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अपने ही परिवार की लड़की से किया रेप, बच्चा पैदा हुआ तो पीड़िता के साथ हुआ ये समझौता

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रेप पीड़िता

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की एक अदालत ने दोषी बलात्कारी को पीड़िता से शादी करने की सहमति के बाद रिहा कर दिया। अदालत के इस फैसले से नाराज लोग भड़क गए।  23 वर्षीय दौलत खान को 2020 में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरपूर्वी जिले स्वात में 36 वर्षीय बधिर महिला से बलात्कार का दोषी ठहराया गया था। दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और 100,000 पीकेआर (लगभग 440 डॉलर) का जुर्माना लगाया गया। वकील ने बताया कि बलात्कार के परिणामस्वरूप महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया।

पीड़िता से शादी करने पर दौलत खान बरी


सोमवार को पेशावर हाईकोर्ट ने पीड़िता से शादी करने पर दौलत खान को बरी कर दिया। स्थनीय जिरगा द्वारा किए गए एक आउट-ऑफ-कोर्ट समझौते के बाद यह फैसला किया गया। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने पेशावर अदालत के फैसले को कानून का घोर उल्लंघन और न्याय का गर्भपात कहा। इसने एक बयान में कहा, एचआरसीपी राज्य से इस फैसले के खिलाफ अपील करने और महिलाओं के अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखने का आग्रह करता है।

रेपिस्ट और पीड़िता एक ही परिवार के सदस्य

दौलत खान के वकील अमजद अली ने कहा कि रेपिस्ट और पीड़िता एक ही परिवार के सदस्य हैं। अविवाहित पीड़िता द्वारा बच्चे को जन्म देने के बाद इस साल की शुरुआत में दौलत खान को गिरफ्तार किया गया था। डीएनए टेस्ट में पता चला कि वह बच्चे का बाप है।

वहीं, कोर्ट के इस फैसले से नाराज लोग भड़क गए। पाकिस्तान में महिलाओं के साथ हिंसा और बलात्कार के मामले पर बहस शुरू हो गई है।

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Pakistan Earthquake News : पाकिस्तान में जोरदार भूकंप से कांपा इस्लामाबाद और पंजाब, रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई तीव्रता

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Earthquake in Pakistan : पाकिस्तान में भूकंप के तगड़े झटके महसूस हुए हैं। 6.3 तीव्रता का यह भूकंप बेहद जोरदार था जिसके झटके इस्लामाबाद और पंजाब में महसूस किए गए। इससे पहले ईरान में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 400 से अधिक घायल और 7 लोगों की मौत हो गई थी।

 



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India In AUKUS: ब्रिटेन की ख्‍वाहिश ऑकस में भारत को किया जाए शामिल, क्‍या यूके के लिए दोस्‍त फ्रांस के खिलाफ जाएंंगे पीएम मोदी?

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लंदन: यूनाइटेड किंगडम (यूके) चाहता है कि ऑकस (AUKUS) का विस्‍तार नाटो की तर्ज पर हो। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा को सुनिश्चित करने के मकसद से उसने इस संगठन के विस्‍तार की मंशा जाहिर की है। इसके लिए उसने भारत और जापान को भी इसमें शामिल करने का इरादा जताया है। ऑकस वह त्रिपक्षीय समझौता है जिसमें यूके के अलावा ऑस्‍ट्रेलिया और अमेरिका भी शामिल हैं। साल 2021 में हुए इस समझौते की वजह से ऑस्‍ट्रेलिया और फ्रांस के बीच काफी तनाव हो गया था।

फ्रांस और भारत के रिश्‍ते
यूके की रक्षा समिति की तरफ से प्रस्‍ताव दिया गया है कि भारत और जापान को ऑकस में शामिल किया जाना चाहिए। समिति का कहना है कि अब समय आ गया है जब इस संगठन के विस्‍तार के बारे में सोचना होगा। लेकिन भारत इसका हिस्‍सा बनेगा या नहीं, इस पर थोड़ी आशंका है। भारत और फ्रांस के बीच रिश्‍ते काफी मधुर हैं। ऐसे में अगर वह ऑकस का हिस्‍सा बनता है तो फिर फ्रांस के साथ रिश्‍ते थोड़े बिगड़ सकते हैं। भारत अभी सैन्‍य जरूरतों के लिए फ्रांस पर निर्भर है। ऐसे में उसके लिए ऑकस को ज्‍वॉइन करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
India Egypt Muslim: सऊदी, यूएई, अब मिस्र….सुन्‍नी मुस्लिम देशों से दोस्‍ती कर भारत ने खाड़ी देशों में पलटी बाजी, समझें
डील से फ्रांस की नाराजगी
डील की वजह से फ्रांस काफी नाराज था और उसका आरोप था कि ब्रिटेन की वजह से ऑस्‍ट्रेलिया ने उसका भरोसा तोड़ दिया था। फ्रांस का कहना था कि ऐसे समय में जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में असाधारण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है तो ऑस्‍ट्रेलिया ने उसकी पीठ में छुरा भोंका है। भारत ने अभी तक इस संगठन का हिस्‍सा बनने पर न तो हामी भरी और न ही इनकार किया है। ऐसे में उसका रुख क्‍या होगा, यह तो समय ही बताएगा।
ऑस्‍ट्रेलियाई मंदिरों पर हमले कर रहे खालिस्‍तानियों को मिला करारा जवाब, भारतीयों ने सूरत बिगाड़ दी, जनमत संग्रह कल
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ऑकस के लिए भारत अपने दोस्‍त फ्रांस को नाराज नहीं करेगा। दूसरी तरफ भारत, अभी क्‍वॉड का अहम हिस्‍सा है। क्‍वाड यानी जापान, ऑस्‍ट्रेलिया, भारत और अमेरिका। क्‍वाड वह संगठन है जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को मजबूत बनाने की दिशा में काम करता है। ऑकस एक सैन्‍य गठबंधन है और ऐसे में इसमें शामिल होने को लेकर रक्षा विशेषज्ञ थोड़े से आशंकित हैं।

क्‍या है ऑकस समझौता
ऑकस वह समझौता है जिसके तहत अमेरिका और ब्रिटेन मिलकर ऑस्‍ट्रेलिया के लिए परमाणु पनडुब्बी का निर्माण करने वाले हैं।लेकिन जब साल 2021 में जब ऑकस का ऐलान हुआ था तो कई देश इससे खासे नाराज थे। उनका मानना था कि इस संगठन के साथ ही उन्‍हें नजरअंदाज कर दिया गया है। कई विशेषज्ञों ने यह माना कि यह समझौता भारत और हिंद महासागर पर मौजूद साथी देशों के लिए उपयोगी साबित होगा। इस समझौते का मकसद चीन को उसकी किसी भी गुस्‍ताखी का जवाब देना था।



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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024 के लिए ट्रंप ने शुरू किया प्रचार, जानें किससे होगा मुकाबला?

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डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति अमेरिका

US Presidential Election 2024: अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव-2024 के लिए पूर्व प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने प्रचार शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अब और कटिबद्ध हूं। दो महीने से अधिक समय पहले उन्होंने तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव में किस्मत आजमाने की घोषणा की थी। सालेम के न्यू हैंपशायर में रिपब्लिकन पार्टी की सालाना बैठक में ट्रंप ने पार्टी नेताओं से कहाकि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर हम यहां से अपने अभियान की शुरुआत कर रहे हैं। ट्रंप के इस ऐलान से मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन के खेमे में खलबली मच गई है।

ट्रंप कोलंबिया जाने से पहले सालेम में रुके थे। उन्हें सालेम में रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं को दक्षिण कैरोलाइना की अपनी प्रचार टीम से वाकिफ कराना था। ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं अब और नाराज हूं और पहले की तुलना में (राष्ट्रपित चुनाव के लिए) अधिक कटिबद्ध हूं।’’ ट्रंप और उनके सहयोगियों को आस है कि प्रत्याशी चयन को लेकर अधिक शक्तिशाली प्रांतों में चल रही घटनाएं पूर्व राष्ट्रपति के पीछे की ताकत को प्रदर्शित करेंगी, क्योंकि उनके अभियान की ढीली शुरुआत से राष्ट्रपति पद के चुनाव में उतरने की उनकी कटिबद्धता पर कई लोग सवाल उठाने लगे हैं। अभी सिर्फ ट्रंप ने ही 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवारी के लिए अपनी दावेदारी घोषित की है। अब देखना होगा कि जो बाइडन भी 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए ताल ठोंकते हैं या नहीं।

ये नेता भी फरवरी से कर सकते हैं प्रचार अभियान की शुरुआत


पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के अलावा फ्लोरिडा के गवर्नर आर डेसैंट्स, पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस, दक्षिण कैरोलाइना की पूर्व गवर्नर निक्की हैली समेत कई संभावित उम्मीदवारों द्वारा आगामी महीनों में अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू करने की उम्मीद है। इस बीच ट्रंप ने कहा कि मेम्फिस पुलिस के पांच अधिकारियों द्वारा अश्वेत नागरिक टायर निकोल्स की नृशंस पिटाई का जो वीडियो सामने आया है, वह ‘भयावह’ है और यह हमला ‘कभी होना ही नहीं चाहिए था।

ट्रंप ने शनिवार को एसोसिएटेड प्रेस के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मेरा मानना है कि यह भयावह है। वह बड़ी मुश्किल में था। उस पर लात घूसे बरसाए जा रहे थे। बाइडन प्रशासन ने 29 वर्षीय अश्वेत निकोल्स पर किए गए हमले का वीडियो जारी किया था। हमले के 3 दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। हालांकि वर्ष 2020 में ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान जॉर्ज फ्लायड नामक एक अश्वेत व्यक्ति की पुलिस की कार्रवाई में मौत हो जाने के बाद अमेरिका में नस्ली हिंसा के खिलााफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे।

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