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कोरोना ने पिता को छीना, फिर भाई ने दिया बलिदान, अब IPL ऑक्शन में करोड़पति बन गया जम्मू का विवरांत

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Image Source : INSTAGRAM (@VIVRANTSHARMA)
विवरांत शर्मा

IPL ऑक्शन ने इस साल कई खिलाड़ियों के किस्मत को चमका दिया। खिलाड़ियों के लिए आईपीएल एक ऐसा मंच है जो उन्हें आगे बढ़ने में काफी मदद करता है। इस साल कोच्चि में हुए ऑक्शन के दौरान कई ऐतिहासिक बोलियां लगाई गई। इस नीलामी में युवा खिलाड़ियों का दबदबा रहा। सभी टीमों ने युवा खिलाड़ियों को अपने स्क्वॉड में शामिल करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। इस मिनी ऑक्शन के बाद जम्मू और कश्मीर का एक खिलाड़ी खूब चर्चा में है। ऑक्शन के पहले शायद ही कोई ऑलराउंडर विवरांत शर्मा के नाम को जानता होगा, लेकिन क्रिकेट की दुनिया में लोग अब उनके बारे में बातें कर रहे हैं।

दरअसल, मिनी ऑक्शन के दौरान जब जम्मू और कश्मीर के इस खिलाड़ी पर करोड़ों की बोलियां लगाई गई तो हर कोई हैरान रह गया। जम्मू और कश्मीर की परिस्थितियों से उभरा ये खिलाड़ी आईपीएल 2023 में धूम मचाने के लिए तैयार है। विवरांत शर्मा को ऑक्शन के दौरान सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने 2.6 करोड़ रुपये में अपने स्क्वॉड में शामिल किया। यह क्रिकेटर अपने पूरे जीवन इस पल को कभी भी नहीं भूल पाएगा। उनके लिए यह पल इतना खास रहा कि जब उन्हें नीलामी में खरीदा गया, तब उन्होंने सबसे पहले अपनी मां और भाई को इस बात की जानकारी दी। किसी भी खिलाड़ी को बड़ा मुकाम हासिल करवाने में उसके परिवार का सबसे बड़ा हाथ होता है। ऐसा ही कुछ विवरांत के परिवार ने उनके लिए किया।

बड़े भाई ने अपना सपना छोड़ विवरांत के लिए दिया बलिदान

अपको बता दें कि विवरांत शर्मा को क्रिकेटर बनाने में उनके भाई का सबसे बड़ा योगदान रहा। विवरांत के लिए उनके बड़े भाई ने अपने सपनों को छोड़ दिया। दरअसल, विवरांत के बड़े भाई विक्रांत भी एक क्रिकेटर थे, लेकिन अचानक से परिस्थितियां बदली और कोरोनाकाल के दौरान विक्रांत के पिता का निधन हो गया। घर चलाने के लिए बड़े भाई विक्रांत ने अपने पिता के बिजनेस को संभाल लिया। विवरांत के सफर पर कोई रोक न लगाते हुए उनके भाई ने अपने सपनों को छोड़ा। विवरांत ने भी अपने बड़े भाई को निराश नहीं किया। पहले साल 2021 में जम्मू-कश्मीर की रणजी टीम के लिए चुने गए और अब आईपीएल में करोड़ों की बोली हासिल की।

कुछ ऐसा रहा है विवरांत का टी20 करियर

विवरांत शर्मा के करियर पर एक नजर डालें तो उन्होंने साल 2021 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू करने के बाद से अब तक कुल नौ टी20 मैचों में जम्मू-कश्मीर की ओर से खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 23.87 की औसत से 191 रन बनाए हैं। इसके अलवा गेंद से भी उन्होंने टीम के लिए कुछ विकेट झटके हैं। जम्मू-कश्मीर के लिए 5.73 की इकॉनमी रेट और 4/13 के सर्वश्रेष्ठ आंकड़े के साथ वह छह विकेट ले चुके हैं। आईपीएल में वह इससे पहले वह सनराइजर्स हैदराबाद की टीम के लिए नेट्स पर बॉलिंग किया करते थे। जहां पर उन्होंने टीम मैनेजमेंट तो इंप्रेस किया और आज आईपीएल में इसी टीम ने अपने स्क्वॉड में शामिल कर लिया।

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उग्रवादियों को बंदूकें सप्लाई करने वाली लड़की ने कॉमनवेल्थ में कैसे जीता पदक

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पान सिंह तोमर एक ऐसा नाम जिसे भारत का हर नागरिक जानता होगा। पान सिंह तोमर की कहानी कुछ ऐसी है जो हर किसी को हिला कर रख दे। आर्मी में सेवा देने वाले पान सिंह तोमर ने खेल जगत में खुब नाम कमाया। उन्होंने टोक्यो, जापान में 1958 एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। खेलों में अच्छा करने वाले पान सिंह के जीवन ने अचानक से एक मोड़ लिया और वह डाकू बन गए। ऐसी ही कहानी भारत की स्टार मुक्केबाज लैशराम सरिता देवी की रही है। उन्होंने भारत के लिए साल 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीता था। हालांकि वह इसी खेल के कारण नक्सली बनने से बच गई। 

क्या है पूरी कहानी

भारत में किसी खेल में अच्छा कर पाना कोई आसान काम नहीं है। नाजाने इस देश में कितने खिलाड़ी छोटे कस्बे और गांव से बाहर निकलकर भारत का नाम रौशन कर चुके हैं। उनमें से एक नाम सरिता देवी का है। सरिता देवी ने मंगलवार को एक इवेंट के दौरान कहा कि एक बार वह नक्सली बनने की तरफ बढ़ रही थी लेकिन वह खेलों के कारण बच गई। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उग्रवादियों से प्रभावित होकर उग्रवाद की तरफ बढ़ रही थी। मैं उनके लिए हथियार मुहैया कराती थी, लेकिन खेलों ने मुझे बदल दिया और मुझे अपने देश का गौरव बढ़ाने के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया।’’ सरिता ने कहा,‘‘मैं एक छोटे से गांव में रहती थी और जब मैं 12-13 साल की थी तो हर दिन उग्रवादियों को देखती थी। घर पर रोजाना लगभग 50 उग्रवादी आते थे। मैं उनकी बंदूकें देखती थी और उनके जैसा बनना चाहती थी। मैं उग्रवाद की तरफ बढ़ रही थी।’’

सरिता देवी ने आगे कहा कि, ‘‘मैं उनके जैसा बनने का सपना देखती थी और मुझे बंदूकों से खेलना बहुत पसंद था। मुझे नहीं पता था कि खेलों से आप खुद को और देश को प्रसिद्धि दिला सकते हैं।’’ एक दिन उनके भाई ने उनकी पिटाई की जिसके बाद उनकी जिंदगी बदल गई। सरिता ने कहा, ‘‘मैं खेलों से जुड़ी और फिर मैंने 2001 में पहली बार बैंकॉक में एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया और रजत पदक जीता। चीन की मुक्केबाज ने स्वर्ण पदक जीता था। उनका राष्ट्रगान बजाया गया और सभी ने उसे सम्मान दिया। यही वह क्षण था जब मैं भावुक हो गई थी।’’ उन्होंने कहा,‘‘इसके बाद मैंने कड़ी मेहनत की और 2001 से 2020 तक कई प्रतियोगिताओं में भाग लेकर ढेरों पदक जीते। खेलों ने मुझे बदल दिया। मैं अपने देश के युवाओं में इसी तरह का बदलाव देखना चाहती हूं।’’

पान सिंह ने थामा बंदूक

पान सिंह तोमर से उनकी कहानी थोड़ी बहुत मिलती है। लेकिन तोमर में बंदूक का हाथ थामा, वहीं सरिता देवी ने खेल का। पान सिंह को पहले स्टीपलचेज में कोई दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन सेना में आने के बाद इसमें उनकी दिलचस्पी बढ़ गई। वह सात साल तक स्टीपलचेजिंग के राष्ट्रीय चैंपियन बने। 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में 9 मिनट और 2 सेकंड का उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 10 साल तक अटूट रहा। सेना ने उन्हें 1962 के भारत-चीन युद्ध और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में लड़ने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि खेल में वह काफी ज्यादा अच्छा कर रहे थे। लेकिन खेलों के बाद उन्होंने डाकू बनने का फैसला कर लिया।





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Kamran Akmal Retirement: कामरान अकमल ने लिया संन्यास, इस वजह से क्रिकेट से बनाई दूरी

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Kamran Akmal

कामरान अकमल ने अपने करियर का पिछला इंटरनेशनल मैच 11 अप्रैल 2017 को खेला था। यानी वह लगभग 6 सालों से पाकिस्तानी टीम से बाहर हैं। इतने लंबे अंतराल के बाद उनकी वापसी की संभावना भी लगभग खत्म हो चुकी थी लेकिन उन्होंने शायद उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा था। तभी तो 41 साल के अकमल ने संन्यास का ऐलान करने के लिए एक नए पद के हाथ में आने का लंबा इंतजार किया। बहरहाल, विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में 15 साल तक पाकिस्तान के लिए खेलने वाले कामरान अकमल ने मंगलवार 7 फरवरी को रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया।

कामरान अकमल ने खेल के हर फॉर्मेट से लिया संन्यास

राष्ट्रीय चयन समिति में शामिल किए जाने के तुरंत बाद अकमल ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी। कामरान ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने कोचिंग को पेशे के तौर पर अपना लिया है और इसलिए उन्होंने तुरंत प्रभाव से संन्यास लेने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि एक बार कोचिंग में जाने या नेशनल सेलेक्टर बनने के बाद आप खेलने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हो।’’

कामरान अकमल का करियर

पाकिस्तान की तरफ से 2017 तक 268 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले कामरान को पाकिस्तान सुपर लीग की टीम पेशावर जल्मी ने भी बाहर कर दिया था और विकेटकीपर के रूप में अनुबंधित करने के बजाय उन्हें अपने कोचिंग स्टाफ में शामिल कर दिया था। अकमल ने अपने करियर में 53 टेस्ट में 2648 रन बनाए और 184 कैच के साथ 22 स्टंप किए। उन्होंने 157 वनडे में 3236 रन बनाने के अलावा 157 कैच पकड़े और  31 स्टंप किए। अकमल ने अपने करियर में 58 टी20 इंटरनेशन मैच में 987 रन बनाने के साथ 28 कैच लपके और 32 स्टंपिंग किए।

 

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IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया ने खोज निकाला अश्विन का तोड़, बेअसर हो जाएगा भारत का हर वार!

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भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया

IND vs AUS: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 9 फरवरी से बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का पहला टेस्ट मैच खेला जाएगा। इस सीरीज के शुरू होने से पहले स्पिन गेंदबाजों को लेकर कई बाते की जा रही हैं। माना जा रहा है कि इस सीरीज में स्पिन गेंदबाजों का बोलबाला रहेगा। इस सीरीज का पहला मैच नागपुर में खेला जाएगा। सीरीज शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम जमकर मेहनत कर रही है। इस सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों ने स्पिन गेंजबाजी पर बहुत पसीना बहाया है। भारत के स्टार स्पिन गेंदबाज आर अश्विन ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकते हैं। इसी बीच ऑस्ट्रेलिया के उपकप्तान स्टीव स्मिथ ने रविचंद्रन अश्विन को लेकर अपनी राय रखी है। स्मिथ पिछले एक सप्ताह से रविचंद्रन अश्विन की तरह गेंदबाजी करने वाले महेश पिठिया की गेंद पर मेहनत कर रहे हैं। लेकिन एक अपने एक बयान में उन्होंने स्टार स्पिनर को ज्यादा तवज्जो नहीं दी है।

क्या बोले स्मिथ

ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज स्पिन के खतरे से निपटने पर ध्यान दे रहे हैं और भारत के कई घरेलू गेंदबाज चार टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए उन्हें तैयारी करने में मदद कर रहे हैं। स्मिथ से जब पूछा गया कि क्या ऑस्ट्रेलिया की टीम अश्विन को लेकर जरूरत से ज्यादा सोच रही है तो उन्होंने कहा, ‘‘हमने कई ऑफ स्पिनर के खिलाफ अभ्यास किया है और महेश उनमें से एक है। वह अश्विन की शैली में गेंदबाजी करते हैं। हम चीजों को ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। अश्विन बेहतरीन गेंदबाज हैं लेकिन हमारे पास उसका मुकाबला करने की योजना है।’’ 

स्मिथ ने पिच पर क्या कहा?

ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व कप्तान ने कहा कि उन्होंने पिच को देखा है और इसका एक छोर काफी सूखा हुआ है। उन्होंने कहा कि ‘‘पिच काफी सुखी हुई है। मेरा मानना है कि इस पर स्पिनरों को मदद मिलेगी। खासकर बाएं हाथ के स्पिनर हमारे बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ प्रभावी होंगे। पिच का एक छोर पूरी तरह से सूखा है।’’ स्मिथ ने कहा, ‘‘ उनकी टीम ने बेंगलुरु में अच्छा अभ्यास किया और अब यहां अभ्यास कर रही है। खिलाड़ी लय हासिल कर रहे हैं। मुझे लगता है कि पिच काफी धीमी होगी लेकिन मैं इसे लेकर आश्वस्त नहीं हूं। स्मिथ ने हालांकि साफ किया कि कैमरन ग्रीन पहला टेस्ट खेलने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने अभी तेज गेंदबाजों का सामना नहीं किया है, इसलिए पहले टेस्ट में उसके खेलने की संभावना बहुत कम है।’’

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