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“अमेरिका और उसके सहयोगियों को परमाणु हमले से कर दूंगा “ऑल आउट”…किम जोंग की खुली धमकी

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किम जोंग उन

Kim Jong Un Threatens US to Nuclear Attack:उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन का दिमाग फिर अमेरिका को लेकर सनक गया है। उत्तर कोरिया हमेशा से अमेरिका को अपना पक्का दुश्मन मानता है। साथ ही साथ अमेरिका के सहयोगी देशों को भी निशाने पर रखता है। इसमें साउथ कोरिया और जापान जैसे देश भी शामिल हैं। इस बार किम जोंग उन ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को परमाणु हमले से पूरी तर खत्म कर देने की धमकी दी है। किम जोंग उन का कहना है कि मैं अमेरिका और उसके सहयोगियों को परमाणु हमले से पूरी तरह “ऑल आउट” कर दूंगा। यानि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को पूरी तरह नष्ट कर दूंगा।

 

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग द्वारा अमेरिका और सहयोगियों को दी गई इस परमाणु प्रतिक्रिया की धमकी से जो बाइडन के खेमे में हलचल मच गई है। अमेरिका को पता है कि किम जोंग उन सनकी किस्म के व्यक्ति हैं। इसलिए उनकी धमकियों को हलके में लेने की गलती अमेरिका नहीं कर सकता। शनिवार को किम जोंग उन ने कहा कि उत्तर कोरिया अमेरिका को जवाब देने के लिए न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। किम जोंग की न्यूक्लियर धमकी की यह प्रतिक्रिया ऐसे वक्त सामने आई है, जब अभी दो दिन पहले ही उन्होंने इंटरकान्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल की लांचिंग की है। इस मिसाइल के जरिये अमेरिका को निशाना बनाए जाने की बात भी कही जा रही है। सूत्रों के अनुसार इंटरकान्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आइसीबीएम) की रेंज 2000 किमी के आसपास तक हो सकती है। हालांकि किम जोंग ने अभी तक अपने गुप्त मिशन की जानकारी किसी को नहीं दी है।

जापान और दक्षिण कोरिया अमेरिका को दे चुके हैं पहले ही इनपुट


किम जोंग की धमकी से पहले ही जापान और दक्षिण कोरिया अमेरिका को खुफिया रिपोर्ट दे चुके हैं। दोनों देशों ने बाइडन को बता दिया है कि किम जोंग कभी भी अमेरिका पर हमला कर सकते हैं। मगर न्यूक्लियर हथियारों से अटैक करने की धमकी के बाद से अमेरिका में बड़ी हलचल पैदा हो गई है। अभी पिछले शुक्रवार को ही उत्तर कोरिया के पूर्वी समुद्री सीमा क्षेत्र से आइसीबीएम मिसाइल लांच करके सबको टेंशन में डाल दिया है।

क्या वाकई हो सकता है परमाणु हमला

द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु हथियारों से हमला कर दिया था। इसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे और इससे होने वाले विकिरण का दंश अभी तक स्थानीय लोगों को झेलना पड़ रहा है।  अब किम जोंग उन ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को न्यूक्लियर हथियारों से “ऑल आउट” कर देने की धमकी देकर सबको हैरत और परेशानी में डाल दिया है। इससे पहले रूस-यूक्रेन युद्ध में राष्ट्रपति पुतिन भी जेलेंस्की को परमाणु हमले की धमकी देते आ रहे हैं। ऐसे में क्या माना जाए कि वाकई दुनिया में परमाणु हमले का खतरा बढ़ गया है। ऐसा होने पर दुनिया निश्चित ही तीसरे विश्व युद्ध की चपेट में होगी। किम जोंग ने कहा है कि दुश्मन लगातार उन्हें धमकी देकर डिस्टर्ब कर रहे हैं। इसलिए वह भी छोड़ने वाले नहीं हैं।

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Pakistan Army India: बालाकोट… पाकिस्‍तान के अस्तित्‍व के लिए खतरा बना भारत! परमाणु बम की बात क्यों कर रहे ना’पाक’ सैन्य एक्सपर्ट

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इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तानी सेना के मुखिया जनरल असीम मुनीर सत्‍ता संभालने के बाद ही भारत को गीदड़ भभकी देने में जुट गए हैं। जनरल मुनीर ने कहा कि अगर भारत जंग शुरू करता है तो हम करारा जवाब देंगे। जनरल मुनीर चाहे जो भी धमकी दें लेकिन पाकिस्‍तानी सेना के ही विशेषज्ञ यह खुलकर मानने लगे हैं कि मोदी राज में भारत पाकिस्‍तान के अस्तित्‍व के लिए बड़ा खतरा बन गया है। पाकिस्‍तानी सेना जुड़े रक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि सर्जिकल स्‍ट्राइक, बालाकोट जैसी कार्रवाई‍यों ने भारत ने अब पाकिस्‍तान को अपने अस्तित्‍व को बचाने के लिए कठिन विकल्‍प चुनने को मजबूर कर दिया है।

पाकिस्‍तान की आजादी पर आयोजित इस्‍लामाबाद कान्‍क्‍लेव 2022 चर्चा में पाकिस्‍तान के पूर्व ज्‍वाइंट चीफ ऑफ स्‍टॉफ कमिटी रिटायर जनरल जुबैर हयात ने अपने भाषण में कहा कि भारत पाकिस्‍तान के अस्तित्‍व को स्‍वीकार नहीं करता है और विभिन्‍न मोर्चों पर हमारे के लिए चुनौती पेश करता है। इस वजह से भारत का खतरा अभी खत्‍म नहीं हुआ है। जुबैर हयात ने कहा कि भारत के नेता भी 1947 के बंटवारे को ऐतिहासिक गलती मानते हैं। जुबैर ने भारत के सर्जिकल स्‍ट्राइक और साल 2019 में ऑपरेशन बालाकोट का भी जिक्र किया।
जनरल जुबैर ने कहा कि पाकिस्‍तान की धरती पर पहली बार हमला किया गया। उन्‍होंने ब्रह्मोस मिसाइल के दुर्घटनावश पाकिस्‍तान में गिरने का भी उल्‍लेख किया। बांग्‍लादेश के जन्‍म पर जनरल जुबैर की हताशा साफ झलकी। उन्‍होंने रिटायर जनरल बाजवा के उस बयान से अपनी सहमति जताई जिसमें उन्‍होंने कहा था कि पूर्वी पाकिस्‍तान में हुई हार सेना के कारण नहीं बल्कि राजनीतिक नेताओं की वजह से हुई थी। बता दें कि जनरल बाजवा के बयान को खुद उन्‍हीं के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी खारिज कर चुके हैं।

पाकिस्‍तान के एयर यूनिवर्सिटी इस्‍ला‍माबाद में विशेषज्ञ डॉक्‍टर आदिल सुल्‍तान ने कहा कि विदेशी माहौल ऐसा है कि पाकिस्‍तान को आर्थिक संकट के बाद भी परमाणु और परंपरागत हथियारों पर अपना फोकस बरकरार रखना होगा। सुल्‍तान ने कहा कि भारत बलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम, एंटी सैटलाइट वेपन, हाइपरसोनिक मिसाइल, एक साथ कई परमाणु बम ले जाने वाली मिसाइल, पनडुब्‍बी से दागे जाने वाली मिसाइल जैसी नई तकनीक को शामिल कर रहा है। यह पाकिस्‍तान की प्रतिरोधक क्षमता की परेशानी को बढ़ाएगा। वहीं पाकिस्‍तानी लेखक जावेद जब्‍बार ने सलाह दी कि पाकिस्‍तान को अपनी जनसंख्‍या की बढ़त को कंट्रोल करने की जरूरत है।



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Passport Ranking India: पाकिस्‍तान के लिए एक और शर्म का पल, दुनिया में सबसे खराब पासपोर्ट, जानिए क्‍या है भारत का हाल

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Pakistan India Passport Ranking: पाकिस्‍तान (Pakistan) जो दुनिया के एक खतरनाक देश में शामिल है, अब उसका पासपोर्ट भी अपनी साख गंवा चुका है। यहां तक कि यूएई का पासपोर्ट भी अब उससे आगे है। एक सर्वे की मानें तो पाकिस्‍तानी पासपोर्ट दुनिया में सोमालिया के बराबर रैंकिंग रखता है। उससे नीचे सीरिया जैसे ही देश हैं।

 



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Pakistan Food Crisis: कंगाल पाकिस्‍तान के पास सब्जियां खरीदने के पैसे नहीं, बंदरगाह पर सड़ रहा टनों प्‍याज

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कराची: पाकिस्‍तान की सरकार इस समय मुश्किल में है। वह यह तय नहीं कर पा रही है कि देश में जारी खाद्यान्‍न आपूर्ति संकट का समाधान करे या फिर विदेशी मुद्रा भंडार बचाए। कराची बंदरगाह पर इस समय सैंकड़ों ऐसे कंटेनर्स यूं ही पड़े हैं जिन पर सब्जियां लदी हुई हैं। पाकिस्‍तान के अखबार द एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून की तरफ से बताया गया है कि प्‍याज के 250 कंटेनर्स जिनकी कीमत 107 लाख डॉलर है, 816,480 डॉलर की कीमत वाली अदरक का कंटेनर और 2.5 लाख डॉलर वाले लहसुन के कंटेनर बंदरगाह पर ऐसे ही पड़े हैं। व्‍यापारी परेशान हैं और उन्‍हें कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि क्‍या किया जाए। अखबार की मानें तो 0.6 मिलियन टन सोयाबीन भी ऐसे ही अटका है क्‍योंकि सरकार की तरफ से साख पत्र जारी नहीं किया जा रहा है।

पहुंच से बाहर प्‍याज
सीमित साख पत्र की वजह से इन कंटेनर्स को ऐसे ही पड़े रहने दिया जा रहा है। प्‍याज के कंटेनर्स कराची बंदरगाह के कई टर्मिनल्‍स पर पड़े हुए हैं। देश के बैंक विदेशी मुद्रा के अभाव में साख पत्र जारी नहीं कर पा रहे हैं। इसकी वजह से कंटेनर्स को ऐसे ही पड़े रहने दिया जा रहा है। पाकिस्‍तान फ्रूट एंड वेजीटेबल एक्‍सपोटर्स इंपोटर्स एंड मर्चेंट्स एसोसिएशन (PFVA) के सदस्‍य वाहीन अहमद की मानें तो साख पत्रों को जारी करने में हो रही देरी की वजह से कंटेनर्स की कीमत पर अलग असर पड़ रहा है, टर्मिनल और शिपिंग चार्जेस बढ़ जाएंगे। प्‍याज के कंटेनर्स पहले से ही महंगे हैं और इसकी वजह से एक आम आदमी पर बुरा असर पड़ने वाला है। आम आदमी की पहुंच से ही प्‍याज बाहर हो जाएगा।Pakistan Army : भारत नहीं पाकिस्‍तानी सेना के सामने ये हैं 5 बड़े खतरे, भारतीय सेना को गीदड़भभकी दे रहे जनरल असीम मुनीर
270 रुपए किलो प्‍याज
उन्‍होंने कहा कि आज प्‍याज 175 रुपए किलो थोक बाजार में और खुदरा बाजार में 250 से 270 रुपए किलो तक बिक रहा है। क्‍लीयरेंस में देरी से प्‍याज की कीमतें और बढ़ जाएंगी। सब्जियां भी आम आदमी की पहुंच से दूर हो जाएंगी। फेडरेशन ऑफ पाकिस्‍तान चैंबर्स आफ कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्री (FPCCI) के कार्यवाहक प्रेसीडेंट सुलेमान चावला ने भी इस पर चिंता जताई है।
Indian Navy Day: भारत के विक्रांत को डुबोने आई पाकिस्‍तान की पनडुब्‍बी गाजी, कैसे समंदर में समाई, 1971 के जंग की शौर्य गाथा
उन्‍होंने कहा है कि पोल्‍ट्री और डेयरी प्रॉडक्‍ट्स पहले ही आम आदमी खरीद नहीं पा रहा है।कुछ ही दिनों पहले कीमतों में थोड़ी स्थिरता आई थी लेकिन अब इन हालातों ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। उनकी मानें तो आयात काफी महंगा है और टर्मिनल चार्जेस भी दोगुने हो जाएंगे।

डॉलर न होने का खामियाजा
डॉलर देश में है नहीं और इसकी वजह से स्थिति बेकाबू हो सकती है। आयातकों को इसकी वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ेगा जिसकी भरपाई भी मुश्किल हो जाएगी। उन्‍होंने सरकार से मांग की है कि इस मसले को तेजी से सुलझाया जाए ताकि देश में गहराते खाद्यान्‍न संकट को टाला जा सके। चावला ने यह भी कहा कि अमेरिका से आयात होने वाले सोयाबीन को लेकर कभी कोई लाइसेंसिंग और अनुवंशिक संशोधन कोई मुद्दा नहीं रहा है। पिछले कई सालों से देश के वही सप्‍लायर्स सोयाबीन का आयात कर रहे हैं।



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