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अलग एथनॉल नीति की मांग

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सुशील मिश्र / मुंबईनई दिल्ली 09 22, 2022






 देश में सबसे ज्यादा चीनी उत्पादक   राज्य महाराष्ट्र के चीनी उत्पादकों ने राज्य सरकार से एथनॉल के लिए अलग नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने गन्ना पेराई के लिए 35 से 40 लाख रुपये की सब्सिडी देने की भी मांग की। हालांकि राज्य सरकार ने चीनी उत्पादकों से दो टूक कह दिया कि वह एथनॉल से ज्यादा गन्ना कटाई को मदद करने को प्राथमिकता देगी।

चीनी उद्योग का कहना है कि राज्य सरकार एथनॉल उत्पादन में पूंजी निवेश बढ़ाए। नैशनल शुगर फेडरेशन के अध्यक्ष जयप्रकाश दांडेगावकर ने कहा कि एथनॉल, सीएनजी और ऊर्जा क्षेत्रों में अगला कदम उठाने के लिए राज्य सरकार से छह मांगें की गई हैं। एथनॉल उत्पादन के लिए भंडारण टैंक के लिए केंद्र सरकार से लिए गए ऋण पर छह फीसदी ब्याज वापस किया जाता है, इसी तर्ज पर राज्य सरकार से भी तीन फीसदी ब्याज वापसी की मांग की है।

चीनी उद्योग की मांगों पर महाराष्ट्र के सहकारिता मंत्री अतुल सावे ने कहा कि राज्य सरकार की एथनॉल से ज्यादा गन्ने की कटाई को मदद करने की मानसिकता है। केंद्र सरकार ने एथनॉल उत्पादन के लिए दरों में वृद्धि की है। आने वाले समय में गन्ना कटाई के लिए आसान कर्ज मुहैया किया जा सकता है।

महाराष्ट्र चीनी उद्योग के मुताबिक गन्ना सीजन को सुचारु बनाने के लिए गन्ना पेराई की संख्या बढ़ानी होगी। वर्तमान में प्रदेश में 854 मशीनें हैं। एक मशीन की कीमत 1 करोड़ 25 लाख रुपये है, इसलिए कटाई के लिए सब्सिडी दी जाए। राज्य सरकार की मंत्रियों की उपसमिति को बताया गया है कि अगर 35 से 40 लाख रुपये का अनुदान मिलता है, तो गन्ना कटाई की समस्या का समाधान किया जा सकता है।

इस सीजन में राज्य में 138 लाख टन चीनी का उत्पादन होने का अनुमान लगाया गया है। उसमें से देश को सिर्फ 45 लाख टन चीनी की जरूरत है। शेष चीनी या उप-उत्पादों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। 



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PayU ने रद्द की BillDesk की अधिगृहण डील, 4.7 अरब डॉलर में हुआ था सौदा

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बीएस वेब टीम / नई दिल्ली 10 03, 2022






PayU ने बिलडेस्क (BillDesk) के अधिग्रहण की डील को रद्द कर दिया है। गौरतलब है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 4.7 अरब डॉलर के इस मर्जर को अप्लाई करने के एक साल बाद मंजूरी दी थी। 

गौरतलब है कि साल 2018 में वॉलमार्ट द्वारा ई-कॉमर्स प्रमुख फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण के बाद भारतीय इंटरनेट सेवा क्षेत्र में ये दूसरी सबसे बड़ी खरीद की डील मानी जा रही थी। 

Billdesk भुगतान करने, भुगतान स्वीकार करने और उसके कलेक्शन पर केंद्रित एक पेमेंट प्रणाली है जिसे साल 2000 में एमएन श्रीनिवासु, अजय कौशल और कार्तिक गणपा-ते ने स्थापित किया था। 

यह भारत बिल भुगतान प्रणाली (BBPS) के माध्यम से बिलर नेटवर्क की सेवाएं देता है। बताते चलें कि PayU द्वारा बिलडेस्क को खरीदने के इस सौदे की घोषणा एक साल पहले 31 अगस्त, 2021 को की गई थी। इस सौदे की घोसणा के बाद से ही भारत में कंपनी का कुल निवेश 10 अरब डॉलर हो गया।

इससे पहले भी तीन भारतीय कंपनियों का अधिगृहण कर चुकी है PayU 

PayU अगर ये डील रद्द नहीं करता तो ये कंपनी का चौथा भारतीय अधिग्रहण होता। इसके पहले साल 2016 में साइट्रस पे (Citrus Pay), 2019 में विबमो (Wibmo) और 2020 में PaySense का अधिग्रहण PayU  ने किया था। 

बता दें कि बिलडेस्क को सरकारी लेन-देन के अलावा और बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) सेक्टर में लगभग एकाधिकार हासिल है, जबकि पेयू इंटरनेट के माध्यम से बिल भुगतान स्वीकार करने वाली कंपनियों का पसंदीदा पेमेंट गेटवे है।



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सितंबर में विनिर्माण गतिविधियों की अच्छी स्थिति बरकारः S&P सर्वे

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भाषा / नई दिल्ली 10 03, 2022






भारत में विनिर्माण गतिविधियां सितंबर के महीने में आंशिक रूप से सुस्त पड़ने के बावजूद अच्छी स्थिति में बनी रहीं और कंपनियों ने नए कर्मचारियों की भर्ती की। सोमवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में यह आकलन पेश किया गया। 

S&P के ‘वैश्विक भारत विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक’ (PMI) के सितंबर आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय विनिर्माण उद्योग की सेहत में तगड़ा सुधार देखा गया है। इस दौरान कंपनियों ने अपना उत्पादन बढ़ाने के साथ ही नए कर्मचारियों की भर्ती भी की। सितंबर में PMI 55.1 पर रहा जो विनिर्माण गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है। यह लगातार 15वां महीना है जब विनिर्माण में सुधार दर्ज किया गया है। 

हालांकि सितंबर का PMI अगस्त के 56.2 की तुलना में थोड़ा कम रहा। S&P की PMI सर्वेक्षण कहता है कि विनिर्माण विस्तार की दर अगस्त की तुलना में थोड़ा सुस्त पड़ने के बावजूद ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर बनी रही। बिक्री में बढ़त और उत्पादन बढ़ाने की जरूरत को पूरा करने के लिए कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती की। लागत मूल्य में कमी आने से कंपनियों की खरीद में बढ़त का रुख रहा। 

सर्वेक्षण के मुताबिक, “कंपनियों की विनिर्माण खरीद से जुड़ी लागत दो साल में सबसे धीमी रफ्तार से बढ़ी जबकि उत्पादन भार मुद्रास्फीति सात महीने के निचले स्तर पर आ गई।” 

PMI के 50 से अधिक रहने को विनिर्माण गतिविधियों में सुधार का संकेत माना जाता है जबकि इस सूचकांक के 50 से नीचे रहने को विनिर्माण उद्योग में सुस्ती का इशारा माना जाता है। S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की आर्थिक सह निदेशक पॉलियाना डि लीमा ने कहा, “पीएमआई के नए आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय विनिर्माण क्षेत्र वैश्विक चुनौतियों और मंदी की आशंका के बावजूद अच्छी स्थिति में बना हुआ है।”

Keyword: pmi, manufacturing, manufacturing activities, corona epidemic, manufacturing PMI,Factory output,inflation,Weak Rupee,RBI,Repo Rate Hike,मैन्‍यूफैक्‍चरिंग पीएमआई, फैक्‍ट्री गतिविध,


























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Bajaj Auto की कुल बिक्री 2 प्रतिशत घटी, कंपनी को घाटा

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सितंबर माह में Bajaj Auto की कुल बिक्री में 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। शेयर बाजार को दी गई सूचना के मुताबिक कंपनी की बिक्री पिछले साल के सितंबर के मुकाबले 2 प्रतिशत तक कम हुई  है। सितंबर 2022 में कंपनी ने कुल 3,94,747 यूनिट बेचे जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 4,02,021 यूनिट था।

दोपहिया वाहनों की बिक्री घटी

कंपनी ने अपने बयान में कहा कि बीते सितंबर माह में कंपनी के दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी गिरावट हुई है। सितंबर में दोपहिया वाहनों की बिक्री पिछले साल के समान अवधि के मुकाबले 4 प्रतिशत तक घटी है। सितंबर 2022 में कंपनी द्वारा कुल 3,48,355 दोपहिया वाहन बेचे गए जबकि पिछले साल 3,61,036 दोपहिया बेचे गए थे। 

Commercial van की बिक्री बढ़ी

हालांकि कंपनी के वाणिज्यिक वाहन (Commercial van) की बिक्री में काफी वृद्धि हुई है। सितंबर में 13 प्रतिशत अधिक वाणिज्यिक वाहन वाहन बिके। कंपनी द्वारा सितंबर में कुल 46,392 वाणिज्यिक वाहन बेचे गए। पिछले साल सितंबर में 40,985 वाणिज्यिक वाहन बिके थे। कंपनी ने आगे कहा कि बीते सितंबर में वाहन निर्यात में भी कमी आई है। सितंबर में वाहनों का कुल निर्यात 33 प्रतिशत गिरकर 1,40,083 यूनिट पर आ गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 2,09,673 वाहनों का निर्यात किया था।



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