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कतर का कैसे मिलेगा टिकट या देखना होगा ऑनलाइन

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बीएस संवाददाता /  November 18, 2022






कतर में हो रहे फीफा विश्व कप 2022 को महज दो दिन बचे हैं। 20 नवंबर से इसकी शुरुआत हो रही है। कतर पहुंचने के लिए लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो रही है, और इसलिए जो टिकट बचे हैं, उनको खरीदने के लिए भी काफी भीड़ है। कुछ ग्रुप मैचों के लिए बहुत कम टिकट बचे हैं जबकि सभी नॉकआउट गेम के टिकट पहले ही बिक चुके हैं।


कैसे मिलेगा फीफा विश्व कप का टिकट

टिकट पाने के लिए आपको फीफा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। हालांकि इसे पाने की संभावना काफी कम है। वेबसाइट पर पहुंचने के बाद आपको ‘अपना टिकट प्राप्त करें’ पर क्लिक करना होगा। उस पर क्लिक करने के बाद आपको उस पेज पर ले जाया जाएगा जहां आपको 5 से 10 मिनट इंतजार करना होगा। इंतजार कितने समय का होगा, यह आपके भाग्य पर निर्भर करता है। लेकिन याद रहे, आपको पेज से एग्जिट करने या रिफ्रेश करने की आवश्यकता नहीं है। एक बार 5-10 मिनट के भीतर ही, समय समाप्त हो जाने पर, ‘एंटर’ विकल्प के साथ एक पॉप-अप दिखाई देगा। जैसे ही आप उस पर क्लिक करेंगे वह आपको लॉगिन पेज पर ले जाएगा। 

यदि आप पहले से ही अपना पंजीकरण करा चुके हैं लेकिन टिकट बुक नहीं कर पाए हैं, तो आपको बस लॉग इन करना होगा। लेकिन यदि आप पंजीकृत नहीं हैं, तो आपको ईमेल के द्वारा पंजीकृत करने की जरूरत होगी, जिसका विकल्प आपको वहीं मिल जाएगा। पंजीकरण करते समय, आपको अपनी एक ईमेल-आईडी प्रदान करनी होगी, एक पासवर्ड चुनना होगा, और अपना पूरा नाम और अपनी जन्म तिथि बतानी होगी। आपका ईमेल सत्यापित हो जाएगा।

इसके लिए वेबसाइट एक सत्यापन कोड भेजेगी जिसे आपको दिए गए बॉक्स में टाइप करना होगा। एक बार आपकी ईमेल-आईडी सत्यापित हो जाने के बाद, आपको अपनी टिकटिंग प्रोफाइल को पूरा करने के लिए कहा जाएगा, जिसमें आपको निम्नलिखित विवरण प्रदान करने होंगे। इसके अंतर्गत आपको अपने नाम का शीर्षक यानी लास्ट नेम, पासपोर्ट संख्या, राष्ट्रीयता, शहर/नगर, पोस्ट कोड, पूरा पता और मोबाइल नंबर देना होगा।

इसके अलावा, उस टीम को चुनने का विकल्प होगा जिसका आप समर्थन कर रहे हैं और फिर टिकट के लिए भुगतान करने के लिए स्विफ्ट कोड के साथ आपके बैंकिंग विवरण मांगे जाएंगे। एक बार जब आप सभी जानकारी प्रदान कर देते हैं, तो टिकट टैब सभी मैचों, समय और उपलब्धता की स्थिति के साथ खुल जाएगा। अधिकांश टिकट बिक चुके हैं, लेकिन अभी भी कुछ मैच ऐसे हैं जहां टिकट उपलब्ध हैं। जिसकी सीट उपलब्ध है, उस टीम को चुनकर आप क्लिक करें और राशि का भुगतान करें। इसके बाद आपको अपना टिकट मिल जाएगा।


अपना हय्या कार्ड तैयार करें

एक बार जब आपको अपनी पसंद का टिकट मिल जाता है, तो कतर जाने वाले यात्रियों को अपना हय्या कार्ड बनवाना होगा। यह एक डिजिटल कार्ड होगा और कतर राज्य के लिए आपका प्रवेश परमिट और आपकी स्टेडियम में पहुंच को सुनिश्चित करेगा। स्टेडियम में पहुंचने के लिए हय्या कार्ड के साथ आपका टिकट होना भी जरूरी है। 

फीफा ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रशंसकों को भी अपने डिजिटल हय्या कार्ड पर अंतिम स्वीकृति प्राप्त करने के लिए अपनी वहां रुकने की आवास योजनाओं की पुष्टि करने की आवश्यकता होगी। हय्या के लिए आवेदन करने और आवास बुक करने के लिए आपको कतर2022 डॉट क्यूए पर जाएं या हय्या टू कतर 2022 ऐप पर जाना होगा। यह सुविधा आईओएस, ऐंड्रॉयड और हुआवेई पर उपलब्ध है। ‘हय्या कार्ड कतर राज्य की सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। फीफा अपनी आवेदन प्रक्रिया, जारी करने और/या उपयोग के लिए जिम्मेदार नहीं है। हय्या कार्ड के बारे में किसी भी प्रश्न के लिए इन्फो ऐट द रेट हय्या डॉट क्यूए पर संपर्क करें या 800.2022 (कतर) या (+974) 4441.2022 (अंतरराष्ट्रीय) पर कॉल कर सकते हैं। 

कतर की यात्रा कैसे करनी चाहिए?

टिकट धारकों के लिए कतर की यात्रा करने के लिए दो विकल्प हैं। वह या तो दोहा के लिए सीधी उड़ान बुक कर सकते हैं या दुबई के लिए उड़ान बुक कर सकते हैं। दुबई का विकल्प दो कारणों से आया है। पहला कि इस समय दोहा में रुकना बहुत महंगा होगा और साथ ही फ्लाइट टिकट भी। उदाहरण के लिए, एक सामान्य गूगल सर्च से पता चलता है कि 19 नवंबर, 2022 को नई दिल्ली से दोहा के लिए नॉन-स्टॉप उड़ान का वर्तमान न्यूनतम किराया लगभग 33,000 है। दोहा में आवास की लागत भी बहुत महंगी होने वाली है।

दूसरी ओर, यदि आप दुबई की यात्रा करना चुनते हैं और फिर दुबई से दोहा के लिए कम लागत वाली उड़ान बुक कर सकते हैं, और इससे आप बहुत बचत कर सकते हैं। संयुक्त अरब अमीरात के कुल देशों में से हैं। दुबई अपने कम लागत वाले विमान फ्लाईदुबई को दोहा में एक दिन में 30 चक्कर लगाने के लिए तैयार कर रहा है। ताकि दर्शक मैच देख सकें और फिर अमीरात के होटलों में वापस जा सकें।


कैसे देखें ऑनलाइन या टीवी पर 

अब क्योंकि टिकट की उपलब्धता बहुत कम है, सभी लोग दोहा नहीं जा सकते थे। इसलिए भारत में सभी फुटबॉल प्रशंसकों के लिए स्पोर्ट्स 18 और जियो सिनेमा एक बोनांजा ऑफर लेकर आए हैं। सभी मैचों का सीधा प्रसारण स्पोर्ट्स 18 और स्पोर्ट्स 18 एचडी पर होगा। ये दोनों चैनल वायकॉम 18 का स्पोर्ट्स चैनल है। लेकिन यह केवल टीवी दर्शकों के लिए है।

जो लोग इस गेम को अपने मोबाइल फोन, टैबलेट और लैपटॉप पर देखना चाहते हैं या इसे स्मार्ट टीवी पर देखना चाहते हैं, उन्हें केवल प्ले स्टोर से जियो सिनेमा ऐप्लिकेशन डाउनलोड करना पड़ेगा। आईओएस उपयोगकर्ता इसे ऐपल स्टोर से प्राप्त करने की आवश्यकता है। इसके लिए एक जियो अकाउंट बनाना होगा और आप मुफ्त में गेम लाइव देखें। और डिजिटल दर्शकों के लिए कोई सब​स्क्रिप्शन चार्ज भी नहीं है।



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UP By Poll Result 2022: मैनपुरी में डिंपल यादव को भारी बढ़त, रामपुर और खतौली में भी गठबंधन प्रत्याशी आगे

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भाषा / नई दिल्ली December 08, 2022






उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना के ताजा रुझानों में समाजवादी पार्टी (SP) की उम्मीदवार डिंपल यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रघुराज सिंह शाक्य पर एक लाख से अधिक मतों की बेहद मजबूत बढ़त बना ली है। रामपुर विधानसभा उपचुनाव में भी सपा के उम्मीदवार आगे हैं जबकि खतौली में उसकी सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के प्रत्याशी भी बढ़त बनाए हुए हैं। 

 

मैनपुरी लोकसभा सीट और दोनों विधानसभा सीटों के उपचुनाव की मतगणना जारी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक डिंपल यादव शाक्य से 1.11 लाख के करीब मतों से आगे हैं। फिलहाल, वह बेहद मजबूत स्थिति में दिख रही हैं। खतौली सीट पर रालोद प्रत्याशी मदन भैया ने मतगणना के ताजा आंकड़ों में भाजपा उम्मीदवार राजकुमारी सैनी पर 8,534 मतों से बढ़त बना ली है। रामपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझान में सपा के आसिम राजा अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के आकाश सक्सेना से 5,100 मतों से आगे हैं। 

 

सपा के विधायक और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने एक ट्वीट में कहा, ‘मैनपुरी संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं से मिले आशीर्वाद, स्नेह और अपार जनसमर्थन के लिये सम्मानित जनता, शुभचिंतकों, मित्रों और कर्मठ कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार। जसवंत नगर की सम्मानित जनता द्वारा डिंपल यादव को दिये गये आशीर्वाद के लिये जसवंतनगर वासियों को सहृदय धन्यवाद।’

 

शिवापाल ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की और कहा कि परिवार एकजुट होकर लड़ा, इसलिए पार्टी ‘बड़ी जीत’ की ओर अग्रसर है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘नेताजी (मुलायम सिंह यादव) और समाजवादी सरकार ने मैनपुरी में जो विकास किया है, उसकी वजह से यह ‘बड़ी जीत’ मिली है। मैनपुरी में आज भी नेताजी का जलवा कायम है।’

 

सपा अध्यक्ष से अपने सभी गिले-शिकवे भुलाकर मैनपुरी उपचुनाव में डिंपल के पक्ष में प्रचार करने वाले शिवपाल ने कहा, ‘अब जो भी चुनाव होगा, हमारा पूरा परिवार एक होकर ही लड़ेगा। हमारी बहू (डिंपल) एक बड़ी जीत की ओर इसलिए अग्रसर है, क्योंकि पूरा परिवार एक होकर लड़ा।’ शिवपाल ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के निर्देश पर मैनपुरी के अधिकारियों ने सपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया। उन्होंने कहा कि जनता ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए सपा को रिकॉर्ड वोट दिए। 

 

सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर निशाना साधते हुए कहा कि उपचुनाव के जो रुझान आ रहे हैं, उससे जाहिर होता है कि सपा अगले लोकसभा चुनाव में बढ़त बनायेगी। मौर्य ने एक ट्वीट में कहा था कि उपचुनाव के नतीजे वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के लिहाज से दूरगामी संकेत देंगे।

 

मैनपुरी लोकसभा सीट मुलायम सिंह यादव के निधन के कारण रिक्त हुई है जबकि रामपुर सदर और खतौली विधानसभा सीट क्रमशः सपा विधायक आजम खां और भाजपा विधायक विक्रम सैनी को अलग-अलग मामलों में सजा सुनाए जाने के कारण खाली हुई हैं। इनमें से मैनपुरी लोकसभा और रामपुर सदर विधानसभा क्षेत्र सपा के गढ़ माने जाते हैं। इन सीटों के उपचुनाव के तहत इसी महीने पांच दिसंबर को मतदान हुआ था। 



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Air india 40 करोड़ डॉलर के निवेश से विमानों के पुराने बेड़े को करेगी अपग्रेड

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भाषा / नई दिल्ली 12 08, 2022






विमानन कंपनी एयर इंडिया (Air India) ने गुरुवार को कहा कि उसकी योजना 40 करोड़ डॉलर का निवेश करके 27 बोइंग बी787-8 विमानों और 13 बी777 विमानों समेत चौड़े आकार के अपने दोनों बेड़ों को नए जैसा बनाने की है।


एयरलाइन ने एक बयान में बताया कि इसके तहत केबिन के मौजूदा इंटीरियर को पूरी तरह से बदल दिया जाएगा और नए किस्म की सीट और विमान के भीतर मनोरंजन की सबसे अच्छी व्यवस्था सभी श्रेणियों में की जाएगी।


इसमें बताया गया कि दोनों बेड़ों में महंगे एवं सुविधाजनक इकोनॉमी केबिन की शुरुआत की जाएगी तथा बी777 में प्रथम श्रेणी का केबिन बहाल किया जाएगा। 



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Gujarat Election Result 2022 : रुझानों में भाजपा रिकार्ड जीत की ओर

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गुजरात विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) रिकार्ड जीत की ओर बढ़ती दिख रही है। पांचवें दौर की मतगणना के बाद वह विधानसभा की 182 सीटों में से 155 पर बढ़त हासिल कर चुकी है।

निर्वाचन आयोग के मुताबिक कांग्रेस 18 सीटों के साथ दूसरे और आम आदमी पार्टी छह सीटों के साथ तीसरे स्थान पर है।

तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने बढ़त हासिल कर रखी है। आंकड़ों के मुताबिक भाजपा को अभी तक 53.62 प्रतिशत मत मिले हैं जबकि कांग्रेस को 27 और आप को 13 प्रतिशत।

यही रूझान आगे भी जारी रहे तो भाजपा ना सिर्फ गुजरात विधानसभा चुनाव में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी, बल्कि वह 149 सीटों पर जीत के कांग्रेस के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देगी। कांग्रेस ने 1985 के चुनाव में माधवसिंह सोलंकी के नेतृत्व में 149 सीटें जीती थी। राज्य विधानसभा के चुनाव में किसी भी दल द्वारा जीती गई सीटों की यह सर्वाधिक संख्या है। अभी तक यह एक रिकार्ड है। भाजपा राज्य में लगातार सातवीं विधानसभा चुनाव जीत की ओर अग्रसर है।

साल 1995 से उसने राज्य के सभी विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की है। भाजपा यदि यह चुनाव जीत लेती है तो वह पश्चिम बंगाल में वामपंथी दलों के लगातार सात चुनाव के जीत के रिकार्ड की भी बराबरी कर लेगी। ‘सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस)’ के शोध कार्यक्रम ‘लोकनीति’ के सह-निदेशक संजय कुमार ने कहा कि भाजपा अगर गुजरात का चुनाव जीत लेती है तो इससे उसकी हौंसला आफजाई होगी।

उन्होंने कहा कि यह भाजपा के कार्यकर्ताओं में उत्साह भरेगा और इस धारणा को मजबूत करेगा कि पार्टी 2024 का लोकसभा चुनाव जीतेगी। मोदी सरकार बढ़ती महंगाई, धीमी वृद्धि और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से जूझ रही है, लेकिन आर्थिक परेशानियों से गुजरात में भाजपा की लोकप्रियता में सेंध लगने की संभावना नहीं है। गुजरात दशकों से भाजपा का गढ़ रहा है।

मोदी 2001 से 2014 तक राज्य के मुख्यमंत्री थे। गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना राज्य के 37 मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में बृहस्पतिवार सुबह शुरू हुई। ‘आप’ के चुनावी मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है, जिससे कांग्रेस की परेशानी बढ़ी हुई है। गुजरात में बहुमत के लिए कुल 182 सीट में से किसी भी पार्टी को 92 का आंकड़ा छूना होगा। चुनाव बाद के सर्वेक्षणों में भाजपा के आसान जीत दर्ज करने और लगातार सातवीं बार राज्य में सरकार बनाने का पूर्वानुमान लगाया गया है।

इस महीने की शुरुआत में हुए दो चरणों के चुनाव के नतीजों पर कांग्रेस और आप के प्रदर्शन पर अधिक नजरें थीं। दोनों दल राज्य में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल करने के लिए संघर्ष में उलझी हुई दिख रही हैं। कांग्रेस से 2017 के पिछले विधानसभा चुनाव के अपने शानदार प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद नहीं थी। अब तक के रुझानों के मुताबिक कांग्रेस को आम आदमी पार्टी ने खास नुकसान पहुंचाया है।

पार्टी की ओर से चुपचाप और बगैर भारी शोर शराबे के चुनावी अभियान चलाने की रणनीति विफल साबित होती दिख रही है। कांग्रेस ने मुख्य रूप से घर-घर अभियान पर जोर दिया। साल 2017 के चुनावों में आक्रामक प्रचार करने वाले उसके नेता राहुल गांधी इस बार के चुनाव से दूर रहे। उनका पूरा जोर भारत जोड़ो यात्रा पर रहा।

कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता भी चुनाव प्रचार से दूर रहे। यह देखा जाना बाकी है कि इस चुनाव में आप के प्रदर्शन से क्या उसके नेता अरविंद केजरीवाल को 2024 में होने वाले संसदीय चुनावों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में अपनी जगह पक्की करने में मदद मिलती है या नहीं। आप ने इस चुनाव में आक्रामक तरीके से चुनाव अभियान चलाया था। गुजरात का चुनाव उसके लिए खुद को राष्ट्रीय पार्टी के रूप में स्थापित करने का एक अवसर भी था।

भाजपा के कई विधायक अब तक के रुझानों में आगे चल रहे हैं। इनमें जीतू वाघानी, हार्दिक पटेल, पूर्णेश मोदी, कनुभाई देसाई और कई अन्य चर्चित चेहरे शामिल हैं। कांग्रेस के दो प्रमुख नेता परेश धनानी और जिग्नेश मेवानी क्रमश: अमरेली और बडगाम में अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों से पीछे है। हालांकि उसके सबसे वरिष्ठ नेता अर्जुन मोढवाडिया पोरबंदर से जीत की ओर बढ़ रहे हैं। आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार इसुदान गढ़वी खम्भालिया विधानसभा सीट से आगे हैं।

जमजोधपुर, देडियापारा, धारी, व्यारा, बोताड, भिलोदा, गरियाधर और लिंबायत और कुछ अन्य सीटों पर भी आप के उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं। आप के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया सूरत के कतरगाम सीट पर पीछे हैं। वराछा रोड से आप के उम्मीदवार अल्पेश कथीरिया भी पीछे हैं। धनेरा और वागोडिया से निर्दलीय उम्मीदवारों ने बढ़त हासिल कर रखी है।

भाजपा ने राज्य में 27 साल के शासन के बाद सत्ता विरोधी भावनाओं से जूझते हुए यह चुनाव लड़ा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पार्टी के लिए ‘तुरुप का इक्का’ थे और सत्तारूढ़ दल ने सत्ता विरोधी लहर के मुकाबले के लिये ‘ब्रांड मोदी’ पर भरोसा किया। चुनावों में प्रमुख मुद्दों में बेरोजगारी, मूल्य वृद्धि, राज्य के कुछ हिस्सों में पानी नहीं पहुंचना, बड़ी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और किसानों को अत्यधिक बारिश के कारण फसल क्षति का उचित मुआवजा नहीं मिलना था।

इस बार मतदान प्रतिशत 2017 की तुलना में लगभग चार प्रतिशत कम हुआ। राज्य में 2017 में 68.39 प्रतिशत के मुकाबले इस बार सिर्फ 64.33 प्रतिशत मतदान हुआ। साल 2017 में भाजपा ने 99 सीटों पर जीत हासिल की थी जबकि कांग्रेस ने 77 सीटें जीती थी। भारतीय ट्राइबल पार्टी को दो और एक सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के खाते में गई थी। तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत हासिल की थी। 



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