परिदृश्य में एकमात्र चने का रकबा पीछे चल रहा है। यह भारत में उगाई जाने वाली सबसे बड़ी दलहन फसल है। व्यापारियों ने कहा कि 18 नवंबर तक चने की बोआई पिछले साल की तुलना में 0.57 फीसदी कम रहने का अनुमान है क्योंकि देश के मध्य और उत्तरी भागों के गेहूं और सरसों की ओर अपनी किसान अधिक आकर्षक दिखा रहे हैं।  चने के उत्पादन में गिरावट आने वाले महीनों में कीमतों के मोर्चे पर परेशानी पैदा कर सकती है और आयात पर निर्भरता भी बढ़ा सकती है क्योंकि यह घरेलू स्तर पर उगाई जाने वाली सबसे बड़ी दलहन फसल है और 2021-22 में देश के वार्षिक दलहन उत्पादन का लगभग 50 फीसदी हिस्सा है।

कुल मिलाकर, करीब 2.68 करोड़ हेक्टेयर में रबी फसलों की बोआई की गई है जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 7.22 फीसदी अधिक है।  इस बीच, कीमतों के मोर्चे पर, उत्तर भारतीय बाजारों में गेहूं की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंच गई हैं, जहां दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अब वे लगभग 2800 रुपये प्रति क्विंटल पर बिक रही हैं। 

कारोबारियों ने कहा कि सरकारी गोदामों से लगभग कोई बिक्री नहीं होने और लगभग आगे भी मांग नहीं होने के कारण कीमतों को समर्थन मिल रहा है। बड़ा सवाल कम भंडार स्तर और निजी व्यापारियों के दबाव के साथ है कि क्या सरकार दिसंबर 2022 से आगे मुफ्त खाद्यान्न योजना यानी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) का एक और विस्तार कर सकती है। 10 नवंबर तक खरीद के मोर्चे पर, केंद्रीय पूल में 2022-23 सीजन के लिए धान की खरीद, जो अक्टूबर में शुरू हुई थी, लगभग 2.31 करोड़ टन होने का अनुमान लगाया गया था। जो पिछले साल इसी अवधि के दौरान खरीदे गए धान की तुलना में 1.31 फीसदी अधिक है।



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केरल में अदाणी पोर्ट पर निर्माण कार्य फिर से शुरू

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विझिंजम समुद्री बंदरगाह परियोजना स्थल पर निर्माण गुरुवार को फिर से शुरू किया गया है। परियोजना कार्य बंदरगाह निर्माण के खिलाफ मछुआरों के 130 दिनों से चल रहे आंदोलन के कारण बंद पड़ा था, जिसे दो दिन उन्होंने वापस लिया।

अदाणी समूह के एक सूत्र द्वारा साक्षा किए गए परियोजना स्थल की तस्वीरों में निर्माण सामग्री से लदे ट्रक दिखाई दे रहे हैं और आसपास के क्षेत्र में प्रदर्शनकारी नहीं हैं, जो वहां चार महीने से अधिक समय से बैठे हुए थे।

आंदोलन को मंगलवार को वापस ले लिया गया और अगले दिन प्रदर्शनकारियों ने केरल उच्च न्यायालय को सूचित किया कि बंदरगाह के बाहर विरोध स्थल पर लगाए गए तम्बू हटाए जा रहे हैं।

परियोजना स्थल पर बाधा नहीं डालने के अदालत के आदेशों का पालन नहीं करने के लिए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अवमानना ​​​​कार्रवाई के लिए अडानी समूह द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया था।

आंदोलन के बंद होने और प्रदर्शनकारियों द्वारा विरोध स्थल पर तम्बू हटाने का आश्वासन देने के साथ ही उच्च न्यायालय ने अवमानना याचिकाओं को बंद कर दिया। सूत्र ने मंगलवार को बताया कि को निर्माण कार्य को जल्द शुरू किया जाएगा, और साथ ही ये कुछ ही दिनों में अपनी पुरी गति पकड़ लेगा। इसके बाद बृहस्पतिवार को बंदरगाह पर निर्माण कार्य शुरू हुआ और सूत्र ने कहा कि जल्द ही नौकाओं आवाजाही शुरू हो जाएगी और कुछ दिनों में यह पूरे जोरों पर काम करेगा।

सूत्र ने कहा कि 2,960 मीटर लंबे बांध के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसमें से लगभग 1,400 मीटर का काम पूरा हो चुका है।



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आने वाले वक्त में शहरीकरण बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है: परमेश्वरन अय्यर

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नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) परमेश्वरन अय्यर ने कहा कि भारत की 50 फीसदी आबादी 2047 तक शहरी इलाकों में रहने लगेगी ऐसे में शहरीकरण बहुत अहम होने वाला है।

उद्योग संगठन फिक्की के एक कार्यक्रम में अय्यर ने कहा कि कई राज्यों ने ठोस कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में काफी अच्छा काम किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘शहरीकरण बहुत महत्वपूर्ण होने जा रहा है क्योंकि 2047 तक भारत की 50 फीसदी आबादी शहरी क्षेत्रों में रह रही होगी। यदि शहरी इलाकों में मूलभूत सुविधाएं नहीं होंगी तो यह एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि चक्रीय अर्थव्यवस्था का महत्व भी बढ़ता जा रहा है। भारत के पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई से जुड़े एक सवाल के जवाब में अय्यर ने कहा, ‘‘आप भारत में पर्यटन को आक्रामक तरीके से बढ़ावा देना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि आपके आसपास के स्थल स्वच्छ हों और आपका बर्ताव भी अच्छा हो।’’



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Himachal Election Result 2022: रुझानों में कांग्रेस को मिली बढ़त

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना के रुझानों में मुख्य विपक्षी कांग्रेस को स्पष्ट बढ़त मिलती नजर आ रही है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध दोपहर 12.30 बजे के आंकड़ों के मुताबिक, कांग्रेस 38 और भाजपा 27 सीटों पर आगे है।

तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। आम आदमी पार्टी फिलहाल किसी भी सीट पर आगे नहीं है। सेराज विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कांग्रेस के चेतराम से 34,050 मतों के अंतर से आगे चल रहे हैं।

दरंग से भाजपा के पूरन चंद, जुब्बल कोटखाई से पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा के पुत्र चेतन बरागटा, मंडी सदर से पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम के बेटे अनिल शर्मा और किन्नौर से विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं कांग्रेस प्रत्याशी जगत सिंह नेगी शामिल हैं।

नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता मुकेश अग्निहोत्री हरोली विधानसभा सीट से आगे हैं तो ठियोग विधानसभा सीट से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप राठौर तथा धर्मशाला से पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा आगे हैं। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता आशा कुमारी डलहौजी विधानसभा सीट से पीछे चल रही हैं तो कांग्रेस नेता कौल सिंह दरंग से पीछे हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश इकाई की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने अपनी पार्टी की जीत का दावा करते हुए कहा कि वह 68 में से 40 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करेगी।

हिमाचल की 68 सदस्यीय विधानसभा के लिए 12 नवंबर को हुए चुनावों की मतगणना बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे शुरू हुई। राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद कर रही है। हिमाचल में 59 स्थानों पर वोटों की गिनती की जा रही है। इन चुनावों में 76.44 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था।

हिमाचल में कुल 412 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है, जिनमें 24 महिलाएं और 99 निर्दलीय शामिल हैं। पहले 30 मिनट में डाक मतपत्रों की गिनती हुई, जिसके बाद साढ़े आठ बजे से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में दर्ज वोटों की गणना आरंभ की गई।



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