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आज कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान संभालेंगे खड़गे, क्या इन बड़ी चुनौतियों का निकाल पाएंगे हल?

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Image Source : PTI
मल्लिकार्जुन खड़गे

नई दिल्ली: कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) बुधवार को पदभार संभालेंगे। वह सोनिया गांधी की जगह लेंगे जो इस समय कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष हैं। 19 अक्टूबर को हुए कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में शशि थरूर को हराकर खड़गे पार्टी के नए अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी शशि थरूर को 6,825 मतों के अंतर से हराया। खड़गे को 7,897 वोट मिले और थरूर को 1,072 वोट हासिल हुए।

खड़गे के सामने ये हैं चुनौतियां


बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी खड़गे के सामने चुनौतियों का पहाड़ लेकर आने वाली है। उनके सामने एक तरफ राजस्थान का सियासी संकट तत्काल चुनौती बनकर खड़ा है, तो अगले कुछ हफ्तों में होने जा रहे गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव भी बड़ी चुनौती हैं। वहीं, 2024 का लोकसभा चुनाव उनके लिए सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा होगी।

24 साल बाद गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति कांग्रेस का अध्यक्ष

खड़गे बुधवार सुबह सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी के अन्य नेताओं की मौजूदगी में पार्टी अध्यक्ष का पदभार संभालेंगे। कर्नाटक के दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 80 वर्षीय खड़गे ने 17 अक्टूबर को हुए ऐतिहासिक चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी 66 वर्षीय शशि थरूर को मात दी थी। पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ था। 24 साल बाद गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति कांग्रेस का अध्यक्ष बना है।

पार्टी को एकजुट करना खड़गे के लिए एक बड़ी चुनौती

खड़गे को 2024 के आम चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। गुजरात और हिमाचल प्रदेश चुनाव में कांग्रेस के बेहतर करने की उम्मीदें बड़ी चुनौती है, वहीं राजस्थान व कर्नाटक में पार्टी के भीतर जारी रस्साकशी ने पार्टी की परेशानी और बढ़ा दी है। ऐसे में 2024 के आम चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट करना खड़गे के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। शशि थरूर को मात देकर पार्टी के शीर्ष पद पर काबिज होने वाले खड़गे के पक्ष में भी कुछ चीजें नजर आ रही हैं।

2023 होगा इम्तिहान, 9 राज्यों में होने हैं चुनाव

खड़गे की छवि सबको साथ लेकर चलने की रही है और उनकी यह खूबी यहां से आगे का सफर तय करने में उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। खड़गे के कार्यभार संभालने के कुछ हफ्ते बाद ही हिमाचल प्रदेश और गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव उनके सामने पहली चुनौती होंगे, जहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मजबूत पकड़ है। इस समय केवल दो राज्यों राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ही कांग्रेस की सरकार है। इस परीक्षा के बाद 2023 में 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसमें उनका गृह राज्य कर्नाटक भी शामिल है।

गांधी परिवार के ‘रिमोट कंट्रोल’ से चलने की धारणा को गलत साबित करने की चुनौती

पार्टी में पीढ़ीगत आधार पर विभाजन भी एक चुनौती है और उन्हें अनुभवी नेताओं व युवाओं के बीच संतुलन बनाए रखना होगा। यही नहीं, उन्हें गांधी परिवार के ‘रिमोट कंट्रोल’ से चलने की धारणा को भी गलत साबित करने की चुनौती का सामना करना होगा। उनके सामने एक चुनौती ‘उदयपुर नवसंकल्प’ को लागू करने और अपनी नई टीम में सभी समीकरणों को साधते हुए किसी को नाराज नहीं करने की भी होगी।

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सीबीआई की अदालत ने अपहरण के मामले में अतीक, उसके बेटे को क्लिन चिट देने से किया इंकार

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(फाइल फोटो)

लखनऊ:

केन्‍द्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने सोमवार को एक प्रॉपर्टी डीलर से रंगदारी मांगने, मारपीट करने और अपहरण करने के मामले में माफिया पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके बेटे उमर अहमद की आरोप मुक्त करने का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज कर दी है.

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‘अग्निपथ’ योजना पर दिल्ली HC के फैसले के खिलाफ याचिका पर सुनवाई को तैयार SC

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नई दिल्ली:

उच्चतम न्यायालय सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए केंद्र की अग्निपथ योजना को सही ठहराने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सोमवार को सहमत हो गया.

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प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला की पीठ, हालांकि शुरू में याचिका पर विचार करने के लिए अनिच्छुक थी और इसने याचिकाकर्ता से कहा कि वह अपने फैसले की समीक्षा के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाए.

याचिकाकर्ता के वकील ने, हालांकि अनुरोध किया कि यह याचिका भर्ती पर रोक लगाने से संबंधित है. अदालत ने तब वकील को एक नोट प्रस्तुत करने को कहा तथा मामले की सुनवाई के लिए 10 अप्रैल की तारीख मुकर्रर कर दी.

पीठ ने कहा, ‘संबद्ध पक्षों के वकील सुनवाई की अगली तारीख से कम से कम दो दिन पहले ई-मेल के जरिये अपनी संक्षिप्त दलीलें दाखिल करेंगे.’

उच्च न्यायालय ने 27 फरवरी को कहा था कि अग्निपथ योजना राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के प्रशंसनीय उद्देश्य के साथ राष्ट्रहित में तैयार की गई थी.

अदालत ने योजना की वैधता पर सवाल उठाने वाली याचिकाओं के एक समूह को खारिज कर दिया था और इसे केंद्र का ‘सुविचारित’ नीतिगत निर्णय करार दिया था.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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CM शिंदे ने सावरकर पर राहुल की टिप्पणी को लेकर उद्धव पर साधा निशाना

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मुंबई:

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हिन्दुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर सोमवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा. शिंदे ने यह भी कहा कि शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी राज्य भर में ‘सावरकर गौरव यात्रा’ निकालेगी.

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उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के साथ संवाददाताओं को संबोधित कर रहे मुख्यमंत्री शिंदे ने इन टिप्पणियों का विरोध करने के लिए ठाकरे से ‘हिम्मत’ दिखाने को कहा.

शिंदे ने कहा कि ठाकरे नीत पार्टी ने पिछले सप्ताह लोकसभा सदस्य के रूप में राहुल गांधी को अयोग्य ठहराए जाने के विरोध में कांग्रेस का समर्थन करने के साथ ही सारी सीमाएं लांघ दीं.

गौरतलब है कि 2019 में चुनावी रैली के दौरान की गई एक टिप्पणी को लेकर दायर मानहानि के फौजदारी मुकदमे में गुजरात के सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को 23 मार्च को दो साल कैद की सजा सुनाई थी. अगले ही दिन उन्हें सजा सुनाए जाने के दिन से लोकसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया.

शिंदे ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ऐसे में जब आप (ठाकरे) कहते हैं कि सावरकर का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे, आप क्या करने वाले हैं. आपको हिम्मत दिखाने की जरूरत है.”

शिंदे ने कहा कि शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने 2004 में सावरकर के खिलाफ तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान पर उनके खिलाफ ‘जोडा मारा अभियान ‘(चप्पल मारो अभियान) चलाया था.

शिंदे ने आरोप लगाया, ‘‘जो हिन्दुत्व की बात करते हैं, उनके विधायक कह रहे हैं कि सावरकर का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे, वह राजनीति और महा विकास आघाड़ी के लिए चुप हैं. यह दोहरा मानदंड है.” रविवार को एक रैली में ठाकरे ने कहा था कि वह सावरकर को अपना ‘‘आदर्श” मानते हैं और गांधी से उनका ‘अपमान’ करने से बचने को कहा.

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