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ई-कॉमर्स कंपनियों ने डिलिवरी कर्मचारियों की तादाद बढ़ाई

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पीरजादा अबरार /  September 22, 2022






त्योहारी सीजन अर्चना रामसिंह दारसिंबे के लिए एक शानदार मौका है। वह अपनी नियमित आमदनी के अलावा भी कुछ कमाई कर सकती हैं। परिवार के खर्चे चलाने के लिए उन्हें अकेले ही कमाना पड़ता है और वह दो बच्चों की मां भी हैं। ऐसे में अधिक आमदनी और अतिरिक्त आय से वह वित्तीय रूप से स्वतंत्र हो सकती हैं।

दारसिंबे त्योहारी सीजन के दौरान वॉलमार्ट की स्वामित्व वाली कंपनी मिंत्रा की डिलिवरी टीम का हिस्सा हैं और उनका कहना है, ‘इन मौकों की बदौलत मुझे अपने बच्चों के लिए अच्छा भविष्य बनाने में मदद मिलेगी।’

इस सप्ताहांत से शुरुआत होने वाली त्योहारी सेल से पहले दारसिंबे उन हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कामगारों में शामिल हुईं हैं जिनकी सेवाएं फ्लिपकार्ट, एमेजॉन, मीशो और मिंत्रा जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां ले रही हैं। पहली बार यह सेल बिना किसी कोविड-प्रतिबंध के आयोजित की जा रही हैं। ये कंपनियां भी अपने परिचालन का दायरा बढ़ाते हुए कामगारों की भर्ती कर रही हैं ताकि छोटे शहरों और कस्बों में भी त्योहारी सीजन के दौरान अपने उत्पादों की बिक्री कर सकें।

त्योहारी सीजन के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियां रोजगार के 500,000 मौके तैयार करेंगी जबकि इसकी तुलना में महामारी से पहले के साल यानी 2019 के दौरान 100,000 मौके तैयार होते थे। अक्टूबर से शुरुआत होने वाले सीजन से लेकर दिसबंर तक कंपनियां अपने मौजूदा कार्यबल में 20 फीसदी और कामगार जोड़ेंगी।

टीमलीज सर्विसेज के उपाध्यक्ष और कारोबारी प्रमुख अजय थॉमस का कहना है, ‘त्योहारी सीजन के दौरान कुल 500,000 अतिरिक्त नौकरियों की उम्मीद है। 2019 में महामारी से पहले साल के दौरान समान अवधि में करीब 100,000 ऐसी नौकरियों के मौके तैयार हुए हैं।’विभिन्न जगहों पर फ्लिपकार्ट में भर्ती हो रही है और करीब 50,000 अस्थायी  नौकरियों के मौके तैयार हो रहे हैं और कुल कार्यबल की तादाद 250,000 तक है।

फ्लिपकार्ट के समूह मुख्य कार्या​धिकारी (सीईओ) कल्याण कृष्णमूर्ति का कहना है, ‘इस त्योहारी सीजन के दौरान हमने कुल 50,000 नए और ऑन रोल कर्मचारियों को जोड़ा है।’कृष्णमूर्ति का कहना है, ‘इस साल फ्लिपकार्ट करीब 250,000 लोगों की भर्ती कर रहा है जबकि पिछले साल 200,000 लोगों की भर्ती की गई है। रोजगार के मौके तैयार करने में भी तेजी आ रही है।’

एमेजॉन अपने बुनियादी ढांचे के दायरे में विस्तार कर रहा है और त्योहारी सीजन की मांग को पूरा करने के लिए भर्ती कर रहा है। इस तरह की पहल से भारत में महिलाओं से भरा सबसे बड़ा डिलिवरी स्टेशन बनाया जा रहा है जिसे राजमुंद्री, आंध्र प्रदेश के डिलिवरी सेवा साझेदार द्वारा संचालित किया जाएगा। एमेजॉन इंडिया के भारत ग्राहक कारोबार के कंट्री प्रबंधक मनीष तिवारी का कहना है, ‘हम प्रतिभाशाली लोगों को जुटाने के लिहाज से बेहतर स्थिति में हैं। अच्छी खबर यह है कि आपके सामने कोई चुनौती नहीं है जो पहले लोगों को जुटाने में हुआ करती थी।’



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PayU ने रद्द की BillDesk की अधिगृहण डील, 4.7 अरब डॉलर में हुआ था सौदा

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बीएस वेब टीम / नई दिल्ली 10 03, 2022






PayU ने बिलडेस्क (BillDesk) के अधिग्रहण की डील को रद्द कर दिया है। गौरतलब है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 4.7 अरब डॉलर के इस मर्जर को अप्लाई करने के एक साल बाद मंजूरी दी थी। 

गौरतलब है कि साल 2018 में वॉलमार्ट द्वारा ई-कॉमर्स प्रमुख फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण के बाद भारतीय इंटरनेट सेवा क्षेत्र में ये दूसरी सबसे बड़ी खरीद की डील मानी जा रही थी। 

Billdesk भुगतान करने, भुगतान स्वीकार करने और उसके कलेक्शन पर केंद्रित एक पेमेंट प्रणाली है जिसे साल 2000 में एमएन श्रीनिवासु, अजय कौशल और कार्तिक गणपा-ते ने स्थापित किया था। 

यह भारत बिल भुगतान प्रणाली (BBPS) के माध्यम से बिलर नेटवर्क की सेवाएं देता है। बताते चलें कि PayU द्वारा बिलडेस्क को खरीदने के इस सौदे की घोषणा एक साल पहले 31 अगस्त, 2021 को की गई थी। इस सौदे की घोसणा के बाद से ही भारत में कंपनी का कुल निवेश 10 अरब डॉलर हो गया।

इससे पहले भी तीन भारतीय कंपनियों का अधिगृहण कर चुकी है PayU 

PayU अगर ये डील रद्द नहीं करता तो ये कंपनी का चौथा भारतीय अधिग्रहण होता। इसके पहले साल 2016 में साइट्रस पे (Citrus Pay), 2019 में विबमो (Wibmo) और 2020 में PaySense का अधिग्रहण PayU  ने किया था। 

बता दें कि बिलडेस्क को सरकारी लेन-देन के अलावा और बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) सेक्टर में लगभग एकाधिकार हासिल है, जबकि पेयू इंटरनेट के माध्यम से बिल भुगतान स्वीकार करने वाली कंपनियों का पसंदीदा पेमेंट गेटवे है।



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सितंबर में विनिर्माण गतिविधियों की अच्छी स्थिति बरकारः S&P सर्वे

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भाषा / नई दिल्ली 10 03, 2022






भारत में विनिर्माण गतिविधियां सितंबर के महीने में आंशिक रूप से सुस्त पड़ने के बावजूद अच्छी स्थिति में बनी रहीं और कंपनियों ने नए कर्मचारियों की भर्ती की। सोमवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में यह आकलन पेश किया गया। 

S&P के ‘वैश्विक भारत विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक’ (PMI) के सितंबर आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय विनिर्माण उद्योग की सेहत में तगड़ा सुधार देखा गया है। इस दौरान कंपनियों ने अपना उत्पादन बढ़ाने के साथ ही नए कर्मचारियों की भर्ती भी की। सितंबर में PMI 55.1 पर रहा जो विनिर्माण गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है। यह लगातार 15वां महीना है जब विनिर्माण में सुधार दर्ज किया गया है। 

हालांकि सितंबर का PMI अगस्त के 56.2 की तुलना में थोड़ा कम रहा। S&P की PMI सर्वेक्षण कहता है कि विनिर्माण विस्तार की दर अगस्त की तुलना में थोड़ा सुस्त पड़ने के बावजूद ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर बनी रही। बिक्री में बढ़त और उत्पादन बढ़ाने की जरूरत को पूरा करने के लिए कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती की। लागत मूल्य में कमी आने से कंपनियों की खरीद में बढ़त का रुख रहा। 

सर्वेक्षण के मुताबिक, “कंपनियों की विनिर्माण खरीद से जुड़ी लागत दो साल में सबसे धीमी रफ्तार से बढ़ी जबकि उत्पादन भार मुद्रास्फीति सात महीने के निचले स्तर पर आ गई।” 

PMI के 50 से अधिक रहने को विनिर्माण गतिविधियों में सुधार का संकेत माना जाता है जबकि इस सूचकांक के 50 से नीचे रहने को विनिर्माण उद्योग में सुस्ती का इशारा माना जाता है। S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की आर्थिक सह निदेशक पॉलियाना डि लीमा ने कहा, “पीएमआई के नए आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय विनिर्माण क्षेत्र वैश्विक चुनौतियों और मंदी की आशंका के बावजूद अच्छी स्थिति में बना हुआ है।”

Keyword: pmi, manufacturing, manufacturing activities, corona epidemic, manufacturing PMI,Factory output,inflation,Weak Rupee,RBI,Repo Rate Hike,मैन्‍यूफैक्‍चरिंग पीएमआई, फैक्‍ट्री गतिविध,


























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Bajaj Auto की कुल बिक्री 2 प्रतिशत घटी, कंपनी को घाटा

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सितंबर माह में Bajaj Auto की कुल बिक्री में 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। शेयर बाजार को दी गई सूचना के मुताबिक कंपनी की बिक्री पिछले साल के सितंबर के मुकाबले 2 प्रतिशत तक कम हुई  है। सितंबर 2022 में कंपनी ने कुल 3,94,747 यूनिट बेचे जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 4,02,021 यूनिट था।

दोपहिया वाहनों की बिक्री घटी

कंपनी ने अपने बयान में कहा कि बीते सितंबर माह में कंपनी के दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी गिरावट हुई है। सितंबर में दोपहिया वाहनों की बिक्री पिछले साल के समान अवधि के मुकाबले 4 प्रतिशत तक घटी है। सितंबर 2022 में कंपनी द्वारा कुल 3,48,355 दोपहिया वाहन बेचे गए जबकि पिछले साल 3,61,036 दोपहिया बेचे गए थे। 

Commercial van की बिक्री बढ़ी

हालांकि कंपनी के वाणिज्यिक वाहन (Commercial van) की बिक्री में काफी वृद्धि हुई है। सितंबर में 13 प्रतिशत अधिक वाणिज्यिक वाहन वाहन बिके। कंपनी द्वारा सितंबर में कुल 46,392 वाणिज्यिक वाहन बेचे गए। पिछले साल सितंबर में 40,985 वाणिज्यिक वाहन बिके थे। कंपनी ने आगे कहा कि बीते सितंबर में वाहन निर्यात में भी कमी आई है। सितंबर में वाहनों का कुल निर्यात 33 प्रतिशत गिरकर 1,40,083 यूनिट पर आ गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 2,09,673 वाहनों का निर्यात किया था।



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