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कराची में 7 साल की बच्ची की दरिंदगी के बाद हत्या, स्कूल के पास मिला शव

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Image Source : INDIA TV (REPRESENTATIONAL IMAGE)
मासूम बच्ची से रेप

कराची: कराची के कैदाबाद इलाके में शुक्रवार को बलात्कार और हत्या की शिकार हुई 7 साल की बच्ची का शव मिला। पुलिस और अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, लाश लांधी के मुस्लिमाबाद कॉलोनी में मेंगल स्कूल के पास एक निर्माणाधीन इमारत के प्लॉट पर मिली। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर अपना गुस्सा जाहिर किया।

मलीर के एसएसपी इरफान बहादुर ने कहा कि लड़की गुरुवार को लापता हो गई थी और शुक्रवार को उसका शव मिला। उन्होंने कहा कि पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करने से पहले डॉक्टरों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए नाबालिग के शव को जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर (जेपीएमसी) में भेज दिया गया है।

डॉन की खबर के मुताबिक, पुलिस सर्जन सुमैया सैयद ने कहा, नाबालिग के शव को थाना क्वैदाबाद क्षेत्र से लाया गया था, जिसके पूरे शरीर, खासकर सिर पर काफी चोटें थीं। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से सामने आया है कि बच्ची के साथ रेप हुआ है, बच्ची के शरीर के अंगों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। पोस्टमॉर्टम से मौत की वजह गला घोंटना सामने आई है।

यह पहली बार नहीं है जब बच्चियां दरिंदगी की शिकार बनी हैं, पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले महीने कराची के क्लिफ्टन इलाके में अब्दुल्ला शाह गाजी दरगाह के पास बाढ़ प्रभावित शिकारपुर की एक बेघर नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया था और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था। पुलिस सर्जन ने पुष्टि की थी कि 10 साल की बच्ची लापता हो गई थी और उसे उसकी मां गंभीर हालत में जेपीएमसी लेकर आई थी।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य संस्थान (NICH) में एक महिला मेडिको-लीगल अधिकारी द्वारा उसकी जांच की गई। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक डॉक्टर ने कहा था, जांच में हिंसक वजाइनल रेप और शारीरिक चोटें सामने आईं।

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चीन में अनलॉक करने की डिमांड तेज, लोगों के सपोर्ट में बोला UN- ”प्रदर्शन करने के अधिकार का सम्मान करना सीखे चीन’

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चीन में अनलॉक करने की डिमांड तेज

चीन में कोरोना के चलते लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। एक तो कोरोना का प्रकोप ऊपर से सरकार की सख्ती और ना मानने पर पुलिस की कार्रवाई ने लोगों को प्रदर्शन करने पर मजूबर कर दिया है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने चीन को दो टूक सुनाया है। समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र ने चीन से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए लोगों को हिरासत में नहीं लेने का आग्रह किया है।

‘सख्त जीरो कोविड पॉलिसी’ का विरोध 

चीन में कोरोना वायरस के मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं जिसके चलते यहां सख्त जीरो कोविड पॉलिसी लागू है। वहीं कोरोना के चलते पाबंदियों और सख्त गाइडलाइंस ने लोगों को थका दिया है और गुस्से में भी भर दिया है। चीन सरकार की सख्त कोविड पाबंदियों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ‘सख्त जीरो कोविड पॉलिसी’ के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इस दौरान पुलिस विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी कर रही है। 

लोगों को पुलिस की कारों में बांधा गया

शंघाई में हजारों प्रदर्शनकारी निकले, जहां लोगों को पुलिस की कारों में बांध दिया गया। छात्रों को बीजिंग और नानजिंग समेत अन्य जगहों पर विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन करते देखा गया। शनिवार रात शंघाई में विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों को खुलेआम ‘शी जिनपिंग, पद छोड़ो’ और ‘कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता छोड़ो’ जैसे नारे लगाते हुए सुना गया। 

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दुनिया का सबसे बड़ा एक्टिव ज्वालामुखी फटा, अमेरिका में बह रही आग की नदियां, आसमान हुआ लाल

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World Largest Volcano: दुनिया का सबसे बड़ा सक्रिया ज्वालामुखी हवाई का मौना लोआ है। ये ज्वालामुखी रविवार को फट गया है। अभी ज्वालामुखी से निकलने वाला लावा शिखर पर ही है। इससे स्थानीय लोगों को कोई खतरा नहीं है। यूनाइटेट स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे लगातार लावा के बहाव की निगरानी कर रहा है।

 



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चीन में ‘A4 क्रांति’, क्यों सादे कागज लहरा कर जिनपिंग की सरकार के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन?

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बीजिंग: चीन में विरोध प्रदर्शनों के दौरान कागज के खाली पन्ने एक प्रतिष्ठित वस्तु बन गए हैं, जिसे कई लोग ‘श्वेत पत्र क्रांति’, ‘कोरी चादर क्रांति’ या ‘ए4 क्रांति’ कहते हैं। देशभर में विभिन्न प्रदर्शनों के दौरान लोगों को कागज की एक कोरी चादर पकड़े देखा गया। कुछ का कहना है कि यह सेंसरशिप से बचने का एक तरीका है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वायरल वीडियो शनिवार का बताया जा रहा है, जिसमें नानजिंग के कम्युनिकेशन यूनिवर्सिटी में एक महिला कोरे कागज के एक लंबे टुकड़े का एक छोर पकड़े हुई है और दूसरे छोर को एक अज्ञात व्यक्ति पकड़े हुआ है।

उस रात बाद के एक अन्य वीडियो में कैंपस में दर्जनों और छात्रों को श्वेत पत्र के टुकड़ों को पकड़े हुए देखा गया, जो मौन खड़े थे। सप्ताहांत में अन्य प्रमुख शहरों में भी इसी तरह के दृश्य देखे गए। शनिवार की रात शंघाई में एक विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाली एक महिला ने बीबीसी को बताया, ‘‘निश्चित रूप से कागज पर कुछ भी नहीं लिखा था, लेकिन हम जानते हैं कि यह किस चीज का प्रतीक है।’’

छात्रों के बीच प्रचलित है विरोध
कागज निर्माता शंघाई एम एंड जी स्टेशनरी ने उन अफवाहों का खंडन किया है कि उसने राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से सभी ए4 पेपर को अलमारियों से हटा लिया है। कागज के खाली टुकड़े चीन में प्रदर्शनकारियों के लिए अवज्ञा का प्रतीक बन गए हैं, खासकर विश्वविद्यालयों के छात्रों के बीच। वे देश में लगाए गए कोविड-19 प्रतिबंधों पर अपना गुस्सा प्रकट कर रहे हैं।

चीन में हो रहा मौन विरोध
यह मौन विरोध का एक रूप है, लेकिन उनके लिए सेंसरशिप या गिरफ्तार होने से बचने का एक तरीका है। सोमवार को कंपनी ने शंघाई स्टॉक एक्सचेंज पर एक आपातकालीन नोटिस पोस्ट किया, जिसमें कहा गया कि एक जाली दस्तावेज ऑनलाइन प्रसारित हो रहा है। बीबीसी ने बताया कि एम एंड जी के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पुलिस को सूचित किया था। उत्पादन और संचालन कार्य सामान्य रूप से चल रहा है।



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