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ऑस्ट्रेलिया को लगा एक और झटका, प्लेइंग इलेवन में शामिल तीसरे खिलाड़ी को लगी चोट 

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ऑस्ट्रेलिया की टीम को दूसरे टेस्ट मैच के दौरान एक के बाद एक तीन बड़े झटके लगे, क्योंकि प्लेइंग इलेवन में शामिल तीन खिलाड़ी मैदान से बाहर चले गए। कैमरोन ग्रीन को बल्लेबाजी के समय फिंगर इंजरी हुई है।



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IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया पर कहर बनकर टूटेंगे अश्विन बस करना होगा यह काम, रवि शास्त्री ने दिया घर में जीत का मास्टर प्लान

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नागपुर: भारतीय टीम पूर्व कोच रवि शास्त्री का मानना है कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टीम का प्रदर्शन काफी हद तक अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की फॉर्म पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि चार मैचों की इस सीरीज में अश्विन को ‘जरूरत से ज्यादा योजना’ बनाने से बचना चाहिए। शास्त्री के कोच रहते भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में लगातार दो टेस्ट सीरीज जीती थी। उन्होंने टीम को मध्यक्रम में मैच का रूख बदलने की क्षमता रखने वाले सूर्यकुमार यादव को रखने की सलाह देते हुए कुलदीप यादव को तीसरे स्पिनर के रूप में शामिल करने वकालत की।

शास्त्री ने इस सीरीज के आधिकारिक प्रसारक स्टार स्पोर्ट्स के द्वारा आयोजित इंटरव्यू में कहा, ‘आप यह नहीं चाहते हैं कि अश्विन जरूरत से ज्यादा योजना बनाए। वह अगर योजना पर टिके रहे तो यही काफी होगा, वह इन परिस्थितियों में काफी अहम खिलाड़ी है। उनकी फॉर्म इस सीरीज का रुख तय करेगी। अश्विन गेंद के साथ बल्ले से भी योगदान देंगे।’ शास्त्री ने कहा, ‘अश्विन अगर अच्छे फॉर्म में हुए तो यह सीरीज का नतीजे तय कर सकता है। वह विभिन्न परिस्थितियों में विश्व स्तरीय खिलाड़ी है लेकिन भारतीय परिस्थितियों में वह और भी घातक है। अगर गेंद को पिच से मदद मिलती है और गेंद घूमती है तो वह ज्यादातर बल्लेबाजों को परेशान करेगा।’

अश्विन को दिखाना होगा अपना स्वभाविक खेल

इस पूर्व ऑलराउंडर ने कहा, ‘ऐसे में आप नहीं चाहते कि वह जरूरत से ज्यादा सोचे और अलग-अलग चीजों का प्रयास करे। उसे अपना नैसर्गिक खेल खेलना होगा और बाकी काम पिच करेगी। भारत में पिच से काफी मदद मिलती है।’ उन्होंने कहा, ‘जहां तक तीसरे स्पिनर की बात है तो मैं कुलदीप को खेलते हुए देखना चाहूंगा। जडेजा और अक्षर काफी हद तक एक समान गेंदबाज हैं। कुलदीप अलग हैं। अगर आप पहले दिन टॉस हार जाते हैं, तो आपको किसी ऐसे खिलाड़ी की जरूरत होती है जो आपको विकेट दिलाए।’

उन्होंने कहा, ‘मैच के पहले दिन कुलदीप के पास गेंद को सबसे ज्यादा घुमाने की क्षमता है। अगर गेंदबाजों को पिच से ज्यादा मदद नहीं मिली तो कुलदीप का महत्व और बढ़ जायेगा। शास्त्री से जब पूछा गया कि वह इस सीरीज में किस तरह की पिच चाहते है तो उन्होंने कहा कि ऐसी पिच जहां पहले दिन से ही गेंद टर्न करे। उन्होंने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि गेंद पहले दिन से टर्न करे। अगर आप टॉस गंवाते है तो भी पिच से मदद मिलेगी। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहिए।’

शास्त्री ने टीम में सूर्यकुमार यादव को शामिल करने की वकालत करते हुए कहा कि भारत को 12 खिलाड़ियों को तैयार रखना चाहिए और पिच के मिजाज को देखते हुए शुभमन गिल को टीम की योजना का हिस्सा रखना चाहिए। उन्होंने दोनों में किसी एक को टीम में शामिल करने को मुश्किल चयन करार देते हुए कहा, ‘यह काफी मुश्किल होगा। आपको पांचवें नंबर के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनना होगा। सूर्या ऐसा खिलाड़ी है जो लगातार रन बनाता है और स्ट्राइक रोटेट करता है। भारत में अच्छा करने के लिए आपको स्ट्राइक रोटेट कर गेंदबाजों को लय हासिल करने से रोकना होता है।’

स्पिनरों के लिए मददगार होगी पिच

स्पिनरों की मददगार पिच में तेजी से खेली गयी 30-40 रन की पारी मैच का रुख बदल सकती है। शास्त्री को उम्मीद है कि पूर्व कप्तान विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना दमदार प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसका रिकॉर्ड सब कुछ बयां करता है। वह जोश से भरा होगा और दमदार शुरुआत करना चाहेगा। वह अगर अपनी पहली दो पारियों में अच्छा करने में सक्षम रहा तो फिर ऑस्ट्रेलिया के लिए उसे रोकना आसान नहीं होगा।’

शास्त्री ने कहा कि चोटिल विकेटकीपर ऋषभ पंत की कमी को भरना टीम के काफी मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि टीम में बेहतर बल्लेबाज इशान किशन और बेहतर विकेटकीपर कोना भरत में से किसी एक को चुनना चुनौतीपूर्ण होगा। उन्होंने कहा, ‘इससे पता चलता है कि पंत भारत के लिए कितने अहम है। वह सभी खांचे में फिट बैठते है। वह खतरनाक बल्लेबाज है और उसने हाल के दिनों में सबसे ज्यादा मैच जिताऊ पारियां खेली है।’ उन्होंने कहा, ‘अगर पिच से गेंद टर्न होती है तो बेहतर कीपर को खेलना चाहिए। जडेजा, कुलदीप और अश्विन के लिए उन्हें स्टंप्स के पीछे अच्छे कीपर की जरूरत होगी। अब यह आपके ऊपर है कि आप किसे बेहतर विकेटकीपर मानते हैं।’



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लड़कों को एक चीज चाहिए होती है, जिसकी शुरुआत ‘B’ से होती है? आर अश्विन का जवाब हुआ वायरल

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एक लड़की ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक सवाल किया है कि लड़कों को सिर्फ एक चीज चाहिए होती है, जिसकी शुरुआत 'B' से होती है? इसका जवाब आर अश्विन ने दिया है, जो अब वायरल हो गया है। 



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IND vs AUS : जब टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को हराया

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Image Source : GETTY
MS Dhoni

IND vs AUS Test Series : नागपुर का विदर्भ क्रिकेट ग्राउंड एक बार फिर से चर्चा में है। भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें यहां पहला टेस्ट खेलने के लिए उतरने जा रही हैं। चार टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच का गवाह ये स्टेडियम बनेगा। इससे पहले टीम इंडिया ने यहां यानी नागपुर में एक छह टेस्ट खेले हैं, जिसमें भारतीय टीम का रिकॉर्ड काफी शानदार है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टीम यहां पर दूसरी बार खेलने के लिए उतर रही है। पहली बार टीम इंडिया के कप्तान रहे एमएस धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने रिकी पोंटिंग की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को बुरी तरह से हराया था। हालांकि वो साल 2008 था, तब से लेकर अब तक भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें कई बार आमने सामने आई हैं, लेकिन कहीं न कहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों के मन में उस हार की यादें तो होंगी ही।

एमएस धोनी की टीम इंडिया के सामने थी, रिकी पोंटिंग की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलिया टीम 

साल था 2008 का और टीम इंडिया के कप्तान थे एमएस धोनी, वहीं ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी रिकी पोंटिंग कर रहे थे। एमएस धोनी ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। सचिन तेंदुलकर ने शानदार 109 रन की पारी खेली। वहीं वीरेंद्र सहवाग वीवीएस लक्ष्मण, सौरव गांगुली और एमएस धोनी ने भी अर्धशतक लगाए। इन सभी बल्लेबाजी की दम पर भारतीय टीम ने पहली ही पारी में 441 रनों का बड़ा पहाड़ जैसा स्कोर टांग दिया। जेसन क्रेजा एक ऐसे गेंदबाज थे, जिन्होंने भारत के आठ विकेट लेने का काम किया। उनके अलावा मिचेल जॉनसन और शेन वाटसन को भी एक एक विकेट मिला, बाकी ऑस्ट्रेलिया का कोई भी गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजी क्रम के सामने अपनी छाप छोड़ने में कामयाब नहीं हो पाया। इसके बाद बारी थी ऑस्ट्रेलिया टीम की ​बल्लेबाजी की। ऑस्ट्रेलिया की ओर से साइमन कैटिच ने शतक लगाया, वहीं माइक हंसी ने भी अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाजी क्रम ज्यादा कुछ नहीं कर पाया। यही कारण था कि ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 355 रन की बना सकी और पहली ही पारी के आधार पर पिछड़ गई। भारत की ओर से हरभजन सिंह ने तीन, इशांत शर्मा और अमित मिश्रा ने दो दो विकेट अपने नाम किए, वहीं एक विकेट जहीर खान को मिला। पहली पारी में तो टीम इंडिया ने बढ़त बना ली थी, लेकिन अभी दूसरी पारियां बाकी थीं।

टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 172 रन से दी थी मात 
टीम इंडिया जब दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरी तो वीरेंद्र सहवाग ने शानदार 92 रन की पारी खेली, वहीं एमएस धोनी ने फिर से अर्धशतक लगाया। हरभजन सिंह ने भी 50 से ज्यादा रन बना दिए। भारत ने अपनी दूसरी पारी में 295 रन बनाए। पहली पारी में पहले ही पिछड़ चुकी ऑस्ट्रेलिया के सामने बड़ा टारगेट चेज करने के लिए था। दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ही ऐसे ​बल्लेबाज थे, जो 50 से ज्यादा रन बना सके, उन्होंने 77 रन बनाए, लेकिन बाकी कोई भी बल्लेबाज कुछ नहीं कर सका। पूरी टीम 209 रन बनाकर आउट हो गई। हरभजन सिंह ने फिर चार विकेट अपने नाम किए, वहीं इशांत शर्मा ने दो और अमित मिश्रा ने तीन विकेट अपने नाम किए। भारतीय टीम ने ये मैच  172 रन के भारी अंतर से अपने नाम कर लिया था। इसके बाद से अब तक भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यहां पर कोई भी टेस्ट मैच नहीं हुआ। अब फिर से टेस्ट मैच की बारी है। देखना होगा कि क्या रोहित शर्मा भी अपनी कप्तानी में एमएस धोनी जैसा कारनामा कर सकते हैं।

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