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अब देश छोड़कर भागे तो खैर नहीं, उड़ान से 24 घंटे पहले ही सरकार के पास पहुंच जाएगी डिटेल

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  • विमानन कंपनियों को देनी होगी पैसेंजर्स की सारी जानकारी
  • जानकारी देने का प्रस्ताव 5 साल पहले के बजट में रखा था
  • पालन नहीं करने पर एयरलाइन को भरना होगा जुर्माना

नई दिल्ली: देश से अपराधियों को भागने से रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पिछले पांच सालों में नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और विजय माल्या जैसे कुल 38 अपराधी देश से भाग चुके हैं। इसलिए सरकार ने अब विमानन कंपनियों से उड़ानों के प्रस्थान से 24 घंटे पहले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के संपर्क, PNR विवरण और भुगतान से जुड़ी जानकारी सीमा-शुल्क अधिकारियों के साथ शेयर करने को कहा है। वित्त मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि यात्रियों के विवरण से मिलने वाली सूचना का इस्तेमाल देश में आने वाले या देश से बाहर जाने वाले यात्रियों की निगरानी में सुधार और रिस्क असेसमेंट के लिए किया जाएगा।

जानिए, क्या है नियम


केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा-शुल्क बोर्ड (CBIC) ने सोमवार को ‘यात्री नाम रिकॉर्ड सूचना विनियम, 2022’ को नोटिफाइड करते हुए विमानन कंपनियों को अनिवार्य रूप से इसका अनुपालन करने को कहा है। इस रेगुलेशन का उद्देश्य यात्रियों का जोखिम विश्लेषण (Risk Analysis) करना है ताकि आर्थिक और अन्य अपराधियों को देश छोड़कर भागने से रोका जा सके। इसके साथ ही इस प्रावधान से तस्करी जैसे किसी भी अवैध गतिविधियों की जांच करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही भारत अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रियों के पीएनआर का ब्योरा इकट्ठा करने वाले 60 देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है।

नोटिफिकेशन के मुताबिक, ‘‘प्रत्येक एयरलाइन यात्रियों के नाम और अन्य रिकॉर्ड की जानकारी सीमा-शुल्क विभाग को देगा। ऑपरेटर यह जानकारी नॉर्मल बिजनेस ऑपरेशन के तहत पहले ही इकट्ठा कर चुके हैं।’’ नोटिफिकेशन में कहा गया है कि प्रत्येक विमानन कंपनी को इस नियम के अनुपालन के लिए सीमा शुल्क विभाग (Border Tax Department) के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा। विमानन कंपनियों को भारत आने वाले और भारत से जाने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सूचना देनी होगी। इस सूचना में यात्री का नाम, बिलिंग/भुगतान जानकारी (क्रेडिट कार्ड नंबर), टिकट जारी करने की तारीख के साथ एक ही पीएनआर टिकट पर यात्रा करने वाले अन्य लोगों के नाम भी शामिल होंगे।

Vijay Mallya

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Vijay Mallya

5 साल पहले के बजट में रखा था इसका प्रस्ताव

सरकार ने उड़ान के 24 घंटे पहले अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रियों के PNR की जानकारियां सीमा-शुल्क विभाग को देने का प्रस्ताव 5 साल पहले के बजट में ही रखा था। लेकिन इसका औपचारिक ढांचा अब जाकर सामने आ पाया है। हालांकि, सरकार ने इस तरह की व्यवस्था को जरूरी करने के पीछे की वजह नहीं बताई है। लेकिन विश्लेषकों ने कहा कि यह प्रावधान बैंकों का कर्ज न चुकाने वाले कर्जदारों को देश छोड़कर भागने से रोकना है। सरकार खुद संसद में कह चुकी है कि नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और विजय माल्या जैसे कुल 38 आर्थिक अपराधी पिछले 5 सालों में देश से भाग चुके हैं।

पालन नहीं करने पर लगेगा इतना जुर्माना

इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस नियम का पालन नहीं करने पर एयरलाइन को हर उल्लंघन पर न्यूनतम 25,000 रुपये और अधिकतम 50,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर अन्य कानूनी एजेंसियों को भी यात्रियों से जुड़ी जानकारी शेयर की जा सकेगी। हालांकि, इस तरह का कदम मामले को देखकर उठाया जाएगा।

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यूक्रेन का सनसनीखेज दावा, 11 हजार बच्चों को जबरन उठा ले गया रूस

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रूस-यूक्रेन युद्ध (प्रतीकात्मक फोटो)

Russia Vs Ukraine War Update: रूस-यूक्रेन युद्ध को 9 महीने से अधिक हो चुके हैं। अभी भी दोनों देशों के बीच भीषण बमबारी जारी है। यूक्रेन और रूस दोनों ही देश एक दूसरे पर घातक हमले कर रहे हैं। इस बीच यूक्रेन ने रूस पर एक बेहद सनसनीखेज दावा करके पूरी दुनिया के सामने खलबली मचा दी है। यूक्रेन का आरोप है कि रूस उसके देश के 11 हजार से अधिक बच्चों को जबरन उठा ले गया है। जबकि वह रूस नहीं जाना चाहते थे।

यूक्रेन के अभियोजक जनरल एंड्री कोस्टिन ने यह भी आरोप लगाया कि रूस युद्धग्रस्त देश में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले करना जारी रखा है। यह नरसंहार के बराबर है। उन्होंने कहा कि 11 हजार यूक्रेनी बच्चों को जबरन रूस भेज दिया गया था। शीर्ष अधिकारी ने कहा कि 24 फरवरी से रूसी आक्रमण के बाद उनका कार्यालय 49 हजार से अधिक युद्ध अपराधों की जांच कर रहा है। उन्होंने  बताया कि रूसी सेना के कब्जे वाली हर यूक्रेन की बस्ती में आचरण का एक ही पैटर्न देखा जा रहा है।

भयंकर बिजली कटौती झेल रहा यूक्रेन


रूस द्वारा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बाद युद्ध अपराध के मामलों में 260 लोगों को आरोपी बनाया गया और यूक्रेनी अदालतों द्वारा 13 फैसले किए गए। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय तदर्थ न्यायाधिकरण के गठन का आह्वान किया। रूसी हमलों के बाद पूरे यूक्रेन में लाखों लोग ठंड के मौसम में बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं। रविवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए आंतरिक मामलों के प्रथम उप मंत्री येवेनी येनिन ने कहा कि रूसी हमलों में अब तक लगभग 32 हजार नागरिक संपत्तियों और 700 से अधिक महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाएं नष्ट हो गईं। येनिन के अनुसार नागरिक संपत्ति मुख्य रूप से निजी घर और आवासीय अपार्टमेंट थे। हमलों में से केवल 3 प्रतिशत सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए। महत्वपूर्ण अवसंरचना सुविधाओं में हवाई क्षेत्र, पुल, तेल डिपो, बिजली स्टेशन आदि प्रभावित हुए। मंत्री ने यह भी बताया कि सात क्षेत्रों की 524 बस्तियों में वर्तमान में बिजली आपूर्ति की समस्या है।

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लिफ्ट का प्रयोग नहीं कर सकते डिलीवरी वाले, IAS अधिकारी ने पूछा क्यों? पढ़ें पूरी स्टोरी

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सोशल मीडिया पर यूं तो कई कहानियां वायरल होती रहती हैं. मगर आज एक जो कहानी वायरल हो रही है, उसे पढ़कर आप कहेंगे कि क्या हम वाकई में 2022 में रह रहे हैं. ज़िंदगी को आसान करने के लिए हम सबकुछ ऑनलाइन ऑर्डर कर लेते हैं. खाने से लेकर पहनने तक. डिलीवरी बॉय हमारे घरों तक हमारा सामान पहुंचाने आते हैं. ऐसे में हम समझ सकते हैं कि हमने अपनी ज़िंदगी को कितना आसान कर लिया है. वहीं कुछ लोग ऐसे हैं, जो डिलीवरी बॉय के महत्व को नहीं समझते हैं. अभी हाल ही में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर चर्चा का विषय बनी हुई है. दरअसल, इस फ़ोटो के ज़रिए लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वाकई में हम 2022 में जी रहे हैं. 

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वसुंधरा राजे से पंगा लेना BJP को पड़ेगा भारी, गहलोत के मंत्री खाचरियावास ने बताई वजह

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राजस्थान में बीजेपी गहलोत सरकार के 4 साल के शासन के खिलाफ जनाक्रोश रैली शुरू करने जा रही है। लेकिन वसुंधरा कैंप की अनदेखी से सियासी पारा  गर्माया हुआ है। वसुंधरा ने दूरी बना ली है।



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