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एलन मस्क ने ट्विटर पर हेट स्पीच “1/3 से नीचे” होने का किया दावा

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एलन मस्क ने ट्विटर पर कई विवादास्पद खातों को भी बहाल किया है.

“लोगों का विश्वास” वापस हासिल करने की कसम खाने के कुछ दिनों बाद एलन मस्क ने दावा किया कि ट्विटर पर हेट स्पीच (अभद्र भाषा) पहले की तुलना में एक तिहाई कम हो गए हैं. ट्विटर टीम को बधाई देते हुए, सोशल मीडिया कंपनी के नए मालिक ने हेट स्पीच में गिरावट की एक तस्वीर ट्वीट की.

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मस्क ने इस महीने घोषणा की थी कि ट्विटर की नई नीति में “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन पहुंच की स्वतंत्रता नहीं” है. अभद्र भाषा या “नकारात्मक” सामग्री वाले ट्वीट को ट्विटर बढ़ावा नहीं देगा और न ही प्रचार करेगा. अरबपति के ट्विटर अधिग्रहण के मद्देनजर मंच पर गालियों और नस्लवादी मीम्स की बाढ़ आ गई थी, जिसने “कंटेंट मॉडरेशन काउंसिल” के गठन को प्रेरित किया. यह विज्ञापनदाताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए मस्क द्वारा एक स्पष्ट प्रयास था.

दूसरी ओर, मस्क ने कई विवादास्पद खातों को भी बहाल किया है, जिन्हें पहले प्रतिबंधित या निलंबित कर दिया गया था. इनमें डोनाल्ड ट्रंप और कान्ये वेस्ट शामिल थे. दोनों के खातों को हेट स्पीच के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था. ब्लूमबर्ग के अनुसार, मस्क के अधिग्रहण के बाद अभद्र भाषा की बाढ़ ने न केवल लोगों की स्वतंत्र रूप से बोलने की क्षमता को बहाल करने के उनके वादों पर महत्वपूर्ण दबाव डाला, बल्कि विज्ञापनदाताओं के लिए मंच की स्वीकार्यता को लेकर भी आशंका बढ़ा दी. इसके बाद ही मस्क को कहना पड़ा कि उनके नेतृत्व में ट्विटर फ्री-फॉर-ऑल हेलस्केप” नहीं होगा. 

हालांकि, सभी विज्ञापनदाता मस्क के वादों से संतुष्ट नहीं हैं. कल, वोक्सवैगन के ब्रांडों ने अगली सूचना तक ट्विटर पर सभी भुगतान गतिविधियों को रोक दिया है. इस महीने की शुरुआत में, वोक्सवैगन (जो ऑडी का भी मालिक है), कपरा, लेम्बोर्गिनी, बेंटले, डुकाटी और पोर्श ने कहा कि उसने एलन मस्क के प्लेटफॉर्म के अधिग्रहण के बाद अगले नोटिस तक ट्विटर पर भुगतान किए गए विज्ञापनों को रोकने की सिफारिश की थी.

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किरोड़ी लाल पूर्व केंद्रीय मंत्री नमोनारायण से मिले, बोले-अपमान का बदला लेंगे; जानें मामला

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kirodilala meena latest news: राजस्थान में पूर्व केंद्रीय मंत्री नमोनारायण मीना को सीएम के काफिले की गाड़ी में जगह नहीं मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बीजेपी सांसद किरोड़ी लाल  मीना आज उनके आवास पर मिलने के लिए गए। दोनों नेताओं की मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि, किरोड़ी लाल ने वीडियो जारी कर मुलाकात के बारे में मीडिया को बताया है। बीजेपी सांसद ने कहा- पिछले दिनों मुख्यमंत्री गंगापुर गए थे। जिसमें कांग्रेस के सभी नेता पहुंचे थे। जिनमें नमोनारायण भी शामिल थे। कांग्रेस के स्थापित नेता है। 10 साल तक केंद्र में मंत्री रहे। उनका गंगापुर में कांग्रेस के विधायक और मंत्रियों द्वारा। मैं उनका नाम नहीं लेना चाहता। नमोनारायण ने बैठने के लिए 3-3 गाड़ी रोकी। लेकिन इनको बैठाकर नहीं लाए। इनका घोर अपमान किया।

मैं अपमान सहन नहीं कर पा रहा हूं 

बीजेपी सांसद ने कहा कि उसकी वेदना मुझे बहुत ज्यादा हुई। दुख हुआ। मैं आज नमोनारायण के बंगले पर आकर उनसे मिला हूं। मैंने नमोनारायण से कहा है कि यह अपमान मैं सहन नहीं कर पा रहा हूं। ना इलाका सहन कर पा रहा है। सब लोग इस बात से चिंतित है। यह भावना जन बन गई है कि जो कांग्रेस में मंत्री बन गए है। विधायक बन गए है। नमोनारायण की मेहरबानी से ही बने हैं। वो लोग इतन बड़े आदमी का अपमान करें। वह असहनीय है, समय पर अपमाना का बदला नमो नारायण ले या नहीं ले। हम जरूर लेंगे। यह बिलकुल निंदनीय है। 



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यूक्रेन का सनसनीखेज दावा, 11 हजार बच्चों को जबरन उठा ले गया रूस

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रूस-यूक्रेन युद्ध (प्रतीकात्मक फोटो)

Russia Vs Ukraine War Update: रूस-यूक्रेन युद्ध को 9 महीने से अधिक हो चुके हैं। अभी भी दोनों देशों के बीच भीषण बमबारी जारी है। यूक्रेन और रूस दोनों ही देश एक दूसरे पर घातक हमले कर रहे हैं। इस बीच यूक्रेन ने रूस पर एक बेहद सनसनीखेज दावा करके पूरी दुनिया के सामने खलबली मचा दी है। यूक्रेन का आरोप है कि रूस उसके देश के 11 हजार से अधिक बच्चों को जबरन उठा ले गया है। जबकि वह रूस नहीं जाना चाहते थे।

यूक्रेन के अभियोजक जनरल एंड्री कोस्टिन ने यह भी आरोप लगाया कि रूस युद्धग्रस्त देश में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले करना जारी रखा है। यह नरसंहार के बराबर है। उन्होंने कहा कि 11 हजार यूक्रेनी बच्चों को जबरन रूस भेज दिया गया था। शीर्ष अधिकारी ने कहा कि 24 फरवरी से रूसी आक्रमण के बाद उनका कार्यालय 49 हजार से अधिक युद्ध अपराधों की जांच कर रहा है। उन्होंने  बताया कि रूसी सेना के कब्जे वाली हर यूक्रेन की बस्ती में आचरण का एक ही पैटर्न देखा जा रहा है।

भयंकर बिजली कटौती झेल रहा यूक्रेन


रूस द्वारा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बाद युद्ध अपराध के मामलों में 260 लोगों को आरोपी बनाया गया और यूक्रेनी अदालतों द्वारा 13 फैसले किए गए। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय तदर्थ न्यायाधिकरण के गठन का आह्वान किया। रूसी हमलों के बाद पूरे यूक्रेन में लाखों लोग ठंड के मौसम में बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं। रविवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए आंतरिक मामलों के प्रथम उप मंत्री येवेनी येनिन ने कहा कि रूसी हमलों में अब तक लगभग 32 हजार नागरिक संपत्तियों और 700 से अधिक महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाएं नष्ट हो गईं। येनिन के अनुसार नागरिक संपत्ति मुख्य रूप से निजी घर और आवासीय अपार्टमेंट थे। हमलों में से केवल 3 प्रतिशत सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए। महत्वपूर्ण अवसंरचना सुविधाओं में हवाई क्षेत्र, पुल, तेल डिपो, बिजली स्टेशन आदि प्रभावित हुए। मंत्री ने यह भी बताया कि सात क्षेत्रों की 524 बस्तियों में वर्तमान में बिजली आपूर्ति की समस्या है।

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लिफ्ट का प्रयोग नहीं कर सकते डिलीवरी वाले, IAS अधिकारी ने पूछा क्यों? पढ़ें पूरी स्टोरी

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सोशल मीडिया पर यूं तो कई कहानियां वायरल होती रहती हैं. मगर आज एक जो कहानी वायरल हो रही है, उसे पढ़कर आप कहेंगे कि क्या हम वाकई में 2022 में रह रहे हैं. ज़िंदगी को आसान करने के लिए हम सबकुछ ऑनलाइन ऑर्डर कर लेते हैं. खाने से लेकर पहनने तक. डिलीवरी बॉय हमारे घरों तक हमारा सामान पहुंचाने आते हैं. ऐसे में हम समझ सकते हैं कि हमने अपनी ज़िंदगी को कितना आसान कर लिया है. वहीं कुछ लोग ऐसे हैं, जो डिलीवरी बॉय के महत्व को नहीं समझते हैं. अभी हाल ही में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर चर्चा का विषय बनी हुई है. दरअसल, इस फ़ोटो के ज़रिए लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वाकई में हम 2022 में जी रहे हैं. 

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देखें तस्वीर

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है. किसी बहुमंज़िला इमारत पर एक पोस्टर लगा है. लिखा है- “बिल्डिंग में रहने वाले लोगों के अलावा कोई भी लिफ्ट का प्रयोग न करें. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर बाहरी लोग आते हैं तो कैसे जाएंगे. क्या उन्हें सीढियों के सहारे जाना होगा?

इस तस्वीर को आईएस अधिकारी अवनीश शरण ने शेयर की है. उन्होंने कैप्शन देते हुए लोगों से पूछा कि इस पर आपकी क्या राय है. अब आप ही बताएं कि ऐसी सोच पर आपके क्या विचार हो सकते हैं. इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं. एक यूज़र ने लिखा है- लोग सम्मान क्यों नहीं करते हैं? वहीं एक अन्य यूज़र ने कमेंट करते हुए लिखा है- यह हमारा देश है साहब.

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