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ऐपल भारत से बढ़ा सकता है निर्यात

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चीन के झेंग्झौ प्रांत में फॉक्सकॉन के आईफोन निर्माण संयंत्र में श्रमिकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें ऐपल को भारत से अपने निर्यात अभियान को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। इसे ऐपल की सामाजिक अशांति पर प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा सकता है।  

भारत आईफोन के लिए दुनिया में ऐपल का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादन आधार है। जानकार सूत्रों का कहना है कि चीन में बढ़ती अशांति और कड़े कोविड -19 प्रतिबंधों के बीच ऐपल अपने वैश्विक विक्रेताओं से संभवतः अन्य देशों में उत्पादन को अधिक आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाने के बारे में बात कर रहा है। इस रणनीति पर आने वाले कुछ हफ्तों में निर्णय होने की उम्मीद है। ऐपल के प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया। 

प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत भारत ऐपल को अपने उत्पादन का विस्तार करने के लिए पहले से ही पर्याप्त लचीलापन प्रदान करता है। यह कंपनी को फ्रेट ऑन बोर्ड या उत्पादन के एफओबी मूल्य पर 4-6 फीसदी का प्रोत्साहन देता है। यह भारत को चीन और वियतनाम के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनाता है। 

ऐपल ने आईफोन 14 को वैश्विक स्तर पर लॉन्च करने के एक महीने के अंदर ही भारत में आईफोन 14 का उत्पादन शुरू कर दिया था। पीएलआई के तहत ऐपल के तीन विक्रेता फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन  वित्त वर्ष 2026 को समाप्त होने वाले पांच वर्षों में 26 अरब डॉलर के न्यूनतम एफओबी मूल्य वाले आईफोन का उत्पादन करने के लिए प्रतिबद्ध है।   लेकिन वे अधिकतम 52 अरब डॉलर तक जा सकते हैं।



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कर्मचारियों को रोकने के लिए 1800 डॉलर तक का बोनस दे रही फॉक्सकॉन

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बीएस वेब टीम / नई दिल्ली 11 28, 2022






चीन में ऐपल के सबसे बड़े प्लांट फॉक्सकॉन में शुरु हुए कर्मचारियों के विरोध के बाद, कई ने प्लांट छोड़ दिया। अब कंपनी ने फॉक्सकॉन प्लांट में कर्मचारियों को रोकने के लिए 1800 डॉलर तक के बोनस का ऐलान किया है। 

 

ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक, कंपनी दिसंबर और जनवरी में उन कर्मचारियों के वेतन में 13,000 युआन प्रति माह की बढ़ोतरी करेगी, जो नवंबर या उससे पहले की शुरुआत में शामिल हुए थे। 

 

पिछले हफ्ते, फॉक्सकॉन ने अपने उन कर्मचारियों के लिए भी ऐसे ही बोनस की घोषणा की थी जो कि हिंसक प्रदर्शन में शामिल हुए थे और प्लांट छोड़ना चाहते थे। 

 

कंपनी का इस तरह से असामान्य रूप से बोनस का ऑफर देना इस बात की पुष्टि करता है कि इस समय फॉक्सकॉन को कर्मचारियों की जरूरत है ताकि काम को फिर से गति दी जा सके। 

 

वहीं Apple ने कहा है कि वह संचालन बहाल करने के लिए फॉक्सकॉन के साथ मिलकर काम कर रहा है और दोनों कंपनियों का कहना है कि वो कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं। 

 

iPhone 14 Pro और Pro Max वो फोन हैं, जो इस साल सबसे अधिक डिमांड में हैं। वहीं चीन में स्थापित ऐपल के सबसे बड़े प्लांट में कोविड के चलते अप्रत्याशित नीति और अनिश्चित व्यापार संबंधों ने ऐपल के प्रोडक्शन को प्रभावित किया है। इस बारे में अमेरिकी कंपनी ने इसी महीने चेतावनी भी दी थी कि उसके लेटेस्ट प्रीमियम आईफ़ोन की शिपमेंट पहले की अपेक्षा कम होगी। 

 

 वहीं मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों के अनुसार इस महीने आईफोन प्रो आउटपुट में 6 मिलियन यूनिट की कटौती देखने को मिल सकती है।



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हफ्ते के पहले कारोबारी दिन तेजी के साथ हो सकती है घरेलू बाजार की शुरुआत

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SGX Nifty इस समय 34 अंकों के उछाल के साथ 18695 के स्तर पर है।
बीएस वेब टीम / नई दिल्ली November 28, 2022






फेडरल रिजर्व मिनट्स में ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की बात के बाद से वैश्विक बाजार में मजबूती का माहौल बना हुआ है। घरेलू बाजार की बात करें तो बीते हफ्ते बाजार ने अच्छा प्रदर्शन किया और रिकॉर्ड स्तर बंद हुआ।

 

SGX Nifty इस समय 34 अंकों के उछाल के साथ 18695 के स्तर पर है।  इससे हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बाजार के तेजी के साथ खुलने की उम्मीद है।

 

अन्य एशियाई बाजार की बात करें तो जापान के NIKKEI  में 0.4 फीसदी और कोरिया के KOSPI में 0.75 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है। 

 

डाओ जोन्स फ्यूचर में 0.28 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है।  बीते हफ्ते सेंसेक्स 62293 के नए ऑल टाइम हाई पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 18512 के नए 52 हफ्ते की ऊंचाई पर बंद हुआ था। 

 

इस बीच, हफ्ते के पहले कारोबारी दिन व्यापार के लिहाज से इन शेयरों पर रखें नजर- 

Pharma:

अप्रैल-अक्टूबर की अवधि में उच्च निर्यात की रिपोर्ट के बाद फार्मा कंपनियों के शेयरों के फोकस में रहने की संभावना है। अप्रैल-अक्टूबर की अवधि के दौरान भारत से फार्मास्युटिकल निर्यात में 4.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 14.57 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। 

HFCL:

कंपनी ने की वाराणसी में ईपीसी सेवाएं प्रदान करने के लिए एसडब्ल्यूएसएम से 1,770 करोड़ रुपये की डील।  उक्त परियोजना को कंपनी द्वारा JWIL Infra के साथ कंसोर्टियम पार्टनर के रूप में क्रियान्वित किया जाएगा।

Insurance:

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने शुक्रवार को बीमा कंपनियों को पंजीकृत करने और उनमें निवेश करने के नियमों में ढील देने के लिए संशोधनों को मंजूरी दे दी। नए नियमों के अनुसार, निजी इक्विटी (पीई) फंड अब सीधे बीमा कंपनियों में पैसा लगा सकते हैं, और उनके द्वारा विशेष प्रयोजन वाहनों (एसपीवी) के माध्यम से निवेश को वैकल्पिक बना दिया गया है, इस प्रकार लचीलापन प्रदान किया गया है। अधिक पढ़ें

Castrol:

कंपनी ने ऑटोमोबाइल आफ्टरमार्केट प्लेयर, की मोबिलिटी सॉल्यूशंस में 7.09 प्रतिशत हिस्सेदारी 487.5 करोड़ रुपये में हासिल करने की योजना बनाई है।



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हर तिमाही 1 हजार करोड़ रुपये वसूली हमारा लक्ष्य

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शाइन जैकब /  November 27, 2022






इंडियन ओवरसीज बैंक का शुद्ध लाभ दूसरी तिमाही में 33 प्रतिशत बढ़ा है। बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने शाइन जैकब से वृद्धि के खाके, संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार की योजना और भारत पर वैश्विक वित्तीय संकट के प्रभाव के बारे में बात की। संपादिश अंशः 

दूसरी तिमाही में आपका लाभ 33 फीसदी बढ़ गया। वृद्धि के मुख्य कारक क्या थे? 

सबसे पहले पिछले ढाई साल की आईओबी की यात्रा को देखें। हमने मार्च 2020 में 18 तिमाहियों के नुकसान के बाद पहली बार मुनाफा दर्ज करना शुरू किया। इसके बाद से लगातार हम सालाना आधार पर अच्छी वृद्धि दर्ज कर रहे हैं। यह हर तिमाही में करीब 20-30 फीसदी के दायरे में रहा है। इस तिमाही में भी मुख्य रूप से ब्याज आय में वृद्धि से लाभ देखा गया है। ऋण पोर्टफोलियो में अच्छी वृद्धि हुई है। जमा के मोर्चे पर, जमा की लागत में बढ़ोतरी हुई है।

कुल मिलाकर एनआईएम (ब्याज से शुद्ध मुनाफा) बढ़ा है और यह हमेशा चिंता का विषय रहा है। हमारा एनआईएम पहले करीब 2.5 फीसदी था और यह बढ़कर करीब 2.79 फीसदी हो गया है। यह वृद्धि में योगदान देने वाले प्रमुख कारकों में से एक है। इससे परिसंपत्तियों की वापसी में अच्छी वसूली में भी मदद मिली है। इससे हमें आंकड़े सुधारने में मदद मिली। हमारा लक्ष्य एनपीए (गैर-निष्पादित संपत्ति) और तकनीकी बट्टे खाते में डालने से मिलाकर तिमाही लगभग 1,000 करोड़ रुपये वसूली का है। 

आप सितंबर 2021 में पीसीए से बाहर आए। उसके बाद से आप बैंक की प्रगति को किस तरह देखते हैं? 

यह काफी कठिन सफर रहा है क्योंकि हम 6 साल से पीसीए में थे। पिछली कुछ तिमाहियों में आरबीआई ने हमें पीसीए से बाहर निकालने के बाद भी बहुत ध्यान से देखा। हम सितंबर 2021 के बाद से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हम चारों तिमाहियों की बैलेंस शीट लेकर आए हैं। सभी मोर्चों पर प्रगति हुई है, चाहे वह एनपीए की वसूली हो या ऋण वृद्धि।

मार्च 2022 तक बैंक की ओर से दिया गया कुल कर्ज 1.55 लाख करोड़ रुपये था। आगे आप इसे कहां देखते हैं?

जब हमने चालू वर्ष के लिए अपना बजट बनाया था, उसका ऋण लक्ष्य लगभग हासिल कर लिया गया है। मार्च 2022 तक एडवांस पोर्टफोलियो उस साल के लिए 1.55 लाख करोड़ रुपये था। हमने 18,000 करोड़ रुपये की वृद्धि का लक्ष्य रखा था, जिसमें से लगभग 17,000 करोड़ रुपये हासिल कर लिए गए हैं। जैसा कि रुझान जारी है, हम देखते हैं कि बुनियादी ढांचे में अच्छा निवेश हो रहा है। हमें विश्वास है कि यह जारी रहेगा। हम इस साल 7,000-8,000 करोड़ रुपये की और वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।

इस वर्ष के लिए आपकी पूंजी जुटाने की योजना की स्थिति क्या है?

हमारे पास पहले से ही क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के जरिए करीब 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। हमने निवेशकों से बात करना शुरू कर दिया है और बाजार की अच्छी स्थिति का इंतजार कर रहे हैं। हम एक और अच्छे तिमाही परिणाम के साथ आना चाहते हैं जो निवेशकों में अधिक विश्वास पैदा कर सके। दिसंबर तिमाही तक हमारा लक्ष्य अपने निवेशकों को अच्छी बैलेंस शीट और भरोसा देना है।

सकल एनपीए में सुधार के लिए आपकी क्या योजना है?

हमने अपनी यात्रा उस समय शुरू की जब हमारा सकल एनपीए 25 फीसदी से अधिक था। हम आज 8.53 फीसदी पर हैं। एक साल पहले हमारा जीएनपीए 10.21 फीसदी था। हमारा लक्ष्य इसे घटाकर 7.5 से 8 फीसदी पर लाने का है।



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