Connect with us

Business

ओपन ऑफर का सतर्कता से करें आकलन

Published

on


न्यू डेल्ही टेलीविजन (एनडीटीवी) के स्वतंत्र निदेशकों ने कंपनी के निवेशकों से अदाणी समूह के आगामी ओपन ऑफर का आकलन सावधानीपूर्वक करने को कहा है। एनडीटीवी में अतिरिक्त 26 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए अदाणी समूह द्वारा इस ओपन ऑफर की पेशकश की जा रही है। 

संबंधित खबरें

शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंजों को भेजी जानकारी में स्वतंत्र निदेशकों की समिति ने कहा कि हालांकि ओपन ऑफर की कीमत उचित थी, लेकिन कंपनी का कारोबारी भाव काफी ज्यादा था। इस समिति में कौशिक दत्ता, इंद्राणी रॉय और जॉन ओ लॉन शामिल हैं। 

उन्होंने कहा, ‘ओपन ऑफर की कीमत सेबी एसएएसटी रेग्युलेशंस के अनुरूप है। इस आधार पर, यह कीमत उचित लग रही है।’ उन्होंने कहा, ‘हालांकि स्वतंत्र निदेशकों की समिति यह बताना चाहेगी कि संबद्ध कंपनी (एनडीटीवी)’ का शेयर स्टॉक एक्सचेंजों पर लगातार उस भाव पर कारोबार कर रहा है जो ऑफर कीमत के मुकाबले काफी ऊपर है। 

शुक्रवार को एनडीटीवी का शेयर बीएसई पर 402.30 रुपये पर बंद हुआ। यह 294 रुपये प्रति शेयर की ओपन ऑफर कीमत के मुकाबले करीब 37 प्रतिशत अधिक है। इस सप्ताह के शुरू में, बाजार नियामक सेबी ने करीब 493 करोड़ रुपये के ओपन ऑफर को मंजूरी दी है। 

22 नवंबर को पेश किए जाने वाले इस ओपन ऑफर में 1.67 करोड़ शेयर की पेशकश की गई है। अदाणी समूह ने अगस्त में विश्वप्रधान कमर्शियल (वीसीपीएल) अधिग्रहण के जरिये एनडीटीवी में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने की अपनी योजनाओं का खुलासा किया था। एनडीटीवी प्रवर्तक फर्म आरआरपीआर होल्डिंग में वीसीपीएल की 99.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 

कंपनी में एनडीटीवी के प्रवर्तकों प्रणय रॉय और  राधिका रॉय की प्रत्यक्ष रूप से 15.94 प्रतिशत और 16.32 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों की 14.72 प्रतिशत और लोगों तथा अन्य इकाइयों की 23.84 प्रतिशत हिस्सेदारी है।



Source link

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Business

यूपी में होगा ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन

Published

on

By


उत्तर प्रदेश में हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक क्लस्टर बनाकर ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा। प्रदेश में ग्रीन वैली की स्थापना कर ग्रीन हाइड्रोजन व अमोनिया के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक नीति का मसौदा तैयार किया है। प्रस्तावित नीति के तहत हाइड्रोजन व अमोनिया जैसी गैसों का उत्पादन करने वाले निवेशकों को कई तरह की सहूलियतें व छूट दी जाएंगी।

अगले साल फरवरी में होने वाले वैश्विक निवेशक सम्मेलन से पहले योगी सरकार ग्रीन हाइड्रोजन नीति लागू कर निवेश के नए दरवाजे खोलेगी। प्रदेश सरकार का उद्देश्य 2028 तक खाद कारखानों व तेल शोधन संयंत्रों में कुल हाइड्रोजन के उपभोग का 20 फीसदी ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल का है। इसे 2035 तक बढ़ाकर 100 फीसदी कर दिया जाएगा।

इसके चलते प्रस्तावित ग्रीन हाइड्रोजन नीति में पूंजीगत व्यय में इलेक्ट्रोलाइजर के विकास पर 2023 में 60 फीसदी, 2024 में 55 फीसदी व 2025 में 45 फीसदी की सब्सिडी देने की योजना है। ग्रीन हाइड्रोजन के निर्माण में इलेक्ट्रोलाइजर सबसे अहम घटक है।

प्रस्तावित नीति के मुताबिक ग्रीन हाइड्रोजन व अमोनिया के परिवहन और स्टोरेज क्षमता को भी विकसित किया जाएगा। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि जल्दी ही मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तावित ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी दी जाएगी। प्रस्तावित नीति के मुताबिक ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में शोध, अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। 

ग्रीन हाइड्रोजन व अमोनिया का उत्पादन करने वाले निवेशकों को 15 दिन के भीतर सिंगल विंडो पोर्टल के जरिए जरूरी मंजूरी दी जाएगी। तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 30 फीसदी या 5 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। ग्रीन हाइड्रोजन व अमोनिया का उत्पादन संयंत्र लगाने वाले निवेशकों को स्टांप शुल्क एवं भूउपयोग शुल्क में सौ फीसदी की छूट दी जाएगी जबकि पानी के इस्तेमाल पर लगने वाले शुल्क में 50 फीसदी की छूट दी जाएगी।



Source link

Continue Reading

Business

क्रेडिट कार्ड से खर्च 1.29 लाख करोड़

Published

on

By


भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि त्योहारी सीजन के दौरान क्रेडिट कार्ड के खर्च ने अक्टूबर में वृद्धि की गति को जारी रखा और 1.29 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू लिया। यह पिछले महीने की तुलना में 5.5 फीसदी अधिक है, तब कुल खर्च 1.22 लाख करोड़ रुपये था। 

उच्च आधार के बावजूद पिछले साल की समान अवधि की तुलना में खर्च 25 फीसदी ज्यादा रहा। पिछले साल अक्टूबर में त्योहारी सीजन के कारण क्रेडिट का खर्च पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये पहुंचा था। साथ ही एक साल से निष्क्रिय कार्डों को निरस्त करने के रिजर्व बैंक के नियम के बाद पिछले दो माह में क्रेडिट कार्ड संख्या में शुद्ध कमी आई। बैंकिंग व्यवस्था में 16.6 लाख से अधिक क्रेडिट कार्ड जोड़े गए, जिसके बाद कुल कार्डों की संख्या 7.93 करोड़ हो गई। 

आरबीआई के नए मानदंड के लागू होने से पहले उद्योग एक महीने में औसतन 15 लाख से अधिक क्रेडिट कार्ड जोड़ रहा था, क्योंकि महामारी में बैंकों ने असुरक्षित ऋण देने का कारोबार तेज कर दिया था। अक्टूबर के दौरान सबसे अधिक एसबीआई कार्ड्स और भुगतान सेवाओं ने 3,39,160 कार्ड जोड़े। इसके बाद ऐक्सिस बैंक ने 2,61,367 कार्ड्स और आईसीआईसीआई बैंक ने 2,21,280 कार्ड्स जोड़े। देश के सबसे बड़े क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता एचडीएफसी बैंक ने इस अवधि के दौरान 2,17,979 कार्ड जोड़े। 

जुलाई-सितंबर (दूसरी तिमाही) तिमाही में कार्ड की संख्या में 25.5 लाख की गिरावट आई। प्रमुख जारीकर्ताओं में देश के सबसे बड़े कार्ड जारीकर्ता एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्डों की संख्या में वित्त वर्ष 23 की दूसरी तिमाही में 16.2 लाख की शुद्ध गिरावट आई। ई-कॉमर्स लेन-देन की बढ़ती हिस्सेदारी के कारण पिछले आठ महीनों में कार्ड खर्च लगातार 1 लाख करोड़ रुपये के ऊपर रहा है। महामारी में कम हुए यात्रा और आतिथ्य खर्च मजबूती से वापस आ गए हैं।



Source link

Continue Reading

Business

4.5 गीगावॉट बिजली आपूर्ति के लिए बोली आमंत्रित

Published

on

By


देश के सभी इलाकों में अगले साल खासकर ज्यादा मांग वाले गर्मी के महीनों में बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के वास्ते  केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने 4.5 गीगावॉट बिजली खरीदने के लिए बिजली उत्पादन कंपनियों (जेनको) से बोली आमंत्रित की है। आपूर्ति की अवधि 5 साल होगी। साथ ही इस योजना में पात्र पाई जाने वाली उत्पादन कंपनियों को अतिरिक्त कोयले का आवंटन किया जाएगा। 

बिजली मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘ पीएफसी कंसल्टिंग लिमिटेड (पीएफसी लिमिटेड की पूर्ण मालिकाना वाली सहायक इकाई) को बिजली मंत्रालय की नोडल एजेंसी बनाया गया है। योजना के तहत पीएपसी कंसल्टिंग लिमिटेड ने 4,500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति के लिए बोली आमंत्रित की है। बिजली की आपूर्ति अप्रैल 2023 से शुरू होगी। कोयला मंत्रालय से अनुरोध किया गया है कि वह सालाना करीब 2.7 करोड़ टन कोयले का आवंटन करे।’ 

यह बोली शक्ति योजना के तहत आमंत्रित की गई है, जिसे केंद्र ने 2017 में शुरू किया था, जिससे देश भर में बिजली की भरपूर आपूर्ति के लिए कोयला लिंकेज सुनिश्चित किया जा सके। बिजली मंत्रालय ने वित्त, स्वामित्व और संचालन (एफओओ) के आधार पर शक्ति (भारत में पारदर्शी रूप से कोयले के उपयोग और आवंटन की योजना) नीति के तहत बोली आमंत्रित की है। इसमें यह भी कहा गया है कि राज्यों के समूह भी बिजली की जरूरतों के मुताबिक किसी एजेंसी के माध्यम से बिजली की खरीद कर सकेंगे। बोली जमा करने की अंतिम तिथि 21 दिसंबर 2022  तक है।



Source link

Continue Reading