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एमएस धोनी पर इस क्रिकेटर ने लगाया बड़ा आरोप, कहा- अगर मौका देते तो मेरा करियर कुछ अलग होता

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एमएस धोनी की कप्तानी में कई खिलाड़ी भारत के लिए खेले, लेकिन कुछ को मौका नहीं मिला। धोनी ने भारत के कई खिलाड़ियों का जीवन बदला और कई खिलाड़ियों के भारतीय टीम के लिए खेलने के सपने को साकार करने में बड़ी भूमिका निभाई, लेकिन अब एक क्रिकेटर ने महेंद्र सिंह धोनी पर बड़ा आरोप लगाया है। चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान के रूप में भी धोनी ने कई खिलाड़ियों की पहचान की थी, जिन्हें देश के लिए खेलने का मौका मिला। 

सीएसके के लिए खेलने वाले मोहित शर्मा, मुरली विजय, एस बद्रीनाथ और आर अश्विन जैसे कई खिलाड़ी भारत के लिए खेले। हालांकि, कुछ खिलाड़ी ऐसे भी थे, जिन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन भारतीय टीम में जगह नहीं बना सके। उन्हीं में एक नाम तेज गेंदबाज ईश्वर पांडे का है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि अगर एमएस धोनी ने उनको एक मौका दिया होता तो वे देश के लिए अच्छा प्रदर्शन कर सकते थे।  

सोमवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से रिटायरमेंट का ऐलान करने वाले 33 वर्षीय ईश्वर पांडे ने आईपीएल के 25 मैचों में 18 विकेट लिए, जबकि 75 फर्स्ट क्लास मैचों में 263 विकेट चटकाए। इसी के दम पर उनको 2014 में न्यूजीलैंड के दौरे पर टेस्ट टीम में जगह मिली थी। उस समय टीम के कप्तान एमएस धोनी थे, लेकिन ईश्वर पांडे को मौका नहीं मिला था। इसी को लेकर पांडे ने खुलासा किया कि अगर धोनी ने उन पर थोड़ा और विश्वास दिखाया होता और संभवत: उन्हें कुछ मौके दिए होते, तो उनका करियर कुछ अलग होता।

ईश्वर पांडे ने दैनिक जागरण को दिए इंटरव्यू में कहा, “अगर धोनी ने मौका दिया होता तो मेरा करियर कुछ और होता। तब मैं 23-24 साल का था और मेरी फिटनेस भी काफी अच्छी थी। अगर धोनी भाई ने मुझे मौका दिया होता और मैं देश के लिए अच्छा करता, तो मेरा करियर निश्चित रूप से अलग होता।” मध्य प्रदेश में जन्मे इस खिलाड़ी ने चेन्नई सुपर किंग्स के अलावा राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स के लिए भी आईपीएल खेला है। वे लंबे समय तक मध्य प्रदेश की गेंदबाजी यूनिट का प्रमुख हिस्सा फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रहे हैं। 

ये भी पढ़ेंः हर्षल पटेल की T20 वर्ल्ड कप में होगी पिटाई, सुनील गावस्कर बोले- यार पहले मैच तो होने दो

ईश्वर पांडे ने अपने रिटायरमेंट पोस्ट में लिखा था, “मैं अपने देश के लिए एक मैच भी खेलने के लिए भाग्यशाली नहीं था, लेकिन फिर भी भारतीय टीम का हिस्सा बनना हमेशा मेरे जीवन की सबसे खास याद रहेगी। मुझे चुनने के लिए मैं आरपीएसजी और सीएसके को धन्यवाद देना चाहता हूं। सीएसके टीम का हिस्सा बनना और आईपीएल फाइनल खेलना और चैंपियंस लीग जीतना खास था। मुझे एमएस धोनी और स्टीफन फ्लेमिंग के मार्गदर्शन में 2 साल तक सीएसके के लिए खेलते हुए अपना समय बहुत अच्छा लगा।”  



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PAK vs ENG: पाकिस्तान में इंग्लैंड टीम की सुरक्षा में बड़ी चूक! होटल के पास चलीं गोलियां, क्या रद्द हो जाएगी सीरीज?

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मुल्तान: इंग्लैंड की टीम 17 साल बाद टेस्ट सीरीज खेलने के लिए पाकिस्तान (PAK vs ENG) के दौरे पर है। सीरीज का पहला मैच रावलपिंडी में खेला गया था। उस मैच में इंग्लिश टीम को जीत मिली थी। एक समय पाकिस्तान की टीम मैच को अपने नाम करती नजर आ रही थी। लेकिन इंग्लैंड ने अंतिम दिन के अंतिम सेशन में वापसी करते हुए मुकाबले को 74 रनों से अपने नाम कर लिया था। दूसरा टेस्ट मुल्तान में 9 दिसंबर से खेला जाना है।

इंग्लैंड टीम होटल के पास गोलीबारी

दूसरा टेस्ट शुरू होने से एक दिन पहले गोलियों की आवाज उस होटल से 1 किलोमीटर के दायरे में सुनी गई जहां टीम इंग्लैंड ठहरी हुई है। घटना सुबह हुई और अभी तक किसी के हताहत होने की सूइस घटना के बाद भी इंग्लैंड की टीम मैच से एक दिन पहले ट्रेनिंग करने पहुंची। इससे साफ है कि इस फायरिंग का असर सीरीज पर नहीं पड़ने वाला है। पिछले साल न्यूजीलैंड ने सीरीज शुरू होने के दिन पाकिस्तान में खेलने से मना कर दिया था।चना नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में चार गिरफ्तारियां की गई हैं। यह घटना तब हुई जब इंग्लैंड की टीम ट्रेनिंग पर जाने के लिए होटल से निकल रही थी। इंग्लैंड के पत्रकार ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।

ट्रेनिंग करने पहुंची टीम

इस घटना के बाद भी इंग्लैंड की टीम मैच से एक दिन पहले ट्रेनिंग करने पहुंची। इससे साफ है कि इस फायरिंग का असर सीरीज पर नहीं पड़ने वाला है। पिछले साल न्यूजीलैंड ने सीरीज शुरू होने के दिन पाकिस्तान में खेलने से मना कर दिया था।

टीम में मार्क वुड को जगह

पाकिस्तान के मुल्तान की पिच को स्पिनरों के अनुकूल बनाने की कवायद को नजरअंदाज करते हुए इंग्लैंड ने शुक्रवार से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए तेज गेंदबाज मार्क वुड को अपनी टीम में शामिल किया है। वुड ऑलराउंडर लियम लिविंगस्टोन की जगह लेंगे जो पहले टेस्ट के दौरान चोटिल होने के कारण स्वदेश लौट गए थे। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने वुड को टीम में शामिल करने के बारे में गुरुवार को कहा, ‘एक ऐसा गेंदबाज जो कि 150 किमी की रफ्तार से गेंदबाजी करता हो उसे किसी भी टीम में शामिल करना बोनस जैसा होगा।’ वुड ने इस साल मार्च से कोहनी की चोट के कारण कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। वह इंग्लिश काउंटी सत्र में भी नहीं खेल पाए थे।

PAK vs ENG: ‘बूढ़े’ ने किया पाकिस्तान का शिकार, घमंड में चूर बाबर सेना का तोड़ा गुरूर, करियर पर लगाया शर्मनाक दागHaris Rauf: हारिस रऊफ ने पाकिस्तान की ही बढ़ाई टेंशन, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले बैड न्यूजPAK vs ENG Test: इंग्लैंड ने पलटी हारी हुई बाजी, जीत की तरफ बढ़ रहे पाकिस्तान की शर्मनाक हार



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रोहित शर्मा की टीम को इंडिया ‘ए’ से लेनी चाहिए सीख, बांग्लादेश को करारी शिकस्त देने के करीब

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भारत ए ने पहली पारी में 310 रन की विशाल बढ़त हासिल करने के बाद बांग्लादेश ए को दूसरी पारी में दो करारे झटके देकर गुरुवार को दूसरे अनाधिकारिक टेस्ट क्रिकेट मैच में अपना शिकंजा मजबूत कस दिया। कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन (157) के शतक और निचले क्रम के तीन बल्लेबाजों की अर्धशतकीय पारियों से भारत ने अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 562 रन बनाकर समाप्त घोषित की।

पहली पारी में 252 रन बनाने वाली बांग्लादेश की टीम ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी दूसरी पारी में दो विकेट पर 49 रन बनाए थे। इस तरह से वह अभी भारतीय टीम से 261 रन पीछे है।

अनुभवी तेज गेंदबाज उमेश यादव ने जाकिर हसन (12) को जबकि सौरभ कुमार ने महमुदल हसन जॉय (10) को बोल्ड किया। स्टंप उखड़ने के समय सादमन इस्लाम 22 और मोमिनुल हक चार रन पर खेल रहे थे।

इससे पहले भारत ए ने सुबह अपनी पारी पांच विकेट पर 324 रन से आगे बढ़ाई। ईश्वरन अपने कल के स्कोर में 13 रन जोड़कर आउट हो गए। इसके बाद जयंत यादव (83) और सौरभ कुमार (55) ने जिम्मेदारी संभाली और सातवें विकेट के लिए 86 रन जोड़े।

बांग्लादेश से हारी टीम तो पूर्व कोच मदनलाल भी भड़के, कहा- इस टीम में देश के लिए खेलने के लिए कोई जोश और

निचले क्रम के एक अन्य बल्लेबाज नवदीप सैनी (नाबाद 50) ने भी अर्धशतक जमाया जबकि मुकेश कुमार 23 रन बनाकर नाबाद रहे। बांग्लादेश ए की तरफ से मुश्फिक हसन और हसन मुराद ने तीन-तीन विकेट लिए।



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Fifa World cup: क्या नीदरलैंड के खिलाफ चलेगा मेसी का मैजिक? अर्जेंटीना के सामने पहाड़ जैसी चुनौती

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दोहा: फीफा विश्व कप 2022 में अब क्वार्टर फाइनल मुकाबलों का दौर शुरू हो चुका है। खिताब की प्रबल दावेदारों में से एक अर्जेंटीना की भिड़ंत नॉकआउट स्टेज में नीदरलैंड के साथ होना है। ऐसे में इस बड़े मुकाबले को लेकर निगाहें अर्जेंटीना ते स्टार स्ट्राइकर लियोनेल मेसी पर टिकी होंगी जो विश्व चैंपियन बनने का अपना सपना साकार करने की कवायद को बरकरार रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। क्वार्टर फाइनल के इस मुकाबले को मेस्सी बनाम वर्जिल वान डिक, विश्वकप के सबसे युवा कोच बनाम सबसे उम्रदराज कोच और दक्षिण अमेरिका बनाम यूरोप के रूप में देखा जा रहा है।

इस मुकाबले में यह संभावना नए आयाम जोड़ती है कि आगे का कोई भी मैच मेस्सी का विश्व कप में आखिरी मैच हो सकता है। सात बार विश्व के वर्ष के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए मेसी विश्व कप जीतने के अपने सपने को साकार करने से केवल तीन जीत दूर हैं लेकिन दो लोग उनकी राह में रोड़ा बन सकते हैं।

नीदरलैंड देगी अर्जेंटीना को कड़ी टक्कर

इनमें पहला व्यक्ति वान डिक हैं जिन्हें पिछले पांच वर्षों में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ रक्षकों में से एक माना जाता है। मेस्सी को अगर उनके ट्रेडमार्क ड्रिबल से कोई रोक सकता है तो वह लिवरपूल के सेंटर बैक वान डिक हैं जो खेल की बहुत अच्छी समझ भी रखते हैं। दूसरे व्यक्ति लुई वान गाल हैं। इस 71 वर्षीय कोच को बेहद चतुर रणनीतिकार माना जाता है और वह मेस्सी के खिलाफ नीदरलैंड के खिलाड़ियों को उचित रणनीति के साथ मैदान पर उतारेंगे।

अर्जेंटीना के एंजेल डी मारिया ने हालांकि यह कह कर शाब्दिक जंग शुरू करने की कोशिश की कि वह जितने भी कोच के तहत खेले हैं उनमें वान गाल सबसे बेकार कोच रहे हैं। डी मारिया और वान गाल 2014-15 में मैनचेस्टर यूनाइटेड में एक साथ थे। दूसरी तरफ अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी 44 साल के हैं और उन्हें कोचिंग का कम अनुभव है। उन्होंने 2018 में पहली बार अपने देश की सीनियर टीम की कमान संभाली थी। इसके विपरीत वान गाल को कोचिंग का 26 साल का अनुभव है।

स्कोलोनी के कोच रहते हुए अर्जेंटीना ने हालांकि पिछले साल कोपा अमेरिका का खिताब जीता था जो 1993 के बाद उसकी किसी बड़े टूर्नामेंट में पहली खिताबी जीत थी। यही नहीं वर्तमान विश्वकप में सऊदी अरब से पहले मैच में उलटफेर का शिकार बनने के बाद उन्होंने अपनी टीम को नॉकआउट में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

विश्व कप में मिली है अर्जेंटीना को मजबूत चुनौती

अर्जेंटीना और नीदरलैंड इससे पहले भी विश्व कप में बड़े मैचों में एक दूसरे का आमना सामना कर चुके हैं। इनमें 1978 का फाइनल भी शामिल है जिसमें अर्जेंटीना ने जीत दर्ज की थी। नीदरलैंड ने 1998 में अंतिम 16 के मैच में अर्जेंटीना को हराया था लेकिन दक्षिण अमेरिकी टीम 2014 के सेमीफाइनल में अपने इस प्रतिद्वंदी को पेनल्टी शूटआउट में हराने में सफल रही थी।

मेसी भी उस मैच में खेले थे और तब भी नीदरलैंड के कोच वान गाल ही थे। नीदरलैंड ने तब मेस्सी को अच्छी तरह से घेर कर रखा था लेकिन अर्जेंटीना का यह स्टार खिलाड़ी आठ साल बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। उन्होंने अंतिम 16 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतरीन खेल दिखाकर स्पष्ट कर दिया था कि वह विश्वकप जीतने का अपना सपना साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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